जब बात हमारे अपनों की आती है तो हमारी कोशिश बेस्ट चुनने की होती है। इसी तरह जब अपनों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स लेने की बात आती है तो हमें फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स के बारे में जरूर विचार करना चाहिए। फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स हमें एक ही प्रीमियम में पूरे परिवार को मेडिकल कवर मुहैया कराता है। इस तरह फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स एक ही परिवार के दो या उससे ज्यादा सदस्यों को एक ही समय में मेडिकल सुविधाएं लेने की सहूलियत देता है। फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान लेने के बाद एक साथ बीमार पड़ने पर परिवार के एक से अधिक सदस्य एक साथ ही पॉलिसी के तहत हॉस्पिटलाइजेशन का लाभ ले सकते हैं।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स क्यों जरूरी है)

हम जिन लोगों को प्यार करतें हैं, उनका ध्यान रखना व उनको सुरक्षित रखना हम अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी समझते हैं। फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स उन सभी लोगों के लिए उपयुक्त है, जो परिवार के प्रति समर्पित हैं और अपनों की सुरक्षा उनके लिए पहली प्राथमिकता होती है। फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स एक ऐसा इन्शुरन्स है, जिसमें आप घर के छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को शामिल कर सकते हैं। चलिए फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स के बारे में और विस्तार से जानते हैं :

  1. फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स कितने प्रकार के होते हैं? - Types of Family Health Insurance in Hindi
  2. इंडिविजुअल और फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स में अंतर - Indivisual Family Health Insurance v/s Family Floater in Hindi
  3. फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में किसे शामिल किया जा सकता है - Who can be added in Family Health Insurance in Hindi
  4. फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने के फायदे - Benefits of Health Insurance Plans for Family in Hindi
  5. बेस्ट फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स - Best Health Insurance Plans for Family in Hindi
  6. फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें - Things to Consider before buying a family health insurance in Hindi
  7. क्यों है हेल्थ इन्शुरन्स प्लान फॉर फैमिली आवश्यक? - Why it is important to have a Family health insurance in Hindi?

अब अगर आपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने का मन बना लिया है तो सबसे पहले समझ लें कि यह दो प्रकार का होता है। अब आपको तय करना है कि आपको अपने परिवार के लिए किस प्रकार का फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेना है। इसके दो प्रकार निम्न हैं :

  • इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स 
  • फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स

इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स : 
इस प्लान में परिवार के सभी सदस्य एक ही पॉलिसी के अंतर्गत कवर होते हैं, प्रीमियम एक होता है, लेकिन सभी को अलग-अलग बीमित राशि प्राप्त होती है। उदाहरण के लिए यदि आप अपने 4 लोगों के परिवार के लिए 10 लाख रुपये के सम-इनश्योर्ड राशि की पॉलिसी खरीदते हैं तो परिवार का प्रत्येक सदस्य 10 रुपये तक अपने इलाज पर खर्च कर सकता है। इस तरह 4 लोगों के परिवार को मिलने वाली कुल बीमा राशि 40 लाख रुपये होगी। एक से अधिक बच्चों वाले परिवार के लिए या अगर आप माता-पिता का इन्शुरन्स करवाना चाहते हैं तो इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान उत्तम माना जाता है। इस प्लान में सभी के पास अपना-अपना सम-इनश्योर्ड होता है, इसमें इस बात का खतरा नहीं होता कि एक व्यक्ति के बीमार पड़ने पर पूरा सम-इनश्योर्ड खत्म हो जाएगा और दूसरे के लिए कुछ नहीं बचेगा। हालांकि, इसका नुकसान यह है कि आपके परिवार के 4 लोगों के पास कुल 40 लाख की बीमा राशि है, लेकिन किसी एक का अस्पताल का बिल 10 लाख से अधिक आने पर अतिरिक्त बिल आपको चुकाना पड़ेगा।

फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स
फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स के अंतर्गत भी परिवार के सभी सदस्य एक ही पॉलिसी में कवर होते हैं और उनका प्रीमियम भी एक ही होता है। इस पॉलिसी की खासियत यह है कि इसमें पूरे परिवार को एक ही बीमा राशि से कवर किया जाता है। अगर आप 20 लाख का सम-इनश्योर्ड लेते हैं तो परिवार के सभी सदस्यों को 20 लाख का कवर मिलता है। अब अगर मान लें कि परिवार के किसी एक सदस्य को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वहां 5 लाख का बिल आया तो अब पूरे परिवार के पास 15 लाख का कवर बचेगा। इस तरह की पॉलिसी नए जोड़ों और न्युक्लियर फैमिली के लिए अच्छी मानी जाती है। यदि उसी उदाहरण को आगे बढ़ाएं तो, इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में 4 लोगों के कुल मिलाकर 40 लाख ही बीमा राशि के मुकाबले फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स में 4 लोगों के लिए 20 लाख की बीमा राशि कुछ मामलों में बेहतर हो सकती है। फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स में कोई भी सदस्य 20 लाख तक का इलाज करवा सकता है, जबकि इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में प्रत्येक सदस्य को सिर्फ 10 लाख का ही क्लेम मिलता।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्या क्या कवर होता है)

फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, इसमें आप अपने परिवार के सदस्यों को शामिल कर सकते हैं। आमतौर पर एक फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में पति-पत्नी और दो बच्चे शामिल होते हैं। इनके अलावा यदि आपके दो से ज्यादा बच्चे हैं तो आप उन्हें भी इस पॉलिसी में शामिल कर सकते हैं। माता-पिता को भी इस पॉलिसी के कवर का लाभ दे सकते हैं। यही नहीं आप चाहें तो कुछ कंपनियां सास-ससुर को भी कवर करने का विकल्प देती हैं। इसके अलावा आप अपने भाई-बहन को भी फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के साथ ही आपको अतिरिक्त प्रीमियम भी चुकाना होगा।

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फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि इसमें छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को एक ही प्लान के तहत कवर किया जा सकता है। फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स से कई फायदे जुड़े हैं। चलिए जानते हैं :

चिंतामुक्त हॉस्पिटलाइजेशन कवर
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान लेकर आप परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग हेल्थ इन्शुरन्स चुनने के झंझट से मुक्ति पाते हैं। आपको सबके लिए अलग-अलग प्रीमियम नहीं चुकाना पड़ता। किसी भी वजह से नेटवर्क अस्पताल में भर्ती होने पर व्यक्तिगत हेल्थ इन्शुरन्स की तरह ही आप कैशलेस क्लेम का लाभ उठा सकते हैं। पूरे परिवार को एक ही हेल्थ इन्शुरन्स के तहत एक जैसी सुविधाओं का कवर मिल जाता है।

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परिवार के नए सदस्य को जोड़ना आसान
यदि आप व्यक्तिगत हेल्थ इन्शुरन्स का चुनाव करते हैं तो आपको नए सदस्य के लिए एक और व्यक्तिगत हेल्थ इन्शुरन्स लेना होगा, जबकि फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में आप आसानी से उसे अपनी पुरानी पॉलिसी में सम्मिलित कर सकते हैं। यदि आप अपने फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में माता-पिता को जोड़ रहे हैं तो कोशिश करें कि सम-इनश्योर्ड बड़ा हो। सबसे वरिष्ठ सदस्य की मृत्यु के बाद भी परिवार के अन्य सदस्यों को हेल्थ इन्शुरन्स कवरेज का फायदा मिलता रहेगा। 

सस्ता प्रीमियम
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स के तहत आपको पूरे परिवार के लिए एक प्रीमियम चुकाना होता है। यह प्रत्येक सदस्य के व्यक्तिगत हेल्थ इन्शुरन्स के लिए चुकाए जाने वाले प्रीमियम से सस्ता पड़ता है। यानी फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में आप अपने जीवन साथी और बच्चों के साथ ही माता-पिता को भी एफॉर्डेबल प्रीमियम में इन्शुरन्स कवर दे सकते हैं। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनकी जरूरतों के अनुसार अलग हेल्थ इन्शुरन्स लेना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जाएगा।

एडऑन का लाभ ले सकते हैं
आप प्रीमियम में मामूली बढ़ोतरी करके पूरे परिवार के लिए क्रिटिकल इलनेस, मैटरनिटी कवर, हॉस्पिटल कैश जैसे कई राइडर्स का भी लाभ उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए नए शादीशुदा लोग मैटरनिटी कवर और न्यू बॉर्न बेबी कवर ले सकते हैं। हालांकि, मैटरनिटी जैसे एडऑन कवर के लिए वेटिंग पीरियड होता है, अलग-अलग पॉलिसी के अनुसार वेटिंग पीरियड भी अलग-अलग होता है। इसलिए अपने पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

टैक्स लाभ
हेल्थ इन्शुरन्स प्लान में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। यदि आप अपने परिवार और माता-पिता के लिए हेल्थ इन्शुरन्स का प्रीमियम चुका रहे हैं तो आप टैक्स में छूट का लाभ ले सकते हैं।

हेल्थ इन्शुरन्स से जुड़े कई अन्य आर्टिकल में भी हम आपको बता चुके हैं कि जो प्लान आपके परिवार और आपकी जरूरतों को पूरा करता हो वही बेल्ट हेल्थ इन्शुरन्स है। इसके बावजूद अगर आप हमसे एक नाम चाहते हैं तो हम आपको myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी का सुझाव देंगे। इस पॉलिसी के बारे में और अधिक जानने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर लॉगइन कर सकते हैं।

(और पढ़ें - सबसे अच्छा हेल्थ इन्शुरन्स कौन सा है)

कोई भी फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने से पहले आपको अच्छे से रिसर्च करनी चाहिए। क्योंकि हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में नियम और शर्तें काफी जटिल होती हैं। कहीं ऐसा न हो कि आप जल्दबाजी में कोई पॉलिसी खरीद लें और आपको बाद में इलाज मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़े। इसलिए फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स लेने से पहले निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें -

क्या और कितना कवर मिलेगा
जब आप विभिन्न इन्शुरन्स कंपनियों के फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स के बीच तुलना करेंगे तो बेसिक कवरेज की एक लिस्ट बना लें। आमतौर पर सभी हेल्थ प्लान में डे-केयर, हॉस्पिटलाइजेशन के खर्चे और एम्बुलेंस फीस कवर होती हैं। यह पहले ही सुनिश्चित कर लें कि एम्बुलेंस कवर कितना मिलेगा और हॉस्पिटल रूम या आईसीयू में भर्ती होने पर कितने तक का क्लेम मिलेगा। अगर आप युवा हैं और भविष्य में बच्चे चाहते हैं तो आपको मैटरनिटी कवर के साथ ही न्यू-बॉर्न बेबी कवर लेना चाहिए। आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आपकी प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज कवर हो रही हैं या नहीं, कितने वेटिंग पीरियड के बाद कवर होंगी आदि।

भविष्य में सम इनश्योर्ड बढ़ाने का विकल्प
दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ रही है, इसी तरह से इलाज का खर्च भी बढ़ रहा है। ज्यादातर इन्शुरन्स कंपनियां भविष्य में सम-इनश्योर्ड बढ़ाने का विकल्प देती हैं। कई बार कंपनियां सम-इनश्योर्ड बढ़ाने का विकल्प तो देती ही हैं, साथ ही पूरे साल क्लेम न लेने पर आपका सम-इनश्योर्ड स्वयं भी बढ़ा देती हैं।

कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा
जब आप अलग-अलग फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में तुलना कर रहे हों तो यह भी देखें कि किस कंपनी के नेटवर्क में कुल कितने अस्पताल आते हैं। जिस कंपनी के नेटवर्क में जितने ज्यादा और अच्छे अस्पताल होंगे, उतना ही आसान आपके लिए कैशलेस क्लेम लेना होगा। इसके साथ ही आपको यह भी देखना चाहिए कि आपके निवास के आसपास के अस्पताल इस लिस्ट में हैं या नहीं।

लाइफलॉन्ग रिन्यु
कुछ हेल्थ इन्शुरन्स कंपनियां सिर्फ 60-65 साल तक ही पॉलिसी रिन्यु कराने का विकल्प देती हैं। हालांकि, आजकल कुछ कंपनियां ताउम्र (जब तक आप जीवित रहेंगे) पॉलिसी रिन्यु कराने का आश्वासन देती हैं। अधिक उम्र में आपको हेल्थ इन्शुरन्स की जरूरत ज्यादा हो सकती है, इसलिए ऐसा प्लान लें जो आपके जीवित रहने तक हमेशा रिन्यु हो सके।

आसान क्लेम सेटलमेंट
हालांकि, सभी कंपनियां आईआरडीए के नियमों के तहत ही काम करती हैं। फिर भी क्लेम प्रोसेस में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है। आप जिस भी कंपनी का चुनाव करें, ध्यान रखें कि उसका क्लेम प्रोसेस आसान हो, क्लेम रेशियो अच्छा (100 फीसद के करीब) हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंपनी पर भरोसा हो।

यदि आपने ऊपर से आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ा है तो अब तक आप समझ ही गए होंगे कि आपके लिए फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स क्यों जरूरी है। इसके बावजूद अगर कोई प्रश्न बाकी हो तो आप फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स के संबंध में लिखा गया हमारा अन्य आर्टिकल जरूर पढ़ें।

(और पढ़ें - फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स के फायदे)

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