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सड़क पर चलते हुए अचानक आपके टखने में मोच आ सकती है या भारी बैग उठाने की कोशिश करते हुए आपके हाथ को चोट लग सकती है। चोटों के इस तरह के उदाहरण बहुत हैं। हर तरह की सावधानियों के बावजूद चोट लगना बहुत आम है। बहुत बार, चोट वाली जगह पर अचानक दर्द और काफी तेजी से सूजन आ जाती है। सूजन शरीर को लगने वाली चोट की प्रतिक्रिया होती है और इसका सुरक्षात्मक मूल्य है। हालांकि, जब सूजन अत्यधिक होती है तो यह दर्द में बदल सकती है और अन्य जटिलताओं को जन्म देती है। आप तत्काल उपचार शुरू करके अत्यधिक सूजन को रोक सकते हैं।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

चोट के कारण सूजन को रोकने या कम करने के लिए कई प्राकृतिक उपचार का इस्तेमाल किया जा सकता है। चोट से सूजन के उपचार के लिए आप निम्न उपायों मे से आपके लिए जो बेहतर हो उस उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - पैरों में सूजन के घेरलू उपाय)

  1. चोट की सूजन का इलाज करें बर्फ से सिकाई द्वारा - Cold Compress for Swelling in Hindi
  2. सूजन का घरेलू उपचार शरीर के सूजन से प्रभावित भाग को ऊँचा उठाना - Elevation for Swelling in Hindi
  3. चोट की सूजन का इलाज संपीड़न चिकित्सा से - Compression for Swelling in Hindi
  4. चोट लगने पर सूजन वाले अंग को दें आराम - Rest the Affected Area in Hindi
  5. सूजन का घरेलू उपचार हैं गुणकारी सेंधा नमक - Epsom Salt Soak for Swelling in Hindi
  6. सूजन का इलाज करें सेब का सिरका - Apple Cider Vinegar for Swelling in Hindi
  7. चोट लगने पर सूजन वाले अंग पर करें गर्म तेल से मालिश - Warm Oil Massage for Swelling in Hindi
  8. चोट की सूजन का इलाज हल्दी पाउडर और नारियल तेल का पेस्ट - Turmeric for Swelling in Hindi
  9. सूजन का घरेलू उपचार हैं अदरक की चाय - Ginger for Swelling in Hindi
  10. चोट लगने पर सूजन वाले अंग पर करें अर्निका तेल से मालिश - Arnica for Swelling in Hindi
  11. इन बातों का भी रखें ध्यान

तीव्र चोट के बाद पहले 72 घंटों में, सूजन को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है शीत संकुचन का प्रयोग करना। ठंडा तापमान तंत्रिकाओं पर एक सुन्न प्रभाव डालता है, जो बदले में सूजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एक पतली तौलिया में कुछ बर्फ के टुकड़े लपेटें तथा प्रभावित स्थान पर 10 मिनट के लिए इस पैक को रखें। हर 3 से 4 घंटे में यह विधि दोहराएं। बर्फ के टुकड़ो की बजाय, आप मटर के एक जमे हुए बैग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं ताकि एक ठंडा संपीड़न हो।

नोट: बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं, क्योंकि यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है या यहां तक ​​कि शीतदंश (फ्रॉस्टबाइट) का कारण भी हो सकती है। इसके अलावा, पुरानी चोटों के लिए बर्फ उपयुक्त उपचार विकल्प नहीं है।

चोटों के कारण शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन को बढ़ावा देने के पीछे कमजोर रक्त परिसंचरण प्रमुख कारणों में से एक है। प्रभावित क्षेत्र जैसे हाथ, उंगली, टखने या पैर को अपने छाती के स्तर से ऊपर उठाने से सूजन कम करने में बहुत मदद मिल सकती है। ऊंचाई से रक्त परिसंचरण में सुधार होता है, जो बदले में सूजन, जलन और दर्द जैसी असुविधाओं से राहत प्रदान करता हैं। ऊँचाई अपशिष्ट उत्पादों के उन्मूलन की सुविधा भी देती हैं और उपचार प्रक्रिया को भी गति देती है।

यदि आपका हाथ या उंगलियां सूजी हुई हैं, तो आप एक सोफे पर बैठकर कुछ तकियों को अपने हाथों के निचे रखें और हाथों को उन पर आराम की स्थिति में रहने दें। सोते समय हाथ या पैर को ऊंचा रखने के लिए प्रभावित अंग के निचे कुछ तकिये डाल दीजिए। यदि आवश्यक हो, तो अपना हाथ या पैर ऊंचा रखने के लिए एक गोफन का उपयोग करें।

घायल इलाके को संपीड़ित करना सूजन को कम करने का एक और प्रभावी तरीका है। यह स्थिरता प्रदान करता है और द्रव को प्रभावित क्षेत्र में जमा होने से रोकता है, जो बदले में दर्द व सूजन को कम करने में सहायक होता है।

संपीड़न करने के लिए, ACE पट्टी या दुकान से ऐसी ही लोचदार पट्टी लायें। प्रभावित क्षेत्र के आसपास दबाव का उपयोग करके पट्टी लपेटें। सूजन कम होने तक दिन के दौरान पट्टी को रखें। सोने से पहले पट्टी को निकालें। नोट: पट्टी को कसकर न लपेटें क्योंकि यह उचित परिसंचरण में बाधा डाल सकता है।

चोट से सूजन में त्वरित कमी सुनिश्चित करने के लिए, आपको पहले 24 से 72 घंटों तक चोटिल अंग को जितना संभव हो सके आराम दें। नरम ऊत्तकों की क्षति के मरम्मत कार्य के लिए उचित आराम महत्वपूर्ण घटक है, जो आमतौर पर मामूली चोटों के साथ होता है। दूसरी ओर, लगातार तनाव अधिक सूजन, दर्द और इलाज के समय में देरी का कारण होगा।

यदि आपके पैर या टखने में चोट हैं, तो बैसाखी का उपयोग करके सूजन क्षेत्र से दबाव कम करने पर विचार करें। यदि आपका हाथ चोटिल हैं, तो कार्य करने के लिए दूसरे हाथ का उपयोग करें या दूसरों से सहायता ले लें।

चोट के बाद सूजन और दर्द को कम करने की बात आती है तो सेंधा नमक बहुत मददगार है। मैग्नीशियम सल्फेट से बना होने के कारण, सेंधा नमक रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है और तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम देता है। चोट लगने के 48 घंटे बाद आप सेंधे नमक का उपयोग शुरू कर सकते हैं।

गर्म पानी से भरें एक छोटे टब में सेंधे नमक के 2 बड़े चम्मच मिलाएं। प्रभावित क्षेत्र जैसे पैर या हाथ को 10 से 15 मिनट के लिए टब में डुबो कर रखें। यह प्रक्रिया सप्ताह में 3 बार दोबारा दोहराएं। पैर या कंधे जैसे चोटिल बड़े अंगो के लिए, आप एक सेंधा नमक वाले बाथ टब में बैठ सकते हैं। गर्म पानी से भरें अपने बाथ टब में आधा कप सेंधा नमक मिलाएं। सप्ताह में दो बार अपने शरीर को 15 मिनट के लिए इस तरह डुबोयें। (और पढ़े - सेंधा नमक के फायदे और नुकसान)

सेब का सिरका सूजन को कम करने के लिए एक अच्छा घरेलु उपाय है। इसमें सूजन कम करने वाले और क्षारीय गुण होते हैं जो दर्द एवं सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा पोटेशियम, कैल्शियम और अन्य आवश्यक खनिजों से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है।

कच्चे, अनफ़िल्टर्ड सेब के सिरका और पानी को बराबर मात्रा में मिलाएं। माइक्रोवेव में इस घोल को गर्म करें, फिर उसमें एक तौलिया भिगोएँ। प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर नम तौलिया लपेटें और इसे 5 से 10 मिनट तक रहने दें। दिन में दो बार दोबारा यह प्रक्रिया दोहराएं।

इसके अलावा, गर्म पानी के एक गिलास में कच्चे, अनफ़िल्टर्ड सेब का सिरका के 1 से 2 चम्मच मिश्रणों को मिलाएं उसमें थोड़ा कच्चा शहद डालें और हर रोज इसे दो बार पियें। (और पढ़े - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान)

मालिश सूजन को कम करने का एक और अच्छा तरीका है। एक कोमल मालिश पीड़ित मांसपेशियों को आराम देने और सूजन कम करने में मदद करेगी। इसके अलावा, यह रक्त परिसंचरण में सुधार लाती है और अतिरिक्त द्रव की निकासी को प्रोत्साहित करती है, जो चोट के बाद सूजन का मुख्य कारण है।

माइक्रोवेव में कुछ सरसों का तेल या जैतून का तेल गरम करें। प्रभावित क्षेत्र पर गर्म तेल से 5 मिनट के लिए धीरे-धीरे से मालिश करें, फिर कुछ घंटों के लिए इसे छोड़ दें। दिन में यह कई बार दोहरायें। ध्यान दें: चोटिल अंग में इससे दर्द हो तो मालिश न करें।

दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए हल्दी एक अच्छा उपाय है। हल्दी में कर्क्यूमिन एंटीऑक्सिडेंट और साथ ही सूजन कम करने वाले गुण होते हैं जिससे दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है।

हल्दी पाउडर के 2 चम्मच और नारियल तेल के 1 बड़े चम्मच का मिश्रण करके एक पेस्ट तैयार करें। सूजन वाले क्षेत्र पर इस पेस्ट को लगाएं और इसे सूखने दें। गर्म पानी से इसे धोलें। सूजन और दर्द समाप्त होने तक रोजाना 2 या 3 बार यह प्रक्रिया दोहराएं।

इसके अलावा 1 चम्मच हल्दी पाउडर को 1½ कप दूध में मिलाकर इसे धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक कि यह सुनहरे रंग का न हो जायें। इसमें शहद डाल कर इसे दिन में दो बार पीने से इलाज को प्रोत्साहित किया जा सकता है। (और पढ़े - हल्दी के फायदे और नुकसान)

अदरक दर्द को कम करने और मामूली चोटों से जुड़ी सूजन के लिए एक अच्छा उपाय है। इसमें पाया जाने वाले यौगिक जिंजरोल में सूजन विरोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं। यह परिसंचरण में सुधार भी करता है, जो मांसपेशियों में दर्द को दूर करने में मदद करता है। (और पढ़ें – मांसपेशियों में दर्द का इलाज)

उबलते पानी के 2 कप में 1 बड़ा चम्मच अदरक डालकर इसे 10 मिनट के लिए उबाल लें। अब इसे छान ले और थोड़ा शहद मिलाकर गर्म ही पि जाए। एक दिन में 2 से 3 कप ऐसी अदरक की चाय बनाकर पियें।

इसके अलावा, आप धीरे-धीरे प्रभावित क्षेत्र पर अदरक तेल के साथ दिन में 2 या 3 बार तब तक मालिश कर सकते हैं जब तक सूजन कम नहीं हो जाती हैं। नारियल तेल या जैतून तेल के 2 चम्मच में अदरक के तेल की कुछ बूंदों को मिलाकर, फिर इसे आपकी त्वचा पर लगाएं। (और पढ़े - अदरक के फायदे और नुकसान)

जड़ी-बूटि अर्निका में पाए जाने वाले जलन और सूजन को कम करने के गुण जलन, सूजन और दर्द को कम करने में सहायता करते हैं। इसके अलावा, यह जल्दी सूजन ठीक करने के लिए रक्त परिसंचरण में सुधार करती है।

किसी भी तेल के 2 चम्मच में अर्निका तेल की 5 या 6 बूंदों को मिलाएं। धीरे-धीरे प्रभावित क्षेत्र पर दिन में कई बार मालिश करने के लिए रोज़ाना इस्तेमाल करें। यदि आपके पास एक टोपिकल अर्निका बाम या मरहम है, तो इसे कई बार चोटिल क्षेत्र पर लगाएं। नोट: टूटी हुई त्वचा पर अर्नीका का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

  • किसी भी तरह की सूजन को कम करने में मदद के लिए अधिक पानी पीना चाहिए।
  • अपने पैर या टखनों में भविष्य की चोटों को रोकने के लिए हमेंशा अपनी मांसपेशियों की कसरत करें।
  • व्यायाम करने या खेल खेलने से पहले स्ट्रेचिंग जरूर करें।
  • उपयुक्त जूते पहनें और अस्थिर सतहों पर चलते समय सावधान रहें।
  • अपनी स्थिरता में सुधार करने के लिए संतुलन का अभ्यास करें।
  • ऊँची एड़ी के जूते न पहने।
  • जब चोट लगने पर सूजन हो जाती है तो नमक न खायें, क्योंकि नमक पानी के प्रतिधारण में योगदान कर सूजन को बढ़ा सकता है।
  • कम प्रभाव वाले व्यायाम सामान्य सूजन का इलाज करने में भी मदद कर सकते हैं। हालांकि, चोटिल होने के पहले 48 घंटों में व्यायाम न करें।
  • यदि आपको पुरानी सूजन हो तो डॉक्टर को दिखायें।
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