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गर्भावस्था के दौरान, बच्चे के विकास के लिए शरीर लगभग 50% अतिरिक्त ब्लड और तरल पदार्थों का उत्पादन करता है। सूजन, गर्भावस्था का एक सामान्य हिस्सा है जो इस अतिरिक्त रक्त और तरल पदार्थों के कारण होती है। सामान्य सूजन, जिसे एडिमा (Edema) भी कहा जाता है, हाथों, चेहरे, पैर, टखनों और पंजों में होती है।

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तरल पदार्थों के इस अतिरिक्त रिटेंशन की आवश्यकता, शरीर को नरम रखने के लिए होती है, जिससे बच्चे का विकास होने पर शरीर आसानी से बढ़ सके। अतिरिक्त तरल पदार्थ, प्रसव के लिए पैल्विक जोड़ों और ऊतकों को तैयार करने में भी मदद करते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के बढे हुए वज़न का लगभग 25% इन अतिरिक्त तरल पदार्थों के कारण होता है।
 
  1. गर्भावस्था के दौरान हाथों और पैरों में सूजन कब होती है - When does swelling occur during pregnancy in Hindi
  2. गर्भावस्था में सूजन नार्मल है क्या - Is it normal to have swelling during pregnancy in Hindi
  3. गर्भवस्था में सूजन के कारण - Pregnancy me sujan kyu hoti hai in Hindi
  4. प्रेगनेंसी में सूजन का इलाज - Pregnancy mein sujan kam karne ke upay in Hindi

गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय सूजन का अनुभव हो सकता है, लेकिन यह पांचवें महीने के दौरान अधिकतर इसकी शुरुआत होती है और जब आप तीसरी तिमाही में पहुँचती हैं तब यह और बढ़ सकता है। निम्न कारक सूजन को प्रभावित करते हैं -

  1. गर्मियों की गर्मी
  2. अधिक देर तक खड़े रहना
  3. ज्यादा देर तक काम करना
  4. आहार में कम पोटेशियम
  5. कैफीन का अधिक सेवन
  6. सोडियम का अधिक सेवन

गर्भावस्था के दौरान हाथ पैरों में सूजन आ सकती है। हालांकि, यदि आप अपने हाथों और चेहरे पर अचानक सूजन का अनुभव करती हैं, तो यह प्री-एक्लेमप्सिया (Pre-eclampsia) का संकेत हो सकता है। इस दौरान किसी भी तरह की अचानक सूजन के सम्बन्ध में डॉक्टर से संपर्क करें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में होने वाली परेशानी और प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे)

गर्भावस्था के दौरान टखनों और पैरों में थोड़ी मात्रा में एडिमा होना सामान्य है, और आपके हाथों में भी हल्की सूजन हो सकती है। लेकिन अगर आप निम्न में से प्री-एक्लेमप्सिया के कोई भी लक्षण महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  1. चेहरे पर सूजन
  2. आँखों के आसपास फुंसी
  3. हाथों में अत्यधिक सूजन
  4. पैर या टखनों में अत्यधिक या अचानक सूजन आना। (और पढ़ें - पैरों में सूजन)

अगर एक पैर दूसरे पैर की तुलना में अधिक सूजा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, खासकर यदि दर्द या असहजता जांघ में है, क्योंकि यह रक्त का थक्का जमने का संकेत हो सकता है।

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गर्भवस्था में सूजन होने का मुख्य कारण, रक्त की मात्रा और अन्य तरल पदार्थों में वृद्धि होना है, जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक होते हैं। हालांकि, यह भी अन्य कारणों से होता है -

  1. आपका बढ़ता गर्भाशय वेनाकावा (Venacava- शरीर के दाहिनी ओर स्थित सबसे बड़ी शिरा, जो रक्त को पैरों से हृदय तक वापस लाती है) और पैल्विक नसों पर दबाव डालता है जिस वजह से हृदय से तो रक्त पैरों तक आ जाता है लेकिन पैरों से रक्त परिसंचरण वापस हृदय में नहीं हो पाता। इस कारण तरल पदार्थ, नसों से पैरों, एड़ियों और पंजों के ऊतकों में सूजन फैलाते हैं।
  2. हार्मोनल परिवर्तन, जैसे प्रोजेस्टेरोन, एस्ट्रोजन, एचसीजी और प्रोलैक्टिन हार्मोनों के स्तर में वृद्धि होने से नाड़ी पारगम्यता (vascular permeability- खाद्य पदार्थों का एक नस से दूसरी में जाना) में परिवर्तन आ जाता है जिस कारण एडिमा होता है।
  3. फेफड़े के रोग, लिवर रोग, किडनी रोग, थायरॉयड रोग, और कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive heart failure) के भी कारण एडिमा हो सकता है। (और पढ़ें - महिलाओं में थायराइड लक्षण)
  4. डिप्रेशन की दवा या हाई ब्लड प्रेशर की दवा से भी सूजन पैदा होती है।

इन आंतरिक स्थितियों के अलावा, कुछ बाहरी प्रभावों से भी गर्भावस्था के दौरान सूजन हो जाती है।

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प्रेगनेंसी में सूजन कम करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाइये:

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए)

  1. लंबे समय तक खड़ी या बैठी न रहें। यदि आप बहुत अधिक चल रही हैं तो बीच बीच में थोड़ा ब्रेक लें और बैठ लें। यदि आप बहुत देर से बैठी हैं, तो हर घंटे में कम से कम पांच मिनट के लिए टहलें।
  2. अपने पैरों को चलती रहें। यदि संभव हो तो, जब भी आप बैठें तब अपने पैरों को ऊपर उठती रहें।
  3. एक तरफ करवट लेकर सोएं। यदि आप पहले से ऐसे नहीं सोती हैं, एक ओर करवट लेकर (बेहतर रूप से बायीं ओर) सोएं। यह आपकी किडनी को दुरुस्त रखने में मदद करता है, जिसके फलस्वरूप अपशिष्ट पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं और सूजन कम होती है।
  4. अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो कुछ गर्भावस्था के लिए उपयुक्त व्यायाम करें, जैसे सैर करना (जो रक्त परिसंचरण बढ़ाता है) या अगर डॉक्टर करने दें तो तैराकी करने का प्रयास करें। पानी का दबाव, ऊतकों से तरल पदार्थों को वापस नसों में भेज देता है, जहां से ये किडनी में चले जाते हैं, वहां से फिर पेशाब के रूप में बाहर निकल जाते हैं।
  5. टाइट इलास्टिक वाले मोजे या स्टॉकिंग्स न पहनें। इन्हें पहनने से रक्त और तरल पदार्थों का प्रवाह सुचारु रूप से नहीं हो पाता है।
  6. आरामदायक जूते पहनें। खासकर जब आप घर से बाहर जाएं तो आरामदायक जूते ही पहनें। जिससे आपके पैर बेहतर महसूस कर सकें और गर्भावस्था के दौरान पैर और पीठ में होने वाले दर्द को भी कम कर सकें। घर जाने के बाद, नरम चप्पलों का उपयोग करें।
  7. सही जांघिया पहनने की कोशिश करें जो कि पेट पर टाइट न हो।
  8. अधिक से अधिक पानी पिएं। यह तरल पदार्थों के रूप में अशुद्धियों को फ्लश करता है, लेकिन एक दिन में आठ से दस गिलास पानी पीने से आपके सिस्टम से अतिरिक्त सोडियम और अन्य अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकाल कर सूजन कम करने में मदद मिलेगी।
  9. नमक को एक ही बार में नियंत्रित करने की कोशिश न करें। नमक को बहुत तेज़ी से सीमित करने से सूजन और अधिक बढ़ सकती है, इसलिए इसे एक ही बार में नियंत्रित करने की कोशिश न करें। लेकिन हर चीज की तरह, इसका सेवन भी पर्याप्त मात्रा में करने के लिए नमक को बस स्वाद के लिए उपयोग करें।

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