एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) - ADHD in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

June 28, 2017

March 30, 2021

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
एडीएचडी
कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

एडीएचडी क्या है ?

एडीएचडी एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है जो व्यवहार में अति-सक्रियता पैदा कर सकता है। इससे ग्रस्त लोग एक कार्य पर अपना ध्यान केंद्रित करने या लंबे समय तक बैठने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। एडीएचडी में कई समस्याओं का संयोजन होता है जैसे कि ध्यान बनाए रखने में कठिनाई, सक्रियता और आवेगी व्यवहार।

एडीएचडी बच्चों और किशोरों को प्रभावित करता है और वयस्कता तक रह सकता है। यह बच्चों को होने वाला सबसे अधिक सामान्य मानसिक विकार है। एडीएचडी से ग्रस्त बच्चे अत्यधिक सक्रिय हो सकते हैं और अपने आवेगों को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं। ऐसा व्यवहार स्कूल और घर के जीवन में हस्तक्षेप करता है।

(और पढ़ें - मानसिक रोग का कारण)

लड़कियों की तुलना में लड़कों में एडीएचडी अधिक आम है। इसका निदान आमतौर पर स्कूल के शुरुआती वर्षों में हो जाता है, जब बच्चे को ध्यान केंद्रित की समस्या शुरू होती है।

एडीएचडी से ग्रस्त वयस्कों को समय प्रबंधन करने, व्यवस्थित रहने, लक्ष्य निर्धारित करने और नौकरी खोजने में परेशानी हो सकती है। उन्हें रिश्तों को बनाने या निभाने में दिक्कत, आत्मसम्मान की कमी और लत की समस्याएँ हो सकती हैं।

(और पढ़ें - मानसिक रोग दूर करने के उपाय)

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) के प्रकार - Types of ADHD in Hindi

एडीएचडी के कितने प्रकार होते हैं ?

एडीएचडी के तीन प्रकार होते हैं -

1. ध्यानाभाव सम्बंधित एडीएचडी (Predominantly inattentive ADHD)
यदि आपको इस प्रकार का एडीएचडी है, तो आपको संवेगशील और अतिसक्रियता के मुकाबले ध्यानाभाव से सम्बंधित लक्षणों का अनुभव हो सकता है। आप किसी-किसी समय पर आवेग नियंत्रण या सक्रियता की समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं लेकिन ये ध्यानाभाव सम्बंधित एडीएचडी के मुख्य लक्षण नहीं हैं।

जो लोग इसका अनुभव करते हैं -

  • वे बातें भूल जाते हैं और आसानी से विचलित हो जाते हैं।
  • वे जल्दी से ऊब जाते हैं।
  • उन्हें एक ही कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है।
  • उन्हें विचारों को व्यवस्थित करने और नई जानकारी सीखने में कठिनाई होती है।
  • किसी कार्य को पूरा करने के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे पेन्सिल, कागज़ात या अन्य वस्तुएं खो देते हैं।
  • दूसरों को नहीं सुनते।
  • धीरे धीरे चलते हैं और ऐसा लगता है कि जैसे वे दिन में सपने देख रहे हैं।
  • जानकारी को व्यवस्थित करने की उनकी क्षमता दूसरों की तुलना में अधिक धीमी और कम सटीक होती है। 
  • उन्हें निर्देशों का पालन करने में समस्या होती है।
  • लड़कों की तुलना में ध्यानाभाव सम्बंधित एडीएचडी का निदान लड़कों में अधिक होता है।

2. अति-सक्रियता सम्बंधित एडीएचडी (Predominantly hyperactive-impulsive ADHD)
इस प्रकार के एडीएचडी में आवेग और अति सक्रियता के लक्षण होते हैं। इस प्रकार के एडीएचडी से ग्रस्त लोग ध्यानाभाव के लक्षण प्रदर्शित कर सकते हैं, लेकिन यह इसके मुख्य लक्षण नहीं होते।

  • जो लोग अक्सर अति-सक्रिय होते हैं वे -
  • घबराहट, विकल होना या बेचैनी महसूस करते हैं।
  • निरंतर बैठे रहने में परेशानी का सामना करते हैं।
  • लगातार बात करते रहते हैं।
  • अनुपयुक्त होने पर भी वस्तुओं को स्पर्श करते हैं और खेलते रहते हैं।
  • शांत गतिविधियों में हिस्सा लेने में परेशानी महसूस करते हैं।
  • लगातार चलते रहते हैं।
  • अधीर रहते हैं।
  • कुछ भी काम करते हैं और बाद के परिणामों के बारे में नहीं सोचते।
  • जवाब और अनुचित टिप्पणियां देते हैं।

3. संयोजन एडीएचडी (Combination ADHD)
यदि आपको संयोजन एडीएचडी है, तो इसका मतलब है कि आपके लक्षण केवल ध्यानाभाव एडीएचडी या केवल अति-सक्रियता प्रकार के एडीएचडी के नहीं आते हैं। बल्कि, दोनों श्रेणियों के लक्षण होते हैं।

एडीएचडी से ग्रस्त या इसके बिना भी अधिकांश लोग, ध्यानाभाव या अति-सक्रीय व्यवहार के कुछ लक्षण अनुभव करते हैं लेकिन एडीएचडी वाले लोगों में यह अधिक गंभीर होते हैं। यह अधिक बार होते हैं और आपके घर, विद्यालय, कार्य और सामाजिक स्थितियों के काम में हस्तक्षेप करते हैं।

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) के लक्षण - ADHD Symptoms in Hindi

एडीएचडी के लक्षण क्या हैं ?

कुछ बच्चों में, एडीएचडी के लक्षण 2 या 3 साल की उम्र में ध्यान देने योग्य हो सकते हैं। इसके लक्षण निम्नलिखित हैं -

  • ध्यान देने में कठिनाई।
  • अक्सर दिन में सपने देखना।
  • निर्देशों को मानने में कठिनाई और दूसरों को अनसुना करना।
  • अक्सर कार्यों या गतिविधियों को व्यवस्थित करने में समस्याएं आना।
  • अक्सर बातें भूल जाना और आवश्यक वस्तुओं, जैसे पुस्तकें, पेंसिल या खिलौने खो देना। (और पढ़ें - भूलने की बीमारी का इलाज)
  • स्कूल के कार्य, काम या अन्य कार्यों को पूरा करने में अक्सर विफल रहना।
  • आसानी से ध्यान भटकना।
  • बार-बार विकल होना या घबराना।
  • ज़्यादा देर बैठने में दिक्कत होना और निरंतर गति में रहना।
  • अत्यधिक बातूनी होना।
  • अक्सर दूसरों की वार्तालाप के बीच में बोलना।
  • अक्सर अपनी बारी के लिए इंतज़ार करने में परेशान होना।

एडीएचडी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज़्यादा होता है और लड़कों व लड़कियों के व्यवहार भिन्न हो सकते हैं।

(और पढ़ें - एडीएचडी के लिए व्यवहार थेरेपी)

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) के कारण - ADHD Causes in Hindi

एडीएचडी का कारण क्या है ?

एडीएचडी का सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें कई चीज़ें शामिल हो सकती हैं, जैसे -

  • आनुवंशिकता - एडीएचडी परिवारों में होने वाली एक समस्या होने वाली समस्या हो सकती है।
  • रासायनिक असंतुलन - एडीएचडी से ग्रस्त लोगों में दिमाग के रसायन संतुलन से बाहर हो सकते हैं।
  • दिमाग में परिवर्तन - एडीएचडी से ग्रस्त बच्चों में ध्यान केंद्रित करने वाले मस्तिष्क का क्षेत्र कम सक्रिय होता है।
  • कुछ विषाक्त पदार्थ - गर्भावस्था के दौरान खराब पोषण, संक्रमण, धूम्रपान, शराब और मादक द्रव्यों का सेवन एक बच्चे के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
  • मस्तिष्क की चोट या मस्तिष्क संबंधी विकार - मस्तिष्क के सामने वाले हिस्से की चोट, आवेगों और भावनाओं को नियंत्रित करने में समस्या पैदा कर सकता है।

एडीएचडी को रोका या ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन इसका जल्दी निदान, अच्छा इलाज और शिक्षा योजना बनाने से इससे ग्रस्त बच्चे या वयस्क को अपने लक्षणों का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है।

एडीएचडी के जोखिम कारक क्या हैं?

एडीएचडी के जोखिम कारक निम्नलिखित हैं -

  • एडीएचडी या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार के ग्रस्त सेज रिश्तेदार (जैसे माता-पिता या भाई)।
  • कुछ पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना। जैसे पुरानी इमारतों के पेंट और पाइप में पाया जाने वाला लेड।
  • गर्भावस्था के दौरान शराब पीना या धूम्रपान करना।
  • गर्भावस्था के दौरान पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों जैसे पोलीक्लोरीनयुक्त बायफनील (पीसीबी) के संपर्क में आना।
  • समय से पहले जन्म होना

(और पढ़ें - गर्भावस्था में होने वाली परेशानी)

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) से बचाव - Prevention of ADHD in Hindi

एडीएचडी होने से कैसे बचा जा सकता है ?

एडीएचडी से अपने बच्चे को बचाने के लिए -

  • गर्भावस्था के दौरान किसी भी ऐसी चीज़ से बचें जो भ्रूण के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है। शराब, धूम्रपान व दवाओं का उपयोग न करें और पर्यावरण विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से बचें। (और पढ़ें - गर्भधारण करने के तरीके)
  • सिगरेट का धुआं, कृषि या औद्योगिक रसायनों और लेड पेंट (कुछ पुरानी इमारतों में पाया जाने वाला) जैसे कुछ प्रदूषक और विषाक्त पदार्थों से अपने बच्चे को सुरक्षित रखें।
  • हालांकि अभी तक यह सिद्ध नहीं हुआ है लेकिन पांच वर्ष तक के बच्चों को टीवी, विडिओ गेम्स और मोबाइल ज़्यादा उपयोग करने से एडीएचडी समस्या हो सकती है।

(और पढ़ें - बच्चों के लिए वीडियो गेम खेलने के नुकसान)

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) का परीक्षण - Diagnosis of ADHD in Hindi

एडीएचडी का निदान कैसे होता है ?

ऐसा कोई भी एक परीक्षण नहीं है जो आपके या आपके बच्चे के एडीएचडी का निदान कर सके। हाल ही के एक अध्ययन में वयस्क एडीएचडी का निदान करने के लिए एक नए परीक्षण के लाभों पर प्रकाश डाला गया, लेकिन कई चिकित्सकों का मानना है कि एडीएचडी निदान एक परीक्षण के आधार पर नहीं किया जा सकता है।

  • इसका निदान करने के लिए, आपके चिकित्सक आपके या आपके बच्चे के पिछले छह महीनों तक के लक्षणों का आकलन करेंगे।
  • आपका डॉक्टर अध्यापकों या परिवार के सदस्यों से जानकारी लेंगे और लक्षणों की समीक्षा के लिए जांच-सूची और रेटिंग स्केल का उपयोग करेंगे।
  • डॉक्टर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करने के लिए एक शारीरिक परीक्षण करेंगे।

यदि आपको संदेह है कि आपके बच्चे को एडीएचडी है, तो मूल्यांकन के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। अपने बच्चे के लिए, आप उसके स्कूल में एक सलाहकार से भी बात कर सकते हैं। स्कूल नियमित रूप से बच्चों की समस्याओं की जाँच करते हैं, जो उनके शैक्षिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।

मूल्यांकन के लिए, अपने चिकित्सक या सलाहकार को आपके बच्चे के व्यवहार के बारे में बताएं। यदि उन्हें एडीएचडी का संदेह होता है, तो वे आपको या आपके बच्चे को एक एडीएचडी विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं। निदान पर निर्भर करते हुए, वे एक मनोचिकित्सक या न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाने का सुझाव भी दे सकते हैं।

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) का इलाज - ADHD Treatment in Hindi

एडीएचडी का उपचार कैसे होता है ?

एडीएचडी के कई लक्षण दवा और चिकित्सा के साथ प्रबंधित किये जा सकते हैं।

दवाएं 

उत्तेजक दवाएं अति-सक्रिय और आवेगी व्यवहार को नियंत्रित करने और ध्यान की अवधि बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, उत्तेजक दवाएं हर किसी के लिए काम नहीं करती हैं इसीलिए छः वर्ष से ज़्यादा के लोगों को गैर-उत्तेजक दवाएं दी जा सकती हैं।

ओमेगा-3 वाले आहार पूरक कुछ लाभ दिखा सकते हैं। अमरीका के एफडीए (FDA) ने वायरिन नामक एक चिकित्सा भोजन को मंजूरी दी है, जिसमें ओमेगा-3 शामिल होता है और यह केवल डॉक्टर द्वारा कहे जाने पर ही मिलता है।

(और पढ़ें - एडीएचडी का होम्योपैथिक इलाज)

थेरेपी

ये उपचार व्यवहार के बदलाव पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

  • विशेष शिक्षा, स्कूल में बच्चे को सीखने में मदद करती है। संरचना और नियमित होने से एडीएचडी वाले बच्चों को बहुत मदद मिल सकती है।
  • व्यवहार संशोधन खराब व्यवहार को बदलने के तरीके सिखाता है।
  • मनोचिकित्सा (परामर्श) भावनाओं को व्यवस्थित करने के बेहतर तरीके सीखा सकती है। यह एडीएचडी से ग्रस्त व्यक्ति को उनके आत्मसम्मान को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकती है। परामर्श, परिवार के सदस्यों को एडीएचडी से ग्रस्त उनके बच्चे को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती है।
  • सामाजिक कौशल प्रशिक्षण, से व्यवहार बेहतर हो सकता है।

(और पढ़ें - मनोचिकित्सा के लाभ)

एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) की जटिलताएं - ADHD Complications in Hindi

एडीएचडी से क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

एडीएचडी बच्चों के लिए जीवन कठिन बना सकता है एडीएचडी वाले बच्चे -

  • अक्सर कक्षा में संघर्ष करते हैं, जो पढ़ाई में विफलता का कारण बन सकता है।
  • दुर्घटनाएं और चोटें ज़्यादा अनुभव करते हैं।
  • कम आत्मसम्मान का सामना करते हैं।
  • साथियों और वयस्कों के साथ बातचीत करने में परेशानी अनुभव करते हैं।
  • शराब और नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अन्य अपराधी व्यवहार करने के खतरे में अधिक होते हैं।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने का तरीका)



संदर्भ

  1. National institute of mental health. Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder. U.S. Department of Health and Human Services
  2. National Health Service [Internet]. UK; Attention deficit hyperactivity disorder (ADHD)
  3. Centre for Health Informatics. [Internet]. National Institute of Health and Family Welfare What is ADHD?
  4. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Attention deficit hyperactivity disorder (ADHD)
  5. Mental health .Attention deficit hyperactivity disorder (ADHD). U.S. Department of Health & Human Services. [internet].

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एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) की दवा - Medicines for ADHD in Hindi

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