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किसी भी सर्जरी को सफल बनाने के लिए उससे पहले कुछ सावधानियां बरतनी होती हैं और कुछ टेस्ट्स या दवाओं की ज़रुरत होती है। इनके परिणामों से ही डॉक्टर सर्जरी की प्रक्रिया और इसके बाद या दौरान ध्यान दिए जाने वाली जटिलताओं (अगर कोई है तो) के बारे में सही फैसले ले सकते हैं। निम्नलिखित कुछ जाँच और बातें हैं जो लगभग हर सर्जरी में सामान्य ही होती हैं, हालांकि अपने डॉक्टर के बिना कहे न कोई दवाई लें और न ही बंद करें, और जैसा आपके डॉक्टर द्वारा बताया जाए बिलकुल वैसा ही करें:

  1. सर्जरी से पहले किये जाने वाले टेस्ट्स/ जांच - Tests Before Surgery In Hindi
  2. सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया की जांच - Anesthesia Testing Before Surgery In Hindi
  3. सर्जरी की योजना - Planning The Surgery In Hindi
  4. सर्जरी से पहले निर्धारित की गयी दवाइयाँ - Medication Before Surgery In Hindi
  5. सर्जरी से पहले फास्टिंग (खाली पेट रहना) - Fasting Before Surgery In Hindi
  6. सर्जरी का दिन - Day Of Surgery In Hindi
  7. सर्जरी से पहले सामान्य सलाह - General Advice Before Surgery In Hindi

सर्जरी से पहले कई टेस्ट्स करवाने होते हैं। उन टेस्ट्स के परिणामों के आधार पर ही सर्जरी का दिन तय किया जाता है। ये इसलिए भी ज़रूरी हैं क्योंकि सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया का प्रयोग किया जाएगा और यह ज़रूरी है कि सर्जरी बिना किसी रूकावट या जोखिम के हो जाये।

निम्नलिखित कुछ सामान्य टेस्ट हैं जो सर्जरी से पहले किए जाते हैं:

  1. एक्स-रे (X-Ray; अगर किसी अंग की क्षति हुई है तो उसकी जांच करने के लिए इस इमेजिंग पद्धति का प्रयोग किया जाता है, हालांकि इस परीक्षण से केवल हड्डियों जैसे कठोर ऊतक देखे जा सकते हैं, कण्डरा और लिगामेंट नहीं)।
  2. ईसीजी (ECG, Electrocardiogram; ह्रदय के स्वास्थ्य और कार्रवाई की जांच)।
  3. एमआरआई (MRI, Magnetic Resonance Imaging; यह स्कैन चुंबकीय आधार का उपयोग करके नरम ऊतकों की एक स्पष्ट छवि प्रदान करता है। कई अन्य इमेजिंग अध्ययनों की तुलना में यह कम विकिरण पैदा करता है)।
  4. रक्त की जांच जिसमें पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count; हीमोग्लोबिन, RBC और WBC की स्थिति जानने के लिए), रक्त शर्करा, सफ़ेद/लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या, आदि शामिल हैं।
  5. लिवरगुर्देह्रदय या अन्य किसी अंग (सर्जरी से सम्बंधितकी कार्यवाही की जांच
  6. शारीरिक परीक्षा (Physical Examinationरोगियों की शारीरिक फिटनेस का परीक्षण)।
  7. मूत्र-विश्लेषण (रक्त, शर्करा, प्रोटीन, पस (मवाद) कोशिकाओं की उपस्थिति की जांच की जाती है; मूत्र के रंग, स्थिरता और अन्य कारकों से किसी भी पूर्व-विद्यमान रोग-विज्ञान (Pathology) के बारे में जाना जा सकता है)।

हर सर्जरी के लिए कुछ विशिष्ट परीक्षण करवाने की भी आवश्यकता हो सकती है।

आपके शरीर के लिए सबसे अच्छा Anesthetic एजेंट (बेहोश करने वाली दवा) पाया जाता है। इसका प्रयोग सर्जरी के दौरान होता है। एनेस्थीसिया के दौरान पाचन तंत्र की क्रिया अस्थायी रूप से बंद हो जाती है। यदि रोगी ने सर्जरी से ठीक पहले कुछ खाया है, तो संभावना है कि पेट की सामग्री उलटी दिशा में चली जाए और ग्रासनली (भोजन की नली) से बाहर निकलकर फेफड़ों में प्रवेश कर जाए। इससे श्वसन संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं। हर सर्जरी के हिसाब से एनेस्थीसिया का प्रकार चुना जाता है।

सर्जन और रोगी के लिए पूर्व तैयारी, वास्तविक सर्जरी, इसके फायदे और नुकसान, सर्जरी के बाद की जाने वाली देखभाल और अन्य संबंधित कारकों पर चर्चा करनी ज़रूरी है। डॉक्टर आपको कई प्रकार की दवाएं जैसे Blood Thinner (खून पतला करने वाली दवाएं) या प्रतिरक्षा को प्रभावित करने वाली दवाओं को रोकने के लिए कह सकता है। डॉक्टर को आपके द्वारा उपयोग की जा रही हर दवा का ज्ञान होना चाहिए। अतीत में रह चुकी हर मेडिकल परेशानी के बारे में आपके डॉक्टर को पता होना चाहिए। इसमें सांस की कोई समस्या, ह्रदय का कोई विकार, लिवर की कोई समस्या या कोई आनुवंशिक बीमारी हो सकती है। अगर आपको मधुमेह है, दिल की कोई बीमारी है या आप गर्भवती हैं तो अपने डॉक्टर को सूचित करें। इससे आपके चिकित्सक को बाद में होने वाली जटिलताओं (अगर कोई हो सकती है तो) के बारे में तैयारी करने का मौका मिल जाएगा।

सर्जरी से पहले, रोगियों को आमतौर पर कुछ दवाएं निर्धारित की जाती हैं। सर्जरी के दौरान एसिडिटी (Acidity) एक परेशानी बन सकती है इसलिए एसिडिटी से बचने के लिए एंटासिड (Antacid) दिए जाते हैं। सर्जरी के बाद रोगी को दर्द और संक्रमण से बचने के लिए Prophylactic दर्द निवारक और एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवाएं दी जा सकती हैं। सर्जरी के सही तरह से पूरा होना के लिए और रिकवरी के लिए यह ज़रूरी है कि आप अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित हर दवा का निर्धारित खुराक में सेवन करें।

डॉक्टर आपको आधी रात के बाद कुछ भी खाने के लिए मना कर सकते हैं। डॉक्टर की हर सलाह का पालन करें। यदि आप ऐसा करने में असमर्थ हैं तो प्रक्रिया रद्द हो सकती है।

सर्जरी से पहले मरीज़ से एक सहमति पत्र (कंसेंट फॉर्म; Consent Form) पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना आवश्यक है, क्योंकि इससे सर्जरी के लिए आपकी लिखित मंजूरी मिलती है। रक्तचाप, पल्स दर, शरीर के तापमान और श्वास का निरीक्षण किया जाता है। मरीज को ऑपरेटिंग रूम में स्थानांतरित किया जाता है। रोगी को एक संक्रमण रहित सर्जिकल गाउन पहनाया जाता है। सर्जरी के दौरान रोगी को ढकने के लिए एक संक्रमण रहित कपड़े का उपयोग किया जाता है। फिर आपको इंजेक्शन या किसी अन्य माध्यम से एनेस्थीसिया दिया जाता है। एक बार जब एनेस्थीसिया सही तरह अपना काम शुरू करे तब सर्जरी को शुरू किया जा सकता है।

सर्जरी से पहले धूम्रपान या मदिरा का सेवन बंद कर दें क्योंकि इससे रिकवरी में समय लग सकता है। अपने साथ किसी परिवार वाले या करीबी को ज़रूर रखें। किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक तनाव न लें। अगर आपको कोई भी संदेह या परेशानी हो तो अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें। अपने गहने और अन्य क़ीमती सामान घर पर ही छोड़ आएं क्योंकि सर्जरी के दौरान धातु की कोई चीज़ पहनना मना है।

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