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भारत में विभिन्न बीमारियों को मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और साथ ही बढ़ती महंगाई के कारण आम आदमी के लिए अस्पताल के खर्च उठाना लगभग नामुमकिन हो गया है। जैसे-जैसे हेल्थ सेक्टर में टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, ठीक उसी प्रकार उस पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आपके पास एक मेडिक्लेम पॉलिसी होना अति आवश्यक हो जाता है, जिसकी मदद से आप अपनी जेब पर बोझ डाले बिना ही महंगे व आधुनिक मेडिकल ट्रीटमेंट करवा सकते हैं। सरल भाषा में कहें तो मेडिक्लेम पॉलिसी किसी भी मेडिकल इमर्जेंसी के लिए पहले से ही तैयार रहने का एक अच्छा तरीका है।

यदि आप भी मेडिक्लेम पॉलिसी लेने की सोच रहे हैं या नहीं भी सोच रहे तो भी आपको यह लेख एक बार पढ़ लेना चाहिए। इस लेख में आपको मेडिक्लेम पॉलिसी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने को कोशिश की गई है ताकि आप सुनिश्चित कर पाएं कि यह आपके लिए कितना लाभदायक हो सकता है। चलिए जानते हैं कि मेडिक्लेम पॉलिसी क्या है और यह इतनी जरूरी क्यों है -

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  1. मेडिक्लेम पॉलिसी क्या है - What is Mediclaim policy in Hindi
  2. मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रकार - Types of Mediclaim policy in Hindi
  3. मेडिक्लेम पॉलिसी क्यों जरूरी है - Why is Mediclaim policy is necessary in Hindi
  4. मेडिक्लेम पॉलिसी के लाभ - Benefits of Mediclaim policy in Hindi
  5. मेडिक्लेम पॉलिसी क्या कवर करती है - What does Mediclaim policy covers in Hindi
  6. मेडिक्लेम पॉलिसी क्या कवर नहीं करती है - What does Mediclaim policy not covers in Hindi
  7. मेडिक्लेम पॉलिसी लेते समय किन बातों का क्या ध्यान रखना चाहिए - Things to consider before you buy Mediclaim policy in Hindi

मेडिक्लेम पॉलिसी क्या है

मेडिक्लेम पॉलिसी एक प्रकार की हैल्थ क्लेम इन्शुरन्स पॉलिसी है, जो किसी भी दुर्घटना, बीमारी या सर्जरी आदि की स्थितियों में आपके हॉस्पिटल का खर्चा उठाती है। मेडिक्लेम पॉलिसी में बीमा कंपनी पॉलिसीधारक या पॉलिसी में शामिल उसके परिवार के उपचार पर होने वाले खर्च का भुगतान करती है, इसमें दुर्घटनाएं, बीमारियां व सर्जरी आदि शामिल हैं। चाहे उपचार सिर्फ एक दिन का हो या मरीज को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े, मेडिक्लेम पॉलिसी में सभी स्थितियों को कवर किया जाता है। कुछ मेडिक्लेम पॉलिसियां उपचार के बाद के मेडिकल खर्च को कवर करती हैं, जैसे दवाएं, टेस्ट और डॉक्टर की फॉलोअप फीस।

अगर सरल भाषा में कहा जाए तो मेडिक्लेम पॉलिसी आपको व आपके परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा व इलाज के वित्तीय बोझ से बचाती है, ताकि आप बीमारियों से लड़ने के साथ-साथ उस पर होने वाले खर्च को भी मैनेज कर सकें। इस मामले में myUpchar बीमा प्लस हेल्थ इन्शुरन्स आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरता है, क्योंकि न सिर्फ इसका प्रीमियम कम है, बल्कि यह एक कंपलीट हेल्थ इन्शुरन्स प्लान है। जो हॉस्पिटलाइजेशन के साथ ही प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन को भी कवर करता है।

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मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रकार

अलग-अलग आवश्यकताओं के अनुसार मेडिक्लेम पॉलिसी भी विभिन्न प्रकार की हो सकती हैं, जिनके बारे में निम्न बताया गया है -

  • इंडीविजुअल मेडिक्लेम पॉलिसी -
    इसमें जिसके नामक पॉलिसी की गई है, सिर्फ उसी के मेडिकल खर्च को कवर किया जाता है।
     
  • फैमिली फ्लोटर पॉलिसी -
    इसमें जिसके नामक पॉलिसी है व उसके परिवार को भी मेडिक्लेम पॉलिसी के प्लान में शामिल किया जाता है। परिवार में आमतौर पर पॉलिसीधारक व्यक्ति के माता-पिता, पत्नी/पति और बच्चों को शामिल किया जाता है।
     
  • ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसी -
    इस पॉलिसी को आमतौर पर मालिक द्वारा उसकी कंपनी या संगठन के कर्मचारियों व सदस्यों के लिए खरीदा जाता है। जिसमें शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों का मेडिकल खर्च ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसी प्लान उठाता है।
     
  • सीनियर सीटिजन मेडिक्लेम पॉलिसी -
    यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाया गया मेडिकल पॉलिसी प्लान है, जिसमें उनसे जुड़ी कुछ विशेष समस्याओं पर होने वाले मेडिकल खर्च को कवर किया जाता है।
     
  • क्रिटिकल इलनेस मेडिक्लेम पॉलिसी -
    इस प्लान को गंभीर बीमारियों से होने वाले मेडिकल खर्च को कवर करने के लिए बनाया गया है। क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी में आमतौर पर कैंसर, गुर्दे खराब होना और हृदय रोगों के इलाज में होने वाले खर्च को कवर किया जाता है।
     
  • ओवरसीज मेडिक्लेम पॉलिसी -
    यदि आप किसी दूसरे देश में बीमार पड़ गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं, तो ओवरसीज मेडिक्लेम पॉलिसी आपके मेडिकल खर्च को कवर करती है।
     
  • लो कोस्ट मेडिक्लेम पॉलिसी -
    जो लोग कम बीमा राशि को ढूंढ रहे हैं, वे लो कोस्ट मेडिक्लेम पॉलिसी ले सकते हैं। साथ ही लो कोस्ट मेडिक्लेम पॉलिसी उन लोगों को मेडिकल खर्च पर कवरेज प्रदान करती है, जिनका बजट कम होता है।

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मेडिक्लेम पॉलिसी क्यों जरूरी है?

आजकल अस्पतालों के बढ़ते खर्च और दवाओं की महंगाई को देखते हुए मेडिक्लेम पॉलिसी लेना हर किसी के लिए आवश्यक हो गया है। नीचे कुछ पॉइंट दिए गए हैं, जो बताते हैं कि मेडिक्लेम पॉलिसी लेना क्यों जरूरी है -

  • जीवनशैली में बढ़ते रोग -
    भारत में गंभीर रोगों व जीवनशैली संबंधी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ये रोग अचानक से होकर आपकी सारी सेविंग को हड़प सकते हैं। इसलिए अच्छा विकल्प है कि मेडिक्लेम पॉलिसी लेकर बढ़ते मेडिकल खर्चों से खुद को सुरक्षित रखा जाए।
     
  • अपनी सेविंग को बचाने के लिए -
    वित्तीय रूप से स्थिर रहने के लिए रोजाना थोड़ी-थोड़ी सेविंग करना जरूरी है। ऐसे में अचानक से होने वाली किसी बीमारी पर पैसा लगाना पड़ जाए तो आपकी सालों की सेविंग खत्म हो सकती है। ऐसी स्थिति में मेडिक्लेम पॉलिसी अपनी भूमिका निभाती है, जो आपके मेडिकल खर्च को उठाकर आपकी सेविंग को सुरक्षित रखती है।
     
  • अपनी व परिवार की सुरक्षा -
    आजकल लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है, जिसमें एक आम आदमी अपने मेडिकल खर्च भी नहीं उठा पाता है। ऐसे में परिवार को बीमारियों से सुरक्षित रखना तो लगभग नामुमकिन हो जाता है। हालांकि, आप मेडिक्लेम पॉलिसी का एक उचित प्लान लेकर इसे संभव कर सकते हैं।

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मेडिक्लेम पॉलिसी के लाभ
मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले इस बारे में जानना भी जरूरी है कि उससे आपको क्या लाभ मिलता है। नए रोग व महामारी के इस दौर में आम आदमी द्वारा अपना व परिवार का मेडिकल खर्च उठाना लगभग असंभव हो गया है। ऐसे में मेडिक्लेम पॉलिसी समय पर वित्तिय मदद करके महत्वपूर्ण जीवन बचा सकती है। इसके अलावा मेडिक्लेम पॉलिसी के कुछ अन्य लाभ भी हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं -

  • अस्पताल में कैश की टेंशन नहीं -
    इलाज के दौरान आपको कैश की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपके हॉस्पिटल बिल का पेमेंट मेडिक्लेम पॉलिसी से होगा।
     
  • जीवनभर की कवरेज -
    यदि आपने मेडिक्लेम पॉलिसी ली है, तो आपको बार-बार मेडिकल इन्शुरन्स लेने की आवश्यकता नहीं है। एक बार पॉलिसी लेने पर आप व आपका परिवार जीवनभर इसे रिन्यु करके इसके लाभ उठा सकते हैं।
     
  • प्रिवेंटिव केयर -
    एक नियमित स्वास्थ्य जांच आपकी सेहत के लिए तो जरूरी है, लेकिन आपके बजट के लिए हानिकारक हो सकती है। ऐसे में मेडिक्लेम पॉलिसी की मदद से आप बिना अपनी जेब पर बोझ बढ़ाए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवा सकते हैं।
     
  • अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च -
    मेडिक्लेम पॉलिसी लेने के बाद आपको अस्पताल में भर्ती होने से पहले के खर्च जैसे टेस्ट करवाना और डॉक्टर की सलाह आदि पर होने वाले खर्चे के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आपका जो भी मेडिकल खर्च होता है, उसे भी मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है। इसमें आमतौर पर 30 दिन का प्री-हॉस्पिटलाइजेशन और 60 दिन को पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन खर्च क्लेम किया जा सकता है।
     
  • ईएमआई ऑप्शन -
    मेडिक्लेम पॉलिसी आपको आसान किश्तों की सुविधा भी प्रदान करती है। ऐसे में आप महीने या त्रैमासिक अवधि के अनुसार मेडिक्लेम प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं, ताकि आपका बजट न बिगड़े।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्या-क्या कवर होता है?)

कोई भी मेडिक्लेम पॉलिसी या हेल्थ इन्शुरन्स लेने से पहले यह पता होना जरूरी है कि आपको दिए जा रहे प्लान में क्या-क्या कवर किया जा रहा है। मेडिक्लेम पॉलिसी में आमतौर पर निम्न को कवर किया जाता है -

  • इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन -
    यदि इलाज के दौरान या बाद में मरीज को 24 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखा गया है, तो उसे इन-पेशेंट कहा जाता है। मेडिक्लेम पॉलिसी में इन-पेशेंट के खर्च को कवर किया जाता है, जिसमें रूम, आईसीयू, ब्लड, ऑक्सीजन, ऑपरेशन थिएटर और अन्य खर्चे शामिल हैं। साथ ही इसमें डॉक्टर व अन्य स्टाफ की फीस को भी शामिल किया जाता है।
     
  • डे-केयर ट्रीटमेंट -
    यदि आपने कोई भी ऐसा इलाज या ऑपरेशन करवाया है, जिसमें सिर्फ एक ही दिन (24 घंटे से कम) अस्पताल में रखा गया है तो भी रूम, मशीन, डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ का खर्च मेडिक्लेम पॉलिसी द्वारा कवर किया जाता है। हालांकि, हर मेडिक्लेम पॉलिसी प्लान के अपने अलग नियम व शर्तें होती हैं।

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मेडिक्लेम पॉलिसी में क्या कवर नहीं होता?

कुछ चीजें हैं जो मेडिक्लेम पॉलिसी में कवर नहीं की जाती है, जिन्हें एक्सक्लूजन कहा जाता है। मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले इनका पता होना जरूरी है, जो कुछ इस प्रकार हैं -

  • मेडिक्लेम पॉलिसी लेने के एक महीने के भीतर हुए किसी भी मेडिकल खर्च को यह प्लान कवर नहीं करता है। उदाहरण के तौर पर एक महीने के भीतर भी कोई डायग्नोसिस, सर्जरी या बीमारी आदि होना। हालांकि, एक्सीडेंट कवर मिलेगा।
  • जन्मजात रोगों पर होने वाला मेडिकल खर्च
  • बांझपन या आईवीएफ के ट्रीटमेंट पर होने वाला खर्च
  • गर्भावस्था से संबंधी, प्रसव, मिसकैरेज या एबॉर्शन पर होने वाला खर्च
  • झगड़े, दंगे व मारपीट में लगी चोटों पर होने वाला मेडिकल खर्च
  • खुदकुशी या खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर होने वाला मेडिकल खर्च
  • मेडिकल पॉलिसी लेने से 48 महीने पहले से हुई कोई दीर्घकालिक बीमारी

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मेडिक्लेम पॉलिसी लेते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि जिस समय भी आपको मेडिकल इमर्जेंसी पड़े आप उसका सामाना आसानी से कर पाएं। वैसे तो आप मेडिक्लेम पॉलिसी व उसके प्रकारों के बारे में इंटरनेट पर पढ़ सकते हैं, लेकिन यदि आप पहली बार पॉलिसी ले रहे हैं तो इसके नियम व शर्तों को समझना आपके लिए काफी उलझन भरा हो सकता है। इसीलिए नीचे पॉइंट्स में बताया गया है कि मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

  • कवरेज के प्रकार -
    भारत में मेडिक्लेम पॉलिसी को एक व्यक्ति या पारिवारिक प्लान के अनुसार कई अलग-अलग प्रकारों में बनाया गया है। आप फैमिली फ्लोटर प्लान का चयन कर सकते हैं, क्योंकि इसमें आपके पूरे परिवार के मेडिकल खर्च को कवर किया जाता है। यदि घर पर कोई वृद्ध व्यक्ति है तो उसके लिए इंडिविजुअल प्लान भी सही हो सकता है।
     
  • बीमा राशि -
    सबसे पहले आपको अपने सभी मेडिकल खर्चों का अंदाजा लगा लेना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि मेट्रो सिटी में मेडिकल खर्च ज्यादा होते हैं। यदि आप पूरे परिवार के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी लेने का प्लान कर रहे हैं तो अधिक बीमा राशि लेने की सलाह दी जाती है।
     
  • लाभ -
    ऐसी मेडिक्लेम पॉलिसी का चुनाव करें, जो ज्यादा से ज्यादा कवरेज प्रदान करती हो। उदाहरण के लिए अस्पताल में भर्ती होना, डे-केयर ट्रीटमेंट, एंबुलेंस, दवाएं और भर्ती होने से पहले व बाद का खर्च आदि इसमें सभी कवर होना चाहिए।
     
  • प्रीमियम -
    इस बात का ध्यान रखें कि जो कवरेज आपको मेडिक्लेम पॉलिसी से मिल रही है कहीं आप उसकी तुलना में ज्यादा प्रीमियम तो नहीं भर रहे हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले इसकी अच्छे से जांच कर लें।
     
  • डिस्काउंट -
    जब आप मेडिक्लेम पॉलिसी ले रहे हों, तो एक बार डिस्काउंट चेक कर लें। ऐसा इसलिए कई बार अच्छे डिस्काउंट ऑफर की मदद से आप कम पैसे में अच्छा प्लान ले सकते हैं।
     
  • इन्क्लूजन व एक्सक्लूजन -
    मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदते समय यह पॉइंट ध्यान में रखना सबसे जरूरी है। प्लान खरीदने से पहले ही आपको इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि आपके द्वारा लिए जाने वाले प्लान में क्या-क्या शामिल है और क्या शामिल नहीं है। इन पॉइंट्स की मदद से ही आप अपने व परिवार के लिए सही मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद पाएंगे।
     
  • वेटिंग पीरियड -
    मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले उसके सारे दस्तावेज पढ़ लें, जिनमें वेटिंग पीरियड पॉइंट को भी पढ़ें। इस बात की जांच करें कि मेडिक्लेम पॉलिसी लेने के बाद शुरुआती वेटिंग पीरियड कितना है और पहले से हुई बीमारियों के लिए कितना वेटिंग पीरियड है। यदि आपको या परिवार में किसी को पहले से ही कोई बीमारी है, तो मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले उसके वेटिंग पीरियड के बारे में जानना सबसे जरूरी है। आपको कम से कम वेटिंग पीरियड वाली मेडिक्लेम पॉलिसी लेने की सलाह दी जाती है।
     
  • नेटवर्क के हॉस्पिटल -
    यह पता लगा लें कि जो मेडिक्लेम पॉलिसी आप ले रहे हैं, उसके नेटवर्क में कौन-कौन से अस्पताल आते हैं। यदि आपके आसपास कोई ऐसा हॉस्पिटल है, जो मेडिक्लेम पॉलिसी के नेटवर्क में है तो आप प्लान को खरीद सकते हैं।
     
  • सीएसआर चेक करें -
    मेडिक्लेम पॉलिसी लेने से पहले ही उसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो चेक करना भी जरूरी है। यदि सीएसआर अधिक है, तो आप आवश्यकता पड़ने पर आसानी से क्लेम ले सकते हैं।

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