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विटामिन सी क्‍या है?

विटामिन सी पानी में घुलने वाला विटामिन है जो कि प्राकृतिक रूप से कुछ खाद्य पदार्थों जैसे कि संतरे और नींबू में पाया जाता है। विटामिन सी को आहार पूरक (सप्‍लीमेंट) के रूप में भी लिया जा सकता है। विटामिन सी को एल-एस्‍कॉर्बिक अम्‍ल भी कहा जाता है एवं शरीर में विटामिन सी अपने आप नहीं बन पाता है इसलिए आहार के ज़रिए ही शरीर में इसकी पूर्ति की जाती है।

इसके अनेक फायदे होते हैं और ये शरीर के सामान्‍य कार्यों में भी मदद करता है। विटामिन सी कोलाजन फाइबर के लिए जैव संश्‍लेषण का काम करता है।

क्‍या है कोलाजन फाइबर?

कोलाजन, संयोजक ऊतकों में प्रमुख संरचनात्‍मक प्रोटीन है। ये हमारे शरीर में प्रोटीन की कुल जरूरत का 25 से 35 प्रतिशत हिस्‍से का निर्माण करता है। ये हड्डियों, कार्टिलेज, टेंडन, त्‍वचा, लिगामेंट और संयोजी ऊतकों की परत का प्रमुख घटक है। इससे त्‍वचा को मजबूती और लचीलापन मिलता है। बढ़ती उम्र के साथ त्‍वचा अपना लचीलापन और मजबूती खोने लगती है।

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कुल 28 प्रकार के कोलाजन फाइबर्स का पता चला है कि लेकिन मानव शरीर में मौजूद 90 प्रतिशत कोलाजन केवल टाइप 1 का ही होता है। चूंकि, विटामिन सी कोलाजन फाइबर बनाने में मदद करता है इसलिए घाव को भरने, ठीक होने और ऊतकों के सुधार में यह अहम भूमिका निभाता है।

यह विटामिन ई की तरह शरीर में अन्य एंटीऑक्सीडेंट के कार्य को बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्‍स से होने वाले नुकसान को कम करता है। भोजन से मिलने वाले नॉन-हेम आयरन (आसानी से अवशोषित न होने वाला आयरन) के अवशोषण में भी सुधार लाता है। इसके अलावा विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाने में भी अहम भूमिका निभाता है। 

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  1. विटामिन सी के स्रोत - Sources of Vitamin C in Hindi
  2. विटामिन सी के फायदे - Benefits of Vitamin C in Hindi
  3. अधिक मात्रा में विटामिन सी लेने से नुकसान - Taking excess vitamin C is harmful in Hindi
  4. कम मात्रा में लेने से क्या होता है - Kam matra me lene se kya hota hai in Hindi
  5. विटामिन सी कितना खाना चाहिए - How much vitamin C should eat in Hindi

विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं खट्टे फल जैसे

उपरोक्त सब खाद्य पदार्थ हमारे शरीर में विटामिन सी की पूर्ति करते हैं। इनके अलावा दालों में भी विटामिन सी पाया जाता है। सूखी दालों में विटामिन सी नहीं पाया जाता है। लेकिन दालों को भीगने के बाद अच्छी मात्रा में दालों से विटामिन सी मिलता है।

विटामिन सी का उपयोग हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। विटामिन सी के रोजाना सेवन से हमारे शरीर को रोगों से लड़ने में मदद मिलता है। विटामिन सी झुर्रियों को ठीक करने में काफी लाभदायक होता है। विटामिन सी हमारे शरीर के सबसे छोटे सेल को एकजुट करके रखता है।

यह शरीर के रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ में हड्डियों को जोड़ने वाला कोलाजेन नामक पदार्थ, रक्त वाहिकाएं, लाइगामेंट्स, कार्टिलेज आदि को भी निर्माण के लिए विटामिन सी की आवशकता होती है। विटामिन सी के नियमित उपयोग से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है।

(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय)

विटामिन सी शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। विटामिन सी के उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। पर विटामिन सी की अत्याधिक मात्रा लेना हानिकारक हो सकता है जैसे

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विटामिन सी में रोग प्रतिरोधक क्षमता होता है जिसके कारण हमारे शरीर में अनेकों बीमारियों से बचाव होता है। पर विटामिन सी की कमी से कई नुकसान हो सकते हैं, जैसे

डॉक्टरों के अनुसार, विटामिन सी की दैनिक आवश्यकता कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि आपकी उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति। इसके अनुसार यहाँ बताया गया है कि रोज़ कितना विटामिन सी लेना चाहिए:

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 40 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 45 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 75 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 65 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 90 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 75 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 85 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए
  • स्तनपान कराने वाली महिला को 120 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए। (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)
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