सेक्स एक तरीके से नहीं होता है, इसके कई प्रकार होते हैं। उनमे से एक है एनल सेक्स। एनल सेक्स एक प्रकार की सेक्सुअल क्रिया है। जिसमें सामान्य तरह के सेक्स को न करके उसके विकल्प की मदद ली जाती है। इस लेख के जरिए हम जानेंगे एनल सेक्स क्या है? और उससे जुडी जुडी बहुत सी जानकारी जिनके बारें में हमारा जानना बहुत जरूरी है।
- एनल सेक्स क्या है?
- गुदा मैथुन से जुड़े मिथक और सच्चाई
- क्या गुदा मैथुन आनंददायक है?
- गुदा मैथुन के जोखिम
- सुरक्षित गुदा मैथुन करने के सुझाव
- डॉक्टर से संपर्क कब करें
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
एनल सेक्स क्या है?
गुदा मैथुन यानी वो सेक्स एक्टिविटी है, जिसमें गुदा शामिल होता है। ये ज़रूरी नहीं कि यह हर बार पेनिस से ही किया जाए, कई बार आप में से काफी लोग उंगली या सेक्स टॉय का इस्तेमाल भी करते हैं। गुदा की खासियत ये है कि इसमें बहुत सारी नसें होती हैं, जिस वजह से ये जगह काफ़ी कोमल/नाजुक होती है और कई लोगों को यहाँ से भी सुख मिल सकता है। यही कारण है कि बहुत से कपल इसे अपनी सेक्स लाइफ का हिस्सा बनाते हैं। रिसर्च के हिसाब से, करीब 90% पुरुष जो पुरुषों के साथ रिलेशन में होते हैं, उन्होंने गुदा मैथुन किया है, और लगभग 5% से 10% महिलाएँ, जो सेक्सुअली एक्टिव हैं, उन्होंने भी इसे कभी न कभी ट्राय किया है।
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गुदा मैथुन से जुड़े मिथक और सच्चाई
बहुत से लोग गुदा मैथुन के बारे में तरह-तरह की बातें मानते हैं, लेकिन सच हमेशा अलग होता है। चलिए कुछ आम मिथकों और उनकी हकीकत को आसान भाषा में समझते हैं।
मिथक : गुदा मैथुन सिर्फ समलैंगिक पुरुष करते हैं।
सच ये है कि गुदा मैथुन सिर्फ गे कपल तक सीमित नहीं है। किसी भी लिंग या यौन पसंद वाले लोग, चाहे वो स्ट्रेट हों या गे, चाहे पुरुष हो या महिला, सभी इसका आनंद ले सकते हैं। यहाँ तक कि जिन लोगों के पास लिंग नहीं होता, वे भी सेक्स टॉय का इस्तेमाल करके इसे कर सकते हैं। अगर महिला पुरुष के साथ स्ट्रैप-ऑन पहनकर ऐसा करती है तो इसे “पेगिंग” कहा जाता है।
मिथक : गुदा मैथुन से प्रेग्नेंसी नहीं होती।
हालाँकि प्रेग्नेंसी का चांस बहुत कम होता है, लेकिन ज़ीरो नहीं। अगर वीर्य गलती से योनि के पास चला जाए तो गर्भधारण की संभावना बनी रहती है। इसलिए सावधानी ज़रूरी है।
मिथक : गुदा मैथुन से एसटीआई (यौन संचारित रोग) का खतरा नहीं होता।
असलियत यह है कि गुदा मैथुन से एसटीआई का खतरा ज़्यादा होता है। गुदा की त्वचा पतली और नाज़ुक होती है, जो आसानी से फट सकती है। इससे वायरस और बैक्टीरिया शरीर में जल्दी घुस जाते हैं। खासकर, जो व्यक्ति रिसीविंग करता है, उसके लिए संक्रमण का खतरा और भी ज़्यादा होता है।
क्या गुदा मैथुन हमेशा दर्दनाक होता है?
जरूरी नहीं। अगर धीरे-धीरे, सही तरीके से और पर्याप्त ल्यूब्रिकेशन के साथ किया जाए तो यह आरामदायक हो सकता है। लेकिन अगर ज़बरदस्ती या बिना तैयारी किया जाए, तो दर्द, बवासीर, गुदा में फटना या गंभीर मामलों में बृहदान्त्र छिद्र जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
कंडोम का इस्तेमाल क्यों ज़रूरी है?
गुदा मैथुन में एसटीआई का रिस्क ज़्यादा होता है, इसलिए कंडोम का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इससे संक्रमण और बीमारियों के फैलने की संभावना कम होती है।
क्या गुदा मैथुन से कैंसर हो सकता है?
हाँ, लंबे समय तक गुदा मैथुन करने से एचपीवी (HPV) संक्रमण का खतरा बढ़ता है। यह वायरस आगे चलकर गुदा कैंसर का कारण बन सकता है।
क्या गुदा मैथुन से एचआईवी फैलता है?
हाँ। रिसर्च बताती है कि गुदा मैथुन में एचआईवी का खतरा योनि सेक्स से कई गुना ज़्यादा होता है (करीब 17-18 गुना)। इसका कारण यह है कि गुदा की परत पतली होती है और इसमें प्राकृतिक चिकनाई नहीं होती है। फटने पर वायरस सीधा ब्लडस्ट्रीम में पहुँच जाता है।
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क्या गुदा मैथुन आनंददायक है?
गुदा मैथुन करने के लिए सबसे पहले गुदा की स्फिंक्टर मांसपेशी को ढीला करना ज़रूरी है। यही वह मांसपेशी है जिसे हम दबाते हैं जब हमें मल त्याग रोककर रखना होता है। इसलिए अगर आप अकेले या पार्टनर के साथ गुदा मैथुन ट्राय कर रहे हैं तो सबसे ज़रूरी है कि आप शांत और रिलैक्स रहें।
एक स्टडी में पाया गया कि लोग गुदा को अलग-अलग तरीकों से छूकर सुख महसूस करते हैं। इसमें तीन तरह की एक्टिविटी शामिल थीं –
- गुदा सतहीकरण, यानी सिर्फ बाहर की सतह पर हल्का टच करना
- गुदा में छेद करना, यानी गुदा के बिल्कुल शुरुआती हिस्से तक हल्की एंट्री करना (गहराई तक नहीं जाना); और
- गुदा युग्मन, यानी गुदा टच के साथ-साथ कोई और सेक्स एक्टिविटी करना, जैसे योनि प्रवेश या भगशेफ स्टिम्युलेशन।
- गुदा, योनि की तरह खुद से चिकनाई नहीं बनाती है। इसलिए चाहे आप उंगली, सेक्स टॉय या लिंग का इस्तेमाल करें, हमेशा अच्छी क्वालिटी का ल्यूब्रिकेंट भरपूर मात्रा में लगाएँ। इससे गुदा फटने या चोट लगने का खतरा कम होगा।
जिन लोगों के पास लिंग होता है, उनमें एक प्रोस्टेट ग्लैंड भी होती है। यह ग्लैंड मलाशय के ठीक पास होती है और इसमें ढेर सारी नसें होती हैं, जिससे यह जगह बेहद संवेदनशील बनती है। इसी वजह से गुदा के अंदर उंगली या सेक्स टॉय डालकर प्रोस्टेट को उत्तेजित किया जा सकता है, और कई पुरुषों को इससे खास आनंद मिलता है।
पहली बार गुदा मैथुन करते समय हल्का दर्द या अजीब-सा एहसास होना नार्मल है। लेकिन याद रखें, आप जब चाहें इसे रोक सकते हैं और बाद में फिर कोशिश कर सकते हैं। और अगर आपको लगे कि यह आपके लिए सही नहीं है, तो बिल्कुल न करना भी पूरी तरह ठीक है।
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क्या गुदा मैथुन से चरमसुख हो सकता है?
हाँ, क्योंकि गुदा में बहुत सारी नसें होती हैं, जो इसे सेक्स के दौरान नाजुक और सुखद अनुभव देती हैं। यह जननांगों के साथ मिलकर उत्तेजना बढ़ाती है और ऑर्गैज़्म तक पहुँचा सकती है। एक स्टडी के अनुसार, जिन महिलाओं को अक्सर ऑर्गैज़्म मिलता है, उनकी यौन एक्टिविटी में गुदा स्टिम्युलेशन शामिल होने की संभावना उन महिलाओं की तुलना में कहीं ज़्यादा होती है जिन्हें ऑर्गैज़्म कम मिलता है।
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गुदा मैथुन के जोखिम
गुदा मैथुन भी, बाकी तरह के सेक्स की तरह, कुछ जोखिमों के साथ आता है। लेकिन अगर आप पहले से तैयारी करें और अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करें, तो इन खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है और आप इसे सुरक्षित तरीके से एन्जॉय कर सकते हैं।
जिन जोखिमों के बारे में सचेत रहना चाहिए उनमें शामिल हैं:
- गुदा के अंदर के टिश्यू गुदा के बहार की त्वचा की तरह सुरक्षित नहीं होते है।
- गुदा को मल को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है ।
- गुदा बैक्टीरिया से भरा होता है।
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इसके अलावा कुछ अन्य बातें भी हैं जिनके बारे में ध्यान रहना चाहिए:
- यदि आपके पास गर्भाशय है और गुदा मैथुन के दौरान वीर्य आपकी योनि के द्वार के पास चला जाता है, तो आप गर्भवती हो सकती हैं।
- गुदा के साथ मौखिक संपर्क से दोनों पार्टनर्स को गंभीर इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
- इस तरह के संपर्क से हेपेटाइटिस A और B, हर्पीज, एचपीवी और कई तरह के यौन संचारित रोग (STIs) फैल सकते हैं।
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सुरक्षित गुदा मैथुन करने के सुझाव
गुदा मैथुन के दौरान सुरक्षित रहने के तरीके इस प्रकार हैं
- सेक्स करने से पहले अच्छी तरह साफ़ करें। एनीमा या गुदा स्नान से आपको साफ़ किया जा सकता है। एनीमा देने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप सुरक्षित रूप से ऐसा कर रहे हैं।
- यदि आप हाथों का उपयोग कर रहे हैं, तो गुदा मैथुन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके नाखून छोटे और साफ हों।
- गुदा मैथुन के बाद, मुख मैथुन या योनि मैथुन करने से पहले कंडोम बदल दें।
- टिश्यू फटने के जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में लुब्रिकेंट का प्रयोग करें। लेटेक्स कंडोम के साथ, हमेशा पानी आधारित लुब्रिकेंट का प्रयोग करें।
- यदि दर्द हो तो रुकें।
- यदि इसके बाद आपको रक्तस्राव हो या गुदा के आसपास घाव या गांठें दिखाई दें या उसमें से स्राव निकलता हो, तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से मिलें।
- एचपीवी टीका लगवाएं।
- अपने साथी के साथ खुले और ईमानदार रहें। सुरक्षित और सुखद अनुभव के लिए संवाद बहुत ज़रूरी है।
- इसके बाद, संक्रमण से बचने के लिए हल्के साबुन और पानी से साफ़ करें। दर्द से राहत पाने के लिए आप पानी पर आधारित क्रीम भी लगा सकते हैं।
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डॉक्टर से संपर्क कब करें
अगर आपको ये समस्याएँ हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें:
- दर्द
- दरारें
- मल त्याग पर नियंत्रण की हानि (मल असंयम)
- लगातार या भारी रक्तस्राव
- यौन संचारित रोगों के लक्षण, जैसे स्राव, उभार, घाव या बुखार
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या एनल सेक्स सिर्फ गे लोग ही करते हैं?
नहीं। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह स्ट्रेट हो, गे हो या महिला–पुरुष दोनों, एनल सेक्स कर सकते हैं। यह व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है।
क्या एनल सेक्स से प्रेग्नेंसी हो सकती है?
सीधे तौर पर नहीं, लेकिन अगर वीर्य योनि के पास चला जाए तो गर्भधारण की संभावना रहती है।
क्या एनल सेक्स से यौन संचारित रोग (STIs) हो सकते हैं?
हाँ। एनल सेक्स में एसटीआई और एचआईवी का खतरा योनि सेक्स से ज़्यादा होता है, क्योंकि गुदा की परत नाज़ुक होती है और आसानी से फट सकती है।
सारांश
गुदा मैथुन करते समय खास ध्यान देना ज़रूरी है, क्योंकि गुदा के अंदर की नाज़ुक परत उतनी सुरक्षित नहीं होती जितनी बाहर की त्वचा होती है, इस वजह से वहां चोट या कट लगने का खतरा ज्यादा होता है। अगर सुरक्षा का ध्यान न रखा जाए तो यौन संचारित रोग जैसे हेपेटाइटिस, हर्पीज, एचपीवी और अन्य इंफेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है। इसके अलावा गुदा के साथ मौखिक संपर्क करने से भी दोनों पार्टनर्स को संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए कंडोम और डेंटल डैम जैसी सुरक्षा चीजों का इस्तेमाल करना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और आराम से करना बहुत ज़रूरी है, ताकि अनुभव सुरक्षित और बेहतर हो सके।
यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव
Dr. Tahir
सेक्सोलोजी
20 वर्षों का अनुभव
संदर्भ
- Planned Parenthood. All About Sex. Planned Parenthood Federation of America
- Ashley Fowler. Anal Sex: From Stigma and Myths to Facts. Contributor Originally Published: July 31, 2017 Revised: January 3, 2019
- National Health Service [Internet]. Health London, UK; What is anal sex?
- Bioscience. What’s anal sex? Safety and Health Risks of Anal Sex. ISSN 2524 5760; Bioscience Pk
- Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Anal Sex and HIV Risk





