myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

प्रोटीन सी टेस्ट क्या है?

प्रोटीन सी टेस्ट रक्त में प्रोटीन सी की मात्रा का पता लगाता है।

प्रोटीन सी की कार्य प्रक्रिया विटामिन के की एंटी क्लॉटिंग प्रोएंजाइम पर निर्भर करती हैं। यह प्लाज्मा में संचारित होता है और प्रोटीन सी को बनाने के लिए कार्यरत होता है। यह सक्रिय रूप थक्का रोधी की तरह कार्य करता है और कोआग्युलेशन फैक्टर और  VIII को निष्क्रिय कर देता है।

प्रोटीन सी रक्त के थक्के जमने से बचाता है। आमतौर पर आपका शरीर किसी भी चोट या खरोच के लगने पर थक्के बनाता है। यदि रक्त में प्रोटीन सी के स्तर बहुत ही कम हैं तो रक्त के थक्के कई ज्यादा बनेंगे जिससे रक्त वाहिकाएं अवरुद्ध हो सकती हैं। क्लॉट शरीर के किसी भी भाग में जम सकता है और फेफड़ों तक जा सकता है। यदि क्लॉट आपके फेफड़ों तक पहुंच जाता है तो इससे प्राणघातक स्थिति पल्मोनरी एम्बोलिस्म पैदा हो सकती है।

यदि आपके प्रोटीन सी के स्तर सामान्य से अधिक हैं तो इससे किसी समस्या का कोई खतरा नहीं है।

प्रोटीन सी की कमी एक अनुवांशिक विकार है। कभी-कभी जीवन में अन्य कारणों की वजह से भी ये कमी हो जाती है। ये कमी सामान्य या गंभीर भी हो सकती है। जिन लोगों में इसके सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं उनमे कभी भी जानलेवा थक्के नहीं जम सकते हैं। हालांकि निम्न स्थितियों में गंभीर रूप से थक्के जमने की समस्या हो सकती है :

 प्रोटीन सी की कमी चाहे अनुवांशिक हो या बाद में हुई हो इस टेस्ट की मदद से थक्कों को जमने से रोकने के बारे में भी पता लगाया जा सकता है।

  1. प्रोटीन सी टेस्ट क्यों किया जाता है - Protein C test Kyu Kiya Jata Hai
  2. प्रोटीन सी टेस्ट से पहले - Protein C test Se Pahle
  3. प्रोटीन सी टेस्ट के दौरान - Protein C test Ke Dauran
  4. प्रोटीन सी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Protein C test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

प्रोटीन सी टेस्ट किसलिए किया जाता है?

आमतौर पर थ्रोम्बोटिक (क्लॉटिंग) की स्थिति होने पर जैसे थ्रोम्बोएम्बोलिस्म में डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। इस टेस्ट की सलाह आमतौर पर निम्न स्थितियों में दी जाती है :

  • पचास वर्ष से कम आयु के लोगों में खून के थक्के जमना
  • अत्यधिक थक्के जमना
  • असामान्य जगहों पर थक्के जमना जैसे किडनी, लिवर या मस्तिष्क की रक्त वह्नियों में
  • नवजात शिशु जिसमें गंभीर रूप से क्लॉटिंग के विकार होने का संदेह हो जैसे पुरपुरा फुलमिनांस या डिसेमिनटेड इंट्रावैस्कुलर कोआग्युलेशन
  • प्रोटीन सी की कमी का पारिवारिक ईतिहास 
  • थक्के जमने का पारिवारिक ईतिहास 

चूंकि यह एक अनुवांशिक विकार है इसीलिए जिन लोगों के परिवार में किसी करीबी व्यक्ति को प्रोटीन सी की कमी होती है उनमें इसको स्क्रीनिंग टेस्ट की तरह भी प्रयोग किया जाता है।

यह टेस्ट किसी महिला में बार-बार हो रहे गर्भपात की जांच करने के लिए भी किया जाता है।

प्रोटीन सी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए आपको भूखे रहने की जरूरत नहीं होती। यदि आप कोई भी दवा, ओटीसी, विटामिन या अन्य सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर आपको ऐसी दवाएं लेने से मना कर सकते हैं जिनसे टेस्ट के परिणाम प्रभावित हों। इन दवाओं में निम्न शामिल हैं :

क्लॉटिंग होने के कम से कम दस दिन बाद इस टेस्ट को करवाना चाहिए।

प्रोटीन सी टेस्ट कैसे किया जाता है?

प्रोटीन सी टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लेने की जरूरत होती है। सैंपल लेने में कुछ मिनट का समय लगता है। लैब टेक्नीशियन निम्न प्रक्रिया द्वारा ब्लड सैंपल ले लेंगे :

  • वह आपकी बांह के ऊपरी हिस्से में टाइट इलास्टिक बैंड बांधेंगे जिसे टूनिकेट कहते हैं और इंजेक्शन लगने वाली जगह को एंटीसेप्टिक से साफ करेंगे।
  • सुई से आपकी बांह की नस में से खून निकाल लिया जाएगा।
  • सैंपल लेने के बाद टेक्नीशियन बैंड हटा देगा और इंजेक्शन लगी जगह पर कॉटन लगा देगा।
  • इसके बाद सैंपल के कंटेनर पर लेबल लगाकर उसे लैब में भेज दिया जाएगा।

ब्लड टेस्ट से कुछ जोखिम जुड़े हुए हैं, जैसे :

सुई लगने से आपको हल्का सा दर्द हो सकता है लेकिन यह जल्दी ही ठीक हो जाएगा।

प्रोटीन सी टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम 

रक्त में 70% -150% प्रोटीन सी के स्तर को सामान्य माना जाता है। उम्र के साथ प्रोटीन सी के स्तर घटते रहते हैं। महिलाओं में प्रोटीन सी के स्तर पुरुषों से कम होते हैं। 

टेस्ट के परिणाम निम्न के अनुसार अलग आ सकते हैं :

  • उम्र 
  • लिंग
  • पिछला स्वास्थ्य 
  • टेस्ट के लिए प्रयोग में लाया गया तरीका 

आपके परिणामों का क्या मतलब है इसके बारे में डॉक्टर से बातचीत करें। 

असामान्य परिणाम

बढ़े हुए स्तर के लिए डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती। 

प्रोटीन सी के कम स्तर निम्न स्थितियों में देखे जा सकते हैं :

वार्फरिन की तरह रक्त को पतला करने वाली दवाएं भी प्रोटीन सी के स्तर को कम कर सकती हैं। 

परीक्षण की पुष्टि करने के लिए भी डॉक्टर प्रोटीन सी टेस्ट दोबारा कर सकते हैं। अक्वायर्ड डेफिशियेंसी के मामले में स्थिति की जांच के लिए डॉक्टर समय-समय पर प्रोटीन सी के स्तरों पर नजर रखते हैं।

और पढ़ें ...

References

  1. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Protein C (Blood)
  2. Pabinger I, Allaart CF, Hermans J, et al. Hereditary protein C-deficiency: laboratory values in transmitters and guidelines for the diagnostic procedure. Report on a study of the SSC Subcommittee on Protein C and Protein S. Protein C Transmitter Study Group. Thromb Haemost 1992;68:470-474. PMID: 1448781.
  3. Marlar RA, Montgomery RR, Broekmans AW. Diagnosis and treatment of homozygous protein C deficiency. Report of the Working Party on Homozygous Protein C Deficiency of the Subcommittee on Protein C and Protein S, International Committee on Thrombosis and Haemostasis. J Pediatr. 1989;114(4 Pt 1):528–534. PMID: 2647943.
  4. Mannucci PM, Owen WG: Basic and clinical aspects of proteins C and S. In: AL Bloom, DP Thomas. Haemostasis and Thrombosis. Second edition. Edinburgh, Churchill Livingstone, 1987, pp 452-464
  5. Merck Manual Consumer Version [Internet]. Kenilworth (NJ): Merck & Co. Inc.; c2018. Excessive clotting
  6. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Blood Tests
  7. National Organisation of Rare Disorders [Internet]. Danbury. CT. US; Protein C Deficiency
  8. Genetics Home Reference [internet]. National Institute of Health: US National Library of Medicine. US Department of Health and Human Services; Protein S deficiency
  9. UFHealth [internet]: University of Florida; Protein C blood test. Gainesville. Florida. US; Protein C blood test
  10. UW Health: American Family Children's Hospital [Internet]. Madison (WI): University of Wisconsin Hospitals and Clinics Authority; Deep Vein Thrombosis
  11. Mosnier LO, Zlokovic BV, Griffin JH. The cytoprotective protein C pathway. Blood. 2007;109(8):3161–3172. PMID: 17110453.
  12. Esmon CT. The protein C pathway. Chest. 2003;124(3 Suppl):26S–32S. PMID: 12970121.
  13. Bengtsson C, Lindquist O. Characteristics and prognosis for women with hypertension in a community: results of a longitudinal study in Göteborg, Sweden. Clin Sci Mol Med Suppl. 1976;3:649s–651s. PMID: 1071699.
  14. Tabashnik BE. Determining the mode of inheritance of pesticide resistance with backcross experiments. J Econ Entomol. 1991;84(3):703–712. PMID: 1885840.
  15. Beckmann RJ, Schmidt RJ, Santerre RF, Plutzky J, Crabtree GR, Long GL. The structure and evolution of a 461 amino acid human protein C precursor and its messenger RNA, based upon the DNA sequence of cloned human liver cDNAs. Nucleic Acids Res. 1985;13(14):5233–5247. PMID: 2991859.
  16. Foster DC, Yoshitake S, Davie EW. The nucleotide sequence of the gene for human protein C. Proc Natl Acad Sci U S A. 1985 Jul; 82(14): 4673–4677. PMID: 2991887.
  17. Mather T, Oganessyan V, Hof P, Huber R, Foundling S, Esmon C, et al. The 2.8 A crystal structure of Gla-domainless activated protein C. EMBO J. 1996 Dec 16; 15(24): 6822–6831. PMID: 9003757.
  18. Hézard N, Bouaziz-Borgi L, Remy MG, Florent B, Nguyen P. Protein C deficiency screening using a thrombin-generation assay. Thromb Haemost. 2007;97(1):165–166. PMID: 17200789.
  19. Pagana KD, et al. Mosby’s Diagnostic and Laboratory Test Reference. 14th ed. Mosby. Protein C, Protein S. Pg. 751,752
  20. Wilson DD. McGraw-Hill’s Manual of Laboratory & Diagnostic Tests. 2008. McGraw Hill. Protein C. Pg 470-471.
  21. Fischbach FT. A Manual of Laboratory and Diagnostic Tests. 7th ed. 2003. Lippincott Williams & Wilkins Publishers. Protein C. Pg. 110-111.
ऐप पर पढ़ें
कोरोना मामले - भारतx

कोरोना मामले - भारत

CoronaVirus
6412 भारत
348आंध्र प्रदेश
11अंडमान निकोबार
1अरुणाचल प्रदेश
29असम
39बिहार
18चंडीगढ़
10छत्तीसगढ़
720दिल्ली
7गोवा
241गुजरात
169हरियाणा
18हिमाचल प्रदेश
158जम्मू-कश्मीर
13झारखंड
181कर्नाटक
357केरल
15लद्दाख
259मध्य प्रदेश
1364महाराष्ट्र
2मणिपुर
1मिजोरम
44ओडिशा
5पुडुचेरी
101पंजाब
463राजस्थान
834तमिलनाडु
442तेलंगाना
1त्रिपुरा
35उत्तराखंड
410उत्तर प्रदेश
116पश्चिम बंगाल

मैप देखें