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हमारे शरीर में मिनरल्स यानी खनिजों के अनेकों लाभ हैं। खनिज हमारे शरीर के समुचित कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीर की चयापचय, जल संतुलन और हड्डी के स्वास्थ्य में अधिकांश खनिज हमारी मदद करते हैं और कई अन्य तरीकों से खनिज हमें स्वस्थ रखते हैं। तो आज हम जानते हैं कि हमारे शरीर में पाए जाने वाले इन मिनरल्स के क्या लाभ हैं।

  1. बोरान - Boron in hindi
  2. कैल्शियम - Calcium in hindi
  3. क्रोमियम - Chromium in hindi
  4. आयरन - Iron in hindi
  5. मैग्नेशियम - Magnesium in hindi
  6. आयोडीन - Iodine in hindi
  7. फास्फोरस - Phosphorus in hindi
  8. मैगनीज - Manganese in hindi
  9. कॉपर - Copper in hindi
  10. पोटेशियम - Potassium in hindi
  11. सेलेनियम - Selenium in hindi
  12. सिलिकॉन - Silicon in hindi
  13. सोडियम - Sodium in hindi
  14. जिंक - Zinc in hindi

बोरान हमारी हड्डी के स्वास्थ्य, मस्तिष्क के कार्य, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया, यौन स्वास्थ्य, कैंसर को रोकने, अल्जाइमर रोग का इलाज करने और मांसपेशियों में दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण है। 

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कैल्शियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जो हड्डियों को स्वस्थ रखता है और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है। यह गठिया, डेंटल हेल्थ, अनिद्रा, मासिक धर्म का बन्द होना, मासिक धर्म से पहले के सिंड्रोम के उपचार में और मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन से राहत देता है। इसके अलावा, मोटापा, कोलन कैंसर, अम्लता, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप को रोकने या उनका उपचार करने में यह महत्वपूर्ण है।

क्रोमियम शरीर में ग्लूकोज को अवशोषित करने के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए यह विशेष रूप से जरूरी खनिज है। यह कोशिकाओं में ग्लूकोज को अवशोषित करने की प्रक्रिया को बढ़ाता है जो फैटी एसिड और कोलेस्ट्रॉल संश्लेषण (synthesis) को उत्तेजित करता है। परंतु ये दोनों सामान्य रूप से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक घटक हैं। पर शरीर के सम्पूर्ण कार्य और स्वस्थ जीवन के लिए ये दोनों कम मात्रा में आवश्यक हैं।

आयरन हीमोग्लोबिन के निर्माण, मेटाबोलिज्म, मांसपेशियों की गतिविधि, एनीमिया, मस्तिष्क के कार्य, प्रतिरक्षा प्रणाली, अनिद्रा, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम और शरीर के तापमान को नियमित करने के लिए महत्वपूर्ण तत्व है। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिका के निर्माण के लिए बहुत जरूरी तत्व है जो शरीर के विभिन्न अंग प्रणालियों में खून और ऑक्सीजन को संचालित करता है। आयरन की कमी के कारण एनीमिया रोग होता है जो कमजोरी, थकान, जठरांत्र संबंधी विकार और संज्ञानात्मक (cognitive) पतन जैसी समस्या को जन्म देता है।

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मैग्नीशियम हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, शराब की लत, हड्डी स्वास्थ्य, ऐंठन, मधुमेह, रजोनिवृत्ति (menopause), गर्भावस्था और अस्थमा के लिए बहुत ही जरूरी तत्व है। इसका सेवन चिंता और तनाव को कम करने में बहुत महत्वपूर्ण है। यह अनिद्रा की समस्या को भी दूर करने में मदद करता है क्योंकि मैग्नेशियम का सेवन शरीर को शांत करने और नींद को बढ़ाने वाले हार्मोन को मुक्त करने का काम करता है।

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आयोडीन का सेवन घेंघा रोग (goitre), फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट रोग, त्वचा की समस्या और कैंसर से बचाता है इसके साथ साथ प्रेगनेंसी को बचाने, बालों की देखभाल और शरीर की चयापचय में सुधार लाने में भी आयोडीन मदद करता है। आयोडीन थायरॉक्सिन (thyroxine) (टी 4) का उत्पादन करने के लिए बहुत जरूरी है जिसकी कमी के कारण चयापचय दर में कमी आ जाती है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।

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फास्फोरस का सेवन मांसपेशियों की कमजोरी को कम करने, हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार लाने, मस्तिष्क के काम करने की क्षमता को बढ़ाने, यौन कमजोरियों को दूर करने, दंत चिकित्सा में सहायता करने और शरीर की चयापचय को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

शरीर में चयापचय, ऑस्टियोपोरोसिस और मस्तिष्क के कार्य के प्रबंधन में मैग्नीज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह थकान, प्रजनन, मोच, सूजन और मिर्गी की समस्या से आराम दिलाता है। 

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कॉपर या ताम्र का सेवन मस्तिष्क के कामकाज में सुधार करता है, गठिया की पीड़ा को कम करता है, त्वचा की देखभाल करने में मदद करता है, गले में संक्रमण को समाप्त करता है, लाल रक्त कोशिकाओं की कमी को पूरा करता है, हृदय रोगों को रोकता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है। यह शरीर में आयरन को अवशोषित करने और रक्‍तवाही तंत्र में आयरन के कामकाज को बनाए रखने में मदद करता है।

पोटेशियम का सेवन रक्त में चीनी की कम मात्रा को सही करता है, रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है, हृदय रोगों को रोकने में मदद करता है, शरीर में जल प्रवाह को बढ़ाता है, मांसपेशी विकारों और ऐंठन को कम करता है, मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाता है, मधुमेह को नियंत्रित करता है, गुर्दें संबंधी रोग को ठीक करता है और गठिया को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह वाहिकाविस्फारक (vasodilator) के रूप में रक्त वाहिकाओं में तनाव को कम करता है और महत्वपूर्ण अंगो तक ऑक्सीजन का उचित वितरण करता है।

सेलेनियम एक दुर्लभ खनिज है लेकिन इसका कार्य महत्वपूर्ण है। यह शक्तिशाली खनिज एंटीऑक्सिडेंट्स में से एक है। सेलेनियम फ्री रेडिकल कम करने के साथ-साथ कैल्शियम, तांबा और जस्ता के साथ हड्डी के विकास में भी मदद करता है।

सिलिकॉन खनिज का सेवन हड्डी के स्वास्थ्य, त्वचा की देखभाल, बालों की देखभाल, नाखून के स्वास्थ्य, नींद ना आने की बीमारी, ऐथिरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis), ऊतक के विकास, दंत चिकित्सा और टी.बी. रोग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

सोडियम खनिज का सेवन व्यापक रूप से शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने, लू से बचने, मस्तिष्क के कार्य में सुधार करने, मांसपेशियों की ऐंठन से राहत दिलाने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने के लिए किया जाता है।

जिंक या जस्ता का सेवन त्वचा की देखभाल, एक्जिमामुँहासे, घावों, प्रोस्टेट विकार, सर्दी, वजन घटाने, गर्भावस्था, प्रजनन, बालों की देखभाल, भूख की कमी, आँखों की देखभाल और रतौंधी में बहुत उपयोगी है। यह शरीर के 10 से अधिक महत्वपूर्ण एंजाइमिक कार्यों का एक महत्वपूर्ण घटक है। जिंक की कमी के कारण शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे घावों को ठीक ना कर पाना, इन्सुलिन को स्टोर ना कर पाना, बीमारियों से ना लड़ पाना, ठीक से शरीर का विकास ना हो पाना और त्वचा के कई संक्रमणों को रोक ना पाना आदि।

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