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आज भारत के बड़े शहरों और महानगरों में सेक्स का बहुत प्रचलन है। इसके बावजूद यौन स्वास्थ्य और सुरक्षित सेक्स व यौन आदतों के बारे में ज़्यादा बातें नहीं की जाती हैं। सेक्स से होने वाली बीमारियों और गर्भनिरोधक के बारे में तो काफी जानकारी दी जाती है लेकिन स्वस्थ यौन व्यवहार कैसे किया जाये इस पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध होती है।

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हम जिस युग में जी रहें हैं उसमें एक आदमी के कई लोगों से सेक्सुअल संबंध होते हैं जो आम बात हो गई है, लेकिन यह भी यौन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। कई लोगों को तो इस बात की भी परवाह नहीं होती कि इसका उन पर कैसा असर होगा।

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सुरक्षित सम्भोग (या सेफ सेक्स) ऐसे यौन संबंध को कहते हैं जिसमें व्यक्ति अपनी और अपने साथी की यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई; Sexually transmissible infections - STIs) और अनियोजित गर्भावस्था से रक्षा करता है। जिस यौन संपर्क में वीर्य, योनि द्रव या रक्त आदि का आदान प्रदान नहीं होता, उसे सुरक्षित सेक्स माना जाता है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंट करने का तरीका)

असुरक्षित सेक्स आपको या आपके साथी को यौन संचारित संक्रमण के खतरे में डाल सकता है जिसमें क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस, एचआईवी या हेपेटाइटिस बी या नतीजतन अनियोजित गर्भावस्था हो सकती है।

  1. सुरक्षित यौन सम्बन्ध (सेक्स) के लिए कंडोम - Condoms for safe sex in Hindi
  2. सेफ सेक्स कैसे करें - Safe sex kaise karein in hindi
  3. सुरक्षित सेक्स के लिए अन्य टिप्स - Other tips for safer sex in Hindi
  4. सेक्सुअल (यौन) गतिविधियां जो सुरक्षित हैं - Safe sexual activities in Hindi
  5. सेक्सुअल (यौन) गतिविधियां जो सुरक्षित नहीं हैं - Unsafe sexual activities in Hindi
  6. सुरक्षित यौन सम्बन्ध से जुड़े मिथक - Safe sex myths in Hindi
  7. असुरक्षित सेक्स के बाद बरती जाने वाली सावधानियां - Things to do if you had unsafe sex in Hindi
  8. सुरक्षित सेक्स कैसे करे के डॉक्टर

कंडोम इस्तेमाल करने के ये फायदे हैं - 

  • वीर्य को योनि में जाने से रोकना 
  • योनि द्रव या रक्त के आदान प्रदान को रोकना 
  • एसटीआई या सेक्स करने से संचारित संक्रमण के प्रति संरक्षण प्रदान करना।

इस लेख में ऐसी ही कुछ उपयोगी जानकारी दी गईं हैं जो आपको यह जानने में मदद करेंगी कि सेफ सेक्स कैसे करें। यह ध्यान रखें, कि कोई भी तरीका आपकों यौन संचारित रोगों से 100% नहीं बचा सकता। लेकिन यह अनचाहे गर्भ को रोकने के उपाय के रूप में अधिक सहयोगी हैं।

  1. छूने या किस (Kiss) करने से प्रेगनेंसी नहीं होती। जब तक पुरुष का वीर्य स्त्री के अंदर नहीं जाता तब तक गर्भावस्था नहीं हो सकती है। इसलिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे)
  2. हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। यह अनचाहे गर्भ और यौन संचारित रोगों से बचाता है, यदि सेक्स के दौरान पूरे समय इसे पहने रखा जाए तो यौनजनित रोगों से बचाव होता है।
  3. कंडोम, लुब्रिकेटेड हों तो इसके फटने का खतरा कम हो जाता है। अगर कंडोम सेक्स के समय फट जाए तो प्रेगनेंसी हो सकती है। ऐसे समय में महिलाएं इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग से गर्भावस्था से बच सकती हैं।
  4. पुराना, फटा हुआ, एक्सपायर्ड (expired) या दो कंडोम एक साथ कभी प्रयोग न करें। कंडोम का पैकेट काटने के लिए कैंची या दांतों का इस्तेमाल भी न करें।
  5. एक बार प्रयोग किया हुआ कंडोम दोबारा इस्तेमाल न करें। हमेशा नया कंडोम ही इस्तेमाल करें। 
  6. महिला कंडोम और पुरुष कंडोम एक साथ इस्तेमाल न करें।
  7. लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें। 
  8. कंडोम के साथ यौन सम्बन्ध आसान बनाने के लिए अगर आपको और अधिक लुब्रिकेशन की ज़रुरत हो तो केवल पानी से बने लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें। 
  9. कंडोम तभी असरदार होते हैं जब उन्हें सेक्स के शुरू से अंत तक इस्तेमाल किया जाए।

(और पढ़ें - सेक्स के बारे में जानकारी)

इन बातों का ध्यान रखें। यह आपको सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने में मदद करेंगी - 

  1. सेक्सुअल सम्बन्ध बनाते समय केवल पानी या सिलिकॉन से बने लुब्रिकेंट लगायें। वेसलीन, तेल या जेली का प्रयोग न करें।
  2. गर्भनिरोधक गोलियों, हार्मोनल इंजेक्शन, गर्भनिरोधक पैच, कॉपर टी आदि के उपयोग द्वारा प्रेगनेंसी से बचा जा सकता है लेकिन इन उपायों से यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं होता है।
  3. ओरल सेक्स के द्वारा भी एसटीडी हो सकती है इसलिए सावधान रहें। ऐसा करना हो तो भी प्रोटेक्शन के साथ करें। दाद (Herpes) जैसे संक्रमण ओरल सेक्स के द्वारा भी हो जाते हैं। ध्यान रखें, ओरल सेक्स के दौरान पेनिस पर किसी प्रकार की चोट न लगे।
  4. यदि सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का प्रयोग नहीं हुआ है तो तुरंत ही इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली जैसे आई-पिल (I-pill) लें। गोली लेने में देरी न करें। क्योंकि जितना देर से आप गोली लेंगी उतना ही गर्भ ठहरने की सम्भावना अधिक होगी।
  5. बार-बार इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली का सेवन न करें। नियमित गर्भनिरोधक उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और जो सूट करे वे उपाय अपनाएं।
  6. ओरल सेक्स से पहले गुप्तांगों को अच्छे से साबुन से साफ़ करें।
  7. गुदा (Anus) को छूकर कभी योनि न छुएं और गन्दी उँगलियाँ कभी भी योनि में न डालें।
  8. सेक्स के बाद पानी से प्राइवेट पार्ट्स धो लें।
  9. योनि अथवा पेनिस में यदि किसी भी प्रकार का संक्रमण हैं तो अपने पार्टनर को बताएं।
  10. सेक्स के दौरान प्राइवेट पार्ट्स पर किसी भी प्रकार असामान्य लक्षण हो तो सेक्स न करें।
  11. गुप्तांगों पर छाले, फोड़े, मस्से, घाव, स्राव आदि हो तो सेक्स न करें। यह सब किसी प्रकार के एसटीआई के लक्षण हो सकते हैं। सेक्स के दौरान यह संक्रमण इन्फेक्टेड पार्टनर से आप तक पहुँच सकते हैं। यौन संक्रमणों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और उनके लक्षणों को समझें। जब तक संक्रमण न ठीक हो सेक्स न करें। संक्रमण ठीक होने के करीब 1-2 सप्ताह बाद सेक्स करें।
  12. यदि एक पार्टनर को कोई सेक्स सम्बन्धी रोग हुआ है तो दूसरा भी अपनी जांच जल्द से जल्द कराए।
  13. बहुत सारे लोगों से शारीरिक सम्बन्ध न बनाएं। ऐसा करने से आपको यौन संचारित रोगों के होने का खतरा बढ़ जाएगा।

जब आप और आपका साथी सेक्स के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हो, तब आनंदमयी, सम्मानजनक और सुरक्षित यौन सम्बन्ध स्थापित करने को भी सुरक्षित सेक्स कहते हैं। सुरक्षित सेक्स करने के तरीके इस प्रकार हैं:

  1. बिना कंडोम के सेक्स न करें। अगर आप महिला की माहवारी के समय सेक्स करते हैं तो कंडोम का जरूर इस्तेमाल करें। यह न सिर्फ गर्भधारण से बचाएगा बल्कि यौन संचारित रोगों (STDs) से भी बचाता है।
  2. गर्भनिरोधक गोलियां निर्देश के अनुसार ही खाएं। इसमें अनियमितता बरतने से गोली का प्रभाव खत्म हो जाता है और गर्भ ठहरने की संभावना बढ़ जाती है।
  3. पीरियड के समय कभी भी असुरक्षित सेक्स न करें। कई लोगों का मानना हकी कि वो माहवारी के दौरान बिना कंडोम का उपयोग किये सेक्स कर सकते हैं। भूल कर भी ऐसा न करें।
  4. केवल एक साथी के साथ यौन संबंध रखें, जब आपमें से कोई भी एसटीआई से ग्रस्त न हो।
  5. एसटीआई परीक्षण कराएं और यदि आवश्यक हो तो उपचार द्वारा एसटीआई का इलाज करें। खासकर यदि आप पहली बार संबंध बनाने जा रहे हैं तो जब तक डॉक्टर या नर्स आपको ये न कह दें कि आप अब संक्रमण मुक्त हैं तब तक संबंध न बनाएं।
  6. अनियोजित गर्भधारण से बचने के लिए कंडोम के अलावा अन्य प्रकार के गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग करें।

(और पढ़ें - मासिक धर्म के दौरान सेक्स)

सुरक्षित सेक्स कभी सेक्स के समय बाधा का विषय नहीं होना चाहिए इसके लिए कुछ सुझावों पर ध्यान दें:

  1. सुरक्षित सेक्स के लिए तैयार रहें अर्थात अपने पर्स में कंडोम रखें और उन्हें घर पर भी स्टोर रखें ताकि आपको सेक्स करते समय किसी प्रकार की बाधा न हो।
  2. यदि आपको कंडोम का उपयोग करने में सेक्स का आनंद कम आ रहा हो या किसी प्रकार की असहजता महसूस हो तो कंडोम की टिप पर थोड़ा वाटर-बेस्ड लुब्रीकेंट इस्तेमाल करें।
  3. कंडोम के उपयोग करने के सही तरीके जानें। हालांकि यह थोड़ा ध्यान देने वाला तथ्य है लेकिन इसके इस्तेमाल से एसटीआई का खतरा कम होता है।
  4. यदि आपको किसी फार्मेसी या सुपरमार्केट से कंडोम खरीदने में शर्मिंदगी महसूस होती है तो इन्हें आप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या यौन स्वास्थ्य केंद्र या फिर इंटरनेट द्वारा आर्डर कर सकते हैं।
  5. हार्मोनल गर्भनिरोधक, जैसे कि गर्भनिरोधक गोली आदि, केवल अनियोजित गर्भधारण के प्रति संरक्षण प्रदान करते हैं न कि एसटीआई के प्रति।
  6. अपने यौन स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, यह बहुत महत्वपूर्ण है।
  7. किसी को सिर्फ देखने से एसटीआई का पता नहीं चलता है। अधिकांश एसटीआई में कोई स्पष्ट संकेत नहीं होते इसलिए इस सोच को अपने दिमाग से निकाल दें।
  8. एसटीआई के बारे में जानकारी प्राप्त करें क्योंकि हर सेक्स करने वाले को इसका जोखिम होता है।
  9. आपको और आपके साथी को यह समझना होगा कि एसटीआई होने का मतलब यह नहीं है कि आप 'गंदे' या 'खराब' हैं। इसका इलाज भी होता है। इसलिए परेशान न हों लेकिन इससे बचने की कोशिश ज़रूर करें।
  10. अगर आपने कंडोम के बिना यौन संबंध स्थापित कर लिए हैं तो एसटीआई परीक्षण कराएं। ऐसी स्थिति में दोनों साथियों का परीक्षण होना चाहिए।

(और पढ़ें - sex power और सेक्स करने के तरीके)

कुछ ऐसे यौन संपर्क जिनसे यौन संचारित संक्रमणों के होने का जोखिम कम होता है, निम्नलिखित हैं:

(और पढ़ें - शीघ्रपतन)

  1. चुम्बन या किसिंग (जिसे फ्रेंच किसिंग भी कहा जाता है) यदि आपके मुंह में कोई पीड़ा या अन्य समस्या नहीं है।
  2. आलिंगन (Cuddling)
  3. मालिश करना
  4. हस्तमैथुन
  5. आपसी हस्तमैथुन (Mutual masturbation)
  6. बाहरी त्वचा पर वीर्यपात
  7. गर्भनिरोधक का उपयोग करते हुए संभोग - जैसे कंडोम या महिला कंडोम।

(और पढ़ें - पहली बार सेक्स और सेक्स पोजीशन)

एक से अधिक लोगों से असुरक्षित सेक्स करने से एसटीआई से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। असुरक्षित यौन गतिविधियों के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  1. बिना पुरुष या महिला कंडोम के यौन संबंध स्थापित करना।
  2. कंडोम का उपयोग करने के बजाय वीर्यपात से पहले लिंग योनि से हटा लेना (पूर्व-वीर्य तरल पदार्थ संक्रामक हो सकता है और जिसमें शुक्राणु हो सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप गर्भावस्था होती है)
  3. एक बार उपयोग किये हुए कंडोम को फिर से उपयोग करना।
  4. कंडोम का गलत तरीके से प्रयोग या कंडोम फटने के बाद भी सेक्स जारी रखना। इससे मासिक धर्म का रक्त, वीर्य या अन्य योनि के तरल पदार्थ शरीर के अंदर जा सकते हैं।

कुछ ऐसे कारक जो असुरक्षित यौन संबंध बनने की स्थिति की संभावनाएं बढ़ाते हैं, इस प्रकार हैं:

  1. नशे में होना।
  2. दवाओं का उपयोग करना।
  3. सेक्स करने के लिए दबाव महसूस करना।
  4. यह सोच कि 'बस एक बार' करने से कुछ नहीं होता।
  5. यह अंधविश्वास करना कि किसी को भी एसटीआई होने पर आपको पता चल जायेगा।

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सुरक्षित सेक्स के बारे में कुछ मिथक प्रचलित हैं, जिनकी जानकारी न होना आपके लिए सम्बन्ध बनाते समय बाधा उत्पन्न कर सकता है। जो इस प्रकार हैं:

  1. सेक्स के लिए भविष्य की योजना बनाने से मूड खराब होता है।
  2. किसी को सिर्फ देखकर मान लेना कि उसे यौन संचारित रोग है या नहीं है।
  3. सुरक्षित यौन व्यवहार का अर्थ है कि दोनों साथियों में से एक एसटीआई से पीड़ित है।
  4. सुरक्षित सेक्स का अभ्यास करने का अर्थ है कि दोनों में से एक नसों द्वारा नशीली दवाएं लेता है।
  5. महिला समलैंगिकों को एसटीआई नहीं होते।
  6. गर्भनिरोधक गोली खाने का मतलब है कि महिला सुरक्षित सेक्स की कोशिश कर रही है।
  7. कंडोम सेक्स की प्राकृतिक भावना को कम करते हैं।
  8. कंडोम ख़रीदना शर्मनाक है।

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यदि अपने असुरक्षित यौन संबंध स्थापित कर लिया है, तो:

  1. योनि या गुदा (Anus) की सफाई डूशिंग से न करें। क्योंकि नाजुक ऊतकों में असुविधा होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  2. अपनी प्रेगनेंसी की पुष्टि करें। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लें। 72 घंटों के भीतर इसका सेवन असुरक्षित सेक्स के बाद प्रेगनेंसी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन यह असुरक्षित सेक्स के 120 घंटे तक या कंडोम के फटने पर ली जा सकती हैं, अगर अन्य प्रकार के गर्भनिरोधकों का उपयोग नहीं किया गया हो।
  3. तत्काल परीक्षण के लिए डॉक्टर के पास जाएं।
  4. एड्स से बचने के लिए एचआईवी टेस्ट कराएं।

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