एचआईवी टेस्ट का उपयोग ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (Human Immunodeficiency Virus) का पता लगाने के लिए किया जाता है।

यह वायरस सीरम, लार या मूत्र में एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियन्सी सिंड्रोम (Acquired Immunodeficiency Syndrome) का कारण बनता है। एचआईवी किसी भी व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, जो यौन संबंध रखते हैं, इनमें हेट्रोसेक्सुअल, बायसेक्सुअल, होमोसेक्सुअल या यौन संबंध के अन्य प्रकार भी शामिल हैं। इसलिए एक एचआईवी टेस्ट हर किसी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

जितना जल्दी कोई व्यक्ति यह जान लेता है कि उसको एचआईवी एड्स है, उतना ही जल्दी वे उपचार करवाने में समर्थ हो सकते हैं और एक सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। इस जानकारी को ना लेना स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन को भी कम कर सकता है और अन्य लोगों को भी खतरे में डाल सकता है। एचआईवी टेस्ट नियमित रूप से करवाना चाहिए।

  1. एचआईवी टेस्ट कब करवाना चाहिए - When to get HIV test in Hindi
  2. एचआईवी टेस्ट क्या होता है? - What is HIV Test in Hindi?
  3. एचआईवी टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of HIV Test in Hindi
  4. एचआईवी टेस्ट से पहले - Before HIV Test in Hindi
  5. एचआईवी टेस्ट के दौरान - During HIV Test in Hindi
  6. एचआईवी टेस्ट के बाद - After HIV Test in Hindi
  7. एचआईवी टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of HIV Test in Hindi
  8. एचआईवी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of HIV Test mean in Hindi

एचआईवी टेस्ट कब करवाना चाहिए?

यह आपकी परिस्थितियों पर निर्भर करता कि आपको एचआईवी टेस्ट कितनी बार करवाना चाहिए। अगर आपने एचआईवी के लिए कभी भी टेस्ट नहीं करवाया, तो आपको कम से कम एक बार एचआईवी टेस्ट करवा लेना चाहिए। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) के सुझाव के अनुसार, अगर आप में एचआईवी के संक्रमण की संभावना है, तो आपको साल में कम से कम एक बार टेस्ट करवा लेना चाहिए। एचआईवी संक्रमण की संभावनाएं निम्न कारणों से हो सकती हैं:

  • कई साथियों के साथ यौन संबंध बनाना,
  • किसी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के साथ या जिसके एचआईवी स्थिति के बारे में पता न हो, उसके साथ यौन संबंध बनाना,
  • एक पुरुष से दूसरे पुरुष के बीच यौन संबंध,
  • गैर-कानूनी इंजेक्शन वाली दवाएं व स्टेरॉयड का इस्तेमाल करना,
  • अपनी सुई व सीरिंज को किसी और के साथ शेयर करना,
  • पैसे के लिए यौन संबंध बनाना,
  • हैपेटाइटिस, टीबी, या यौन संचारित रोग जैसे सिफलिस आदि का उपचार या परीक्षण करना। (और पढ़ें - हेपेटाइटिस एहेपेटाइटिस बीहेपेटाइटिस सी)

एचआईवी टेस्ट करवाने के अन्य संकेत:

  • जिन लोगों में एचआईवी संक्रमण फैलने के अत्याधिक जोखिम है, उनको साल में एक बार एचआईवी टेस्ट करवा लेना चाहिए। एचआईवी के जोखिम कारकों की परवाह किए बिना, टेस्ट करवाने का सुझाव हर 13 से 64 साल की उम्र और हर प्रकार के स्वास्थ्य वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • एचआईवी टेस्ट को गर्भावस्था के दौरान भी किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं में एचआईवी पॉजिटिव की स्थिति देखी जा सके। गर्भावस्था के दौरान एचआईवी के लिए उपचार शिशु के एचआईवी के संपर्क में आने की संभावना को कम करता है।
  • जो शिशु एचआईवी ग्रस्त महिलाओं से जन्म लेते हैं, उनका परीक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित जाए कि कहीं वे एचआईवी से संक्रमित तो नहीं हुऐ हैं।
  • जो लोग रक्तदान करते हैं या शरीर का कोई अंग दान करते हैं, दान करने से पहले उनका एचआईवी टेस्ट किया जाता है।

एचआईवी टेस्ट क्या होता है?

ऐसे कई प्रकार के टेस्ट होते हैं जो खून या शरीर के अन्य तरल पदार्थों की जांच करके यह बताते हैं कि आप संक्रमित हैं या नहीं। लेकिन ज्यादातर टेस्ट तुरंत एचआईवी टेस्ट की पहचान नहीं कर पाते, क्योंकि शरीर में पैदा हुऐ वायरसों के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी बनाने में शरीर समय लेता है।

एचआईवी टेस्ट के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं -

  • एंटीबॉडी टेस्ट (Antibody Tests) - इसके तहत खून या मुंह से निकले तरल पदार्थों में एचआईवी की जांच की जाती है। एंटीबॉडी रोग से लड़ने वाले प्रोटीन होते हैं, जिनको शरीर संक्रमण के खिलाफ प्रतिक्रिया करने के लिए बनाता है।
  • संयोजित टेस्ट (एंटीबॉडी और एंटीजेन टेस्ट) - यह खून में दोनों प्रकार के एचआईवी (एंटीबॉडी/एंटीजेन) का पता लगा लेता है। संयोजित टेस्ट, एंटीबॉडी टेस्ट से पहले एचआईवी संक्रमण का पता लगा सकता है।
  • न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (Nucleic Acid Tests) -  यह टेस्ट खून में एचआईवी की जांच करता है। यह टेस्ट किसी व्यक्ति के संक्रमित होने के 7 से 28 दिन बाद एचआईवी संक्रमण की जांच करने हेतु उपयुक्त होता है। न्यूक्लिक एसिड टेस्ट काफी महंगा होता है और इसको नियमित रूप से नहीं किया जाता। 

(और पढ़ें - ब्लड टेस्ट)

एचआईवी टेस्ट क्यों किया जाता है?

एचआईवी टेस्ट, यह सुनिश्चित करने का एक तरीका है कि कहीं आप एचआईवी से संक्रमित तो नहीं हैं।

एचआईवी की स्थिति जानने से आपको ठोस जानकारी मिलती है, जो आपको और आपके साथी को स्वस्थ रहने में मदद करती है।

  • अगर आपके टेस्ट का पॉजिटिव रिजल्ट आया है, तो एचआईवी के उपचार के लिए दवाएं ली जा सकती है। जिससे आप कई सालों तक स्वस्थ रह सकते हैं और अपने साथी में यह रोग संचारित होने की संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं।
  • अगर आप गर्भवती हैं, तो आपको एचआईवी टेस्ट करवा लेना चाहिए, ताकि आप अगर एचआईवी से संक्रमित हों तो तुरंत उपचार शुरू कर सकें। एचआईवी से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के शुरूआती समय में ही दवाएं लेना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि इससे शिशु को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के लक्षण और प्रेगनेंसी टेस्ट)

एचआईवी टेस्ट से पहले क्या किया जाता है?

टेस्ट करवाने से पहले उसके बारे में सलाह लेना, टेस्ट का रिजल्ट समझने में एवं वायरस से खुद को बचाने की जानकारी प्राप्त करने में आपकी मदद करता है। सलाहकार आपको निम्न जानकारी दे सकता है:-

  • एचआईवी टेस्ट क्या होता है और यह कैसे किया जाता है,
  • एड्स क्या होता है, एचआईवी कैसे फैलता है,
  • एचआईवी को फैलने से रोकने के तरीके,
  • टेस्ट रिजल्ट की गोपनीयता और गुमनामी,
  • संभावित टेस्ट रिजल्टों का मतलब,
  • आपको आपके टेस्ट रिजल्ट के बारे में कौन बता सकता है,
  • यदि आपमें एचआईवी संक्रमण के संकेत मिलते हैं, तो दवाओं के इस्तेमाल की जानकारी।

(और पढ़ें - यूरिन टेस्ट)

एचआईवी टेस्ट के दौरान क्या किया जाता है?

इसमें आमतौर पर, एक डॉक्टर या तकनीशियन खून का सैंपल निकालते हैं और टेस्ट के लिए उसे एक प्रयोगशाला में भेज देते हैं।

इस खून जांच के लिए होम टेस्ट किट्स जैसे तीव्र जांच टेस्ट विकल्प उपलब्ध हैं, जो 30 मिनट के अंदर रिजल्ट दे सकते हैं, लेकिन इनके रिजल्ट गलत भी हो सकते हैं। इस टेस्ट के लिए सैंपल घर पर ही निकाल लिया जाता है। घर पर सैंपल निकालने के लिए उंगली को अल्कोहल से साफ किया जाता है और सुई चुभा कर कुछ खून की बूंदे निकाल ली जाती हैं।

(और पढ़ें - सुरक्षित यौन संबंध)

एचआईवी टेस्ट के बाद क्या किया जाता है?

एंटीबॉडी टेस्ट जो लेबोरेटरी भेज दिए जाते हैं, उनके रिजल्ट आने में आमतौर पर एक से तीन दिन लग जाते हैं। लेकिन, यदि यह टेस्ट घर पर होम टेस्ट किट द्वारा किया गया है या फिर लेबोरेटरी में किया गया है, तो इसके अनुसार टेस्ट का रिजल्ट व उसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है। अगर टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव होता है तो लेबोरेटरी से रिजल्ट आने में समय लग सकता है, क्योंकि एचआईवी एंटीबॉडी की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए एक बार और टेस्ट किया जा सकता है। वेस्टर्न ब्लॉट टेस्ट (Western Blot Tests) केवल एक ही दिन में कर दिया जाता है।

इस टेस्ट से पहले सलाह लेना बहुत जरूरी होता है। एक नेगेटिव रिजल्ट हाल ही में हुऐ एचआईवी संपर्क की जानकारी नहीं देता और ना ही इसका यह मतलब होता कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली एचआईवी से लड़ रही है। कुछ ऐसे आचरण जो एचआईवी को संचारित कर सकते हैं, उनमें संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संभोग करना या अपनी सुई या सीरिंज उसके साथ शेयर करना आदि शामिल है।

(और पढ़ें - प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधर के उपाय)

एचआईवी टेस्ट के क्या जोखिम हो सकते हैं?

इस टेस्ट में बहुत ही कम जोखिम शामिल होता है। हालांकि खून निकालने के दौरान जोखिम काफी मामूली होते हैं, लेकिन इसमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं -

  • अधिक खून बहना,
  • बेहोशी या सिर घूमना,
  • हेमेटोमा (त्वचा के नीचे रक्त जमा हो जाना)
  • संक्रमण (त्वचा मे छेद होने के कारण संक्रमण के भी मामूली जोखिम हो सकते हैं)
  • नसें ढूंढने के लिए कई जगह पर सुई लगना।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट)

एचआईवी टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

नेगेटिव रिजल्ट –

आम तौर पर किसी टेस्ट के 'नेगेटिव रिजल्ट' का अर्थ होता है कि आप संक्रमित नहीं हैं। लेकिन एचआईवी टेस्ट के नेगेटिव रिजल्ट का मतलब यह नहीं है कि आपको एचआईवी नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि यह 'विंडो पीरियड' पर निर्भर करता है। विंडो पीरियड एक समय अवधि होती है, यह अवधि ‘किसी व्यक्ति के एचआईवी के संपर्क में आने की संभावना से लेकर टेस्ट द्वारा यह सुनिश्चित करने तक कि 'एचआईवी है या नहीं' तक होती है।

विंडो पीरियड हर व्यक्ति और एचआईवी के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। संभावित रूप से एचआईवी के संपर्क में आने के बाद आप एचआईवी के लिए टेस्ट करवाते हैं, तो टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आ सकता है। सुनिश्चित करने के लिए कि आप संक्रमित हुऐ या नहीं आपको विंडो पीरियड के बाद फिर से टेस्ट करवाना चाहिए।

अगर आपको पता है कि पिछली बार एचआईवी रिजल्ट नेगेटिव था, तो इस बार आपको बस यह सुनिश्चित करना है कि रिजल्ट अबकी बार भी नेगेटिव है या नहीं। (अगर आप पिछले टेस्ट के बाद फिर से एचआईवी के संपर्क में नहीं आए हैं तो)

पॉजिटिव रिजल्ट-

एचआईवी की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए कई टेस्ट किए जाते हैं, अगर एक के बाद एक किए जाने वाले टेस्ट भी पॉजिटिव रिजल्ट दे रहे हैं, इसका मतलब आप एचआईवी ग्रस्त हैं।

अगर आपका एक तीव्र जाँच टेस्ट (Rapid Screening Test) किया गया था, तो इसके बाद भी कई टेस्ट किए जाते हैं, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि रिजल्ट ठीक है। अगर खून का टेस्ट लैब में किया गया था, तो वहां पर उसी खून के सैंपल से कई टेस्ट किए जाते हैं।

जैसे ही एचआईवी पॉजिटिव रिजल्ट आता है, उसके तुंरत बाद ही मेडिकल सहायता और उपचार शुरू करना बहुत जरूरी होता है।