गुहेरी को चिकित्सा भाषा में होर्डियोलम (hordeolum) कहते हैं। आँखों की पलकों में तेल मौजूद होता है जिसमे लाल रंग की गाठें बनने लगती हैं और फिर इनमे धीरे धीरे पस भरने लगती है, जिसे गुहेरी का नाम दिया जाता है। गुहेरी गंदगी, मेकअप या अन्य अवशेष की वजह से होती है जिसमे तेल ग्रंथि रुक जाती है और वो फिर बैक्ट्रिया से संक्रमित होने लगती है।

अगर व्यक्ति ब्लेफराइटिस (blepharitis) की स्थिति से पीड़ित है तो उसे गुहेरी की समस्या काफी ज़्यादा हो सकती है जिसकी वजह से पलकों की रोम सूजने लगती हैं। अस्वछता, तनाव और हॉर्मोन में बदलाव के कारण ये समस्या बढ़ सकती है। आपको एक समय पर एक बार ही गुहेरी हो सकती है। ज़्यादातर गुहेरी पस से भरी होती है और पलकों पर पिम्पल की तरह दिखने लगती है। ये ज़्यादातर पलकों की बाहरी हिस्से में पनपती है लेकिन कभी कभी अंदर के क्षेत्र पर भी हो सकती है।

गुहेरी के लक्षण हैं दर्द, सूजन, छूने पर दर्द, जलन, खुजली, झपकने में दिक्कत, उजाले में परेशानी होना और प्रभावित क्षेत्र से पस निकलना। गुहेरी अपने आप ही एक या दो हफ्ते में चली जाती है। हालाँकि कुछ ऐसे सरल घरेलू नुस्खे हैं जिनकी मदद से आप दर्द और असहजता का इलाज कर सकते हैं।      

तो आइये आपको बताते हैं गुहेरी के कुछ सरल घरेलू उपाय –

  1. गुहेरी का घरेलू उपाय है वार्म कंप्रेस - Aankh ki funsi ka gharelu upay hai warm compress in Hindi
  2. गुहेरी का उपाय है टी बैग - Guheri ka upay hai tea bag in Hindi
  3. आंख में फुंसी का उपाय है धनिया - Aankh me funsi ka upay hai coriander seeds in Hindi
  4. आंख की फुंसी से छुटकारा दिलाता है हल्दी - Aankh ki funsi se chutkara pane ka tarika hai turmeric in Hindi
  5. गुहेरी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा है एलोवेरा - Guheri ka gharelu upay hai aloe vera in Hindi
  6. आंख की गुहेरी दूर करता है अरंडी का तेल - Guheri dur karne ka tarika hai castor oil in Hindi
  7. आंख की फुंसी को ठीक करने का तरीका है अमरुद - Aankh ki funsi ko thik karne ka upay hai guava leaves in Hindi
  8. गुहेरी का देसी नुस्खा है आलू - Guheri ka desi upay hai potato in Hindi
  9. गुहेरी का घरेलू नुस्खा है लौंग - Aankh ki guheri ka gharelu nuskha clove in Hindi
  10. आँख में घाव से बचने का तरीका है गर्म पानी और नमक - Aankh ke ghav ko dur karne ka upay hai warm salt water in Hindi

सामग्री –

  1. कपडे का छोटा टुकड़ा।
  2. गर्म पानी।

विधि –

  1. सबसे पहले कपडे को गर्म पानी में डाल दें। अब कपड़े को अच्छे से निचोड़ लें।
  2. जब कपड़े का तापमान सहन करने लायक हो जाए तो उसे फिर प्रभावित क्षेत्र पर रख लें और पलकों को बंद कर लें।
  3. कपड़े को तब तक रखें जब तक कपड़ा ठंडा न हो जाये।
  4. इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं।

वार्म कंप्रेस का इस्तेमाल कब तक करें –

वार्म कंप्रेस को पूरे दिन में चार से पांच बार ज़रूर करें।

वार्म कंप्रेस के फायदे गुहेरी के लिए –

वार्म कंप्रेस आँख की गुहेरी को कोमल करता है और खुद से ही पस को निकलने में मदद करता है।

सामग्री –

  1. टी बैग।
  2. गर्म पानी।

विधि –

  1. टी बैग को गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए डुबो कर रखें।
  2. अब पानी को हटा दें और इस टी बैग को प्रभावित क्षेत्र पर रख लें और तब तक लगाकर रखें जब तक बैग ठंडा न हो जाये।
  3. अगर गुहेरी आँख के अदंर के क्षेत्र पर है तो बैग को पलकों के ऊपर रख लें। आप इसके लिए इस्तेमाल किये हुए टी बैग को भी ले सकते हैं।

टी बैग का इस्तेमाल कब तक करें –

इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।

टी बैग के फायदे गुहेरी के लिए –

गर्म टी बैग गुहेरी के लिए बहुत ही बेहतरीन तरीके से काम करती है। ये न ही राहत देती है बल्कि दर्द और सूजन को भी 48 घंटे के अंदर दूर कर देती है।

सामग्री –

  1. दो चम्मच धनिये के बीज।
  2. एक कप पानी।

विधि –

  1. सबसे पहले गर्म पानी में कुछ मिनट तक धनिये के बीज को उबालने के लिए रख दें।
  2. अब पानी को छान लें और ठंडा होने के लिए रख दें।
  3. अब इस मिश्रण से अपनी आँखों को धो लें।

धनिय के बीज का इस्तेमाल कब तक करें –

इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर करें।

धनिये के बीज के फायदे आँख में फुंसी के लिए –

गुहेरी के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपाय है धनिये का बीज। इसमें सूजनरोधी गुण होते हैं जो आँखों की एडेमा को दूर करते हैं।

(और पढ़ें - धनिये के बीज के फायदे)

सामग्री –

  1. एक चुटकी हल्दी पाउडर।
  2. एक ग्लास पानी।

विधि –

  1. हल्दी को एक ग्लास पानी में मिला लें।
  2. फिर इस मिश्रण से अपनी आँखों को धोएं।

हल्दी का इस्तेमाल कब तक करें –

जल्दी राहत पाने के लिए इसे पूरे दिन में दो बार ज़रूर दोहराएं।

हल्दी के फायदे आंख में फुंसी के लिए –

हल्दी एक एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है और ये संक्रमण को कम करने में मदद करती है। इस हर्ब को इलाज के लिए भी जाना जाता है।

(और पढ़ें - हल्दी के फायदे और नुकसान)

सामग्री –

  1. एक एलो वेरा की पत्ती।

विधि –

  1. सबसे पहले एलो वेरा से उसका जेल निकाल लें।
  2. अब इस जेल को अपनी आँखों पर कुछ मिनट के लिए रखें।
  3. इसके बाद अपनी आँखों को साफ़ पानी से धो लें।

एलो वेरा का इस्तेमाल कब तक करें –

इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।

एलो वेरा के फायदे गुहेरी के लिए –

आँखों में गुहेरी का इलाज करने में एलो वेरा बहुत ही अच्छे से इलाज करता है। ये पौधा कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ देता है। इसके इस्तेमाल से आँख हाइड्रेटेड रहती है और दर्द या खुजली को भी दूर करती है।

(और पढ़ें - एलोवेरा के फायदे)

सामग्री –

  1. अरंडी का तेल।
  2. रूई।

विधि –

  1. सबसे पहले रूई को तेल में डालें और फिर उसे प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें।
  2. हल्के हल्के रूई से गुहेरी को साफ़ करें लेकिन ध्यान से।
  3. 15 मिनट के लिए तेल को उसपर ऐसे ही लगाकर रखें और फिर आँख को गुनगुने पानी से धो लें।

अरंडी के तेल का इस्तेमाल कब तक करें –

जब गुहेरी का इलाज नहीं हो जाता इस प्रक्रिया को पूरे दिन में एक या दो बार ज़रूर करें।

अरंडी के तेल के फायदे आंख की गुहेरी के लिए –

अरंडी के तेल में हाइड्रेटिंग के गुण मौजूद होते हैं जो त्वचा पर संक्रमण का इलाज करते हैं। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण सूजन और दर्द को दूर करते हैं।

(और पढ़ें - अरंडी के तेल के फायदे)

सामग्री –

  1. 5-6 अमरुद की पत्तियां।
  2. पानी।
  3. मुलायम कपडा।

विधि –

  1. सबसे पहले 5-7 मिनट तक अमरुद की पत्तियों को उबलने के लिए रख दें। फिर कुछ देर ठंडा होने का इंतज़ार करें।
  2. फिर इस पानी में साफ़ कपड़े को डुबोएं और अब उसे 15 मिनट के लिए आँखों की गुहेरी पर रख लें। 

अमरुद का इस्तेमाल कब तक करें –

इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो से तीन बार ज़रूर करें।

अमरुद के फायदे आंख में फुंसी के लिए –

ये न ही गुहेरी का इलाज करता है बल्कि दर्द और सूजन से भी राहत दिलाता है। ये सब इसके सूजनरोधी गुणों की वजह से होता है। ये प्राकृतिक रूप से एंटीमाइक्रोबियल होता है और आँखों को संक्रमित होने से बचाता भी है।

(और पढ़ें - अमरूद खाने के फायदे)

सामग्री –

  1. एक छोटा आलू।
  2. मुलायम कपडा।

विधि –

  1. सबसे पहले आलू को छीलकर पीस लें।
  2. अब इस मिश्रण को एक कपड़े पर रखकर कसके बंद कर लें।
  3. अब इस कपड़े को 10-15 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर लगाकर रखें।

आलू का इस्तेमाल कब तक करें –

अच्छा परिणाम पाने के लिए इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार ज़रूर दोहराएं।

आलू के फायदे गुहेरी के लिए –

आलू में हल्का एस्ट्रिजेंट होता और इसमें सूजनरोधी गुण भी मौजूद होते हैं। ये गुण सूजन, दर्द और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - आलू के फायदे)

सामग्री –

  1. दो या तीन लौंग।
  2. पानी।

विधि –

  1. सबसे पहले लौंग में पानी डालकर थोड़ा पीसकर का एक पेस्ट तैयार कर लें।
  2. अब इसे पलकों की शुरू से अंत तक तक लगाएं।
  3. थोड़ा इस पेस्ट को गुहेरी पर भी लगा लें।
  4. सूखने तक का इंतज़ार करें।

लौंग का इस्तेमाल कब तक करें –

इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार ज़रूर लगाएं।

लौंग के फायदे गुहेरी के लिए –

ये एक और डिसइंफेक्टेंट है जो गुहेरी के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण की वजह से इसका इस्तेमाल किया जाता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण गुहेरी का तेज़ी से इलाज करने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - लौंग के फायदे)

चेतावनी –

लौंग आँख में जाने से जल सकती है इसलिए आराम से इसे लगाएं। आप लौंग की जगह लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सामग्री –

  1. एक लीटर पानी।
  2. दो चम्मच नमक
  3. मुलायम कपडा या तौलिया।

विधि –

  1. सबसे पहले पानी को गर्म कर लें और फिर इसमें नमक को मिला लें।
  2. फिर पानी को ठंडा कर लें और उसमे कपड़ा या तौलिये को डुबो दें।
  3. फिर तौलिये को अच्छे से निचोड़ने के बाद प्रभावित क्षेत्र पर इसे रख लें और 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें।
  4. इसे तब तक लगाकर रखें जब तक तौलिया ठंडी न हो जाये।

गर्म पानी और नमक का इस्तेमाल कब तक करें –

इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें।

गर्म पानी और नमक के फायदे आंख में फुंसी के लिए –

पानी की गर्माहट आँखों की गुहेरी को ठीक करने में मदद करती है। ये सूजन और दर्द को दूर करती है। इस उपाय में मौजूद नमक एंटीमाइक्रोबियल की तरह काम करता है।

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