प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स इन दिनों बहुत चर्चा में है । प्रोबायोटिक्स हमारे शरीर को लाभ देने वाले बैक्टीरिया हैं, और प्रीबायोटिक्स इन लाभ देने वाले बैक्टीरिया के लिए भोजन है। जिस भोजन में ये दोनों हों वो वाला भोजन खाने से आंत के बैक्टीरिया को संतुलित करने में मदद मिल सकती है। दोनों स्वास्थ्य में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। बड़ी आंत में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। माइक्रोबायोम कहे जाने वाले, ये लाभकारी बैक्टीरिया आंत की क्रिया को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं यहाँ तक कि अगर आंत में सूजन आ जाए तो ये लाभकारी बैक्टीरिया उसे कम करने में भी मदद कर सकते हैं। ये वजन और मूड को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकते हैं। 

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  1. प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स
  2. गट बैक्टीरिया क्यों आवश्यक है?
  3. भोजन आंत के माइक्रोबायोटा को कैसे प्रभावित करता है?
  4. प्रीबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ
  5. प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ
  6. प्रोबायोटिक सप्लीमेंट के फायदे
  7. प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स के लिए क्या खाएँ?
  8. सारांश

प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स दोनों ही मानव स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। दोनों की अलग-अलग भूमिकाएँ हैं:

प्रोबायोटिक्स-ये जीवित बैक्टीरिया हैं जो कुछ खाद्य पदार्थों पाए जाते हैं। वे कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।

प्रीबायोटिक्स- ऐसे फाइबर जिन्हें मनुष्य आसानी से पचा नहीं सकते उनमें प्रीबायोटिक्स होते हैं।आपकी आंत में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया इस फाइबर को खाते हैं। आंत के बैक्टीरिया, जिन्हें आंत माइक्रोबायोटा कहा जाता है, शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स दोनों संतुलित मात्रा में लेना पेट के लिए लाभदायक है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए और जरूरी पोशाक तत्वों के लिए ट्राइ कीजिए माई उपचार के Sprowt Multivitamin with Probiotics

(और पढ़ें : फाइबर के फायदे, स्रोत और नुक्सान )

 

पाचन तंत्र में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया हमें हानिकारक बैक्टीरिया और कवक से बचाने में मदद करते हैं। अच्छे बैक्टीरिया प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते है, अवसाद को कम करते हैं, और अन्य लाभों के साथ मोटापे को कम करने में भी मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ बैक्टीरिया विटामिन K और शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बनाते हैं।

जो आंत को मजबूत बना कर हानिकारक पदार्थों, वायरस और बैक्टीरिया को दूर रखने में मदद करता है साथ ही इससे सूजन को भी काम किया जा सकता है और कैंसर का खतरा भी काम होता है।

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हम जो भोजन खाते हैं वो आंत के बैक्टीरिया को अच्छे और खराब का संतुलन बनाने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, बहुत ज्यादा चीनी और तेल मसाले वाला खाना आंत के बैक्टीरिया पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। एक बार अगर हम ऐसा भोजन कर लें जिससे शरीर में गलत जीवाणुओं को भोजन मिलने लगे ,तो वे तेजी से बढ़ने लगते हैं। बेहतर पाचन और अच्छे गट हेल्थ के लिए माई उपचार का Sprowt Probiotics Supplement लीजिए। 

(और पढ़ें :पौष्टिक आहार के गुण और फायदे )

 

महंगे प्रीबायोटिक सप्लीमेंट खरीदने के अलावा कई खाद्य पदार्थों में ये प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। प्रीबायोटिक्स सब्जियों, फलों और फलियों में पाए जाने वाले फाइबर के प्रकार हैं। मनुष्य इस प्रकार के फाइबर को अकेले पचाने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन आपके आंत के अच्छे बैक्टीरिया उन्हें पचा सकते हैं।

जिन खाद्य पदार्थों में प्रीबायोटिक फाइबर की मात्रा अधिक होती है वो हैं: फलियाँ, सेम, मटर,केले,जामुन,एस्परैगस,लहसुन,प्याज आदि । आंत के बैक्टीरिया प्रीबायोटिक फाइबर को ब्यूटायरेट नामक शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदल देते हैं ।

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ऐसे कई प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ भी हैं जिनमें प्राकृतिक रूप से सहायक बैक्टीरिया होते हैं, जैसे दही। यदि आप लाभकारी बैक्टीरिया को खाना चाहते हैं तो अपने आहार में दही को जरूर शामिल करें। ऐसा भोजन जो खमीर के साथ पकाया जाता है , एक और बढ़िया विकल्प हैं, क्योंकि उनमें लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं जो भोजन में प्राकृतिक रूप से मौजूद चीनी या फाइबर से पनपते हैं।

खमीर वाले खाद्य पदार्थ हैं:

  • खट्टी गोभी
  • किमची

  • कोम्बुचा चाय

  • अचार 

  • अन्य मसालेदार सब्जियाँ 

कुछ खाद्य पदार्थों को सिनबायोटिक भी कहा जाता है, क्योंकि उनमें प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स दोनों होते हैं। सिनबायोटिक खाद्य पदार्थ में पनीर हो सकता है।

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प्रोबायोटिक गोलियां, पाउडर या तरल पदार्थ के रूप में होते हैं जिनमें जीवित लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं। ये बहुत आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन थोड़े महंगे होने के कारण सभी लोग उन्हे नहीं खरीद पाते। कुछ प्रोबायोटिक सप्लीमेंट बेहतर प्रभाव के लिए बैक्टीरिया को आपकी बड़ी आंत तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

छोटी आंत में जीवाणु अतिवृद्धि (एसआईबीओ) वाले लोग या बाजार वाली सामग्री के प्रति संवेदनशील लोगों को प्रोबायोटिक नहीं लेना चाहिए, या यदि वे ऐसा करते हैं तो उनका स्वास्थ खराब हो सकता है। सही से प्रोबायोटिक्स लेने से लोगों को बहुत फायदे भी होते हैं।  अन्य दवाइयाँ जिन्हे खरीदने से पहले आप अपने डॉक्टर से बात करते हैं प्रोबायोटिक्स लेने से समय भी सही व्यक्ति से इसके लिए सलाह जरूर लें। 

 
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अपने आहार में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। साबुत अनाज जैसे दलिया और साबुत अनाज वाली ब्रेड, शतावरी, लीक, मकई जैसी स्टार्चयुक्त सब्जियां । चीनी, संतृप्त, वसा और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को सीमित करें। ये आंत में अच्छे बैक्टीरिया को ख़त्म कर सकते हैं। हमेशा की तरह स्वास्थ के लिए अच्छे खाद्य पदार्थों का ही सेवन करने का प्रयास करें।

 

अपने पेट के बैक्टीरिया को संतुलित रखना स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा करने के लिए, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक दोनों खाद्य पदार्थों का भरपूर सेवन करें, क्योंकि वे आंत के अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच संतुलन बढ़ाने में मदद करेंगे। स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से उसकी सही मात्रा के जानकारी  जरूर लें।  

 
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