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परिवार और सिस्टमिक मनोचिकित्सा को ही परिवार चिकित्सा कहा जाता है। परिवार के सदस्यों को एक दूसरे को अच्छे से समझने और सहारा देने में परिवार चिकित्सा मदद करती है। फैमिली थेरेपी परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रूप से अपने विचार और भावनाएं जाहिर करने और समझने, एक दूसरे के अनुभवों और मत को समझने, एक दूसरे की जरुरत का सम्मान करने, परिवार को मजबूत करने और उनके जीवन और संबंधों में उपयोगी परिवर्तन लाने के लिए एक साथ काम करने के योग्य बनाती है।

इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि फैमिली थेरेपी यानी परिवार चिकित्सा क्या है, इसके कितने प्रकार हैं और परिवार चिकित्सा कैसे होती है साथ ही आप इस लेख में यह भी जानेंगे की परिवार चिकित्सा के क्या लाभ या फायदे होते हैं।

  1. परिवार चिकित्सा क्या है - Family therapy kya hai in hindi
  2. परिवार चिकित्सा के प्रकार - Family therapy types in hindi
  3. परिवार चिकित्सा कैसे करें - Family therapy process in hindi
  4. परिवार चिकित्सा के लाभ - Family therapy benefits in hindi

फैमिली थेरेपी मनोचिकित्सा का ही एक प्रकार है। इसमें परिवार के सदस्यों के मध्य आपसी संवाद के तरीके में सुधार लाकर तनाव और टकराव कम करने का प्रयास किया जाता है।

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हालाँकि, परिवार चिकित्सक या फैमिली थेरेपिस्ट समस्या से प्रभावित सभी सदस्यों को एक ही कमरे में साथ बिठाते हैं किंतु हमेशा यह संभव नहीं हो पाता है। फैमिली थेरेपी और व्यक्तिगत मनोचिकित्सा में फर्क इसके दृष्टिकोण या उपचार के स्वरुप का है इस बात का नहीं कि कितने लोग किसी एक सत्र में भाग लेते हैं।

इस प्रकार के मनोवैज्ञानिक परामर्श में समस्या को एक ऐसे क्रम के रूप देखा जाता है जिसमें समायोजन की जरुरत है, जबकि व्यक्तिगत मनोचिकित्सा में समस्या को व्यक्ति के अंदर देखा जाता है। इसीलिए फैमिली थेरेपी को अक्सर स्ट्रैंथ बेस्ड ट्रीटमेंट यानी व्यक्ति के अंदर की मजबूती पर आधारित उपचार प्रक्रिया कहा जाता है।

आधुनिक परिवार चिकित्सक परिवार को इस तरह परिभाषित करते है कि जो भी व्यक्ति आपके जीवन में एक लंबे अर्से तक सहारा प्रदान करता रहे वह आपका परिवार है, यह जरुरी नहीं की वह आपसे खून का रिश्ता रखता हो या आप एक ही परिवार में साथ रहते हो।

पारिवारिक संबंधों को एक अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, इस बात से फर्क नहीं पड़ता की सभी सदस्य थेरेपी में शामिल होते हैं या नहीं।

फैमिली थेरेपी एक आदर्श मनोवैज्ञानिक परामर्श तकनीक है जिसके द्वारा परिवार के सभी सदस्य उस सदस्य के साथ सामंजस्य बिठाते हैं जो किसी लत, बीमारी या मानसिक स्वास्थ्य समस्या के निदान से संघर्ष कर रहा है। यह चिकित्सा परिवार में संवाद बढ़ाने और टकराव कम करने के लिए भी उपयोग की जा सकती है।

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अन्य सामान्य कारण जिनके लिए फैमिली थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है -

  • जब किसी बच्चे को उसके स्कूल में परेशानी हो, मादक द्रव्यों का सेवन करता हो या सही से खाना नहीं खाता हो। (और पढ़े - नशे की लत)
  • कोई ऐसा ट्रॉमा या बदलाव जिसने पूरे परिवार को प्रभावित किया हो, जैसे प्राकृतिक आपदा, परिवार के किसी सदस्य की मौत इत्यादि।
  • किसी परिवार के सदस्य का असामयिक निधन हो जाना।
  • किसी नए सदस्य के साथ परिवार में सामंजस्य बिठाना, जैसे भाई या बहन का जन्म, गोद लेना, गोद लिया बच्चा इत्यादि।
  • घरेलु हिंसा
  • तलाक
  • माता-पिता का आपस में लड़ाई-झगड़ा।

फैमिली थेरेपी सत्र किसी सामाजिक कार्यकर्ता, लइसेंस प्राप्त थेरेपिस्ट या किसी मनोचिकित्सक द्वारा आयोजित किये जाते हैं। आपके परिवार की आवश्यकता के हिसाब से उपचार का तरीका निर्धारित किया जाता है। आपको और आपके प्रियजनों की मदद के लिए कई प्रकार के फैमिली थेरेपी सिस्टम उपलब्ध हैं।

एक आम धारणा है कि थेरेपी का मतलब कुर्सी पर बैठ जाओ और घंटो बातें करो। किन्तु ऐसा नहीं है। बातचीत इस थेरेपी का एक महत्वपूर्ण भाग है लेकिन बहुत सारे थेरेपिस्ट अलग-अलग प्रकार की गतिविधियों और खेलों पर भरोसा करते हैं जिनको परिवार में संवाद और भरोसा बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। फैमिली थेरेपी यानी परिवार चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली तकनीक निम्नलिखित हैं -

1. स्ट्रक्चरल फैमिली थेरेपी (एसएफटी) -

इस तकनीक में यह देखा जाता है कि एक परिवार के रूप में कार्य करते वक्त व्यक्तिगत रूप से परिवार का हर सदस्य किन परेशानियों और चुनौतियों का सामना करता है। एसएफटी का मुख्य ध्यान परिवार, परिवार की बनावट, परिवार में नियम, छोटे-बड़े का क्रम और परिवार के सदस्यों की भूमिका आदि बिंदुओं पर रहता है। इस प्रकार इन सब जानकारियों का पता लगाने के बाद थेरेपिस्ट गड़बड़ का कारण खोजते हैं और प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ संबंध, स्थायी रिश्ते तथा तात्कालिक समस्या को दूर करने के साधन और तरीके बताते हैं।

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2. स्ट्रेटेजिक फैमिली थेरेपी -

यह सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली तकनीक में से एक है। इस तकनीक में थेरेपिस्ट एक प्रक्रिया का पालन करता है जो नीचे दी गयी है -

  • अवलोकन - थेरेपिस्ट परिवार और परिवार के सदस्यों की एक दूसरे से बातचीत का अवलोकन करता है।
  • समस्या - अवलोकन करके थेरेपिस्ट समस्या का पता लगाता है।
  • बातचीत - एक बार जब समस्या पता चल जाती है तो थेरेपिस्ट परिवार के सदस्यों को समस्या पर चर्चा करने के लिए प्रेरित करता है और परिवार की सीमाओं तथा उसकी बनावट का विश्लेषण करता है।
  • लक्ष्य निर्धारण - थेरेपिस्ट और परिवार के सदस्य मिलकर यह निर्धारित करते हैं कि वे उपचार से क्या उम्मीद रखते हैं और उनका क्या उद्देश्य है।
  • कार्य निर्धारण - समस्या को सुलझाने के लिए परिवार के हर सदस्य को कोई कार्य या असाइनमेंट दिया जाता है।

3. फंक्शनल फैमिली थेरेपी (एफएफटी) -

यह तकनीक अक्सर किशोर और युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन और हिंसा की समस्याओं में मदद के लिए उपयोग की जाती है। उन किशोर और युवाओं और उनके परिवार के लिए यह एक छोटी अवधी का उपचार होता है और सभी के प्रति सम्मान और भरोसा विकसित करने में इस तकनीक की सफलता निहित है। इसके साथ ही एफएफटी व्यक्तिगत रूप से सभी को अपने जीवन में सकारात्मकता ढूढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

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4. सिस्टमिक फैमिली थेरेपी -

इस तकनीक में समस्या को विश्लेषण की बजाय एक व्यवस्थित तरीके से देखा जाता है। इसलिए कारण, लक्षण और पुरानी घटनाओं से जुड़े मुद्दों को इस तकनीक में नहीं देखा जाता है। इस तकनीक में परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत और परिवार के व्यवहार का पैटर्न पहचाना जाता है तथा उनकी नए सकारात्मक पैटर्न को विकसित करने में मदद की जाती है। यह एक ऐसी तकनीक है जो शिक्षा, सामाजिक कार्य और राजनीति में तेजी से अपनी जगह बना रही है।

5. नैरेटिव फैमिली थेरेपी -

इस तकनीक में परिवार के प्रत्येक सदस्य को स्वयं को समस्या से अलग करके देखने के लिए प्रेरित किया जाता है और उन्हें खुद की क्षमताओं का उपयोग करके समस्या सुलझाने के लिए तैयार किया जाता है। नैरेटिव थेरेपी का ध्यान लोगों के अंदर के प्राकृतिक कौशल एवं क्षमताओं का उपयोग करके व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने पर होता है। व्यक्ति को बदलने की बजाय इसका उद्देश्य समस्या व्यक्ति को किस तरह से प्रभावित करती है इसे बदलना है।

अगर आप फैमिली थेरेपी करवाते हैं तो इसमें निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं -

  • सबसे पहले थेरेपिस्ट आपके परिवार के सभी सदस्य से बात करेंगे और ये समझने का प्रयास करेंगे कि परिवार में चल क्या रहा है। वें सभी से सवाल करेंगे की जब समस्या शुरू हुई तो सभी ने उसे किस तरह से देखा और अब तक आपका परिवार यह समस्या किस तरह संभाल रहा था।
  • अब थेरेपिस्ट आपके परिवार के लिए उपचार का तरीका निर्धारित करेंगे। इसका उद्देश्य समस्या के लिए किसी सदस्य को दोष देना नहीं बल्कि आपसी टकराव को समाप्त करना है।
  • आपके थेरेपिस्ट परिवार के सदस्यों के बीच संवाद में सुधार करने, समस्या सुलझाने और साथ में काम करने के नए तरीके खोजने में मदद करेंगे।
  • फैमिली थेरेपी से कोई समस्या हमेशा के लिए तो समाप्त नहीं होती है किंतु इससे परिवार के सदस्य समस्या को सुलझाने के अधिक बेहतर और स्वस्थ तरीके सिख सकते हैं।
  • फैमिली थेरेपी करवाने में बहुत अधिक लंबा समय नहीं लगता है। औसतन 12 सत्र की जरुरत होती है। आपको थेरेपिस्ट से कितनी बार मिलना होगा और कितने सत्र की आवश्यकता होगी यह उस समस्या पर निर्भर करेगा जिसके लिए आप थेरेपी लेना चाहते हैं।

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अगर आप अच्छे थेरेपिस्ट के पास जाते हैं और परिवार चिकित्सा का कोर्स पूरा करते हैं तो आपको अपने जीवन में कई स्तरों पर मदद मिल सकती है -

  • परिवार के सभी सदस्यों के बीच उचित सीमाएं विकसित करने और बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • परिवार के सदस्यों के बीच संवाद और सामंजस्य को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
  • आपके परिवार में किस तरह से सारी चीजें चलती है इसकी अच्छी समझ पैदा करके समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है।
  • परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति सहानुभूति और उनको समझने में मदद मिल सकती है।
  • आपके परिवार के सदस्यों के बीच के आपसी झगड़े सुलझाने या कम करने में मदद मिलती है।

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नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।

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