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नाक की हड्डी टेढ़ी होना क्या है?

नाक की हड्डी टेढ़ी तब होती है जब नाक की दोनों नलियों (जिसे हिन्दी में नासा मार्ग कहा जाता है) के बीच की दीवार (Nasal septum) नाक के बीच में होने की बजाए एक तरफ खिसक जाती है। ज्यादातर लोगों में नाक की हड्डी टेढ़ी होने से उनकी नाक की एक नली दूसरी से छोटी पड़ जाती है। 

यदि नाक की हड्डी गंभीर रूप से टेढ़ी हो गई है तो यह नाक की एक तरफ को बंद कर देती है जिससे नाक में कम हवा पहुंच पाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। कुछ लोगों में नाक की हड्डी टेढ़ी होने से से नाक की नलियों के अंदरूनी हिस्से सूखने लगते है जिससे नाक के अंदर पपड़ी जमना या नाक से खून बहना जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

नाक की हड्डी टेढ़ी होने से नाक की बीच वाली दीवार के ऊतकों में सूजन आ सकती है जिससे नाक की एक तरफ या दोनों  तरफ की नलियां रुक सकती हैं। नाक की रुकावट के इलाज में सूजन कम करने के लिए दवाएं और नाक की नलियों को खोलने के लिए नेजल डायलेटर्स (Nasal dilators) आदि शामिल हैं। लेकिन नाक की टेढ़ी हड्डी का इलाज करने के लिए सर्जरी आवश्यक होती है।

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  1. नाक की हड्डी टेढ़ी होने के लक्षण - Nasal Septum Deviation Symptoms in Hindi
  2. नाक की हड्डी टेढ़ी होने के कारण और जोखिम कारक - Nasal Septum Deviation Causes and Risk Factors in Hindi
  3. नाक की हड्डी टेढ़ी होने के बचाव - Prevention of Nasal Septum Deviation in Hindi
  4. नाक की हड्डी टेढ़ी होने का परीक्षण - Diagnosis of Nasal Septum Deviation in Hindi
  5. नाक की हड्डी टेढ़ी होने का इलाज - Nasal Septum Deviation Treatment in Hindi
  6. नाक की हड्डी टेढ़ी होने की जटिलताएं - Nasal Septum Deviation Complications in Hindi
  7. नाक की हड्डी टेढ़ी होना के डॉक्टर

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के लक्षण - Nasal Septum Deviation Symptoms in Hindi

नाक की हड्डी टेढ़ी होने पर कौन से लक्षण विकसित हो सकते?

नाक की हड्डी संबंधी ज्यादातर विकृतियों से किसी प्रकार के लक्षण पैदा नहीं होते और आपको यहां तक भी पता नहीं लग पाता है कि आपकी नाक की हड्डी टेढ़ी है। हालांकि नाक की टेढ़ी हड्डी के कुछ मामले निम्न संकेत व लक्षण पैदा कर सकते हैं:

  • किसी एक विशेष साइड में सोने की प्राथमिकता देना - कुछ लोग सोते समय नाक से सांस लेने की स्थिति को सुधारने के लिए विशेष रूप से किसी एक तरफ मुंह कर सोना पसंद करते हैं। उनमें यह स्थिति नाक की हड्डी टेढ़ी होने का कारण हो सकती है।
  • नाक के एक या दोनों तरफ की नलियां रुक जाना - नाक की एक या दोनों नलियों के रुक जाने से सांस लेने  में तकलीफ पैदा होने लगती है। यह स्थिति और अधिक स्पष्ट रूप से महसूस होने लगती है जब आपको जुकाम (ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण) या नाक की नली में सूजन व सिकुड़न पैदा करने वाले एलर्जिक रिएक्शन हो जाते हैं। (और पढ़ें - जुकाम के घरेलू उपाय)
  • नाक से खून आना - इसमें आपकी नाक की नलियों की सतह सूखने लग जाती हैं जिससे नाक से खून आने के जोखिम बढ़ जाते हैं।
  • नेजल साइकिल की जानकारी - नाक की वैकल्पिक रूप से एक साइड बंद होना और फिर कुछ समय बाद बदल कर दूसरी साइड रुक जाना सामान्य होता है, इसे नेजल साइकिल कहा जाता है। नेजल साइकिल एक सामान्य घटना होती है, लेकिन नेजल साइकिल के बारे में पता होना असामान्य होता है और यह असामान्य रूप से नाक में अवरोध होने का संकेत भी हो सकता है।
  • चेहरे का दर्द - वैसे तो नाक संबंधी स्थितियों के संभावित कारणों में चेहरे का दर्द होना काफी तर्क पूर्ण हो सकता है। लेकिन एक गंभीर रूप से टेढ़ी हुई नाक की हड्डी नाक की अंदरूनी बीच वाली दीवार को प्रभावित कर सकती है। जिस तरफ से नाक का हिस्सा प्रभावित है उसी तरफ चेहरे में दर्द होने की स्थिति को कभी-कभी एक संभावित कारण माना जाता है।
  • सोते समय सांस लेने के दौरान आवाजें आना - यह स्थिति अक्सर शिशुओं व छोटे बच्चों को होती है। जब उनकी नाक की हड्डी टेढ़ी होती है या जब उनकी नाक के अंदरूनी ऊतकों में सूजन आ जाती है तो सोते समय उनके सांस लेने के साथ आवाजें आने लगती हैं। 

(और पढ़ें - सूजन कम करने के नुस्खे)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको निम्न समस्याएं महसूस हो रही हैं तो डॉक्टर को दिखाएं:

  • एक या दोनो नथुने (Nostril) ब्लॉक हो जाना जो इलाज पर प्रतिक्रिया ना दें।
  • बार-बार नाक से खून आना
  • बार-बार साइनस में संक्रमण होना

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नाक की हड्डी टेढ़ी होने के कारण और जोखिम कारक - Nasal Septum Deviation Causes and Risk Factors in Hindi

नाक की हड्डी टेढ़ी क्यों हो जाती है?

वायुमार्गों को दो भागों में बांटने वाली नाक के बीच की दीवार जिसे नेजल सेप्टम कहा जाता है, जब वह बीच में ना होकर नाक के एक तरफ आ जाती है तो यह स्थिति पैदा होती है। 

नाक की हड्डी टेढ़ी निम्न कारणों से हो सकती है:

  • जन्म से ही मिली कोई स्थिति - कुछ मामलों में भूण विकसित होने के दौरान भी नाक की हड्डी टेढ़ी हो सकती है जो बच्चे का जन्म होने के बाद दिखाई देती है। (और पढ़ें - टेस्ट ट्यूब बेबी क्या है)
  • नाक पर चोट लगना - नाक पर किसी प्रकार की चोट लगना जो नाक के बीच की दीवार को दूसरी तरफ धकेल देती है उसके परिणाम से भी नाक की हड्डी टेढ़ी हो सकती है। शिशुओं में ऐसी चोटें जन्म लेने के दौरान भी लग सकती है। बच्चों व वयस्कों में ऐसी बहुत सारी दुर्घटनाएं हो सकती हैं जो नाक में चोट लगने व नाक की हड्डी को टेढ़ी करने का कारण बन सकती हैं, जैसे चलने के दौरान पैर फिसल कर नाक के बल गिरना या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ टक्कर लगना आदि इसके उदाहरण हो सकते हैं। नाक पर चोट लगने की संभावनाएं ज्यादातर स्पोर्ट्स व खेलों में भाग लेने और बाइक और कार आदि वाहन चलाने से बढ़ती है।

(और पढ़ें - नाक की हड्डी बढ़ने का इलाज)

सामान्य रूप से  उम्र बढ़ना भी नाक की संरचना को प्रभावित कर सकती है और समय के साथ-साथ नाक की टेढ़ी हुई हड्डी को और बदतर बना सकती है। इसके अलावा राइनाइटिस (Rhinitis) या राइनो साइनसाइटिस (Rhinosinusitis) विकसित होने के कारण नाक के अंदरूनी मांस में सूजन आ सकती है जिससे नाक की नलियां रुकने लगती हैं।

नाक की हड्डी टेढ़ी होने का खतरा कब बढ़ जाता है?

कुछ लोगों में बचपन से ही नाक की हड्डी टेढ़ी होती है, जो भ्रूण विकसित होने के दौरान या शिशु के जन्म लेने के दौरान चोट लगने से हो जाती है। जन्म के बाद नाक की हड्डी टेढ़ी होने की ज्यादातर संभावना चोट आदि लगने से ही होती है जो नाक की हड्डी को उसकी जगह से धकेल कर हिला देती है। (और पढ़ें - चेहरे पर सूजन का इलाज)

इसके जोखिम कारकों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • कुछ विशेष प्रकार के खेलों में भाग लेना जैसे कुश्ती, फुटबॉल और वॉलीबॉल (जिनमें शारीरिक स्पर्श होता हो) 
  • वाहन चलाने या उसमें सफर करने के दौरान सीट बेल्ट का उपयोग ना करना

(और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज)

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के बचाव - Prevention of Nasal Septum Deviation in Hindi

नाक की हड्डी टेढ़ी होने से बचाव कैसे करें? 

आप कुछ सावधानियां बरत कर नाक को ऐसी चोट लगने से  बचा सकते हैं जो आपकी नाक की हड्डी को टेढ़ा कर सकती हैं:

  • हैलमेट पहनना - फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में भाग लेने के दौरान हैलमेट या मिडफेस मास्क पहनना
  • सीट बेल्ट पहनना - किसी वाहन को चलाते या उसमें सफर करते समय सीट बेल्ट पहनना

(और पढ़ें - हड्डी के संक्रमण का इलाज)

नाक की हड्डी टेढ़ी होने का परीक्षण - Diagnosis of Nasal Septum Deviation in Hindi

नाक की हड्डी टेढ़ी होने की स्थिति का परीक्षण कैसे किया जाता है?

परीक्षण के दौरान डॉक्टर सबसे पहले लक्षणों के बारे में पूछेंगे।

नाक के अंदरूनी हिस्से की जांच करने के लिए डॉक्टर एक टॉर्च या रौशनी का इस्तेमाल कर सकते हैं या नासिका (नाक के द्वार) को खोलने वाले एक उपकरण (नेजल स्पेक्युलम) का इस्तेमाल कर सकते हैं यह एक ऐसा उपकरण होता है जिसको नाक के द्वार खोलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कभी-कभी डॉक्टर एक रौशनी वाले स्कोप की मदद से नाक की नली की गहराई तक जांच करते हैं। डॉक्टर डिकंजेस्टेन्ट स्प्रे लगाने से पहले और बाद में नाक के अंदरूनी मांस की जांच भी करते हैं। (और पढ़ें - मैमोग्राफी क्या है)

आपके परीक्षण के आधार पर डॉक्टर नाक की टेढ़ी हुई हड्डी का पता लगाते हैं और इस स्थिति की गंभीरता को  निर्धारित करते हैं। (और पढ़ें - क्रिएटिनिन टेस्ट क्या होता है)

यदि आपके डॉक्टर ओटोलरैंगोलोजिस्ट (कान, नाक और गले के विशेषज्ञ) नहीं हैं और इलाज करना आवश्यक है तो डॉक्टर आपको आगे के उपचार व अन्य परीक्षणों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास रेफर कर सकते हैं।

(और पढ़ें - बायोप्सी क्या है)

नाक की हड्डी टेढ़ी होने का इलाज - Nasal Septum Deviation Treatment in Hindi

नाक टेढ़ी होने की स्थिति का इलाज कैसे किया जाता है?

लक्षणों को नियंत्रित करना:

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के शुरूआती इलाज में नाक की अंदरूनी परत की त्वचा के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। क्योंकि ये लक्षण नाक बंद होने या नाक बहने जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। डॉक्टर आपके लिए निम्न दवाओं को  लिख सकते हैं:

  • डिकंजेस्टेन्ट: ये दवाएं नाक के अंदर की सूजन  को कम कर देती है जिससे नाक की नलियों को खुलने में मदद मिलती है। डिकंजेस्टेन्ट दवाएं टेबलेट और नाक में डालने के स्प्रे (नेजल स्प्रे) के रूप में मिल जाती हैं। हालांकि नेजल स्प्रे को हमेशा सावधानी से उपयोग करना चाहिए। क्योंकि नेजल स्प्रे का बार-बार या लगातार इस्तेमाल करने से उसकी आदत पड़ जाती है या उसको इस्तेमाल करना बंद कर देने के बाद लक्षण और बदतर हो जाते हैं। डिकंजेस्टेन्ट दवाओं में उत्तेजक होते हैं जो आपको चिड़चिड़ा बना सकते हैं और साथ ही साथ आपके ब्लड प्रेशर को हाई कर सकते हैं और दिल की धड़कनों को तेज कर देते हैं। (और पढ़ें - हाई बीपी का इलाज)
  • एंटीहिस्टामिन - ये एलर्जी के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं जिनमें बंद नाक और नाक बहना जैसे लक्षण भी शामिल हैं। ये दवाएं कभी-कभी जुकाम के साथ होने वाली गैर-एलर्जिक स्थितियों का इलाज करने में भी मदद करती हैं। कुछ एंटीहिस्टामिन दवाएं तंद्रा (नींद की हल्की झपकियां आना) पैदा कर देती हैं, जिससे आपके कुछ ऐसे कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है जिसमें आपको शारीरिक तालमेल की आवश्यकता है जैसे ड्राइविंग करना आदि। (और पढ़ें - जुकाम का इलाज)
  • नेजल स्टेरॉयड स्प्रे - डॉक्टर द्वारा लिखे गए कुछ प्रकार के नेजल स्प्रे नाक की नलियों में सूजन व जलन आदि को कम कर देते हैं। स्टेरॉयड स्प्रे आमतौर पर अपने अधिकतम प्रभाव तक पहुंचने के लिए एक से तीन सप्ताह तक लेता है, इसलिए  इनका उपयोग करने  के लिए अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। (और पढ़ें - गर्भावस्था में सूजन का इलाज)

दवाएं सिर्फ श्लेष्म झिल्ली (Mucus membranes) में सूजन और लालिमा का ही इलाज करती है नाक की टेढ़ी हुई हड्डी को ठीक नहीं  कर पाती हैं।

सर्जिकल मरम्मत (Septoplasty):

यदि मेडिकल थेरेपी होने के बावजूद भी आपको लक्षण महसूस हो रहे हैं तो नाक की टेढ़ी हड्डी को ठीक करने के लिए सर्जरी करने पर विचार किया जा सकता है, इस सर्जिकल प्रक्रिया को सेप्टोप्लास्टी कहा जाता है।

(और पढ़ें - थेरेपी के प्रकार)

सेप्टोप्लास्टी, नाक की टेढ़ी हड्डी की मरम्मत करने का एक सामान्य तरीका है। सेप्टोप्लास्टी के दौरान आपकी नाक की हड्डी को नाक के मध्य में और सीधा किया जाता है। इस प्रक्रिया में सर्जरी करने वाले डॉक्टरों (सर्जन) को नाक की हड्डी के टेढ़े भाग को काट कर सही दिशा और सही जगह पर लगाने की आवश्यकता पड़ती है। 

सर्जरी से नाक की हड्डी के टेढ़ेपन में होने वाला सुधार उसके टेढ़ेपन की गंभीरता पर निर्भर करता है। नाक की हड्डी टेढ़ी होने से पैदा होने वाले लक्षण विशेष रूप से नाक की नलियां बंद होना आदि को पूरी तरह से ठीक कर दिया जाता है। हालांकि इसके साथ में होने वाली अन्य एलर्जी जैसे समस्याएं जो नलियों की अंदरूनी परत को प्रभावित करती है उनका इलाज सिर्फ सर्जरी की मदद से नहीं किया जा सकता। (और पढ़ें - सर्जरी से पहले की तैयारी)

नाक को फिर से आकार देना:

कुछ मामलों में नाक को आकार देने वाली सर्जरी जिसे राइनोप्लास्टी (Rhinoplasty) कहा जाता है उसे सेप्टोप्लास्टी सर्जरी के साथ ही किया जाता है। राइनोप्लास्टी में नाक की आकृति और आकार को सुधारने के लिए नाक की हड्डी और कार्टिलेज (मजबूत और कठोर मगर लचीले ऊतक) को रूपांतरित किया जाता है। 

 

नाक की हड्डी टेढ़ी होने की जटिलताएं - Nasal Septum Deviation Complications in Hindi

नाक की हड्डी टेढ़ी होने पर कौन सी समस्याएं हो सकती है?

यदि आपकी नाक की हड्डी गंभीर रूप से टेढ़ी हो गई है जो नाक की नलियों में रुकावट पैदा कर रही है तो उससे निम्न जटिलताएं विकसित हो सकती है:

  • मुंह सूखना - नाक की नलियां बंद होने के कारण लंबे समय से मुंह द्वारा सांस लेने से मुंह सूखना शुरू हो जाता है।
  • दबाव महसूस होना - नाक की हड्डी टेढ़ी होने नाक बंद होना या नाक में दबाव महसूस होने लगता है। (और पढ़ें - बंद नाक खोलने के उपाय)
  • ठीक से नींद ना ले पाना - ठीक से सांस ना लेने के कारण या अन्य परेशानियां व तकलीफें महसूस होने के कारण रात के समय ठीक से ना सो पाना और बार-बार नींद खुल जाना।

 (और पढ़ें - नींद की कमी का इलाज)

Dr. K. K. Handa

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

Dr. Aru Chhabra Handa

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Dr. Yogesh Parmar

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