हॉल्टर मॉनिटर एक छोटा मेडिकल उपकरण (छोटे कैमरे के आकार का) है, जिसे 24-48 घंटों की हृदय की कार्यप्रक्रिया (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या ईसीजी) को रिकॉर्ड करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। यह रिकॉर्डिंग तब की जाती है जब आप अपने रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल या क्लिनिक जाते हैं। हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट में एक डिजिटल रिकॉर्डर और पांच से सात इलेक्ट्रोड्स होते हैं। यह डिवाइस एक बैटरी पर कार्य करता है और इसे आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है।
इलेक्ट्रोड्स (छोटे, चिपकने वाले प्लास्टिक के पैच) आपके पेट और छाती के ऊपर भिन्न भागों में लगाए जाते हैं। इन्हें मशीन से तारों की मदद से जोड़ा जाता है।
मशीन विद्युत आवेगों को रिकॉर्ड करती है जो आपके दिल के संकुचन (जिसके कारण आपका हृदय पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक तरह से कर पाता है) से मिलकर गतिविधि करती है। यह हृदय के कार्यों से जुड़ी जानकारी देता है जैसे दिल की धड़कन के बारे में, हृदय कितना तेजी से धड़क रहा है या हृदय द्वारा पैदा किए गए आवेगों की गति और समय।
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट कौन नहीं करवा सकता है - Who can't get a Holter Monitor test in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट क्यों किया जाता है - Why holter monitor test is done in hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट से पहले - Before Holter Monitor test in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट कैसे होता है - How to do Holter Monitor test in hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के दौरान - During Holter Monitor test in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - What does the Holter Monitor test results reveal in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के फायदे और खतरे क्या हैं - Benefits and side effects of Holter Monitor in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के बाद क्या करना चाहिए - What to do after Holter Monitor test in Hindi
- हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के साथ किये जाने वाले अन्य टेस्ट - Which tests can done with Holter Monitor test in Hindi
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट कौन नहीं करवा सकता है - Who can't get a Holter Monitor test in Hindi
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट एक सुरक्षित प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह का कोई भी खतरा नहीं होता। इसीलिए इसे कोई भी व्यक्ति करवा सकता है।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट क्यों किया जाता है - Why holter monitor test is done in hindi
निम्न कारणों से डॉक्टर इस टेस्ट को करने की सलाह दे सकते हैं -
- लक्षण जैसे थकान, चक्कर आना, जी मिचलाना आदि की जांच करने के लिए क्योंकि यह हृदय की कार्यप्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं
- छाती में दर्द के कारण का पता लगाने के लिए जो कि किसी एक्सरसाइज के कारण नहीं हो रहा हो
- कुछ मरीजों में पेसमेकर के कार्य की जांच करने के लिए
- पहले से मौजूद हृदय संबंधी स्थितियों (हृदय की दीवारों का मोटा होना, हार्ट अटैक या वोल्फ-पार्किंसन-वाइट सिंड्रोम) के चलते भविष्य में होने वाली हृदय से जुड़ी समस्याओं के खतरे का पता लगाने के लिए। वोल्फ-पार्किंसन-वाइट सिंड्रोम हृदय संबंधी एक ऐसी समस्या है, जिसमें हृदय में असामान्य विद्युत गतिविधियां होने के कारण वह सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता है।
- हृदय की गति के अनियमित होने की स्थिति में ट्रीटमेंट पर नजर रखने के लिए
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट से पहले - Before Holter Monitor test in Hindi
टेस्ट के दौरान आपकी त्वचा पर पैच लगाए जाएंगे और फिर इन्हें रिकॉर्डिंग डिवाइस के साथ जोड़ दिया जाएगा। आप जो भी दवाएं इस दौरान ले रहे हैं उनकी विस्तृत रूप से जानकारी डॉक्टर को दे दें।
ढीले वस्त्र पहनकर टेस्ट करवाने के लिए जाएं ताकि टेस्टिंग के दौरान किसी भी तरह की समस्या या बेचैनी न हो। जांच से पहले और उसके दौरान किसी भी तरह के बॉडी लोशन का प्रयोग न करें।
आपको टेस्ट से पहले भूखे रहने की जरूरत नहीं होती है।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट कैसे होता है - How to do Holter Monitor test in hindi
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट निम्न प्रक्रिया द्वारा किया जाता है -
- डॉक्टर आपसे सभी प्रकार के आभूषण उतारने को कहेंगे, क्योंकि इनसे टेस्ट के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
- आपसे कपड़ों को ऊपर करने के लिए कहने से पहले डॉक्टर आपको एक चादर देंगे ताकि जिस हिस्से की जांच की जानी है और जहां इलेक्ट्रोड्स लगाए जाने हैं केवल वही बाहर रहे।
- जिस जगह पर इलेक्ट्रोड्स लगाए जाने हैं, उसे साफ किया जाएगा। उस भाग से बालों को हटाया जाएगा क्योंकि बालों के कारण इलेक्ट्रोड्स ठीक तरह से नहीं लग पाएंगे।
- इलेक्ट्रोड्स को पेट व छाती के ऊपर लगाया जाएगा। हॉल्टर मॉनिटर उपकरण को इलेक्ट्रोड्स से जोड़ा जाएगा और डॉक्टर आपको इस उपकरण को कमर व कंधे की ओर से लेते हुए बिल्कुल एक बैग की तरह पहनने को कहेंगे। वे इसे एक पॉकेट या बेल्ट से क्लिप की मदद से जोड़ भी सकते हैं।
- एक बार डिवाइस आपके शरीर पर लगा दिया जाता है, तो आपको अपनी दिनचर्या पर लौटने को कहा जाएगा। यदि किसी विशेष स्थिति में हृदय के कार्यों की जांच होनी है तो कभी-कभी डॉक्टर आपसे कुछ विशेष कार्य करने से मना कर सकते हैं।
- जिस दौरान आपके शरीर पर मशीन लगी हुई है उस समय आप जो भी कार्य करने वाले हैं या कर रहे हैं उनके बारे में एक सूची बनाने को कहा जाएगा।
- यदि आपको किसी भी प्रकार के लक्षण जैसे छाती में दर्द, जी घबराना और चक्कर आना आदि महसूस होते हैं, तो उन्हें डायरी में ध्यान से एक्टिविटी के साथ लिख दें।
- समयावधि समाप्त होने के बाद आपसे मॉनिटर और डायरी लैब में भेजने को कहा जाएगा।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के दौरान - During Holter Monitor test in Hindi
अपने दिनभर के कार्यों के साथ इलेक्ट्रोड्स को छाती पर लगाएं रखना थोड़ा असामान्य लग सकता है। इसीलिए इलेक्ट्रोड्स को स्थिर रखने के लिए टेप की जरूरत पड़ सकती है।
यह टेस्ट दर्दरहित है। मॉनिटर को अपने शरीर के पास रखें यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपको सोने में तकलीफ हो सकती है।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - What does the Holter Monitor test results reveal in Hindi
जिस दौरान आप कार्य कर रहे हैं उस समय आपके हृदय की गति और कार्यों में कुछ बदलाव हो सकते हैं। पैटर्न में असामान्य बदलाव एरिथमिया और ऑक्सीजन की कमी की तरफ संकेत कर सकते हैं।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के फायदे और खतरे क्या हैं - Benefits and side effects of Holter Monitor in Hindi
हृदय की गति में बदलावों से जुड़ी असामान्य स्थितियों की जांच में हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट बहुत उपयोगी है। इसके अलावा इस टेस्ट में कोई भी चीरा नहीं लगाया जाता है।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट से आपके स्वास्थ्य को कोई भी खतरा नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों को इलेक्ट्रोड्स के कारण चिड़चिड़ापन हो सकता है। कभी-कभी इलेक्ट्रोड्स लगे होने पर यदि जेल का प्रयोग किया जाता है तो आपको एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
जब इलेक्ट्रोड्स और टेप को निकाला जाएगा तो आपको हल्की सी बेचैनी हो सकती है।
टेस्ट के परिणाम कुछ कारकों से प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -
- पसीने के कारण इलेक्ट्रोड्स ढीले होकर निकल भी सकते हैं
- धूम्रपान या तम्बाकू का प्रयोग
- चुम्बक, अधिक वोल्टेज वाले तारों और माइक्रोवेव ओवन के पास आने पर
- सेल फ़ोन का प्रयोग और एमपी3 के प्रयोग से भी सिग्नल प्रभावित हो सकते हैं। यह सलाह दी जाती है कि इन उपकरणों का प्रयोग हॉल्टर मॉनिटर डिवाइस से छह इंच की दूरी पर रख कर करें
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के बाद क्या करना चाहिए - What to do after Holter Monitor test in Hindi
इस टेस्ट के बाद कोई भी विशेष बातों का ध्यान रखने को कहा जाता है। आप अपने रोजाना के कार्यों को कर सकते हैं और अपना सामान्य आहार ले सकते हैं। जब तक डॉक्टर न कहें तब तक बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आपके स्वास्थ्य के अनुसार डॉक्टर आपको टेस्ट के बाद निर्देश दे सकते हैं।
हॉल्टर मॉनिटर टेस्ट के साथ किये जाने वाले अन्य टेस्ट - Which tests can done with Holter Monitor test in Hindi
आपके हृदय की कार्यप्रक्रिया की जांच करने के लिए डॉक्टर आपसे कुछ अन्य टेस्ट भी करवाने को कह सकते हैं। इनमें निम्न शामिल हैं -
- कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट
- इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी
- कार्डियक इवेंट मॉनिटरिंग
- ईसीजी
संदर्भ
- American Heart Association [internet]. Dallas. Texas. U.S.A.; Holter Monitor
- John Hopkins All Children's Hospital [Internet]. Johns Hopkins Medicine. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Holter Monitor
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- Instituto de Cardiologie De Montreal [Internet]. Montreal Heart Institute. Canada; Holter Monitor Test
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