एग्जाम स्ट्रेस, हर किसी को अपनी जिंदगी में कभी न कभी इस तनाव से गुजरना ही पड़ता है। हम खुद को कितना भी समझा लें लेकिन स्ट्रेस तो होता ही है। एग्जाम शुरू होते ही अक्सर लोग पैनिक मोड चले जाते हैं और उन्हें परीक्षा की टेंशन सताने लगती है।
स्ट्रेस हमारी पूरी एनर्जी को खींच लेता है, भूख मार देता है, स्लीप साइकिल बिगाड़ देता है और यहां तक कि इससे बदन दर्द तक हो जाता है।
एग्जाम टाइम में स्ट्रेस होना एकदम नॉर्मल बात है और हम में से कई लोग पहले यह एक्सपेरिमेंट कर चुके हैं कि जीवनशैली से संबंधित कुछ आदतों से आपको इससे बचने में मदद मिल सकती है।
यहां हम आपको एग्जाम स्ट्रेस के साथ डील करने के कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
- शेड्यूल बनाएं
- सुस्ती से बचें
- स्टडी ग्रुप बनाएं
- रोज एक्सरसाइज करें
- पूरी नींद लें
- समय पर हेल्दी खाना खाएं
- आपके लिए क्या काम करता है
- प्रोफेशनल की मदद लें
शेड्यूल बनाएं
परीक्षा से लगभग एक महीने पहले ही आपको शेड्यूल बना लेना चाहिए और शिद्दत से उसे फॉलो करना चाहिए।
- सब्जेक्ट के अनुसार अपने टाइम को बांट लें। जो सब्जेक्ट ज्यादा मुश्किल है उसके लिए ज्यादा समय निकालने की कोशिश करें।
- जरूरत पड़ने पर आप इस शेड्यूल में बदलाव भी कर सकते हैं। किसी भी जरूरी चीज को भूलें नहीं।
- अपने शेड्यूल में खाने का, कपड़े धोने का, ग्रॉसरी की शॉपिंग वगैरह को भी शामिल करें। इससे आप जल्दबाजी में कोई काम नहीं करेंगे और अपने लिए ऐसी उम्मीदें और डेडलाइन रखेंगे जिन्हें आप अपनी क्षमता से पूरी कर सकें।
सुस्ती से बचें
एग्जाम के दिनों में सुस्ती और आलस को अलग रख दें। ये किसी भी तरह से ठीक नहीं है। दिमाग को फ्रेश करने के लिए आप पढ़ाई के बीच-बीच में घर से बाहर निकलें और दोस्तों से बात करें।
अगर आप सिर्फ पढ़ाई करना चाहते हैं तो कम से कम एक बार तो अपनी लोकेशन बदल लें। आप पार्क जा सकते हैं या लाइब्रेरी जा सकते हैं।
स्टडी ग्रुप बनाएं
अपनी सोच जैसे लोगों की कम्युनिटी ढूंढें, स्ट्रेस और एंग्जायटी से बचने का यह सबसे बेहतर तरीका है। आप पढ़ाई के लिए अपने दोस्तों के साथ बैठें और किसी एक टॉपिक पर बात करें। इससे आपको जल्दी होगा और आप टालमटोल से भी बच जाएंगे।
रोज एक्सरसाइज करें
एक्सरसाइज से मानसिक स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। इससे स्ट्रेस से संबंधित कोर्टिसोल का लेवल कम होता है। एग्जाम में भी आप रनिंग या बास्केटबॉल खेलना बंद न करें।
अपने शेड्यूल में एक्सरसाइज को भी शामिल करें। आप एक दिन छोड़कर एक दिन भी एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे आपके शरीर को थकान हो सकती है लेकिन दिमाग रिफ्रेश महसूस होगा।
पूरी नींद लें
जाग-जागकर पढ़ाई करने से आपकी नींद खराब हो सकती है। जब नींद पूरी नहीं होती तो आप चिड़चिड़ापन महसूस कर सकते हैं। आपको परीक्षा के दिनों में भी 8 घंटे की नींद लेनी है।
नींद पूरी न होने से याद्दाश्त और फोकस दोनों कमजोर होते हैं। इससे आपका स्ट्रेस और ज्यादा बढ़ जाएगा, इसलिए ऐसा करने से बचें।
समय पर हेल्दी खाना खाएं
एग्जाम के समय में जंक फूड खाने का ज्यादा मन कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, कुछ बच्चे पढ़ाई करते समय खाना बिलकुल भूल जाते हैं। आपको रोज संतुलित, हेल्दी और पौष्टिक खाना खाना चाहिए।
पिज्जा खाने की बजाय ऐसी चीजें खाएं जो स्ट्रेस से लड़ती हों जैसे कि फाइबर और हेल्दी फैट्स। कॉफी की जगह कभी-कभी हर्बल टी भी ले सकते हैं।
आपके लिए क्या काम करता है
आप चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, स्ट्रेस आप पर हावी होने का रास्ता ढूंढ ही लेता है। कभी-कभी ये इतना ज्यादा हो जाता है कि आप पैनिक हो जाते हैं। एग्जाम के बीच में भी पैनिक अटैक आ सकता है। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि आपके लिए क्या तरीका बेहतर काम करता है।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज जैसे कि होंठों को सिकोड़ कर सांस लेने या पेपर बैग के अंदर सांस लेने से मदद मिल सकती है।
प्रोफेशनल की मदद लें
दोस्तों को लग रहा है सब ठीक है और घरवाले सोच रहे हैं कि आप सारा प्रेशर हैंडल कर लेंगे, जो भी है आप ये समझ लें कि जरूरत पड़ने पर मदद मांगने में कोई बुराई नहीं है।
दूसरों को खुश करने की बजाय पहले अपना ध्यान रखें। अगर आपको लग रहा है कि आपकी मानसिक सेहत ठीक नहीं है और आप स्ट्रेस को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने पैरेंट्स से बात करें और उन्हें अपनी प्रॉब्लम बताएं।
अगर आपको मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लेने की जरूरत लग रही है तो अपने पैरेंट्स को बताएं। इसके अलावा स्कूल या कॉलेज में भी काउंसलर होते हैं जो इस मामले में आपकी मदद कर सकते हैं।



