ट्रिप्सिन कई प्रोटियोलिटिक एंजाइमों में से एक एंजाइम है, जो पाचन के लिए आवश्यक है. यह पेंक्रियाज द्वारा निर्मित होता है और इसका पहला काम प्रोटीन को पचाना है. ट्रिप्सिन को प्रोटीनएज के रूप में भी जाना जाता है. ट्रिप्सिन द्वारा प्रोटीन को तोड़ने का काम छोटी आंत में शुरू होता है. ट्रिप्सिन खाद्य पदार्थों से प्रोटीन को अमीनो एसिड में तोड़ने के लिए पेप्सिन और काइमोट्राइप्सिन नामक दो अन्य प्रोटीन के साथ काम करता है.

अमीनो एसिड प्रोटीन के निर्माण का मुख्य भाग है और इनका उपयोग शरीर में कई कार्यों के लिए किया जाता है, जैसे- हार्मोन का उत्पादन, मांसपेशियों की वृद्धि को प्रबल करना, मरम्मत करने वाले ऊतक, मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर का बनाना आदि.

आज हम इस लेख में ट्रिप्सिन की परिभाषा और इसके कार्य व फायदों के बारे में जानेंगे -

  1. ट्रिप्सिन क्या है?
  2. ट्रिप्सिन के कार्य
  3. ट्रिप्सिन के फायदे
  4. सारांश

ट्रिप्सिन एक एंजाइम है, जो शरीर में प्रोटीन के पचाने के लिए आवश्यक है. इसे प्रोटियोलिटिक एंजाइम या प्रोटीनएज के रूप में भी जाना जा सकता है. ट्रिप्सिन अग्न्याशय द्वारा एक इनएक्टिव रूप में निर्मित होता है, जिसे ट्राइप्सिनोजेन कहा जाता है. ट्राइप्सिनोजेन सामान्य पित्त नली के माध्यम से छोटी आंत में प्रवेश करता है और सक्रिय ट्रिप्सिन में बदल जाता है. ये हड्डियों, मांसपेशियों, सॉफ्ट बोंस, त्वचा और ब्लड सहित टिश्यूज के निर्माण और मरम्मत के लिए एक महत्वपूर्ण घटक हैं.

जब ट्रिप्सिन, काइमोट्राइप्सिन के साथ मिलाया जाता है, तो ट्रिप्सिन चोट को ठीक करने में मदद कर सकता है. शरीर में ट्रिप्सिन की मात्रा को मापने से पैन्क्रीअटाइटिस और सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है. कैंसर के संबंध में ट्रिप्सिन पर अभी रिसर्च जारी हैं कि यह कैंसर ट्यूमर को बढ़ाता हैं या उसे कम करने में मदद करता है.

यह तो आप जान ही चुके हैं कि ट्रिप्सिन एक एंजाइम है, जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है. ये हार्मोन का उत्पादन और मांसपेशियों की वृद्धि को प्रबल करने में मददगार है. आइए विस्तार से जानें, ट्रिप्सिन के कार्यों के बारे में-

  • ट्रिप्सिन छोटी आंत में प्रोटीन को तोड़ता है. ये पाचन की प्रक्रिया को जारी रखने में मदद करता है.
  • सक्रिय ट्रिप्सिन अन्य दो प्रमुख पाचक प्रोटीन - पेप्सिन और काइमोट्राइप्सिन के साथ कार्य करता है और आहार प्रोटीन को पेप्टाइड्स और अमीनो एसिड में तोड़ने के लिए ये अमीनो एसिड मांसपेशियों की वृद्धि, हार्मोन उत्पादन और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक हैं. 
  • ओवर-द-काउंटर ट्रिप्सिन की खुराक अक्सर घाव को ठीक करने में सहायता के लिए त्वचा पर उपयोग की जाती है. यह शरीर से मृत ऊतकों को हटाने में मदद करता है ताकि नए टिश्यूज आ सकें. जब घाव भरने वाले गुणों की बात आती है, तो मृत टिश्यू में प्रोटीन को तोड़ना ट्रिप्सिन का पहला काम होता है.
  • ट्रिप्सिन के साथ अन्य एंजाइमों वाले सप्लीमेंट्स स्वस्थ शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं. 
  • अपच का इलाज करने में ट्रिप्सिन अहम भूमिका निभाता है. 
  • यह पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस से होने वाले दर्दसूजन को कम करने में मददगार है.

यहां हमने ट्रिप्सिन के फायदों के बारे में विस्तार से बताया है -

एडिमा को ठीक करने में है मददगार

एडिमा यानी सूजन को कम करने के लिए दर्दनाक चोट और आर्थोपेडिक सर्जरी में ओरल ट्रिप्सिन और काइमोट्राइप्सिन के उपयोग को लेकर कई रिसर्च हो चुकी है, जिसमें इसे एडिमा पर कारगर पाया गया है. एडिमा छोटी रक्त वाहिकाओं के आसपास के टिश्यू में रिसाव के कारण होता है. जैसे-जैसे द्रव की अधिकता जमा होने लगती है, इससे टिश्यू सूज जाते हैं.

ओरली काइमोट्राइप्सिन का सेवन करने से फ्रैक्चर के कारण हुई सूजन कम हो सकती है. एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि ब्रोमेलैन के साथ ट्रिप्सिन का सेवन करने से सूजन को कम करने और उपचार में सुधार लाने में मदद मिलती है.

कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने में मददगार

हालांकि, कैंसर के संबंध में ट्रिप्सिन पर शोध किया जा रहा है, लेकिन कुछ शोध इस ओर इशारा करते हैं कि कैंसर को बढ़ने से रोकने में ट्रिप्सिन अहम भूमिका निभा सकता है. वहीं, कुछ शोध इसके विपरीत हैं.

व्यायाम के बाद मसल्स की रिकवरी

ओवर-द-काउंटर ट्रिप्सिन एंजाइमों को प्रभावशाली माना गया है. एक शोध के मुताबिक, ट्रिप्सिन में मौजूद प्रोटीन सप्लीमेंट्स में दर्द और मांसपेशियों को अनुबंधित करने की क्षमता होती है, साथ ही वे डैमेज हुए टिश्यूज को जल्दी रिकवर करने में मदद कर सकते हैं.

उपचार एजेंट के रूप में ट्रिप्सिन

कुछ लोगों का कहना हैं घावों के लिए ट्रिप्सिन का उपयोग करना उपयोगी होता हैं, जिसमें मुंह के छाले भी शामिल हैं. एक अध्ययन के मुताबिक, ट्रिप्सिन और काइमोट्राइप्सिन का संयोजन कई अन्य एंजाइम की तुलना में सूजन संबंधी लक्षणों को दूर करने और गंभीर टिश्यू चोट को कम करने में सक्षम है.

सप्लीमेंट के रूप में ट्रिप्सिन

ट्रिप्सिन युक्त कई प्रकार के सप्लीमेंट उपलब्ध हैं, जिन्हें डॉक्टर से प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होती है. अन्य एंजाइमों के साथ विभिन्न खुराक के साथ इन सप्लीमेंट्स का उपयोग ऑस्टियोअर्थराइटिस, अपच और इंजरी के दौरान किया जा सकता है.

ट्रिप्सिन कई प्रोटियोलिटिक एंजाइमों में से एक है, जो पाचन के लिए आवश्यक है. ये घावों के अलावा अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है. सिस्टिक फाइब्रोसिस वाले मरीजों को पाचन एंजाइमों की उच्च खुराक की आवश्यकता होती हैं. सिस्टिक फाइब्रोसिस वाले व्यक्ति को ट्रिप्सिन लेने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. आपके शरीर में ट्रिप्सिन की मात्रा को मापने से पैन्क्रीअटाइटिस और सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है.

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