प्रोबायोटिक्स शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं । कुछ प्रोबायोटिक वजन घटाने में सहायता करने के साथ ही हृदय, प्रतिरक्षा प्रणाली और पाचन तंत्र सहित अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं। प्रोबायोटिक्स जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं जिन्हें खाने पर स्वास्थ्य लाभ होता है।

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प्रो बायोटिक्स पूरक और खमीर वाले खाने में अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। प्रो बायोटिक्स को खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होने के साथ ही पाचन और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है ।  

प्रोबायोटिक्स वजन और पेट की चर्बी कम करने में भी लाभकारी हैं। प्रो बायोटिक्स लेने से आंत के स्वस्थ बैक्टीरिया को शरीर में चीजों को नियमित करने में मदद मिलती है और स्वस्थ बैक्टीरिया शरीर के वजन को नियमित करने के लिए फायदेमंद हैं। हमारे पाचन तंत्र में सैकड़ों सूक्ष्मजीव रहते हैं जो हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को नियंत्रित कर सकते हैं।  

इनमें से अधिकांश बैक्टीरिया हमारे शरीर के लिए मित्र के रूप में काम करते हैं जो विटामिन के और विटामिन बी सहित कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पैदा करते हैं। ये उन  फाइबर को तोड़ने में भी मदद करते हैं, जिसे शरीर पचा नहीं पाता है और इसे ब्यूटायरेट जैसे लाभकारी शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदल देते हैं।

आंत में अच्छे बैक्टीरिया भी दो प्रकार के होते हैं: बैक्टेरोइडेट्स और फर्मिक्यूट्स और शरीर का वजन इन दोनों के संतुलन से संबंधित है।   

मानव और पशु दोनों के ऊपर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि मध्यम वजन वाले लोगों में अधिक वजन वाले या मोटापे वाले लोगों की तुलना में अलग-अलग आंत बैक्टीरिया होते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि आंत के बैक्टीरिया शरीर के वजन को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

और पढ़ें -(प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स)

 
  1. क्या प्रोबायोटिक्स से वजन कम होता है ?
  2. प्रोबायोटिक्स शरीर के वजन को कैसे प्रभावित करते हैं?
  3. प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ
  4. वजन कम करने के अन्य तरीके
  5. वजन घटाने के लिए प्रोबायोटिक्स को कितना समय लगता है?
  6. सारांश

अच्छे बैक्टीरिया पोषक तत्वों को तोड़ने और भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करते हैं, हालांकि इस बात का स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि प्रोबायोटिक पूरक या प्रोबायोटिक्स युक्त भोजन लेने से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है लेकिन यहाँ कुछ अध्ययनों से पता चला है कि- 

आंत की चर्बी अंगों के चारों ओर लिपटी रहती है और अच्छे हॉर्मोन के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। इसी के कारण इंसुलिन प्रतिरोध होता है और टाइप 2 मधुमेह की संभावना बनती है । कुछ अध्ययनों मे पाया गया कि प्रोबायोटिक लेने से वजन कम होने के साथ ही अन्य स्वास्थ संबंधी परेशानियों को खत्म करने में भी सहायता मिलती है । फिर भी ,वजन घटाने के लिए सर्वोत्तम प्रोबायोटिक्स कई कारकों पर निर्भर हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • कितनी मात्रा में प्रो बायोटिक्स लिया है 
  • लेने का समय 

  • प्रोबायोटिक का  प्रकार

  • आपकी उम्र

  • आपका शुरुआती वजन

और पढ़ें -(गट बैक्टीरिया को सुधारने के टिप्स)

 
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प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा उत्पादन होता है और भूख कम लगती है साथ ही ऐसा माना जाता है कि कुछ प्रोबायोटिक्स आहार वसा के अवशोषण को रोक सकते हैं, जिससे मल के साथ उत्सर्जित वसा की मात्रा बढ़ जाती है।  

दूसरे शब्दों में, हम जो भी खाते हैं उस भोजन से मिलने वाली केलोरी को प्रो बायोटिक्स पूरी तरह शरीर में अवशोषित नहीं होने देते और मल के द्वारा बाहर निकालने में सहायता करते हैं। 

और पढ़ें -(वजन कम करने के उपाय)

 

आंत के स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए बहुत सारे अच्छे खाद्य पदार्थ प्रोबायोटिक्स वाले खाद्य पदार्थों के साथ बहुत अधिक मेल खाते हैं।

टेम्पेह - एक अध्ययन में पाया गया कि टेम्पेह खाने से शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की अधिकता हो गई, जिसमें एक ऐसा बैक्टीरिया भी शामिल है जो टाइप 2 मधुमेह और मोटापे दोनों को रोकने में मदद करने में प्रभावी हो सकता है।

किम्ची - यह किण्वित गोभी से बनाया जाता है। एक प्रारंभिक अध्ययन में पाया गया कि किम्ची शरीर की वसा को कम करने में मदद करता है । 

केफिर - केफिर सबसे अधिक प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों में से एक है जिसे आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, यह अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाकर, आंत के माइक्रोबायोम पर काफी प्रभाव डालता है।

दही - दही खाने से शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की वृद्धि होती है जो आंत के माइक्रोबायोम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। 

पनीर - दही की तरह, पनीर भी आंत के स्वास्थ पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। पनीर में इटैलियन हार्ड चीज, गौडा, ब्लू चीज, कॉटेज चीज और चेडर शामिल हैं लेकिन पनीर में वसा और नमक की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप इसे कम मात्रा में खाएं। 

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  • भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन को बढ़ा कर , इन हार्मोनों का बढ़ा हुआ स्तर आपको कैलोरी और वसा जलाने में मदद कर सकता है।  

  • वसा को नियंत्रित करने वाले प्रोटीन को बढ़ा कर 

  • मोटापा होने पर शरीर पर सूजन आ जाती है ,प्रोबायोटिक्स सूजन को कम कर के मोटापे और अन्य बीमारियों से बचा सकते हैं।   

एक अध्ययन में पाया गया कि लैक्टोबैसिलस फेरमेंटम या लैक्टोबैसिलस एमाइलोवोरस के साथ दही खाने से 6 सप्ताह में शरीर की चर्बी 3-4% कम हो गई । प्रोबायोटिक्स लेने वाली महिलाओं ने 3 महीने में 50% अधिक वजन कम किया। एक अन्य अध्ययन के अनुसार 

प्रोबायोटिक लेने वालों के शरीर में वसा द्रव्यमान और कमर की चौड़ाई दोनों में कमी देखी गई । 

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यह माना जाता है कि  धीमी गति से वजन घटाने से , वजन कम रहने की अधिक संभावना होती है। वैसे भी वजन घटाने के लिए कोई त्वरित समाधान नहीं है। प्रोबायोटिक सप्लीमेंट लेने के कुछ ही दिनों के बाद आंत माइक्रोबायोटा में बदलाव देखा जा सकता है। इस के इस्तेमाल के 12 सप्ताह के बाद सबसे महत्वपूर्ण बदलाव देखे जा सकते हैं। 

और पढ़ें -(वजन कम करने के लिए डाइट टिप्स)

 
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वजन घटाने के लिए प्रोबायोटिक्स आम तौर पर सुरक्षित होते हैं और किसी भी व्यक्ति के आहार और व्यायाम आहार के पूरक हो सकते हैं। व्यक्तियों को यह पता लगाने के लिए विभिन्न विकल्पों को आज़माना चाहिए कि उनके लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है। प्रोबायोटिक्स लेने से पहले किसी भी व्यक्ति को मार्गदर्शन के लिए डॉक्टर से बात करनी चाहिए। प्रोबायोटिक्स आपके पाचन स्वास्थ्य और हृदय संबंधी जोखिम कारकों में सुधार कर सकते हैं, सूजन को कम कर सकते हैं और यहां तक कि अवसाद और चिंता से लड़ने में भी मदद कर सकते हैं।

 
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