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 नशे की लत क्या है?

नशे की लत होना एक बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। कुछ पदार्थ जैसे अल्कोहल, मारिजुआना (marijuana; गांजा) और निकोटीन को भी नशे ही एक रूप माना जाता है, जब आप इनके आदी हो जाते हैं, तो इनके कारण होने वाले नुकसानों को जानने के बावजूद भी इनका उपयोग जारी रखते हैं।

नशे की लत, सामाजिक माहौल में खुद की संतुष्टि के लिए नशीले पदार्थों के उपयोग से शुरू हो सकती है। जिसके बाद लोग इनका प्रयोग बार-बार करने लगते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में ओपिओइड्स (opioids/ एक प्रकार की दवा) से पूर्ण नशीले पदार्थों की लत, किसी के द्वारा बताने और स्वंय के द्वारा इनका सेवन करने से प्रारंभ होती है। देखा जाता है कि शुरूआती दौर में कोई दोस्त या फिर रिश्तेदार इनको लेने की सलाह देते हैं।

आप कितनी तेजी से इन दवाओं आदी होते हैं वह इनके जोखिम, दवाओं की भिन्नता पर निर्भर करते हैं। कुछ दवाएं जैसे- ओपिओइड (दर्द निवारक दवा) से लत लगने का उच्च जोखिम होता है और यह अन्य की तुलना में लत लगने का मुख्य कारण भी होती है।

जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, आपको इन नशीले पदार्थों की अधिक खुराक की आवश्यकता होती है। जल्द ही आपको बेहतर महसूस करने के लिए इस की जरूरत होने लगती है। जैसे ही आप उपयोग बढ़ाते हैं, आपको लगता है कि इस के बिना आपका रहना मुश्किल हो जाएगा। नशीले पदार्थों के प्रयोग को रोकने के प्रयास में आप खुद को शारीरिक रूप से अक्षम व बीमार महसूस करते हैं।

आपको नशीले पदार्थों की लत से दूर करने और नशीली दवाओं से मुक्त रहने के लिए अपने डॉक्टर, परिवारिक सदस्यों, मित्रों, सहायता समूहों या संगठित उपचार कार्यक्रम से मदद लेने की आवश्यकता होती है।

(और पढ़ें - मनोवैज्ञानिक परीक्षण क्या है)

  1. नशे की लत के प्रकार - Types of Drug Addiction in Hindi
  2. नशे की लत के लक्षण - Drug Addiction Symptoms in Hindi
  3. नशे की लत के कारण - Drug Addiction Causes in Hindi
  4. नशे की लत के बचाव के उपाय - Prevention of Drug Addiction in Hindi
  5. नशे की लत का निदान - Diagnosis of Drug Addiction in Hindi
  6. नशे की लत का उपचार - Drug Addiction Treatment in Hindi
  7. नशे की लत के जोखिम और जटिलताएं - Drug Addiction Risks & Complications in Hindi
  8. नशे की लत की दवा - Medicines for Drug Addiction in Hindi
  9. नशे की लत के डॉक्टर

नशे की लत के प्रकार - Types of Drug Addiction in Hindi

नशे की लत के प्रकार क्या है?

  • सिगरेट और तंबाकू की तरह अन्य रूपों में निकोटीन लेना नशे की लत को बढ़ाता है। (और पढ़ें - सिगरेट पीने के नुकसान)
  • शराब का सेवन मस्तिष्क और शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। (और पढ़ें - शराब पीने के नुकसान)
  • मारिजुआना (कैनबिस) सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला अवैध नशीला पदार्थ है।
  • आमतौर पर दर्द से राहत के लिए ओपिओइड्स को लिया जाता है।
  • मेथिलफिनेडेट (Methylphenidate) और एम्फ़ैटेमिन्स (amphetamines) जैसे उत्तेजक।
  • आमतौर पर नींद के लिए या चिंता को कम करने के लिए डिप्रेसेंट दवाओं का प्रयोग किया जाता है।
  • कोकीन
  • हेरोइन
  • एक्सटसी (Ecstasy; इसको एमडीएमए भी कहा जाता है)

(और पढ़ें - मानसिक रोग के प्रकार)

नशे की लत के लक्षण - Drug Addiction Symptoms in Hindi

नशे की लत से जुड़े व्यवहार व लक्षण क्या होते हैं?

नशे की लत के लक्षण या व्यवहार में निम्न को शामिल किया जा सकता हैं:-

  • शारीरिक या मनोवैज्ञानिक नुकसान हो जानने के बाद भी इस तरह के नशे को करते रहना। (और पढ़ें - मानसिक रोग दूर करने के उपाय)
  • ड्रग हासिल करने के लिए चोरी जैसे काम भी करना, जो आप आम तौर पर नहीं करते। 
  • वाहन चलाना व इस तरह के जोखिम भरे काम नशे में होने के बावजूद भी करना। 
  • इसको छोड़ने के प्रयासों में विफल रहना।
  • नशा बंद करने की स्थिति में आप इसके लक्षणों को कम होता पाते है।
  • निश्चित समय की तुलना में लंबी अवधि तक दवा का सेवन करना।
  • इस तरह की दवाओं की आपूर्ति को बनाए रखना।
  • ज्यादा पैसे न होने पर भी इन दवाओं को लेना।
  • नशे की लत के कारण अपने दायित्वों, काम की जिम्मेदारियों व सामाजिक गतिविधियों से दूर रहना।
  • नियमित रूप से नशे का उपयोग करने की इच्छा होना- पूरे दिन में एक या कई बार।
  • नशा करने के अलावा किसी भी बात के बारे में ना सोचना।
  • किसी निश्चित समय में अधिक प्रभाव पाने के लिए अधिक दवाओं का सेवन करना।

आपका बच्चा या परिवार का कोई सदस्य नशे की लत का आदी हो चुका हो, तो उसमें निम्न तरह के संकेतों को देखा जाता हैं:

  • व्यवहार में परिवर्तन, व्यक्ति अपने कमरे में किसी को आने नहीं देता और दोस्तों के साथ जाते समय भी इस बात का ध्यान रखता है कि उसकी बात किसी को पता न चलेे। परिवार के सदस्यों व करीबी दोस्तों के साथ व्यवहार में परिवर्तन आना।
  • धन की परेशानी, बिना उचित स्पष्टीकरण दिए पैसे के लिए अचानक अनुरोध करना या दूसरों की जानकारी के बिना ही घर से पैसे ले जाना। 
  • स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां होना जैसे एनर्जी में कमी आना, वजन घटना या बढ़ना या आंखे लाल रहना। (और पढ़ें - वजन घटाने का तरीका)
  • कपड़ों व संवरने में रुचि ना दिखाना।
  • स्कूल या कार्यस्थल में समस्याएं होना। अक्सर स्कूल या कार्यस्थल से लापता रहना। कुछ दिनों से स्कूल व कार्यस्थल की गतिविधियों में रूचि न लेना। इसके अलावा कार्यक्षमता का तेजी से गिरना।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)

नशे की लत के कारण - Drug Addiction Causes in Hindi

नशे की लत के कारण क्या होते हैं?

नशे की लत के मनोवैज्ञानिक कारण:

नशे की लत के कुछ मनोवैज्ञानिक कारणो में आघात (trauma) शामिल हैं। यह नशे की लत युवाओं में देखी जाती है।

घर में यौन या शारीरिक शोषण, उपेक्षा व हालातों का ठीक न होना, ये सभी स्थितियां मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा करती है, जिनसे बचने के लिए लोग खुद से ही कुछ दवाएं ले लेते हैं। खुद से दवा लेना ही नशे की लत का कारण बनता है।

(और पढ़ें - यौन शोषण क्या है)

नशे की लत के अन्य मनोवैज्ञानिक कारणों में शामिल हैं:-

  • मानसिक रूप से स्वस्थ न होना, जैसे- तनावग्रस्त रहना।
  • दूसरों के साथ जुड़ने में मुश्किल होना, जैसे दोस्त बनाने में मुश्किल।
  • कार्यस्थल व स्कूल में खराब प्रदर्शन।
  • तनाव को दूर करने में मुश्किल होना।

(और पढ़ें - तनाव को दूर करने के तरीके)

आसपास के माहौल के कारण नशे की लत

व्यक्ति के आसपास का माहौल भी नशे की लत का कारण बन सकता है। जहां नशा लेना स्वीकार्य है और लोग नशा करते है वहां पर बच्चों में भी जल्द नशाखोरी के लक्षण पनप सकते हैं। 

घरों में मौजूद नशे के आदि बड़ों को देख देख कर बड़े होते बच्चे खुद भी इसके आदी हो जाते हैं। 

अधिकांश नशीली दवाओं और नशीले पदार्थों का प्रयोग किशोरावस्था में ही शुरू होता है, जो बच्चे अपमानजनक स्थिति या माता-पिता की उपेक्षा सहते हैं, वे धीरे-धीरे नशीले पदार्थों के आदी हो जाते हैं। नशे की लत के लिए जिम्मेदार कारणों में शामिल हैं:-

  • किसी खेल में भागीदारी, जहां प्रदर्शन-बढ़ाने वाली दवाओं का उपयोग किया जाता है।
  • मित्रों का समूह, जो इस तरह की चीजों का उपयोग करता हो या प्रचार करता हो।
  • सामाजिक-आर्थिक स्थिति का निम्न होना भी नशे की लत के लिए जोखिम कारक हो सकता है। 

(और पढ़ें - दवाओं की जानकारी)

नशे की लत के आनुवंशिक कारण

नशे की लत कई परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है, अनुवांशिक कारण भी नशे की लत की वजह हो सकते हैं।

यह ज्ञात है कि कुछ जींस (genes) मस्तिष्क को निकोटीन लेने के लिए प्रभावित करते है और यह नशे की लत के कारण में अपना योगदान देते हैं।

(और पढ़ें - अटैक्सिया का इलाज)

नशे की लत के बचाव के उपाय - Prevention of Drug Addiction in Hindi

नशे की लत को कैसे रोंके?

नशे की लत को रोकने के लिए किशोरावस्था एक महत्वपूर्ण समय क्यों है?

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, कम उम्र में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करना भी नशे के आदी होने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। इस दौरान नशीले पदार्थों और शराब को रोकने के लिए किए गए प्रयास लंबे समय तक चल सकते हैं।

जीवन में किसी बड़े परिवर्तन के दौरान नशे की लत से खतरा बढ़ जाता है। वयस्कों में नशे की लत का कारण तलाक होना या नौकरी के छूट जाना भी हो सकता है।

छोटी उम्र में नशे का उपयोग हमारे मस्तिष्क के कार्य पर जैसे- स्मृति, सीखने, निर्णय लेने और व्यवहार को नियंत्रण करने में बाधा उत्पन्न करता है।

(और पढ़ें - गुटखा छोड़ने के उपाय)

जब हम नशे की रोकथाम की बात करते हैं, तो इसमें कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो आपके जोखिम को बढ़ा सकती हैं, इनको आप आसानी से बदल नहीं सकते हैं। जिसमें नशे के अादी व्यक्ति का पारिवारिक इतिहास, किस तरह से आप नशे के आदी हुए और आघात का अनुभव करने की स्थिति को शामिल किया जाता है।

वैसे तो इस लत को रोकने का कोई भी तरीका एेसा नहीं है जो असफल हो ही न, फिर भी कुछ बातों का पालन कर आप खुद को नशे का आदी बनने से रोक सकते हैं। इसमें शामिल हैः-

  • अपने स्कूल, धार्मिक समुदाय या किसी अन्य संगठन के साथ मजबूत रिश्ता बनाने के लिए जरूरी नहीं है कि आप इनके समारोह में शराब का जरूर ही सेवन करें।
  • एंटी-ड्रग, तंबाकू और शराब से जुड़ी संस्थाओं के कार्यक्रमों में भाग लें।
  • युवावस्था में नशे से बचें, जो लोग अपने शुरुआती किशोरावस्था में शराब पीने या नशीली दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, वे अपनी बाद की जिदंगी में इसके आदी हो जाते हैं।
  • बीती जिंदगी में कोई पीड़ा या आघात होने पर आप इससे बाहर आने के लिए किसी विशेषज्ञ से काउंसिलिंग कर मदद ले सकते हैं।
  • एक थेरेपिस्ट के साथ काम करें यदि खुद पर नियंत्रण करने में मुश्किल हो रही हो।
  • अपने दोस्तों को सावधानी से चुनें। इसके अलावा सहकर्मियों के दबाव से भी किसी भी उम्र में आप नशे के आदी हो सकते हैं, इसलिए नशा करने वाले दोस्तों और करीबियों से दूरी बना कर ही रखें।

दोबारा सही स्थिति में आने के लिए क्या करें?

नशे के आदी व्यक्ति को अपने मस्तिष्क के सभी कार्यों को दोबारा से ठीक करने व इसके दुष्परिणामों को दूर करने लिए दवाओं की मदद लेनी होती है। ओपिओइड (हेरोइन, दर्द को कम करने वाली दवाएं), तम्बाकू (निकोटीन), और शराब की लत के उपचार के लिए भी दवाएं उपलब्ध हैं।

(और पढ़ें - तम्बाकू के नुकसान)

नशे की लत का निदान - Diagnosis of Drug Addiction in Hindi

नशे की लत का निदान कैसे करें?

  • नशे की लत का निदान करने के लिए एक संपूर्ण मूल्यांकन की आवश्यकता होती है और अक्सर इसमें मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक द्वारा मूल्यांकन शामिल होता है। (और पढ़ें - शॉक थेरेपी क्या है)
  • इमेजिंग स्कैन, छाती का एक्स-रे और रक्त परीक्षण पूरे शरीर पर होने वाले दीर्घकालिक हानिकारक प्रभावों को दिखाता हैं। (और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या है)
  • रक्त, मूत्र या अन्य प्रयोगशाला परीक्षणों का उपयोग दवा के उपयोग के आंकलन के लिए किया जाता है, लेकिन ये नशे की जांच के लिए नहीं हैं। हालांकि, इन परीक्षणों का इस्तेमाल उपचार और दोबारा ठीक होने की स्थिति की निगरानी के लिए किया जा सकता है। 

(और पढ़ें - यूरिन टेस्ट क्या है)

नशे की लत का उपचार - Drug Addiction Treatment in Hindi

नशे की लत का इलाज कैसे करें?

इसके सफल इलाज के कई तरीके है:-

  • विषहरण (प्रक्रिया जिसके द्वारा शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर किए जाते हैं)
  • नशे की लत छु़ड़ाने के लिए कांउसिलिंग
  • दवा (ओपिओइड, तंबाकू, या शराब की लत के लिए)
  • अवसाद और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के लिए मूल्यांकन और उपचार
  • पुनरावृत्ति को रोकने के लिए दीर्घकालिक बचाव

(और पढ़ें - डिप्रेशन के लिए योग)

दवाओं के उपयोग से इसके लक्षणों व दोबारा स्थिति पैदा करने वाले कारको को कम किया जा सकता है।

इससे बाहर आने के लिए क्या करें:

दवाएं नशे की लत से बाहर आने की स्थिति में विषहरण (detoxification) के दौरान होने वाले प्रभावों को कम कर देती है। विषहरण अपने आप में "उपचार" नहीं है, लेकिन इस प्रक्रिया को ठीक होने का केवल पहला कदम माना जाता है। जिन रोगियों को विषहरण (detoxification) के बाद कोई और उपचार नहीं मिलता है, वे आमतौर पर अपने नशीले पदार्थों के उपयोग को फिर से शुरू कर देते हैं।

(और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स कैसे करें)

ओपिओइड: मेथाडोन (Methadone) और नाल्ट्रेक्सोन (naltrexone) का उपयोग ओपिओइड के आदि व्यक्ति के इलाज के लिए किया जाता है। ये दवाएं वापसी के लक्षणों को कम कर देती हैं और दुष्परिणामों से राहत देती हैं। ये सभी दवाएं, नशे की मांग और संबंधित आपराधिक व्यवहार को कम करने में सहायता करती हैं और उनके व्यवहार संबंधी उपचार के लिए सहायता करती हैं।

  • तम्बाकू: निकोटीन को छोड़ने की थेरेपी कई रूप में की जाती हैं, जिनमें पैच (patch), स्प्रे, गम और लोजेंज (lozenges) शामिल हैं।
  • शराब के लिए
  • तीन अनुमोदित दवाएं निम्नानुसार हैं:
  • नैलट्रीसोन (Naltrexone)
  • अकेम्प्रोसेट (Acamprosate)
  • डिसुलफिरम (Disulfiram)
  • सहवर्ती स्थितियों: अवसाद या चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के इलाज के लिए भी अन्य दवाएं उपलब्ध हैं, जो कि व्यक्ति की लत को छुड़ाने में योगदान देती हैं। 

(और पढ़ें - शराब के साथ एनर्जी ड्रिंक मिलाना के नुकसान)

व्यावहारिक थेरेपी (Behavioral therapies) रोगियों की सहायता करती हैं:

  • नशीली दवाओं के उपयोग से संबंधित व्यवहार को कम व सही करना।
  • स्वास्थ से जुड़े जीवन की कार्यक्षमताओं को बढ़ाना।
  • उपचार के अन्य रूपों के साथ दवाओं को जारी रखना।

(और पढ़ें - ओपिओइड की विषाक्तता का इलाज)

ये बातें मरीजों की मदद करती हैं:

  • उन स्थितियों की पहचान करना, बचाना और उनका सामना करना, जिनमें वे सबसे ज्यादा नशे का उपयोग कर सकते हैं।
  • उनके व्यवहार को बदलने के लिए उपचार को अपनाना।
  • डि-एडिक्शन (De- addiction) सेंटर- इन केंद्रों पर रहकर नशे के आदी इस आदत को छोड़ने का इलाज करते हैं। यह इलाज आमतौर पर 6 से 12 महीने तक चलता है। यह विषहरण (detoxification) व काउंसिलिंग पर केंद्रित होता है। 

(और पढ़ें - एडीएचडी के लिए व्यवहार थेरेपी)

नशे की लत के जोखिम और जटिलताएं - Drug Addiction Risks & Complications in Hindi

नशे की लत से जुड़ी जटिलताएं क्या हैं?

स्वास्थ्य पर नशे की लत का प्रभाव:

नशे की लत के प्रभावों में शामिल हैं।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

नशे की लत क्या मानसिक विकार का कारण होता है?

नशे की लत और मानसिक बीमारी अक्सर एक दूसरे से जुड़ी होती है। कुछ मामलों में, मानसिक विकार जैसे कि चिंता या अवसाद नशे की लत से पहले हो सकती है, जबकि अन्य मामलों में नशे से मानसिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं। (और पढ़ें - चिंता का इलाज)

नशे की लत अन्य लोगों को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है?

नशे के आदी हो चुके व्यक्ति के शरीर पर कई अन्य हानिकारक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। नशे की लत में यह परेशानियां तेजी से होती है:

  • शिशुओं और बच्चों पर प्रसव पूर्व इसके दुष्प्रभाव होना।
  • धूम्रपान के धूंए के संपर्क में आने से होने वाले नकारात्मक प्रभाव।
  • संक्रामक बीमारियों के बढ़ने की संभावनाएं अधिक होना।

(और पढ़ें - संक्रमण के इलाज)

नशे की लत के मनोवैज्ञानिक प्रभाव-

  • नशे की लत के मनोवैज्ञानिक प्रभाव का आशय उपयोगकर्त्ता द्वारा नशे के आदी होने पर दिमाग में होने वाले बदलावों से है।
  • प्रारंभ में लोग तनाव या दर्द को दूर करने के लिए दवाओं का उपयोग करना शुरू करते हैं। बाद में इन्हीं नशीली दवाओं की लत के प्रभाव का चक्र शुरू होता है और व्यक्ति को कभी भी तनाव या दर्द का सामना करना पड़ता है और बाद में वह दवा का उपयोग करने की आवश्यकता महसूस करने लगता है।
  • मनोवैज्ञानिक प्रभावों के चलते एक बार इसका आदी हुआ व्यक्ति इस पर निर्भर हो जाए तो वह खुद की हर परेशानी के लिए इन्हीं नशीली दवाओं का प्रयोग करता है।

नशे की लत के अन्य मनोवैज्ञानिक प्रभावों में शामिल हैं:

  • मूड में लगातार बदलाव आना, अवसाद, चिंता व हिंसा (और पढ़ें - अवसाद का इलाज)
  • रोजमर्रा की जिंदगी में खुशी में कमी
  • मतिभ्रम
  • उलझन होेना
  • नशीली दवाओं के प्रभावों में लोग मनोवैज्ञानिक प्रभावों को कम करने के लिए दवाओं की बढ़ती मात्रा का उपयोग करना
  • हमेशा खराब बर्ताव करना

(और पढ़ें - चिंता दूर करने के घरेलू उपाय)

नशे की लत का शारीरिक प्रभाव-

नशे की लत का शारीरिक प्रभाव नशीली दवा के आधार पर भिन्न होता है, लेकिन आमतौर पर इसके प्रभाव शरीर की सभी प्रणालियों में देखे जाते हैं। नशे की लत के कुछ प्राथमिक शारीरिक प्रभाव मस्तिष्क में होते हैं।

नशे की लत मस्तिष्क के कार्यों और शरीर के आराम की स्थिति में बदलाव लाती है। नशे की लत के इन प्रभावों की वजह से नशीली दवाओं के उपचार के दौरान इस्तेमाल दवाओं की मांग अधिक हो गई है। 

नशे की लत के अन्य शारीरिक प्रभावों में शामिल हैं:

(और पढ़ें - अच्छी नींद के उपाय)

मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव-

कुछ दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से मस्तिष्क में लघु व दीर्घकालिक परिवर्तन हो सकते हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं-

लंबे समय तक इस्तेमाल से मस्तिष्क के कार्यों में परिवर्तन भी हो सकते हैं जिनमें शामिल हैं:-

  • सीखने में परेशानी
  • निर्णय पर पहुंचने
  • निर्णय लेना
  • तनाव होना
  • याददाश्त कम होना (और पढ़ें - याददाश्त में कमी का इलाज)
  • व्यवहार में परिवर्तन आना

(और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के उपाय)

Dr. Amar Golder

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Dr. Arvind Gautam

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Dr. Ramesh Ammati

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नशे की लत की दवा - Medicines for Drug Addiction in Hindi

नशे की लत के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
BuprigesicBuprigesic 0.3 Mg Injection22.0
BuvalorBuvalor 10 Mg Patch1428.0
NorphinNorphin 0.3 Mg Injection61.0
TidigesicTidigesic 0.3 Mg Injection12.0

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