शरीर को स्वस्थ रखने में पाचन तंत्र बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पाचन तंत्र का कार्य कई चरणों में शुरू होता है. यह कार्य भोजन को मुंह से निगलने से लेकर मल त्यागने तक चलता रहता है. पाचन तंत्र के कार्यों को मुख्य रूप से 6 चरणों में विभाजित किया गया है. पाचन क्रिया के इन कार्यों के बारे में सभी को जानकारी होना बहुत ही जरूरी है. चलिए इस लेख से जानते हैं पाचन तंत्र किस तरह से करते हैं 6 चरणों में कार्य?

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  1. पाचन का स्टेज 1: इंजेशन - Digestion stage 1: ingestion
  2. पाचन का स्टेज 2: प्रणोदन - Digestion stage 2: propulsion
  3. पाचन का स्टेज 3: शारीरिक पाचन - Digestion stage 3: Physical Digestion
  4. पाचन का स्टेज 4: रासायनिक पाचन - Digestion stage 4: Chemical Digestion
  5. पाचन का स्टेज 5: अवशोषण - Digestion stage 5: Absorption
  6. पाचन का स्टेज 6: अपशिष्ट उन्मूलन - Digestion stage 6: Waste Elimination
  7. सारांश - Takeaway
पाचन की 6 स्टेज क्या हैं? के डॉक्टर

यह पाचन क्रिया का पहला चरण है. इस क्रिया में जैसे ही हम भोजन को मुंह में डालते हैं. वैसे ही हम भोजन को चबाने और पीसने के लिए दांतों का इस्तेमाल करने लग जाते हैं. जो टूटकर लार के साथ मिल जाता है.

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दूसरा चरण, प्रणोदन है. इसमें निगलने की प्रक्रिया शामिल होती है. प्रणोदन तब शुरू होता है, जब हम भोजन निगलते हैं और यह एसोफैगस (esophagus) की मदद से पेट में नीचे जाता है. स्फिंक्टर (Sphincters) को दो मांसपेशियों के रूप में जाना जाता है. यह कनेक्टिंग ट्यूब के दोनों तरफ होती हैं. इसका कार्य भोजन को बिना चबाए अन्य प्रणाली तक जाने से रोकना है. साथ ही यह पेट में एसिड को बढ़ने से रोकने में आपकी मदद करता है.

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यह पाचन का तीसरा चरण है. शारीरिक पाचन की शुरुआत मुंह से होती है, जिसमें भोजन को चबाया जाता है और उसे दांतों द्वारा तोड़ा जाता है. उसके बाद भोजन एसोफैगस (esophagus) से होता हुआ आपके पेट में जाता है. फिर अन्न प्रणाली और पेट को फिल्टर करने वाली मांसपेशियां भोजन को मिलाने में मदद करती हैं. अंत में आपने जो खाया है, वो पेट के एसिड के साथ मिलता है. चबाया हुआ भोजन, जो पाचन एसिड के साथ मिलता है उस मिश्रण को चाइम (chyme) कहते हैं.

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शारीरिक पाचन की तरह, रासायनिक पाचन भी मुंह में भोजन के बाद शुरू होता है. ये लार में एंजाइमों के साथ मिलकर स्टार्च को तोड़ता है. रासायनिक पाचन, पाचन तंत्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है. बता दें कि रासायनिक पाचन आपके पेट में मौजूद एसिड को भोजन के साथ मिलाने के अलावा भोजन को रासायनिक घटकों (chemical components) में तोड़ने में भी मदद करता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, रासायनिक पाचन का अधिकांश हिस्सा छोटी आंत में मौजूद होता है.

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अवशोषण वह चरण है, जिसमें भोजन का पूरे शरीर में परिवहन शामिल होता है. इस प्रक्रिया में पाचन तंत्र में मौजूद पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट रक्त प्रवाह के माध्यम से पूरे शरीर द्वारा अवशोषित किया जाता है. यह क्रिया मुख्य रूप से छोटी आंत द्वारा होती है.

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पाचन का अंतिम चरण है, अपशिष्ट उन्मूलन (Waste Elimination).  इस चरण में अवशोषण के बाद अपशिष्ट पदार्थ जैसे- मल और बची हुई अन्य सामाग्री बड़ी आंत में पहुंचती है. शेष पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन के माध्यम से पुनः: अवशोषित कर लिया जाता है. बड़ी आंत अपशिष्ट पदार्थ तब तक एकत्रित रहता है, जब तक गुदा के माध्यम से मल बाहर न निकल जाए.

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पाचन की प्रक्रिया को इन 6 चरणों में पूर्ण किया जाता है. अगर इन 6 चरणों में से किसी 1 चरण में भी किसी तरह की बाधा उत्पन्न हो जाए, तो पूरा पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है. जिसकी वजह से आपको पेट और पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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