विटामिन बी9 (Vitamin B9) को फोलिक एसिड और फोलेट (Folate) के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन बी शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को शरीर के लिए आवश्यक ग्लूकोज में बदलने का काम करता है। जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। लीवर, त्वचा, बाल व आंखों के लिए विटामिन बी बेहद ही जरूरी होता है। यह तंत्रिका तंत्र को सुचारु रखने का भी काम करता है। आप विटामिन बी9 को अपने आहार के द्वारा ले सकते हैं। विटामिन बी9 पानी की तरह तरल रूप में होता है। फोलिक एसिड (Folic acid) मस्तिष्क के कार्य को ठीक करता है। इसके साथ ही साथ यह भावनात्मक मजबूती के लिए भी अहम भूमिका निभाता है। फोलिक एसिड छोटे बच्चों, किशोरों व गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के ऊतकों व कोशिकाओं के निर्माण के लिए सहायक होता है। यह विटामिन बी12 की तरह काम करता है और शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण कर, आयरन के स्तर को संतुलित करता है।
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विटामिन बी9, बी6, बी12 और अन्य पोषक तत्वों के साथ मिलकर रक्त में बनने वाले अमीनो एसिड होमोकीस्टीन (Homocysteine) के स्तर को नियंत्रित करता है। होमोकीस्टीन के उच्च स्तर से कई तरह के हृदय रोग होने का खतरा बना रहता है। विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) क्या है, यह हमारे लिए क्यों जरूरी होता है। विटामिन बी9 के क्या फायदे होते हैं, यह किन स्त्रोतों व आहार से लिया जा सकता है, इसे रोजाना कितनी मात्रा में लेना जरूरी है, इसकी कमी से होने वाले लक्षण व नुकसान क्या होते हैं? इसके बारे में आगे विस्तार पूर्वक जानेंगे।
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- विटामिन बी9 लेने के फायदे - Benefits of Vitamin B9 in Hindi
- विटामिन बी9 युक्त आहार व स्रोत - Vitamin B9 rich foods and sources in Hindi
- फोलिक एसिड (विटामिन बी9) को रोजाना कितनी मात्रा में लेनी चाहिए? - Folic Acid (Vitamin B9) ko rojana kitni matra me leni chahiye
- फोलिक एसिड की कमी के लक्षण और नुकसान - Folic Acid ki kami ke lakshan aur nukshan in Hindi
- विटामिन बी9 अधिक मात्रा में लेने के नुकसान - Vitamin B9 adhik matra me lene ke nukshan
- सारांश
विटामिन बी9 लेने के फायदे - Benefits of Vitamin B9 in Hindi
विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) कई तरह से शरीर के लिए फायदेमंद होता है। यह रक्त में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। इसके साथ ही साथ फोलिक एसिड को नियमित रूप से लेने पर आप कई तरह के रोगों से मुक्त रहते हैं। यह मस्तिष्क के लिए भी उपयोगी होता है। इसे संबंधित कई रिसर्च की जा चुकी हैं, लेकिन इस विषय पर अभी और कार्य होना शेष है। फोलिक एसिड से उम्र बढ़ने की वजह से सुनने की क्षमता कम होने की परेशानी को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा यह मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं को फायदा पहुंचाता है। फोलिक एसिड से भ्रूण के बनने व जन्म से मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी के विकारों को कम करने में मदद मिलती है। प्रेग्नेंट होने से करीब एक वर्ष पूर्व से महिला को फोलिक एसिड का सेवन करना चाहिए। इससे गर्भ में बच्चे की मृत्यु के खतरे भी कम हो जाते हैं। डॉक्टर भी प्रेग्नेंसी के शुरूआती दौर में महिलाओं को विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) लेने की सलाह देते हैं।
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विटामिन बी9 युक्त आहार व स्रोत - Vitamin B9 rich foods and sources in Hindi
विटामिन बी9 की उपयोगिता के बारे में आप जान ही चुकें हैं कि यह हमारे शरीर के लिए क्यों आवश्यक होता है। इसके साथ ही साथ आप इसके फायदों से भी परिचित हो गए हैं। अब आपको हम यह बता रहें हैं कि किन प्राकृतिक चीजों के सेवन से आप आसानी से विटामिन बी9 को प्राप्त कर सकते हैं।
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विटामिन बी9 युक्त खाद्य पदार्थ नीचे बताए गए हैं।
- गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, जैसे – पालक व अन्य।
- कसूरी मेथी
- एस्परैगस
- अंकुरित अनाज
- सरसों का साग
- शलजम
- चुकंदर
- सोयाबीन
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विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) के अन्य स्रोत -
- मांसाहार में लिवर का सेवन
- सैल्मन (Salmon fish) (और पढ़ें - मछली खाने के लाभ)
- साबुत अनाज
- जड़ वाली सब्जियां
- गेहूं (Wheat)
- राजमा
- सभी दालें (और पढ़ें - दालों के फायदे)
- सेम (Lima beans)
- एवोकाडो (Avocado)
- संतरे का रस (और पढ़ें - संतरे के छिलके का उपयोग)
- दूध
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इसके अलावा विटामिन बी9 को मल्टीविटामिन गालियों द्वारा भी लिया जा सकता है। बच्चों के लिए इसको चबाने वाली गोलियों व तरल के रूप में भी बनाया गया है। यह विभिन्न रूपों में उपलब्ध है, जैसे – गोलियां व जैल आदि।
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फोलिक एसिड (विटामिन बी9) को रोजाना कितनी मात्रा में लेनी चाहिए? - Folic Acid (Vitamin B9) ko rojana kitni matra me leni chahiye
सभी को अपने आहार में फोलिक एसिड वाले खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करना चाहिए। हर आयु वर्गों के लिए इसकी निश्चित मात्रा बताई गई है। आपको फोलिक एसिड लेने से पूर्व अपने डॉक्टर से इसकी मात्रा पर बात कर लेनी चाहिए।
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विशेषज्ञों के द्वारा इसकी मात्रा को निम्नतः व्यक्त किया गया है।
- 0 से 6 माह के नवजात शिशु के लिए – 0.065 मिलीग्राम
- 7 से 12 माह के शिशु के लिए – 0.08 मिलीग्राम
- 1 से 3 साल के बच्चे के लिए – 0.15 मिलीग्राम
- 4 से 8 साल के लिए - 0.2 मिलीग्राम
- 9 से 13 साल - 0.3 मिलीग्राम
- 14 से 18 साल - 0.4 मिलीग्राम
- 19 वर्ष व अधिक पुरुष - 0.4 मिलीग्राम
- 19 वर्ष व अधिक महिलाएं - 0.4 मिलीग्राम
- गर्भवती महिलाओं - 0.6 मिलीग्राम
- स्तनपान कराने वाली महिलाएं - 0.5 मिलीग्राम
फोलिक एसिड को उच्च मात्रा में लेने से विटामिन बी12 की कमी को भी पूरा किया जा सकता है। हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही फोलिक एसिड को लेना शुरू करें।
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फोलिक एसिड की कमी के लक्षण और नुकसान - Folic Acid ki kami ke lakshan aur nukshan in Hindi
फोलिक एसिड की कमी तब होती है जब किसी नवजात शिशु को गर्भ में पूर्ण विटामिन नहीं मिल पाता है। फोलिक एसिड की अपर्याप्त मात्रा से बच्चे को जन्म से ही रीढ़ की हड्डी के रोग होने की संभावनाएं रहती है। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र के गंभीर रोग भी हो सकते हैं।
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फोलिक एसिड की कमी के लक्षण निम्न बताए गए हैं -
- थकान होना (और पढ़ें - थकान दूर करने के उपाय)
- कमजोरी महसूस होना (और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के उपाय)
- मुंह में घाव होना (और पढ़ें - मुंह के छाले का घरेलू उपाय)
- सोचने व याद रखने में मुश्किल होना (और पढ़ें - याददाश्त कमजोर होने का इलाज)
- चिड़चिड़ा स्वभाव होना
- भूख में कमी (और पढ़ें - बच्चों में भूख न लगना)
- वजन घटना
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फोलिक एसिड की कमी से होने वाले नुकसान
- मुंहासे होना
- होंठ फटना (और पढ़ें - सुंदर होंठ पाने का तरीका)
- होठों के किनारों की त्वचा सूख कर घाव हो जाना (और पढ़ें - होठों का कालापन दूर करने का उपाय)
- मुंह में छाले होना
- थकान होना
- जी मिचलाना
लंबे समय तक फोलिक एसिड की कमी से होने वाले रोग -
- हाई बीपी (और पढ़ें - हाई बीपी में क्या खाना चाहिए)
- अल्जाइमर रोग
- एनीमिया (और पढ़ें - खून की कमी के उपाय)
- गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, मलाशय व आंतों के कैंसर का खतरा (और पढ़ें - कैंसर का इलाज)
- ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी)
फोलिक एसिड की कमी के कारण एनीमिया होने की स्थिति में आप दवा के रूप में फोलिक एसिड को लेकर इसकी कमी को पूरा कर सकते हैं। एक बार फोलिक एसिड का स्तर सामान्य हो जाने पर आपकी रक्त कोशिकाएं सुचारू रूप से कार्य करना शुरू कर देती हैं।
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विटामिन बी9 अधिक मात्रा में लेने के नुकसान - Vitamin B9 adhik matra me lene ke nukshan
विटामिन बी9 की अधिक मात्रा लेने से किसी तरह का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा जाता है। कुछ दुर्लभ मामलों में इससे पेट में खराबी हो सकती है। अधिक मात्रा में विटामिन बी9 लेना किसी तरह की समस्या का कारण इसीलिए नहीं बनता, क्योंकि यह तरल रूप में होता है और शरीर में इसकी अधिकता होने पर यह मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है।
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सारांश
विटामिन B9, जिसे फोलिक एसिड या फोलेट भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो शरीर को सही रूप से कार्य के लिए आवश्यक है। यह विटामिन डीएनए और आरएनए के संश्लेषण और कोशिकाओं के विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड का सेवन बहुत जरूरी होता है क्योंकि यह होने वाले बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए जरूरी होता है । फोलेट की कमी से एनीमिया, थकान, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियाँ, फल, नट्स, बीन्स, और अनाज फोलिक एसिड के अच्छे स्रोत हैं। पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।






