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डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है। सरल भाषा में यह एक तरह का वायरल बुखार है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस बीमारी के सबसे आम लक्षण बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर चकत्ते, प्लेटलेट कम होना, मांसपेशियों में कमी और जोड़ों का दर्द है। इन लक्षणों की गंभीरता को कम करने के लिए स्वस्थ और संतुलित आहार लेना महत्वपूर्ण है। यही नहीं, बल्कि बीमारी के बाद दोबारा से पूरी तरह स्वस्थ होने में सही आहार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस लेख में, हम उन आवश्यक पोषक तत्वों और उनसे भरपूर भारतीय खाद्य पदार्थों की चर्चा करेंगे जो आपको डेंगू के दौरान और बाद में मदद करेंगे। साथ ही यह भी बताया गया है कि आपको डेंगू के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए।

(और पढ़ें - डेंगू टेस्ट)

  1. डेंगू में क्या खाना चाहिए - Diet during dengue in Hindi
  2. डेंगू में प्लेटलेट बढ़ाने के लिए क्या खाएं - Foods to increase platelet count in dengue in Hindi
  3. डेंगू के बाद डाइट - Diet after dengue in Hindi
  4. डेंगू में परहेज और क्या नहीं खाना चाहिए - Foods to avoid for dengue patient in Hindi
  5. डेंगू डाइट चार्ट - Indian diet plan for dengue in Hindi
डेंगू में क्या खाएं, क्या न खाएं और परहेज के डॉक्टर

डेंगू के कुछ लक्षणों की गंभीरता को सही डाइट द्वारा आसानी से कम किया जा सकता है। डेंगू को कंट्रोल करने के लिए यहां ऐसे आहार बताये गए हैं -

डेंगू के दौरान तेज बुखार के लिए ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ

तेज बुखार इस बीमारी का मुख्य लक्षण है। बुखार की वजह से, रोगी को ऊर्जा की कमी और स्वाद न आने का भी अनुभव हो सकता है। इस हालत में, आहार ऐसा देना चाहिए जो पचाने में आसान हो लेकिन ऊर्जा से भरपूर हो। इसके कुछ उदाहरण सब्जी-युक्त खिचड़ी या दलिया, साबुदाना, चावल और सूजी की खीर हैं। भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए आप ताजी तुलसी, धनिया, लहसुन, अदरक या नींबू का उपयोग कर सकते हैं।

डेंगू में मांसपेशियों में दर्द और मांसपेशियों के पतन को कम करने के लिए प्रोटीन

तेज बुखार के कारण डेंगू के दौरान वजन और मांसपेशियों की क्षति स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकती है। स्वस्थ वजन और मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए हर भोजन में पचाने में आसान प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जोड़ने की कोशिश करें, जैसे कि चना सलाद, दाल, सांभर और अंडे की भुर्जी।

डेंगू के दौरान निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं

बुखार की वजह से डेंगू में शरीर में पानी की कमी होना बहुत आम है। नारियल पानी, फलों के रस, छाछ के साथ अपनी तरल आवश्यकताओं को पूरा करने की कोशिश करें क्योंकि वे पचाने में आसान होते हैं और इलेक्ट्रोलाइट्स और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। अन्यथा, हर दिन 10-12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें।

डेंगू में मतली और उल्टी को कम करने के लिए आहार

इस बीमारी के दौरान मतली और उल्टी को रोकने के लिए सही भोजन करना आवश्यक है। डेंगू में हल्के भोजन लेने की कोशिश करें, कई बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। अदरक या पुदीने की चाय मतली और उल्टी को कम करने में मदद कर सकती है। चावल, अंडे की भुर्जी, ब्रेड टोस्ट, केले, मसले हुए आलू और कस्टर्ड जैसे साधारण खाद्य पदार्थ खाएं। इसके आलावा घर में ताजी हवा का स्रोत भी आवश्यक है और खाना बनने की गंध को बाहर निकालने का प्रयास करें। क्रीम वाले सूप, वसा-युक्त या तले हुए खाद्य पदार्थ, और डेसर्ट लेने से बचें। इसके अलावा, खाने के तुरंत बाद न लेटें क्योंकि इससे मतली और उल्टी होने की संभावना बढ़ जाती है।

(और पढ़ें - डेंगू का आयुर्वेदिक उपचार)

प्लेटलेट की गिनती गिरना डेंगू का एक बहुत ही सामान्य परिणाम है। अगर मरीज का प्लेटलेट काउंट बहुत ज्यादा गिर जाता है, तो यह एक खतरनाक स्थिति हो सकती है। यहाँ कुछ पोषक तत्व और उनसे समृद्ध खाद्य पदार्थ बताए गए हैं जो प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करेंगे। डेंगू में इन्हे मरीज के दैनिक आहार में शामिल करने की कोशिश करें।

(और पढ़ें - प्लेटलेट बढ़ाने के उपाय)

सही आहार न केवल आपको डेंगू के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है, बल्कि यह ठीक होने के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ होने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डेंगू के बाद क्या खाएं, यहाँ इस पर कुछ आहार संबंधी मार्गदर्शन दिया गया है। ये सभी फल और सब्जियां डेंगू के दौरान भी खायी जा सकती हैं।

  • संतरे - संतरे कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, खासतौर से विटामिन सी। संतरे में बहुत विटामिन सी होता है, जो एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट है जिससे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है। आप इसे फल के रूप में ले सकते हैं या इसका रस निकाल कर पी सकते हैं। (और पढ़ें - इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं)
  • पपीता - कच्चा पपीता और पपीता का पत्ता पपेन और काइमोपपैन जैसे एंजाइमों से भरपूर होता है, जो पाचन को बेहतर करते हैं, पेट फूलने की समस्या और अन्य पाचन विकारों को रोकते हैं। आप कच्चे पपीते को सलाद या रायता और पपीते के पत्तों के रस के रूप में ले सकते हैं। ताजे पपीते के पत्तों का 30ml रस प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करता है और इसलिए, डेंगू के उपचार में।
  • अनार - अनार खाने से थकान होने की समस्या कम हो जाती है। आयरन का एक समृद्ध स्रोत होने के नाते, अनार रक्त के लिए भी फायदेमंद है और एक सामान्य प्लेटलेट काउंट को बनाए रखने में मदद करता है। यह डेंगू से उबरने के लिए आवश्यक है। (और पढ़ें - आयरन युक्त खाद्य पदार्थ)
  • कीवी - कीवी में पोटेशियम के साथ विटामिन ए और विटामिन ई की अच्छी मात्रा होती है और यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट लेवल को संतुलित करने और बीपी को कम करने में मदद करता है। कीवी में मौजूद तांबा लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है और डेंगू से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाता है।
  • वेजिटेबल सूप - सूप शरीर को मजबूत करते हैं, जोड़ों के दर्द को कम करते हैं, भूख को बढ़ाते हैं और टेस्ट बड्स के कार्य में सुधार करते हैं। विभिन्न सब्जियों, दालों और चिकन का उपयोग करके तैयार किए जाने पर सूप में अच्छी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और खनिज होते हैं। ये सभी डेंगू से उबरने में मदद करते हैं। इसके अलावा, सूप में आमतौर पर मसाले और वसा कम होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें पचाना आसान होता है। तो अपने आहार में विभिन्न प्रकार के घर के बने सूप ज़रूर शामिल करें।

(और पढ़ें - डेंगू का होम्योपैथिक उपचार)

जितना महत्वपूर्ण यह जानना है कि डेंगू के दौरान क्या खाना चाहिए, उतना ही ज़रूरी यह जानना भी है कि डेंगू में क्या नहीं खाना चाहिए। यहां कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ के बारे में बताया गया है जो डेंगू के लक्षणों को खराब कर सकते हैं, और इनसे परहेज ज़रूरी हैं -

  • डेंगू बुखार होने पर तले हुए भोजन से बचना और हल्के भोजन खाना सबसे अच्छा है। तैलीय भोजन में बहुत अधिक वसा होता है जिससे हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल हो सकता है। यह आपकी रिकवरी को प्रभावित कर सकता है क्योंकि इनसे इम्युनिटी कम होती है।
  • डेंगू के रोगियों को मसालेदार भोजन नहीं दिया जाना चाहिए। इससे एसिडिटी बढ़ती है और अल्सर व पेट की दीवार को नुकसान हो सकता है। यह क्षति रिकवरी की प्रक्रिया में बाधा डालती है क्योंकि इससे आपके पहले से ही बीमार शरीर पर और दबाव पड़ता है।
  • डेंगू के दौरान कैफीन युक्त पेय (चाय, कॉफी, ग्रीन टी, एनर्जी ड्रिंक्स) नहीं दिया जाना चाहिए। ये पेय शरीर में निर्जलीकरण का कारण बन सकते हैं। अपने कैफीन युक्त पेय की जगह अन्य पेय लें जैसे हल्दी चाय, गैर-कैफीन वाली हरी चाय, नारियल पानी या नींबू पानी। (और पढ़ें - चाय पीने के नुकसान)

यहाँ एक नमूना भारतीय आहार योजना है जिसमें उपरोक्त सभी सलाह शामिल हैं। इसमें आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थ और व्यंजन हैं जो जल्दी पकने वाले होते हैं ताकि आप डेंगू बुखार के दौरान इसका आसानी से पालन कर सकें:

  • सुबह-सुबह - गर्म पानी (1 गिलास) + भीगी हुई किशमिश (8-10)
  • नाश्ता - दलिया (1-2 कटोरी)
  • मध्य-भोजन - नारियल पानी (1) + अनार (1/2 कटोरी)
  • दोपहर का भोजन - सब्जी-युक्त खिचड़ी (1-2 कटोरी) + मसला हुआ आलू (2 बड़ा चम्मच) + दही (1 कटोरी)
  • शाम का स्नैक - सब्जी का सूप (1 कटोरी)
  • रात का खाना - मसले हुए चावल (1 कटोरी) + पालक कढ़ी (1 कटोरी)
Dt. Akanksha Mishra

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संदर्भ

  1. Ahmad Nisar, et al. Dengue fever treatment with Carica papaya leaves extracts. Asian Pac J Trop Biomed. 2011 Aug; 1(4): 330–333. PMID: 23569787
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