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व्यक्ति तक डेंगू वायरस एडीज मच्छर के काटने पर पहुंचता है. ये मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं. एडीज मच्छर ही चिकनगुनिया और जीका वायरस का कारण भी बनते हैं. जब डेंगू बुखार ज्यादा गंभीर हो जाता है, तो डेंगू हेमरेजिक फीवर (DHF- Dengue Hemorrhagic Fever) के रूप में बदल जाता है.

आमतौर पर डेंगू के लक्षण शरीर में मच्छर के काटने के 4 दिन से 2 हफ्ते में दिखाई दे सकते हैं और 2 से 7 दिन तक ये लक्षण शरीर में रहते हैं. वहीं लक्षणों के रूप में व्यक्ति को कमजोरी और बुखार हो सकता है.

डेंगू में प्लेटलेट्स अहम भूमिका निभाती हैं. डेंगू के दौरान प्लेटलेट की गिरावट जोखिम को बढ़ा सकती हैं. ऐसे में जानना जरूरी है कि डेंगू और प्लेटलेट का एक दूसरे से क्या संबंध हैं. इस लेख में जानेंगे कि डेंगू में प्लेटलेट काउंट क्यों जरूरी है? साथ ही इसकी सही संख्या के बारे में भी जानेंगे.

(और पढ़ें - डेंगू होने पर क्या करें)

  1. डेंगू में प्लेटलेट काउंट कितनी होती है? - What is the the platelet count in dengue in Hindi?
  2. प्लेटलेट काउंट को समझें - Normal platelet count per cubic millimeter of blood in Hindi
  3. डेंगू में प्लेटलेट काउंट क्यों कम हो जाता है? - Why does the platelet count decrease in dengue in Hindi?
  4. डेंगू में प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं प्लेटलेट? - Can platelets increase naturally in dengue in Hindi?
  5. प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए जरूरी खाद्य पदार्थ - Foods needed to increase platelet count in Dengue in Hindi
  6. डेंगू में कम प्लेटलेट काउंट के लक्षण - Symptoms of low platelet count in dengue in Hindi
  7. सारांश - Takeaway
डेंगू में प्लेटलेट्स कितनी होनी चाहिए? के डॉक्टर

प्लेटलेट्स, जिसे थ्रोम्बोसाइट्स (thrombocyte) के रूप में भी जाना जाता है, यह एक ब्लड कॉम्पोनेंट होता है. इनका मुख्य काम रक्त के थक्के जमने से रोकना है. जब डेंगू के दौरान व्यक्ति की प्लेटलेट्स गिरने लगती हैं तो खून के थक्के जमने शुरू हो जाते हैं.

एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट 1.5 से 4 लाख के बीच होता है. वहीं जब व्यक्ति डेंगू की समस्या का सामना करता है तो प्लेटलेट काउंट 1.5 लाख से नीचे गिर सकता है.

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प्लेटलेट काउंट के लेवल कुछ इस प्रकार होते हैं -

  • सामान्य - 100,000 से ज्यादा प्लेटलेट
  • मीडियम - 40,000-100,000 के बीच प्लेटलेट
  • जोखिम - 21,000-40,000 के बीच प्लेटलेट
  • भारी जोखिम - 20,000 से कम प्लेटलेट

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जब एडीज मच्छर इंसान को काटता है, तो डेंगू का वायरस रक्त में प्रवेश कर जाता है और प्लेटलेट्स के साथ जुड़ जाता है. इसके कारण प्लेटलेट संक्रमित हो जाते हैं. संक्रमित प्लेटलेट कोशिकाएं सामान्य प्लेटलेट्स को नष्ट कर देती हैं, जिसके कारण डेंगू बुखार में प्लेटलेट काउंट गिरना शुरू हो जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान डेंगू वायरस के खिलाफ लड़ने वाली कोशिकाएं हमारे शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली होती हैं, जो सामान्य प्लेटलेट्स को यह सोचकर नष्ट कर देती हैं कि वे संक्रमित हैं.

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डेंगू के दौरान यदि प्लेटलेट कम होना शुरू हो जाएं तो पौष्टिक और पूरक आहार के जरिये संक्रमित व्यक्ति अपना प्लेटलेट काउंट बढ़ा सकता है. लेकिन जैसा कि हमने पहले भी बताया कि डेंगू में प्लेटलेट की गिनती ज्यादा कम हो जाती है, तो ऐसे में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए.

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कुछ ऐसे फूड्स हैं जो डेंगू में प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं -

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डेंगू में यदि किसी व्यक्ति के प्लेटलेट की संख्या थोड़ी कम हो तो लक्षण नजर नहीं आते. लेकिन अगर ये संख्या घटती चली जाए तो व्यक्ति को शरीर पर छोटे रूप में रक्तस्राव दिखाई दे सकते हैं. ये रक्तस्राव त्वचा पर छोटे, गोल, गहरे लाल धब्बे जैसे नजर आ सकते हैं. इन्हें पेटीचिया (petechiae) के नाम भी जानते हैं. वही अगर किसी व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट काउंट 20,000 प्रति μl से कम हो तो मसूढ़ों या नाक से बिना कारण खून या मल-मूत्र में रक्त नजर आ सकता है.

डेंगू के दौरान प्लेटलेट का गिरना जानलेवा हो सकता है. ऐसे में व्यक्ति को डॉक्टर से तुंरत संपर्क करना जरूरी है. 20 हजार से कम प्लेटलेट होने पर कोई प्राकृतिक इलाज कारगर नहीं है.

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