कोई भी इस छोटी सी जड़ी-बूटी के अचंभित करने वाले स्वास्थ्य लाभ से अनजान नहीं होगा। लौंग ने ना केवल भारतीय खाने में अपने लिए एक ख़ास जगह बनाई है अपितु यह धार्मिक पूजा एवं अनुष्ठान में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसकी सुगन्धित महक आपके खाने में जायका लाती है तो इसके पौष्टिक गुण आपकी सेहत में सुधार।

लौंग एवं उसका तेल एंटी-ऑक्सीडेंट, कवकरोधी, जीवाणुरोधी, एंटी-वायरल, एंटी-सेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक जैसे उत्तम गुणों से समृद्ध है। लौंग में कम से कम 36 विभिन्न सामग्रियाँ होती हैं, जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण है-यूगेनॉल। इसके अलावा पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस, लोहा, मैंगनीज, आहार फाइबर, आयोडीन, विटामिन के और सी, ओमेगा -3 फैटी एसिड, कैल्शियम और मैग्नीशियम आदि का भी लौंग एक प्रचुर स्रोत है।

आयुर्वेद और चीनी दवा प्रणाली में लौंग के सूखे फूल की कलियों एवं पत्तियों के साथ-साथ तेल, व्यापक रूप से दवा बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साबुत लौंग या फिर उसका पाउडर और तेल आसानी से बाजार में पूरे वर्ष पाया जा सकता है।

  1. लौंग के फायदे - Laung ke Fayde in Hindi
  2. लौंग के नुकसान - Laung ke Nuksan in Hindi

लौंग का इस्तेमाल अधिकतर गरम मसालों में किया जाता है, लेकिन इसमें कई ऐसे औषधीय गुण मौजूद हैं, जिससे शरीर की तमाम समस्याएं ठीक हो सकती हैं। लौंग में यूजेनॉल होता है, जो साइनस और दांतों के दर्द जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। लौंग की तासीर गर्म होती है। सर्दी-जुकाम की समस्या होने पर लौंग बहुत कारगर होता है। कई लोग इसका इस्तेमाल ज्यादातर चाय में डालकर करते हैं, जिससे चाय का स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही सर्दी जुकाम की समस्या भी ठीक हो जाती है। रात में लौंग वाले दूध का सेवन करके सो जाएं, सुबह तक हल्का बुखार भी दूर हो जाएगा।

लौंग के दो प्रकार होते हैं, एक जिसकी सुगंध तेज होती है और दूसरे लौंग, जिसका मशीनों के द्वारा तेल निकाला जाता है। दोनों किस्म की लौंग में कौन-सा लौंग अच्छा होता है, तो जो लौंग सुगंध में तेज, स्वाद में तीखा हो और दबाने पर तेल का आभास हो, वही लौंग स्वास्थ्य के लिए ज्यादा गुणकारी माना जाता है। आइए बात करते हैं लौंग के गुणों और इसके फायदों के बारे में -

लौंग में एंटीफंगल जीवाणुरोधी, एंटीसेप्टिक और एनाल्जेसिक गुण होते हैं। इसके अतिरिक्त लौंग फैटी एसिड, फाइबर, विटामिन, ओमेगा-3 और खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। लौंग शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ाता है। लौंग का इस्तेमाल खाने के अलावा मालिश के लिए भी किया जाता है, जिससे हड्डियों का दर्द भी ठीक होता है।

लौंग के फायदे दिलाएँ दांतों के दर्द से राहत - Laung for Toothache in Hindi

लौंग का यह स्वास्थ्य लाभ पुरे विश्व-भर में प्रसिद्ध है। इसके दांत एवं मुंह के लिए उत्तम उपयोगिताओं की वजह से यह बहुत ही मुख्य एवं प्रचलित रूप से प्राकृतिक एवं रासायनिक दोनों ही मंजनों को बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। दांत में होने वाले दर्द की बात करें तो उसे चुटकियों में ही दूर भगाने के लिए साबुत एवं लौंग का तेल दोनों ही योग्य हैं।

लौंग के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण संक्रमित दांत के आसपास सूजन को कम करने और दर्द को दूर करने में अत्यंत सहायक है। साथ ही में, इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण प्रभावित क्षेत्र में संक्रमण से लड़ने और उसे फैलने से रोकने में भी मदद करता है।
दांत के दर्द को दूर भागने के लिए -

  • बस एक छोटे से रुई के गोले को लौंग के तेल में थोड़ा सा भिगोएं और प्रभावित दांत और उसके आसपास के मसूड़ों पर हल्के हाथों से लगाएं। वैकल्पिक रूप से, आप दो लौंग को पीसकर, उसमें जैतून के तेल मिलाएं और प्रभावित क्षेत्र पर इस मिश्रण को लगाएं।
  • यदि आपके पास लौंग की पत्तियाँ हैं तो उन्हें क्रश करके भी आप अपने दर्द हो रहें दांत पर कुछ मिनट के लिए लगा सकते हैं।

(और पढ़ें – दाँत में दर्द का एकदम सरल उपाय)

लौंग चबाने के फायदे करें मुँह की दुर्गन्ध को दूर - Cloves for Bad Breath in Hindi

एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक होने के नाते, लौंग दुर्गन्ध भरी सांस से छुटकारा प्राप्त करने में बहुत सहायक होते हैं। लौंग मुँह से आने वाली दुर्गन्ध साँस के कारक - बैक्टीरिया को मार सकता है। इसके अलावा वे जीभ, तालू और गले के ऊपरी भाग से बैक्टीरिया की सफाई में मदद करते हैं। और इसकी सुगन्धित महक तो है ही जो बदबूदार सांस का खात्मा करने के लिए बहुत है।

दुर्गन्ध भरी सांस को सुगंध में परिवर्तित करने के लिए - 

  • लौंग के कुछ टुकड़े चबाएं और कुछ ही मिनट के भीतर आपके मुंह से गन्दी बदबू दूर भाग जायेगी।
  • आप ठंडी लौंग की चाय से दिन में दो-तीन बार कुल्ला कर सकते हैं। 

(और पढ़ें – मुंह की बदबू का इलाज)

लौंग खाने के लाभ हैं उबकन और उलटी का सफल उपचार - Cloves for Vomiting in Hindi

लौंग के खुशबूदार और शान्ति प्रदायक गुण, उबकन एवं उलटी को दूर कर सकते हैं। यह गर्भावस्था से संबंधित उबकन और सुबह होने वाली उलटी एवं जी-मचलाई के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द और प्रेग्नेंट होने के उपाय)

  • उबकन से राहत पाने के लिए, लौंग के तेल की कुछ बुँदे एक रुमाल पर गिराएं और उसे सूंघे। आप दो-तीन लौंग की कलियाँ चबाकर भी खा सकते हैं।
  • उलटी को रोकने के लिए लौंग के पाउडर में शहद मिलाकर उसका उपभोग करें। आप एक गर्म गिलास पानी में लौंग के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर भी धीमी गति से पी सकते हैं। 

(और पढ़ें – गर्भावस्था में उल्टी रोकने के उपाय)

लौंग के औषधीय गुण बढ़ाएँ पाचन शक्ति - Cloves Good for Digestion in Hindi

लौंग में मौजूद उत्तम वातहर गुण (गैस बनने से रोकने और 'पेट फूलना'-ब्लोटिंग को राहत देने) के कारण, यह पाचन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पाचन तंत्र में मौजूद एंजाइम के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं और उसकी कार्यशीलता में सुधार लाते हैं।

लौंग जठरांत्र मार्ग की चिकनी अस्तर को शिथिल कर उल्टी, दस्त, पेट में गैस, गैस्ट्रिक परेशानी और पेट दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। 

(और पढ़ें - पेट में गैस दूर करने के घरेलू उपाय)

इसके अलावा, लौंग का तेल सूजन को कम करने और पेट में बैक्टीरिया को मार, पेट को संक्रमण-मुक्त रखने में बेहद प्रभावी हैं।

  • पाचन शक्ति में सुधार लाने के लिए आप इस छोटी सी जड़ी बूटी को थोड़ी सी मात्रा में अपने दैनिक आहार में शामिल करें। 
  • इसके अलावा, आप एक लौंग को मुँह फ्रेश करने के लिए भोजन के बाद खा सकते हैं।

(और पढ़ें – पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

लौंग के लाभ दिलाएँ जोड़ों के दर्द से छुटकारा - Laung for Joints Pain in Hindi

अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण के कारण, लौंग का तेल सूजन को कम करने और जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में दर्द और गठिया के दर्द को कम करने में अत्यंत प्रभावी हैं। इसमें कैल्शियम, ओमेगा -3 फैटी एसिड और लौह जैसे हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण खनिज निहित हैं जो आपके जोड़ों और हड्डियों की ताकत व स्वास्थय में सुधार लाने में सक्षम है।

  • जोड़ों में दर्द, सूजी हुई मांसपेशियों, गठिया और सन्धिवात के दर्द से राहत पाने के लिए थोड़े से लौंग के तेल में जैतून तेल जैसा कोई भी वाहक तेल मिलाएं और इस मिश्रण से रोजाना दिन में कई बार प्रभावित क्षेत्र की मालिश करें।
  • इसका अन्य विकल्प यह है कि आप कुछ लौंग की कलियों को भून कर उन्हें एक कोमल कपड़े में लपेट लें और फिर इस पाउच को प्रभावित क्षेत्र पर रखें। इसे तब तक सेक लें जब तक यह गर्म है और आपका दर्द कम ना हो जाएं।

(और पढ़ें – योग को अपनाएं, जोड़ों में दर्द से राहत पायें)

लवंग उपयोग है श्वसन तंत्र में प्रभावी - Laung for Cough in Hindi

दोनों लौंग और लौंग के तेल को अपने कफ निस्सारक, जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण श्वसन तंत्र के लिए बहुत प्रभावी हैं।

लौंग आम सर्दी, भरी हुई नाक, गले में खराश, वायरल संक्रमण, अस्थमा, तपेदिक, ब्रोंकाइटिस और विभिन्न साइनस की स्थिति के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, यह छोटी परंतु बृहत सामाग्री फेफड़ों के कैंसर के लिए एक संभावित केमोप्रोटेक्टिवे एजेंट के रूप में कार्य कर सकता है। 

(और पढ़ें – कैंसर के प्रकार)

  • श्वसन प्रणाली के विकार से राहत पाने के लिए रोजाना दिन में दो से तीन बार लौंग से बनी हुई चाय पियें।
  • आप लौंग के तेल की कुछ बूंदें गर्म पानी में डालकर उससे भाप भी ले सकतें हैं।
  • श्वसन प्रणाली के विकारों से बचाव करने के लिए, नियमित रूप से रोजाना दो-तीन लौंग चबाकर खाएं।

(और पढ़ें – बेल के फायदे लाएं पाचन प्रक्रिया में सुधार)

लौंग का उपयोग करे सिर दर्द के लिए - Laung ke Fayde for Headache in Hindi

चाहे आपके सिर-दर्द का कारक माइग्रेन है, सर्दी है या फिर तनाव, लौंग का तेल जल्दी से इससे छुटकारा पाने में मदद कर सकता है। लौंग के तेल में दर्द से राहत दिलाने के लिए उत्तम एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण है। साथ ही में इसका ठंडा और सुखदायक प्रभाव दर्द से छुटकारा दिलाने में सहायक हैं।

  • एक रुमाल पर लौंग के तेल की कुछ बूंदें डालकर उससे अपने माथे पर 15 मिनट के लिए रख लें। इससे आपके सिर की रक्त-वाहिकाएं खुल जाएंगी और आपको सिर दर्द से राहत मिलेगी। 
  • दो चमच्च बादाम, नारियल या फिर किसी भी तेल में लौंग के तेल की कुछ बूंदें और एक चमच्च समुद्री नमक मिलाएं। इस मिश्रण से सिर-दर्द होने पर अपने माथे की मालिश करें।
  • सिरदर्द दूर करने के लिए दो लौंग और चुटकीभर कपूर को पीसकर इसमें नारियल तेल मिला लें। इस मिश्रण से सिर की अच्छी तरह मालिश करें, इससे सिर का दर्द दूर होगा।

(और पढ़ें – सिर दर्द के घरेलु उपाय)

लौंग के गुण हैं कान दर्द में लाभकारी - Clove Oil for Ear Pain in Hindi

संवेदनाहारी और जीवाणुरोधी गुण मौजूद होने की वजह से, लौंग कान में दर्द और कान में संक्रमण से तत्काल राहत दिलाने में अत्यंत सहायक है।

  • लौंग और तिल के तेल को बराबर मात्रा में मिलाए और उसे गर्म करने के लिए गैस पर चढ़ा दें। इस मिश्रण में एक रुई की छोटी सी गोली को डुबाएं और उसे कर्ण नलिका के अंदर रखें। ऐसा करने से कान का दर्द चुटकियों में कम हो जाएगा और कान में हो रहे संक्रमण से भी आपको जल्द ही राहत मिलेगी।
  • इसके अतिरिक्त, आप एक चमच्च कूटे हुए लौंग में एक-चौथाई गर्म जैतून का तेल मिला सकते हैं। इस मिश्रण को तीस मिनट के लिए छोड़ दें और फिर छलनी की मदद से छान लें। प्राप्त तेल की कुछ बूंदें कम से कम दस मिनट के लिए कान में डालें और फिर बाहर निकाल लें।

(और पढ़ें – कान में दर्द के घरेलू उपाय)

लौंग का इस्तेमाल करे मुंहासों के लिए - Cloves Benefits for Skin in Hindi

लौंग मुँहासों के साथ-साथ ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स, सकाररिंग और त्वचा से संबंधित अन्य समस्याओं का इलाज करने में भी उपयोग किया जा सकता है। यह मुंहासों को तो कम करता ही है परंतु साथ ही में यह मुँहासों के बाद त्वचा पर रह जाने वाली ब्लेमिशेस या निशान को रोकने में बहुत प्रभावी है।

इसके अलावा, लौंग में निहित रोगाणुरोधी गुण, बैक्टीरिया को मार मुँहासों को अप्रभावित क्षेत्र को ग्रस्त करने से रोकता है।

मुँहासों का इलाज करने के लिए, 1:10 के अनुपात में लौंग का तेल और जोजोबा या नारियल तेल मिलाकर प्रभावित क्षेत्र पर रुई की मदद से दिन में दो बार तब तक लगाएं जब तक आप इच्छित परिणाम प्राप्त ना कर लें।

(और पढ़ें – मुल्तानी मिट्टी फॉर एक्ने)

लौंग की चाय के फायदे करें तनाव को दूर - Laung Khane ke Fayde for Stress in Hindi

अपनी शान्ति एवं सुखदायक सुगंध के कारण, लौंग मन एवं शरीर को तनाव-मुक्त बनाने में मदद कर सकता है। तनाव अक्सर शरीर की मांसपेशियों में भी तनाव पैदा कर देता है। यूगेनोल, लौंग में मौजूद एक घटक है जो मांसपेशियों को रिलैक्स करने में बहुत प्रभावशाली है।

  • अपने शरीर को तनाव-मुक्त करने के लिए, अपने नहाने के पानी में लौंग के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं और उससे स्नान करें।
  • आप तनाव को दूर रखने के लिए लौंग से बनी हुई चाय भी पी सकते हैं। 

लौंग के अन्य फायदे - Other Benefits of Cloves in Hindi

जिन्हें पेट ठीक से साफ नहीं होने की परेशानी होती है, वे रात को सोने से पहले 2 लौंग चबाएं। इससे पेट अच्छी तरह साफ हो जाएगा। लौंग इम्युन बूस्टर की तरह काम करता है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए रखता है। लौंग के सेवन से शारीरिक कमजोरी भी खत्म हो जाती है।

(और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के घरेलू उपाय)

दांतों के दर्द का नुस्खा
यदि दांतों में दर्द है तो 5 ग्राम नींबू के रस में 3 लौंग को पीसकर दांतों में लगा लें। दांत में जहां दर्द हो रहा है, वहां बीच में इस मिश्रण को लगा लें। इससे दर्द में आराम मिलेगा, साथ ही इससे दांतों में अन्य संक्रमण होने का खतरा भी कम होगा।

खांसी में लौंग का ऐसे करें उपयोग
लौंग और अनार के छिलके को बराबर पीस लें, फिर इसे चौथाई चम्मच लेकर आधे चम्मच शहद के साथ दिन में 3 बार चाटें। इससे खांसी ठीक हो जाती है।

कमर दर्द में करें मालिश
लौंग के तेल की मालिश करने से कमर दर्द के अलावा अन्य अंगों का दर्द भी मिट जाता है। लौंग के तेल की मालिश नहाने से करीब आधा घंटे पहले करनी चाहिए।

मुंह के छाले का आयुर्वेदिक नुस्खा
मुंह में छाले होने पर दो लौंग को अच्छी तरह तवे पर भून लें, फिर इसे मुंह में रख लें। फिर लार आने पर थूकते रहें। इस उपाय से मुंह के छाले ठीक होंगे।

एक सिक्के के दो पहेलु होते हैं। इसी प्रकार से यदि लौंग के अनेक स्वास्थ्य-लाभ हैं तो कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। गर्म-प्रवर्ति का होने की वजह से अधिक मात्रा में लौंग का सेवन करने से आपके शरीर को इसके नकारात्मक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है, जो कि निम्नलिखित हैं।

  • अत्यधिक रूप से इसका सेवन आपके गुर्दों एवं आँतों को नुकसान पहुँचा सकता है।
  • इसमें उपस्थित यौगिक आपके रक्त को पतला बना सकते हैं जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
  • जिन लोगों का रक्त-शर्करा स्तर सामान्य स्तर से कम है उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। यदि आप इसका सेवन कर भी रहे है तो निरंतर अपने रक्त-शर्करा की जांच करते रहें।
  • इसके अत्यधिक सेवन से आपके शरीर में हल्की जलन भी हो सकती है।
  • इससे कामोत्तेजना (delay in orgasm or ejaculation) की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती हैं और आप स्तंभन दोष (trouble in maintaining erection) से भी ग्रस्त हो सकते हैं।
  • यह संभव है कि आपको लौंग से एलर्जी हों।
  • गर्भावस्था एवं स्तन-पान करा रहीं महिलाओं को भी इसका मौखिक सेवन कम करना चाहिए। इसकी एलर्जी प्रतिक्रिया शिशु के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

(और पढ़ें - पुत्र प्राप्ति के लिए क्या करें और बच्चा गोरा होने के उपाय)

परंतु आपको इसके दुष्प्रभाव से डरने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह आपके शरीर को तभी ग्रस्त करते हैं जब आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करें। अतः उचित मात्रा में लौंग का सेवन कर आप इसके दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। अपने शरीर अनुसार लौंग की दैनिक मात्रा सेवन जानने के लिए या फिर इसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रभावों को अच्छे से समझने के लिए आप किसी भी अच्छे डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। वैसे आमतौर पर रोजाना तीन या फिर चार लौंग का ही सेवन करना चाहिए।

नोट - इसकी उचित मात्रा आपके शरीर की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।


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संदर्भ

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