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किडनी खराब होना क्या है?

किडनी खराब होना या जिसे मेडिकल भाषा में एक्यूट किडनी फेलियर कहते हैं, तब होता है जब आपके गुर्दे रक्त से अपशिष्ट उत्पादों को फिल्टर करना अचानक बंद कर देते हैं। जब गुर्दों की रक्त छानने की क्षमता नष्ट हो जाती है, तो रक्त में अपशिष्ट पदार्थ खतरनाक स्तर पर जमा होने लगते हैं और इससे रक्त की रासायनिक संरचना असंतुलित हो जाती है।

एक्यूट किडनी फेलियर, जिसे "गुर्दे खराब होना" या "एक्यूट गुर्दे की चोट" भी कहा जाता है - कुछ घंटे या कुछ दिनों में तेजी से विकसित हो सकता है। ऐसे लोग जो पहले से ही अस्पताल में भर्ती हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें ज़्यादा देखभाल की आवश्यकता होती है, उनमें गुर्दे की खराबी सामान्य रूप से अधिक होती है।

किडनी खराब होना घातक हो सकता है और इसके लिए विशेष उपचार की आवश्यकता होती है। हालांकि, एक्यूट किडनी फेलियर को वापस सामान्य स्थिति में लाया जा सकता है। इसके अलावा यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा है, तो आप किडनी को सामान्य रूप से काम करने के लिए बेहतर बना सकते हैं।

(और पढ़ें - किडनी को खराब करने वाली आदतें)

  1. किडनी खराब होने के प्रकार - Types of Kidney Failure in Hindi
  2. गुर्दे खराब होने के लक्षण - Acute Kidney Failure Symptoms in Hindi
  3. किडनी खराब होने के कारण - Acute Kidney Failure Causes & Risk Factors in Hindi
  4. किडनी खराब होने से बचाव के उपाय - Prevention of Acute Kidney Failure in Hindi
  5. किडनी खराब होने का निदान - Diagnosis of Acute Kidney Failure in Hindi
  6. किडनी खराब होने का उपचार - Acute Kidney Failure Treatment in Hindi
  7. गुर्दे खराब होने की जटिलताएं - Acute Kidney Failure Complications in Hindi
  8. भारतीय डॉक्टरों की बड़ी सफलता, निकाली 7.4 किलो की किडनी
  9. किडनी खराब होना की दवा - Medicines for Acute Kidney Failure in Hindi
  10. किडनी खराब होना के डॉक्टर

किडनी खराब होने के प्रकार - Types of Kidney Failure in Hindi

किडनी खराब होने के प्रकार कितने हैं?

एक्यूट किडनी फेलियर दो प्रकार की हो सकती है –

एक्यूट किडनी फेलियर: 
इस प्रकार की विफलता अचानक होती है और यह आपातकालीन चिकित्सकीय स्थिति होती है। यह लेख इसी से संबंधित है।  

क्रोनिक किडनी फेलियर:
इस प्रकार की गुर्दे की विफलता समय के साथ धीरे-धीरे होती है। आमतौर पर यह क्रोनिक गुर्दे की बीमारी का अंतिम चरण होता है। कई बार "क्रोनिक किडनी की विफलता" और "क्रोनिक किडनी रोग" शब्द एक-दूसरे के लिए उपयोग किए जाते हैं। इस प्रकार के किडनी खराब होने की चर्चा किडनी फेल होना नामक लेख में की गयी है।

(और पढ़ें - किडनी की सूजन का इलाज)

गुर्दे खराब होने के लक्षण - Acute Kidney Failure Symptoms in Hindi

किडनी खराब होने के संकेत और लक्षण क्या होते हैं?

किडनी खराब होने के संकेत और लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं -

(और पढ़ें - थकान दूर करने का घरेलू उपाय)

कभी-कभी एक्यूट किडनी फेलियर के कोई संकेत या लक्षण दिखाई नहीं देते और किसी अन्य कारण के लिए प्रयोगशाला परीक्षण करवाने पर इनके बारे में पता चलता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आप एक्यूट किडनी फेलियर के किसी संकेत या लक्षण का अनुभव करते हैं, तो अपने डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करें।

(और पढ़ें - किडनी के कैंसर का इलाज)

किडनी खराब होने के कारण - Acute Kidney Failure Causes & Risk Factors in Hindi

किडनी खराब होने के कारण क्या हैं?

किडनी तब खराब हो सकती है, जब –

  1. आपकी स्थिति ऐसी है, जो आपके गुर्दों में होने वाले रक्त प्रवाह को धीमा कर देती है।
  2. आप अपने गुर्दों में होने वाली क्षति को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करते हैं।
  3. आपके गुर्दों की मूत्र निकासी नलियां (यूरेटर्स) अवरुद्ध हो जाती हैं और अपशिष्ट आपके मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है।

(और पढ़ें - पेशाब में खून आने का इलाज)

उपरोक्त तीनों में से प्रत्येक के लिए निम्न कारण उत्तरदायी है -

1. गुर्दों में रक्त का प्रवाह ठीक से न होना 

रोग और स्थितियां जो गुर्दों में रक्त के प्रवाह को धीमा कर सकती हैं और गुर्दों की खराबी के लिए ज़िम्मेदार हो सकती हैं, उनमें शामिल  है –

(और पढ़ें - पानी की कमी को दूर करने के उपाय)

2. गुर्दों को नुकसान

रोगों की निम्न स्थिति और कारक किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और एक्यूट किडनी फेलियर को उत्पन्न कर सकते हैं –

  • गुर्दों में और उनके आसपास मौजूद नसों और धमनियों में रक्त के थक्के जमना।
  • कोलेस्ट्रॉल के जमा हो जाने से गुर्दों में होने वाला रक्त प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक उपाय)
  • ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, गुर्दों में मौजूद छोटे फिल्टर्स में सूजन (ग्लोमेरुली)।
  • हीमोलाइटिक यूरीमिक सिंड्रोम (लाल रक्त कोशिकाओं के समय से पहले होने वाले अंत के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली स्थिति है)। 
  • आतंरिक संक्रमण।
  • ल्यूपस, एक प्रतिरक्षा प्रणाली विकार जिसके कारण ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस हो जाता है। 
  • दवाएं, जैसे कि कुछ कीमोथेरेपी दवाएं, एंटीबायोटिक्स, इमेजिंग टेस्ट के दौरान उपयोग किये जाने वाले डाई (Dyes), ऑस्टियोपोरोसिस और रक्त में कैल्शियम के उच्च स्तर (हैपरकॉसमिया) का उपचार करने के लिए उपयोग किया जाने वाला जोलेड्रोनिक एसिड (रीक्लास्ट, जोमेटा)  (और पढ़ें - कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग)
  • मल्टीपल माइलोमा, प्लाज्मा कोशिकाओं का कैंसर (और पढ़ें - कैंसर का इलाज)
  • स्क्लेरोडर्मा, त्वचा और संयोजी ऊतकों को प्रभावित करने वाले दुर्लभ रोगों का समूह
  • थ्रोम्बोटिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक परपूरा (टीटीपी), एक दुर्लभ रक्त विकार
  • विषाक्त पदार्थ, जैसे – अल्कोहल, भारी धातुएं और कोकीन (और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स कैसे करें)
  • वस्क्यूलिटिस, रक्त वाहिकाओं की सूजन

(और पढ़ें - इंफ्लेमेटरी डिजीज का इलाज)

3. गुर्दों में मूत्र का अवरुद्ध होना 

रोग और अवस्थाएं, जो शरीर से मूत्र के बाहर निकलने वाले मार्ग को अवरुद्ध करते हैं (मूत्र अवरोध) और एक्यूट गुर्दे की खराबी का कारण बन सकते हैं, में निम्न शामिल हो सकते हैं –

(और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले आहार)

एक्यूट किडनी फेलियर का खतरा कब बढ़ जाता है? 

एक्यूट किडनी फेलियर हमेशा लगभग किसी एक अन्य चिकित्सकीय स्थिति या घटना से संबंधित होता है। गुर्दे खराब होने के जोखिम को बढ़ाने वाली स्थितियों में निम्न शामिल हैं –

(और पढ़ें - मधुमेह में क्या खाना चाहिए)

किडनी खराब होने से बचाव के उपाय - Prevention of Acute Kidney Failure in Hindi

किडनी खराब होने से बचाव कैसे किया जाता हैं?

किडनी खराब होने का पूर्वानुमान लगाना या रोकना अक्सर मुश्किल होता है। लेकिन, आप गुर्दों की देखभाल करके अपने जोखिम को कम कर सकते हैं। निम्न निर्देशों का पालन करने का प्रयास करें – 

  • ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवाओं पर लिखे निर्देशों का पालन करें:
    एस्पिरिन, एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल व अन्य) और इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन आईबी तथा अन्य) जैसी ओटीसी दर्द की दवाओं पर लिखे निर्देशों का पालन करें। इनकी अधिक खुराक लेने से एक्यूट किडनी फेलियर का खतरा बढ़ सकता है। यह खतरा तब और बढ़ जाता है जब आपको पहले से ही किडनी रोग, मधुमेह या उच्च रक्तचाप हो। (और पढ़ें - bp kam karne ke upay)
     
  • गुर्दों की समस्याओं का प्रबंधन करने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें:
    यदि आपको गुर्दे की बीमारी या अन्य रोग, जैसे कि मधुमेह या उच्च रक्तचाप है, जो आपके एक्यूट गुर्दे की खराबी के जोखिम को कम करने के लिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। (और पढ़ें - शुगर का आयुर्वेदिक उपचार)
     
  • एक स्वस्थ जीवन शैली को प्राथमिकता दें:
    सक्रिय रहें, उचित मात्रा में संतुलित आहार खाएं और शराब का सेवन बहुत कम कर दें या बिलकुल न पीएं। 

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने का तरीका)

किडनी खराब होने का निदान - Diagnosis of Acute Kidney Failure in Hindi

किडनी खराब होने का परीक्षण कैसे होता है?

यदि आपके संकेत और लक्षण बताते हैं कि आप एक्यूट किडनी फेलियर से ग्रसित हैं, तो आपके डॉक्टर रोग की पुष्टि करने के लिए कुछ परीक्षण और प्रक्रियाओं की सिफारिश कर सकते हैं। जिनमें निम्न शामिल हो सकते हैं –

  • मूत्र उत्पादन को मापना:
    आपके द्वारा एक दिन में उत्सर्जित की गयी पेशाब की मात्रा, चिकित्सक को आपके गुर्दों की खराबी के कारण को निर्धारित करने में मदद कर सकती है। (और पढ़ें - आयरन टेस्ट)
     
  • मूत्र परीक्षण:
    मूत्र विश्लेषण प्रक्रिया द्वारा आपके मूत्र के नमूने का विश्लेषण करने से उन असामान्यताओं का पता चल सकता है, जो गुर्दे की खराबी को बढ़ाती हैं। (और पढ़ें - किडनी फंक्शन टेस्ट क्या है)
     
  • रक्त परीक्षण:
    आपके रक्त का नमूना यूरिया और क्रिएटिनिन के तेजी से बढ़ते स्तरों को प्रकट कर सकता है।
     
  • इमेजिंग टेस्ट:
    अल्ट्रासाउंड और कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) जैसे इमेजिंग टेस्ट, डॉक्टर द्वारा आपके गुर्दों का निरीक्षण करने में मदद कर सकते हैं। (और पढ़ें - सी आर पी ब्लड टेस्ट)
     
  • परीक्षण के लिए गुर्दों के ऊतक का नमूना लेना:
    कुछ स्थितियों में, आपके डॉक्टर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए गुर्दे के ऊतक के एक छोटे से नमूने को निकालने के लिए किडनी बायोप्सी की सिफारिश कर सकते हैं। गुर्दे के ऊतक का नमूना लेने के लिए डॉक्टर एक पतली सुई आपकी त्वचा के माध्यम से किडनी में डाल सकते हैं।

(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या है)

किडनी खराब होने का उपचार - Acute Kidney Failure Treatment in Hindi

गुर्दे खराब होने का उपचार कैसे किया जाता हैं?

उपचार के लिए आमतौर पर अस्पताल में रहने की आवश्यकता होती है। इस बीमारी से ग्रसित अधिकांश लोग पहले से ही अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं। आपको कब तक अस्पताल में रहना पड़ेगा, यह आपकी बीमारी के कारण और कितनी जल्दी आपकी किडनी में सुधार होता है – इस बात पर निर्भर करता है।

आपके किडनी फेलियर के अंतर्निहित कारणों का इलाज करना:
एक्यूट किडनी फेलियर के उपचार में उस बीमारी या चोट की पहचान करना शामिल है, जो मूल रूप से आपके गुर्दे को क्षति पहुंचाती है। आपके उपचार के विकल्प, गुर्दों की खराबी के कारण पर निर्भर करते हैं। (और पढ़ें - चोट लगने पर क्या करें)

आपके गुर्दों के स्वस्थ होने तक जटिलताओं का इलाज करना:
आपके चिकित्सक जटिलताओं को रोकने का प्रयास करेंगे और आपके गुर्दों को ठीक होने के लिए समय देंगे। जटिलताओं को रोकने में मदद करने वाले उपचारों में निम्न शामिल हैं –

  • आपके रक्त में द्रव की मात्रा को संतुलित करने के लिए उपचार:
    यदि आपके एक्यूट किडनी फेलियर का कारण रक्त में तरल पदार्थों की कमी है, तो आपके चिकित्सक अंतःशिरा (इंट्रावेनस -आईवी) तरल पदार्थों की सिफारिश कर सकते हैं।अन्य मामलों में एक्यूट गुर्दे की खराबी आपके शरीर में बहुत ज्यादा तरल पदार्थ पैदा कर सकती है, जिससे आपके हाथों और पैरों में सूजन हो सकती है। इन मामलों में, डॉक्टर आपके शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने के लिए मूत्रवर्धक दवाओं (Diuretics) का परामर्श दे सकते हैं। (और पढ़ें - पेशाब में दर्द का इलाज)
     
  • रक्त में पोटेशियम को नियंत्रित करने के लिए दवाएं:
    यदि आपकी किडनी रक्त से पोटेशियम को अच्छी तरह से फिल्टर नहीं कर रही हैं, तो डॉक्टर आपके रक्त में पोटेशियम को उच्च स्तर पर जमा होने से रोकने के लिए कैल्शियम, ग्लूकोज या सोडियम पॉलीस्टीरीन सल्फोनेट (केएक्सेलेट - Kayexalate, कियोनेक्स - Kionex) का सुझाव दे सकते हैं। रक्त में पोटेशियम की अत्यधिक मात्रा गंभीर अनियमित हृदय गति (अतालता) और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बन सकती है। (और पढ़ें - मांसपेशियों की कमजोरी दूर करने के उपाय)
  • रक्त में कैल्शियम के स्तर को सुधारने के लिए दवाएं:
    यदि आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर बहुत कम हो गया है, तो आपके डॉक्टर कैल्शियम की पूर्ति करने वाली दवा का सुझाव दे सकते हैं। (और पढ़ें - कैल्शियम युक्त आहार)
     
  • आपके रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए डायलिसिस:
     यदि आपके रक्त में विषाक्त पदार्थों का निर्माण होता है, तो आपको अस्थायी हेमोडायलिसिस की ज़रूरत होती है। इसे अक्सर डायलिसिस के रूप में जाना जाता है। यह आपके गुर्दों को ठीक करने के दौरान शरीर से विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालने में सहायता करता है। डायलिसिस आपके शरीर मैं मौजूद अतिरिक्त पोटेशियम को निकालने में भी मदद कर सकता है। डायलिसिस के दौरान, एक कृत्रिम किडनी (dialyzer) के माध्यम से आपके शरीर के बाहर एक मशीन द्वारा रक्त पंप किया जाता है, जो अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। उसके बाद शुद्ध रक्त आपके शरीर में वापस लौट आता है।

(और पढ़ें - डायलिसिस कैसे होती है)

गुर्दे खराब होने की जटिलताएं - Acute Kidney Failure Complications in Hindi

किडनी खराब होने की जटिलताएं क्या है?

किडनी खराब होने की संभावित जटिलताओं में निम्न शामिल हैं –

  • द्रव का निर्माण:
    किडनी खराब होना, आपकी छाती में तरल पदार्थ का निर्माण कर सकती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। (और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करे)
     
  • छाती में दर्द:
    यदि आपके हृदय को ढ़ककर रखने वाली परत सूज जाती है, तो आपको सीने में दर्द महसूस हो सकता है। (और पढ़ें - सीने में दर्द का इलाज)
     
  • मांसपेशी में कमज़ोरी:
    जब आपके शरीर के तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है, तो मांसपेशियां कमज़ोर हो सकती हैं। आपके रक्त में पोटेशियम का उच्च स्तर विशेष रूप से खतरनाक होता है। (और पढ़ें - मांसपेशियों की कमजोरी दूर करने के उपाय)
     
  • स्थायी किडनी क्षति:
    एक्यूट किडनी फेलियर कभी-कभी गुर्दों की कार्य प्रणाली के स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त होने या गुर्दे की बीमारी के अंतिम चरण का कारण बन जाती है। गुर्दे की बीमारी के अंतिम चरण से ग्रसित लोगों को या तो स्थायी डायलिसिस की आवश्यकता होती है - एक यांत्रिक निस्पंदन प्रक्रिया (Mechanical filtration process), जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों और अपशिष्ट को निकालने के लिए प्रयोग की जाती है - या जीवित रहने के लिए गुर्दा प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।
     
  • मौत:
    एक्यूट गुर्दे की खराबी के कारण गुर्दों की कार्य क्षमता ख़त्म हो सकती है और अंततः मृत्यु हो सकती है। एक्यूट किडनी फेलियर की समस्या से ग्रसित लोगों में मृत्यु का जोखिम सबसे ज्यादा होता है।

(और पढ़ें - गुर्दे के कैंसर का इलाज)

Dr. Vijay Kher

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गुर्दे की कार्यवाही और रोगों का विज्ञान

Dr. Shyam Bihari Bansal

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किडनी खराब होना की दवा - Medicines for Acute Kidney Failure in Hindi

किडनी खराब होना के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Torsinex खरीदें
Lasix खरीदें
Dytor खरीदें
Tormis खरीदें
Frumide खरीदें
Torsed खरीदें
Frumil खरीदें
Torsemi खरीदें
Amifru खरीदें
Torsid खरीदें
Exna K खरीदें
Torvel खरीदें
Torvigress खरीदें
Zator खरीदें
Diurator खरीदें
Retrolix खरीदें
Tomaris खरीदें
Torasemide 20 Mg Tablet खरीदें
Torsikind खरीदें
Tosec खरीदें
Linsol खरीदें
Diucontin K खरीदें
Torstar खरीदें
Exenta T खरीदें

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References

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Acute kidney failure
  2. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Kidney Failure
  3. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Kidney Failure
  4. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Chronic Kidney Disease (CKD) Surveillance System
  5. Rinaldo Bellomo, Claudio Ronco, John A Kellum, Ravindra L Mehta, Paul Palevsky. Acute renal failure – definition, outcome measures, animal models, fluid therapy and information technology needs: the Second International Consensus Conference of the Acute Dialysis Quality Initiative (ADQI) Group. Critical Care20048:R204; 24 May 2004
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