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मासिक धर्म चक्र महिलाओं में अंडोत्सर्जन और मासिक धर्म की प्रक्रिया है। मासिक धर्म चक्र रक्तस्राव के समय के पहले दिन से अगली बार रक्तस्राव के पहले दिन की अवधि होती है। यद्यपि औसत चक्र 28 दिनों का है। हालांकि ऐसा चक्र होना भी सामान्य है, जो इससे छोटा या अधिक लंबा हो। इसके संबंध में विस्तार से जानकारी के लिए पढ़ें - मासिक धर्म सम्पूर्ण जानकारी

  1. अनियमित मासिक धर्म क्या है - What are Irregular Periods in Hindi
  2. अनियमित माहवारी और गर्भावस्था - Irregular Periods and Pregnancy in Hindi
  3. अनियमित मासिक धर्म के कारण - Reasons of Irregular Periods in Hindi
  4. अनियमित मासिक धर्म का इलाज - Treatment for Irregular Periods in Hindi
  5. अनियमित मासिक धर्म के घरेलू उपचार - Home Remedies for Irregular Periods in Hindi
  6. जानिए डॉ प्रकाश से अनियमित मासिक धर्म और उनके उपचार के बारे में – Learn about Irregular Periods from Dr Prakash

यदि मासिक धर्म चक्र प्रत्येक माह समान समय अंतराल का होता है, तो यह नियमित माना जाता है। एक नियमित चक्र की लंबाई 21 से 35 दिनों तक कहीं भी हो सकती है। यह अनियमित तब माना जाता है अगर यह एक महीने में तो लंबा और अगले महीने छोटा हो जाएँ। यदि आपका मासिक धर्म किसी महीने नहीं आता हैं तो भी यह अनियमित माना जा सकता है। (और पढ़ें - पीरियड (मासिक धर्म) से जुड़े मिथक और तथ्य)

कभी-कभी एकाध बार आपके मासिक धर्म चक्र में मामूली अनियमितता चिंताजनक नहीं है। हालांकि, एक अनियमित माहवारी चक्र से निपटने में आपको परेशानी हो सकती हैं। सौभाग्य से ऐसे तरीके हैं, जिनसे आप अपने अनियमित चक्र का प्रबंधन कर सकते हैं, जैसे हार्मोनल थेरेपी का उपयोग करना, ऐसी स्थितियों का इलाज करना जो अनियमितता का कारण बनती है और आपकी जीवन शैली में सुधार करना। (और पढ़ें - अगर आप भी हैं मासिक धर्म से जुड़ी कुछ जरूरी बातों से अनजान तो ये हाइजीन टिप्स आएँगे आपके काम)

बांझपन के सभी मामलों में से 30% से 40% का कारण अनियमित या असामान्य ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) होता है। अनियमित मासिक धर्म, मासिक धर्म न होना या असामान्य रक्तस्राव होने से अक्सर संकेत मिलता है कि आपका ओव्यूलेशन नहीं हो रहा हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एनोव्यूलेशन कहा जाता है।

यद्यपि एनोव्यूलेशन को आमतौर पर प्रजनन दवाओं से ठीक किया जा सकता है। लेकिन अन्य स्थितियों की जाँच भी महत्वपूर्ण है जो ओव्यूलेशन में हस्तक्षेप कर सकती हैं, जैसे कि थाइरोइड की स्थिति या अधिवृक्क या पिट्यूटरी ग्रंथियों की असामान्यताएं।

एक अनियमित या अनुपस्थित मासिक धर्म चक्र पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (polycystic ovary syndrome) की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। PCOS के रूप में जाना जाने वाला यह हार्मोनल डिसऑर्डर आज भी कुछ हद तक एक रहस्य है। यह हर 10 महिलाओं में से एक को प्रभावित करता है। PCOS प्रजनन क्षमता के कम होने के साथ जुड़ा हुआ है। PCOS के कारण और उपचार के लिए पढ़ें - PCOS की सम्पूर्ण जानकारी।

(मासिक धर्म में गर्भधारण के विषय में विस्तार से जानकारी के लिए हमारा यह लेख मासिक धर्म में गर्भधारण हो सकता है क्या? पढ़ें और अपनी सभी शंकाओ को दूर करें।)

अनियमित मासिक धर्म के दो प्रमुख कारण हैं:
1. ओवरी में सिस्ट (पीसीओएस (PCOS) मतलब पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) अनियमित मासिक धर्म का एक बड़ा कारण है। (और पढ़ें:- ओवरी में सिस्ट (पीसीओएस) का घरेलू इलाज।)

2. अनियमित मासिक धर्म के दूसरे कारण बाहरी होते हैं जैसे:-

  1. अत्यधिक वज़न घटना या बढ़ना।
  2. अत्यधिक व्यायाम करना।
  3. हार्मोनल गर्भनिरोधक का असर।
  4. तनावग्रस्त होना।
  5. यात्रा में होने वाली शारीरिक थकान। (और पढ़ें – थकान दूर करने के घरेलू उपाय)
  6. गर्भवती होना।

(और पढ़ें - असामान्य मासिक धर्म के लक्षण)

1. हार्मोन थेरेपी का उपयोग

हार्मोनल थेरेपी आपके हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-गोनाडल सर्किट के संकेतों में दखल देने का काम करती है, जो आपके अंडाशय से आपके मस्तिष्क को जोड़तें है। इस सर्किट में दखल देकर इस थेरेपी का उपयोग ओव्यूलेशन को रोकने के लिए और आपके हार्मोनल उतार-चढ़ाव को स्थिर करने के लिए किया जा सकता है। इससे आपके मासिक धर्म चक्र को नियमित होने में मदद मिलेगी। हार्मोनल थेरेपी के बारे में अपने चिकित्सक से बात करें।

मौखिक गर्भनिरोधक प्रजनन हार्मोन को नियंत्रित और स्थिर करते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि इस प्रकार की गोलियां पूर्व-मासिक धर्म सिंड्रोम के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लक्षणों के लिए राहत प्रदान करती हैं और मासिक धर्म चक्र को भी विनियमित करती हैं। मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों का एक समूह हैं, जिन्हें पूरे महीने के लिए लिया जाना चाहिए। प्रत्येक समूह में दो प्रकार की गोलियां हैं: पहली वे गोलिया जिनमें हार्मोन होते है और दूसरी प्लेसीबो की गोलियां होती हैं जो मासिक धर्म के दौरान ली जानी चाहिए।

गर्भ निरोधकों के अपने पैक को चुनें। मौखिक गर्भनिरोधक 21, 28 या 91 गोलियों के पैकेट में आते हैं। ये गोलियां मुंह से ली जानी चाहिए। अपने मौखिक गर्भ निरोधकों को हर दिन एक ही समय पर ले लें। अपने चिकित्सक के विशिष्ट निर्देशों कि उन्हें कब और कैसे ले का पालन करें। यदि एक प्रकार के मौखिक गर्भनिरोधक आपके चक्र को नियमित नहीं कर पाते है, तो मौखिक गर्भनिरोधक दूसरे ब्रांड का उपयोग करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

मौखिक गर्भ निरोधकों के कई प्रकार और ब्रांड हैं। कुछ ट्राइफैसिक गोलियां हैं- ऐसी गोलिया जिनमे हार्मोन्स की तीन अलग-अलग डोज़ होती हैं। जिसमें विभिन्न स्तरों में प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजेन दोनों शामिल हैं। जबकि अन्य मोनोफैसिक गोलियां हैं जिसमें प्रत्येक गोली में हार्मोन खुराक की समान मात्रा रहती हैं। इसके अलावा, मिनी-गोलियां भी होती हैं जिनमें केवल प्रोजेस्टेरोन होता है। सभी मौखिक गर्भ निरोधकों को समान नहीं बनाया जाता है। कुछ में एस्ट्रोजेन होता है जबकि अन्य में प्रोजेस्टेरोन होता है। ये दोनों हार्मोन आपके शरीर को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं इसलिए आपके चिकित्सक से बात करें कि कौन सा आपके लिए सही है।

जन्म नियंत्रण की गोलियां हार्मोन से अनियमित मासिक धर्म का इलाज करने का एकमात्र विकल्प नहीं है। आप वैजिनल रिंग, जन्म नियंत्रण पैच, डेपो-प्रोवेरा (एक प्रकार का इंजेक्शन), प्रोजेस्टेरोन युक्त आईयूडी या प्रोजेस्टेरोन इम्प्लांट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इन विकल्पों का चुनाव इस पर निर्भर करेगा की आपके लिए क्या सबसे अच्छा काम करता है और आपकी प्रजनन योजना क्या है। आप मासिक चक्र को ट्रिगर करने के लिए केवल प्रोजेस्टेरोन टैबलेट का उपयोग कर सकते हैं (ध्यान रखें कि इससे कोई गर्भनिरोधक लाभ नहीं होगा और केवल आपके मासिक धर्म को नियंत्रित करने में सहायता करेगा)। (और पढ़ें - मासिक धर्म के दौरान सेक्स और sex karne ka tarika)

2. अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति का इलाज करना

कोई अन्य बीमारी मासिक धर्म की अनियमितता का संभावित कारण हो सकती हैं। इसमें थायरॉयड रोग और स्त्री रोग संबंधी मुद्दों जैसे पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसी स्थितियां शामिल हैं।

थायराइड विकार का इलाज:- थायरॉइड ग्रंथि हार्मोन का उत्पादन करती है जो आपके शरीर में चयापचय प्रक्रिया को बदल देते है। यह आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है। यदि आपको हाइपरथायरॉयडिज्म है, थायरॉयड हार्मोन उत्पादन धीमा करने के लिए थायरॉयड ऊतकों को लक्षित करके उपचार किया जा सकता है। हाइपरथायरॉयडिज्म के कारण आपका मासिक धर्म अधिक लंबा और भारी हो सकता है।

हाइपोथायरायडिज्म का थायरॉयड हार्मोन प्रतिस्थापन के द्वारा इलाज किया जाता है। सामान्य रूप से उपलब्ध एंटी-थायरॉयड दवाएं मैथिमाजोल और प्रोपीलथिओरसील (पीटीयू) हैं। मैथिमाजोल अक्सर कम साइड इफेक्ट की घटनाओं के कारण पसंद की जाती है और आम तौर पर प्रति दिन 15 से 30 मिलीग्राम मात्रा में दी जाती है। हाइपोथायरायडिज्म को सिंथेटिक थायराइड हार्मोन लेवेथायरोक्सीन (लेवोथ्रोइड, सिंथ्रोइड) के दैनिक उपयोग द्वारा ठीक किया जाता है।

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) का इलाज:- पीसीओएस के आम लक्षण में प्रजनन हार्मोन के असंतुलित उत्पादन के कारण हल्का, अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म नहीं होना शामिल है। अधिकांश, पीसीओएस रोगियों में ओव्यूलेशन नहीं होता है। उपचार लक्ष्य माहवारी को ट्रिगर करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां या मौखिक गर्भनिरोधक देकर हार्मोनल संतुलन पर केंद्रित होता है। यदि आपका वजन अधिक हैं और पीसीओएस हैं, तो वजन घटाना आपके उपचार का एक अनिवार्य हिस्सा होगा।

किसी बीमारी या अनुचित आहार और अत्यधिक व्यायाम के परिणामस्वरूप अत्यधिक वजन घटने से हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे अनियमित माहवारी पैदा हो सकती हैं। उसी तरह, तेजी से वजन बढ़ने और तनाव से भी शरीर के भीतर सामान्य हार्मोनल प्रक्रियाओं में बदलाव होता है। कम बॉडी मास इंडेक्स या किसी प्रकार की पोषण संबंधी कमियों के उपचार के लिए पोषण परामर्श सत्र की आवश्यकता होती है। आदर्श रूप से एक महीने में 2 किलोग्राम से अधिक वजन नहीं घटाना चाहिए। (और पढ़ें - सिर्फ़ 10 मिनिट रोज़ योग से करिए अनियमित मासिक धर्म और ओवरी में सिस्ट (पीसीओएस) का उपचार)

3. अपनी जीवनशैली को संशोधित करना

नियमित व्यायाम:- नियमित कसरत आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है, जो बदले में यह सुनिश्चित कर सकती है कि आपका हार्मोन स्तर संतुलित रहें। कम से कम 30 मिनट, सप्ताह में पांच दिन व्यायाम करें। ध्यान रखें कि जो लोग ज़्यादा व्यायाम करते हैं या जो एथलीट हैं, उन्हें अक्सर मासिक धर्म चक्र अनियमितताएं होती हैं। (और पढ़ें - पीरियड्स के समय भी कर सकते हैं आप ये पाँच एक्सरसाइज)

परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट का सेवन सीमित करना:- क्रैकर्स (एक पतला सूखा बिस्कुट, आमतौर पर जो पनीर के साथ खाया जाता है), प्रेट्ज़ेल (ये भी एक प्रकार का बिस्कुट है), प्रोसेस्ड चिप्स और अन्य परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। जिसके फलस्वरूप भोजन की तलब बढ़ती है। इन अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों को खाने से वजन बढ़ सकता है, जो आपके मासिक धर्म चक्र को बंद कर सकता है। (और पढ़ें - पीरियड्स मे क्या खाएं और क्या ना खाएं)

शराब और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों की सीमित खपत:- शराब और कैफीनयुक्त पेय पीने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो सकती है। आपको डिहाइड्रेशन भी हो सकता हैं। बहुत अधिक शराब आपके रक्तचाप को भी बढ़ा सकती है, जो अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आपको अनियमित मासिक धर्म से निपटना हैं, तो एक दिन में एक कप कॉफी ही लें और अल्कोहलिक पेय भी अधिक न लें।

एक्यूपंक्चर:- एक्यूपंक्चर इस अवधारणा पर आधारित है कि आपकी ऊर्जा आपके शरीर के माध्यम से निश्चित रूप में बहती है। जब ये ऊर्जा बाधित होती है, तो यह आपके हार्मोन और आपके शरीर के अन्य भागों के असंतुलित होने का कारण बन सकती है। एक्यूपंक्चर में ऊर्जा के प्रवाह को बहाल करने के लिए कुछ दबाव बिंदुओं में सुइयों को लगाने की आवश्यकता होती है।

(और पढ़ें - मासिक धर्म के समय पेट दर्द से पाएं निजात इन आसान तरीकों से)

लेपीडियम मेयेनाई (मका) युक्त हर्बल सप्लीमेंट लें। अनियमित माहवारी से राहत के लिए यह एक वैकल्पिक उपाय है। यह पदार्थ इसी नाम की जड़ी बूटी लेपीडियम मेयेनाई यानि मका से बनता है। मका दक्षिण अमेरिका के पचिमी भाग में एंडीज पर्वत श्रंखलाओं की स्थानीय जड़ी बूटी हैं। माना जाता है कि मका अंतःस्रावी तंत्र में संतुलन को पौषित और उत्तेजित करती है। सिंथेटिक हार्मोन की बजाय, यह हर्बल उपाय स्वाभाविक रूप से आवश्यक प्रजनन हार्मोन के स्राव के लिए आपकी हार्मोनल प्रणाली को प्रेरित कर सकता है। भोजन के बाद एक दिन में 3 गोलियाँ लें। आदर्श रूप में आपको नाश्ते के बाद दो गोलियाँ और दोपहर के भोजन के बाद एक गोली लेनी चाहिए।

अदरक का अधिक सेवन करें। अदरक मासिक धर्म को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। यह आमतौर मासिक धर्म में देरी के उपचार में उपयोग किया जाता है। अदरक की चाय बनाने के लिए: एक कप पानी में ताजा अदरक के आधा चम्मच को उबाल लें। यदि आवश्यकता हो तो स्वाद बढ़ाने के लिए शहद मिला लें। इस मिश्रण को एक महीने तक दिन में तीन बार पीना चाहिये। (और पढ़ें - शहद खाने के फायदे)

दालचीनी का सेवन करें। यह माना जाता है कि दालचीनी का शरीर पर वार्मिंग प्रभाव पड़ता है। यह वार्मिंग प्रभाव मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने के लिए उपयोगी है तथा मासिक धर्म की ऐंठन को कम करने में भी मदद कर सकता है। दालचीनी में हाइड्रोक्साइकलकोन भी पाया जाता है जो इंसुलिन को विनियमित करने के लिए जाना जाता है। शरीर में इंसुलिन का उच्च स्तर अनियमित माहवारी पैदा कर सकता है। दालचीनी तैयार करने के लिए, एक गिलास दूध में आधा चम्मच दालचीनी को मिलाएं। एक और विकल्प दालचीनी चाय पीना या नियमित रूप से दालचीनी छड़ी चबाना हो सकता है।

तिल के बीज:- अपने मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए तिल के बीज खाएं। तिल के बीज हार्मोनल स्तरों में संतुलन करने के लिए जाने जाते हैं। तिल के बीज में लिग्नांस होते हैं, जो अतिरिक्त हार्मोन को बांधने में मदद करते हैं। इनमें आवश्यक फैटी एसिडह भी पाएं जाते हैं, जो हार्मोनल उत्पादन में मदद करते हैं। एक कप तिल के बीज को सुखाएं और भून लें। आप इसका पाउडर बना सकते हैं या उन्हें ऐसे ही खा सकते हैं।

 हल्दी:- भोजन पकाने में थोड़ी अधिक हल्दी का प्रयोग करें। कच्ची पपीता की तरह, हल्दी को हर्बल उत्तेजक गुण वाला माना जाता है जो मासिक धर्म प्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं। हल्दी को एक वार्मिंग जड़ी बूटी भी माना जाता है जो मासिक धर्म और हार्मोन को विनियमित करने में मदद करती है। एक गिलास दूध में एक से चार चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। इसको कुछ महीनों तक पीना चाहिए जब तक कि आपको प्रभाव महसूस नहीं होते हैं।

डॉ गीता प्रकाश दिल्ली के मैक्स मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में सीनियर परिवारिक चिकित्सक हैं। इन्होंने मशहूर मेडिकल कॉलेज AFMC से MBBS किया है और 35 वर्ष से मेडिसिन प्रैक्टिस कर रहीं हैं।

डॉ गीता प्रकाश ने पहले भाग में हमें मासिक धर्म के बारे में आवश्यक जानकारी दी थी। आज वो हमें मासिक धर्म के अनियमित होने के बारे में बता रही हैं।

PART 1 (पहला भाग) देखने के लिए नीचे क्लिक करें -

सीनियर परिवारिक चिकित्सक डॉ गीता प्रकाश से मासिक धर्म के बारे में जानें

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मासिक धर्म (पीरियड्स) में दर्द क्यों होता है और इसके इलाज के बारे में जानें डॉ गीता प्रकाश से इस वीडियो में

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References

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