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चिकनगुनिया संक्रमित मच्छरों द्वारा मनुष्यों को होने वाला एक वायरल रोग है। वायरल रोग के कारण लोगों को बुखार और जोड़ो में दर्द रहता है। यह वायरल रोग बहुत कम दिनों के लिए होता है और बहुत ही दुर्लभ मामलों में ही कभी इससे किसी की मौत होती है। लेकिन इसके लक्षण लंबे समय तक रहते हैं और आपके शरीर को कमजोर करते हैं। अभी तक इसका कोई टीका या एंटीवायरल उपचार नहीं निकला है। अभी जो भी दवाइयां है वो इसके कारणों के बजाय लक्षणों से राहत देने के लिए उपयोग की जाती हैं।

"चिकनगुनिया" शब्द मकोंड (Makonde) (या किमकोंड) की भाषा से लिया गया है जो मकोण्डे पठार पर बोली जाती है जहां इस रोग का जन्म हुआ था। चिकनगुनिया का मतलब होता है 'झुक कर चलना'। इस रोग में मरीज जोड़ के दर्द के साथ झुक कर चलता है।

ऐतिहासिक रूप से चिकनगुनिया को एक उष्णकटिबंधीय बीमारी माना जाता था क्योंकि यह केवल अफ्रीका, एशिया और भारत में देखी गई थी। हालांकि 2007 के बाद इटली, फ्रांस, क्रोएशिया और कैरेबियाई द्वीपों में भी इस बिमारी का आगमन हुआ है।

2005 के बाद से भारत, इंडोनेशिया, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड में 1.9 मिलियन से अधिक लोग चिकनगुनिया के चपेट में आये हैं। पूरी दुनिया में 60 से अधिक देशों ने अपनी सीमाओं में चिकनगुनिया के वायरस के मामलों की पहचान की है।

  1. चिकनगुनिया के लक्षण - Chikungunya Symptoms in Hindi
  2. चिकनगुनिया के कारण - Chikungunya Causes in Hindi
  3. चिकनगुनिया से बचाव - Prevention of Chikungunya in Hindi
  4. चिकनगुनिया का परीक्षण - Diagnosis of Chikungunya in Hindi
  5. चिकनगुनिया का इलाज - Chikungunya Treatment in Hindi
  6. चिकनगुनिया के जोखिम और जटिलताएं - Chikungunya Risks & Complications in Hindi
  7. चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  8. चिकनगुनिया में क्या खाना चाहिए, क्या न खाएं और परहेज
  9. चिकनगुनिया के लिए क्या करना चाहिए
  10. चिकनगुनिया के घरेलू उपाय
  11. चिकनगुनिया की दवा - Medicines for Chikungunya in Hindi
  12. चिकनगुनिया की दवा - OTC Medicines for Chikungunya in Hindi
  13. चिकनगुनिया के डॉक्टर

चिकनगुनिया के लक्षण - Chikungunya Symptoms in Hindi

चिकनगुनिया की विशेषता अचानक बुखार की शुरुआत होती है जो अक्सर जोड़ो के दर्द के साथ होता है। जोड़ों का दर्द अक्सर बहुत कमजोर करने वाला होता है, लेकिन आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता है या कई सप्ताह तक भी चल सकता है। चिकिनगुन्या के अन्य आम लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, मतली, थकान और लाल चकत्ते शामिल हैं। इसलिए वायरस तीव्र, अल्प या लम्बे समय तक बीमारी का कारण बन सकता है।

ज्यादातर रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को जोड़ों का दर्द कई महीनों या वर्षों तक रह सकता है। कभी-कभी आँखें, न्यूरोलॉजिकल, हृदय संबंधी और साथ ही जठरांत्र (gastrointestinal ) संबंधी समस्याएं भी होती है। यह बीमारी विशेष रूप से बुजुर्ग और युवा किसी के द्वारा अनुबंधित हो तो रोग अधिक गंभीर होता है। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप या मधुमेह है, उन लोगों के लिए यह बीमारी बहुत अधिक गंभीर समस्या पैदा कर देती है। यदि किसी व्यक्ति को संक्रमण से पहले गठिया रोग या जोड़ो के दर्द की समस्या है तो इस रोग से संक्रमित होने पर दर्द और अधिक बढ़ सकता है और आपकी स्तिथि और खराब हो सकती है। इन रोगियों में गठिया रोग सम्बन्धित प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है। बुजुर्ग लोगों में यह बीमारी होने से उनकी मौत भी हो सकती है। अक्सर चिकिनगुन्या से संक्रमित व्यक्तियों में लक्षण हल्के होते हैं या संक्रमण की ठीक से पहचान नहीं हो पाती है या फिर चिकिनगुन्या के लक्षणों को डेंगू के लक्षण समझने की गलती भी हो जाती है।

खासकर यदि आप हाल ही में एक ऐसे क्षेत्र की यात्रा कर के आएं हैं जहां चिकनगुनिया का प्रकोप था और आपको लगता है कि आप या आपके परिवार के सदस्य को चिकनगुनिया हो सकता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें। चिकनगुनिया या इसी तरह की बीमारियों को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट कर सकते हैँ। यदि आप चिकनगुनिया से बीमार हैं तो नए मच्छर के काटने से बचें ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।

चिकनगुनिया के कारण - Chikungunya Causes in Hindi

चिकनगुनिया वायरस एक संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। जब कोई व्यक्ति चिकनगुनिया वायरस से संक्रमित हो और उसे मच्छर काट ले तो वो मच्छर भी इस वायरस से संक्रमित हो जाता है। इन मच्छरों में सबसे अधिक एडीज एजिप्टी मच्छर (Aedes aegypti) और एडीज एलबोपिकटस मच्छर (Aedes albopictus) शामिल हैं। ये मच्छर दिन के उजाले में काटते हैं, हालांकि सुबह और देर दोपहर में ज़्यादा काटते हैं। दोनों प्रजातियां घर के बाहर काटती हैं लेकिन एडीज एजिप्टी मच्छर घर के भीतर भी काटते हैं। एडीज प्रजाति के मच्छर रूके हुए पानी जैसे पानी के कंटेनर, टैंक, छोड़े गए पदार्थ जैसे बाल्टी, बर्तन, टायर, फूल दान आदि में प्रजनन करते हैं।

चिकनगुनिया का वायरस जीनस अल्फावायरस (genus alphavirus) का एक गर्म संवेदनशील राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल (RNA) वायरस है और और टोगवीरिडे (Togaviridae) परिवार का सदस्य है। इसे एक जगह से दूसरी जगह फैलने के लिए किसी एजेंट की आवश्यकता होती है। मतलब यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान तक नहीं फैलता है। यह आमतौर पर तब फैलता है जब कोई मच्छर एक संक्रमित व्यक्ति को काटकर बाद में एक गैर संक्रमित व्यक्ति को काट लेता है। तब वह उस गैर संक्रमित व्यक्ति में वायरस को छोड़ देता है जिसके कारण दूसरा व्यक्ति भी इस वायरस से संक्रमित हो जाता है।

संक्रमण से बीमारी का समय 2-12 दिन हो सकता है लेकिन आम तौर पर यह बीमारी 3-7 दिन रहती है। कभी कभी चिकनगुनिया का संक्रमण हमारे शरीर में होता है पर उसके लक्षण नहीं दिखते हैं।

चिकनगुनिया बंदरों को भी प्रभावित करता है। अफ्रीका में इसके वायरस के फैलने का प्रमुख कारण बन्दर ही हैं।

चिकनगुनिया से बचाव - Prevention of Chikungunya in Hindi

  1. मच्छरों के काटने से खुद को बचाएँ।
  2. मच्छरों को बाहर रखने के लिए एयर कंडीशनिंग या विंडो / डोर स्क्रीन का उपयोग करें यदि आप अपने घर के अंदर मच्छरों से खुद को बचाने में सक्षम नहीं हैं, तो मच्छर-दानी के नीचे सोएं।
  3. अपने घर के बाहर कंटेनरों, गमलों, बाल्टियों, गड्ढों आदि में रुके/ जमे हुए पानी को खाली करके मच्छरों को पनपने से रोकें।
  4. पूरी बाहों वाले कपडे डालें। हो सके तो पूरे शरीर को ढकने वाले कपडे पहनें।
  5. कीट रेपेल्लेंट्स (insect repellents) का उपयोग करें DEET, picaridin, IR3535, और नीलगिरी तेल या पैरा-मेंथेन-डायोल (para-menthane-diol) वाले रोधक दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  6. यदि आप दोनों सनस्क्रीन और कीट से बचाने वाली क्रीम का उपयोग करते हैं, तो सनस्क्रीन को पहले लगाएं और उसके बाद कीट से बचाने वाली क्रीम का उपयोग करें।
  7. खिड़की के निकट तुलसी का पौधा रखने से मच्छरों को दूर रखने में मदद मिलती है।
  8. अपने आप को हाइड्रेटेड रखें।
  9.  कमरे में कपूर जलाने से भी मच्छर दूर रहते हैं।

चिकनगुनिया का परीक्षण - Diagnosis of Chikungunya in Hindi

 चिकनगुनिया का निदान निम्नलिखित परीक्षणों द्वारा किया जा सकता हैपरीक्ष?

  1. RT-PCR: RT-PCR (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction; रिवर्स ट्रांस्क्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) चिकनगुनिया के जीनों (genes) को अधिक स्पष्टता से दर्शाता है और चिकनगुनिया का होना प्रमाणित करता है। इसका परिणाम 1-2 दिनों में प्राप्त किया जा सकता है।
  2. इम्मुनोफ्लुओरेसेन्स ऐसेस (Immunofluorescence assays) - इम्मुनोफ्लुओरेसेन्स ऐसेस संवेदनशील और विशिष्ट हैं, लेकिन इन में एंटीबॉडी मात्रा निर्धारित करने की क्षमता कम है| यह आत्मगत हैं, और  इनके लिए विशेष उपकरणों और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है|

  3. पी.आर.एन.टी. - प्लाक कम करने के निष्कर्ष परीक्षण (पी.आर.एन.टी.) बहुत उपयोगी हैं क्योंकि वे अल्फावायरस के लिए विशिष्ट हैं और सीरोलजिक परीक्षण परिणामों के प्रमाणीकरण के लिए स्वर्ण-मान हैं|

  4. हेमग्ग्लूटिनेशन बाधा परीक्षण (Haemagglutination-inhibition tests)- रोग का निदान करने का एक अन्य तरीका काइनेटिक हेमग्ग्लुटीनेशन-निषेध परीक्षणों द्वारा चिकनगुनिया के स्ट्रेन को अलग करके है।  अगर बुखार और जोड़ों में दर्द हो तो, इस टेस्ट का इस्तेमाल चिकनगुनया की पुष्टि के लिए किया जाता है | यह टेस्ट संक्रमण के 5 से 8 दिनों के भीतर परिणाम दे देता है। 

चिकनगुनिया का इलाज - Chikungunya Treatment in Hindi

चिकनगुनिया वायरस को रोकने के लिए कोई दवा या टीका नहीं है।

  1. बुखार और दर्द को कम करने के लिए acetaminophen (Tylenol) या पेरासिटामोल (paracetamol) जैसे दवा लें
  2. एस्पिरिन और अन्य नॉन-स्टेरॉइडल एंटी- इन्फ्लैमटरी (non-steroidal anti-inflammatory drugs (NSAIDS) दवाएं न लें, जब तक की ये न पता चले की आपको डेंगू नहीं है वर्ना रक्तस्त्राव का खतरा हो सकता है।
  3. यदि आप किसी अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के लिए दवा ले रहे हैं, तो अतिरिक्त दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें।
  4. यदि आपको चिकनगुनिया है, तो बीमारी के पहले सप्ताह मच्छर के काटने से बचें।
  5. कम से कम 7 दिनों के लिए आराम करें (बेड रेस्ट)।
  6. कम से कम 5 लीटर पानी प्रति दिन पिएं। ओआरएस (पाउच या नींबू का रस, चीनी और एक चुटकी नमक प्रति लीटर पानी में घोल कर पिएं।)
  7. शरीर के तापमान सामान्य हो जाने के बाद भी कम से कम 7 दिनों के आराम की आवश्यकता होती है, और उचित उपचार के साथ सामान्य तापमान पाने के लिए केवल 3 दिन लगते हैं।
  8. सूती कपड़े पहनें।
  9. अधिक दूध और चीनी के साथ कम पत्ती वाली चाय पिएं, सूप पिएं, रूहफ्ज़ा को 1: 4 के अनुपात में पानी और पतले टोंड दूध में बनाकर पिएं  (मतलब एक गिलास दूध और 4 गिलास पानी को रूहफ्ज़ा के साथ मिलाएं)।

चिकनगुनिया का टीका (वैक्सीन):

वर्तमान में, इसका कोई टीका या एंटीवायरल उपचार नहीं है| सामान्य तौर पर, रोग थोड़े समय बाद ठीक हो जाता है| इससे मृत्यु होने की संभावना बहुत कम है| दवाएँ कारणों के बजाय लक्षणों से राहत देने पर केंद्रित हैं| राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एन.आई.एच.), वर्तमान में एक चिकनगुनिया के टीके के चरण 2 क्लिनिकल परीक्षण का निधिकरण कर रहे हैं। वैक्सीन में निष्क्रिय या कमजोर वायरस के बजाय, वायरस-लाइक पार्टिकल्स (वी.एल.पी.) होते हैं।

वी.एल.पी. आधारित टीके प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (immune response) को  नैचुरली अक्वायर्ड इम्युनिटी  की तरह उकसाते हैं। हालांकि, वी.एल.पी. सांक्रमक नहीं हैं और प्रतिकृति नहीं बनाते। चूंकि पूरे वायरस को वी.एल.पी. टीकों का उत्पादन करने के लिए उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए उन्हें उच्च स्तरीय जैवसंसाधन सुविधा में तैयार करने की आवश्यकता नहीं हैं।

चिकनगुनिया के जोखिम और जटिलताएं - Chikungunya Risks & Complications in Hindi

चिकनगुनिया से होने वाली अन्य बिमारियां?

चिकनगुनिया अगर बढ़ जाए तो उससे और परेशानियाँ होने की संभावना होती है – ध्यान रहे कि ऐसा ज़रूरी नहीं है कि इनमें से कोई भी हो ही। अगर आपको इनमें से किसी भी बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें - 

1. उवेइटिस (Uveitis) - आँख में, रेटिना की अंदरूनी परत और स्क्लेरा और कॉर्निया की बाहरी रेशेदार परत के बीच सूजन

2. रेटिनाइटिस (Retinitis) - रेटिना की सूजन

3. मायोकार्डिटिस (myocarditis) - दिल की मांसपेशियों की सूजन

4. हेपेटाइटिस (hepatitis) - जिगर की सूजन

5. नेफ्रैटिस (nephritis) - गुर्दे की सूजन

6. रक्तस्राव/हेमरेज (hemorrhage) - खून बहना

7. मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (meningoencephalitis) - मस्तिष्क की झिल्ली (मेम्ब्रेन) और आस-पास के सेरेब्रल टिशू की सूजन।

8. मैलाइटिस (myelitis) - रीढ़ की हड्डी की सूजन।

9. गुइलेन-बैर सिंड्रोम (Guillain-Barré syndrome )- मांसपेशियों की कमजोरी के कारण दुर्लभ परिधीय तंत्रिका तंत्र (peripheral nervous system) रोग।

10. क्रैनिअल नर्व पाल्सी (cranial nerve palsy)- कपाल नसों में क्रियाशीलता का नुकसान।

Dr. Neha Gupta

Dr. Neha Gupta

संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

Dr. Lalit Shishara

संक्रामक रोग

चिकनगुनिया की दवा - Medicines for Chikungunya in Hindi

चिकनगुनिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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चिकनगुनिया की दवा - OTC medicines for Chikungunya in Hindi

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References

  1. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Chikungunya.
  2. J. Erin Staples, Susan L. Hills, Ann M. Powers. Infectious Diseases Related to Travel. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services.
  3. Public Health England [Internet]; Published 25 April 2014: Chikungunya. Government of United Kingdom
  4. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Chikungunya Virus
  5. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Guidelines on Clinical Management of Chikungunya Fever Guidelines on Clinical Management of Chikungunya ; October 2008
  6. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Chikungunya virus
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