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विटामिन बी क्‍या है?

विटामिन बी 8 वसा में घुलनशील विटामिंस का समूह है जो सेलुलर मेटाबोलिज्‍म (ये रासायनिक प्रतिक्रियाओं का समूह है जीवित रहने के लिए जीवों में होता है) में अहम भूमिका निभाता है। ये रासायनिक और जैविक रूप से एक-दूसरे से अलग होते हैं लेकिन कई खाद्य पदार्थों में ये एक साथ पाए जाते हैं।

(और पढ़ें - विटामिन की कमी के कारण)

इन सभी विटामिंस का काम, प्रभाव और दुष्‍प्रभाव अलग होते हैं एवं इसलिए इसकी खुराक और कमी होने का असर भी भिन्‍न होता है। तो चलिए जानते हैं विटामिंस के प्रकारों और इनके लाभ एवं दुष्‍प्रभावों के बारे में। 

  1. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के फायदे - Vitamin B ke fayde
  2. विटामिन बी के स्रोत - Vitmain B sources in hindi
  3. अधिक मात्रा में विटामिन बी लेने से नुकसान - Vitamin B Complex Side Effects in Hindi
  4. विटामिन बी की कमी से क्या होता है
  5. विटामिन बी को कितना खाना चाहिए - Vitamin B ki khurak

विटामिन बी हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में बहुत ही मदद करता है। विटामिन बी का उपयोग हमारे मुंह, जीभ और नेत्रों के लिए बहुत ही जरुरी है। साथ-साथ विटामिन बी के उपयोग से स्नायु और पाचन प्रणाली भी स्वस्थ रहती है। विटामिन बी हमारे शरीर को जीवाणुओं से संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करता है। विटामिन बी हमारे शरीर के मेटॉबालिज्म को बढ़ाने में सहायता करता है। और हमारे त्वचा, तंत्रिका, उत्तक, हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन बी हमारे शरीर के पोषक तत्वो को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है।

इस विटामिन के उपयोग से हमारे शरीर की कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन डीएनए का निर्माण तथा मरम्मत करने में मदद करता है। साथ-साथ यह विटामिन बी हमारे शरीर के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को सुचारु रूप से काम करने में मदद करता है। हमारे शरीर में हमारी लाल रक्त कोशिशओं का निर्माण करने में भी विटामिन बी योगदान देता है। यह हमारे शरीर के सभी हिस्सों के लिए अलग-अलग तरह के प्रोटीन बनाने का काम करता है। विटामिन बी हमारे शरीर की त्वचा को चमकदार बनाने तथा उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन बी हमारे स्मरणशक्ति को बढ़ने में भी सहायता प्रदान करता है।

(और पढ़ें - विटामिन बी की कमी)

विटामिन बी समहू के अलग-अलग स्रोत है। विटामिन बी 1 का अच्छा स्रोत गेहूँ, संतरे, हरे मटर, खमीर, अंडे, चावल, मूँगफली, हरी सब्जियाँ, अंकुर वाले बीज होते हैं। विटामिन बी 2 का अच्छा स्रोत मछ्ली, चावल, मटर, दाल, खमीर, अंडे की ज़र्दी होते हैं। विटामिन बी 3 का अच्छा स्रोत दूध, मेवा, अखरोट, अंडे की ज़र्दी होते हैं। 

विटामिन बी 5 का अच्छा स्रोत दूध, दाल, पिस्ता, मक्खन, खमीर होते हैं। विटामिन बी 6 का अच्छा स्रोत खमीर, चावल, मटर, गेहूँ, मछ्ली, अंडे की ज़र्दी होते हैं। विटामिन बी 7 का अच्छा स्रोत गेहूं, बाजरा, मैदा, सोयाबीन, चावल, ज्वार होते हैं। विटामिन बी9 का अच्छा स्रोत दलिया, मटर, मुगफली, अंकुरित अनाज होते हैं। विटामिन बी 12 का अच्छा स्रोत अंडे, मांस, मछ्ली होते हैं।

विटामिन बी 1 का अधिक मात्रा में उपयोग करना हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसकी अधिक मात्रा से त्वचा में एलर्जी, नींद नहीं आना, होंठो का नीला पड़ना, सीने में दर्द और सांस सम्बन्धित बीमारी हो सकती हैं। और गर्भवती महिला तथा उस के गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। 

(और पढ़ें - अनिद्रा के घरेलू उपचार)

विटामिन बी 3 का भी अधिक मात्रा में उपयोग करना हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसके अधिक मात्रा में उपयोग से लिवर को नुकसान पहुंचने, पेप्टिक अल्सर तथा त्वचा पर रैशेज जैसी बहुत सारी समस्याएं होने लगती हैं।

विटामिन बी 6 का भी अधिक मात्रा में उपयोग करना हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसके अधिक मात्रा में उपयोग से पेट में अकड़न जैसी समस्या होती है। साथ में नवजात शिशु को इसका अधिक मात्रा में उपयोग करना नवजात शिशु के लिए भी नुकसानदायक है।

विटामिन बी 12 का अधिक मात्रा में उपयोग गर्भवती महिला के लिए अच्छा नहीं होता है। विटामिन बी 12 का अधिक मात्रा में उपयोग करने से हमारे पर बुरा प्रभाव पड़ता है साथ-साथ त्वचा पर खुजली, चक़्कर आना, सिर में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

(और पढ़ें - खुजली दूर करने के घरेलू उपाय)

विटामिन बी हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। विटामिन बी पानी मे घुलनशील होता है। विटामिन बी का प्रमुख कार्य स्नायु को स्वस्थ रखना तथा भोजन के पाचन मे मदद करना है। पर जब हमारे शरीर में विटामिन बी की कमी हो जाती है तो बहुत से रोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

विटामिन बी की कमी​ से होने वाली बिमारी इस प्रकार हैं -

  • विटामिन बी 1 की कमी से होने वाले रोग - बेरी बेरी, चक्कर आना, एकाग्रता का खो जाना, चिड़चिड़ापन, झगड़ालू मिजाज़, कब्ज की समस्या, आंखो मे अंधेरा छा जाना आदि
  • विटामिन बी2 की कमी से होने वाले रोग - आंखो के रोग, नाक में रोग, जीभ की परेशानी, मुँह और होठ फटना आदि
  • विटामिन बी3 की कमी से होने वाले रोग - थकान, कमजोरी, तनावसिर दर्द बालों का रंग सलेटी हो जाना, शरीर की वृद्धि रुक जाना आदि  (और पढ़ें - सिर दर्द के घरेलू उपाय)
  • विटामिन बी5 की कमी से होने वाले रोग - पैलेग्रा, वजन में कम आदि
  • विटामिन बी6 की कमी से होने वाले रोगहीमोग्लोबिन की कमी, त्वचा सम्बन्धी परेशानियां आदि
  • विटामिन बी7 की कमी से होने वाले रोग - थकान, डिप्रेशन, तनाव, कमजोरी आदि (और पढ़ें – डिप्रेशन का देसी इलाज​)
  • विटामिन बी9 की कमी से होने वाले रोग - खून की कमी आदि
  • विटामिन बी12 की कमी से होने वाले रोग - अनीमिया, तनाव, थकान, सर्दी, डिप्रेशन, दिमाग कमजोर, स्पाइनल कोर्ड की नसें नष्ट होना जिसके कारण पैरालिसिस का भी अटैक हो सकता है। 

(और पढ़ें – थकान कम करने के घरेलू उपाय)

अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Daily Allowances) के अनुसार - 

विटामिन B1- 

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 0.2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 0.9 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 1.2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 1.0 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 1.2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 1.2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 1.4 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 1.4 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।

विटामिन B2 - 

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 0.3 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 0.9 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 1.3 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 1.0 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 1.3 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 1.3 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 1.4 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 1.6 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।

विटामिन B3 - 

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 0.9 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 16 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 14 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 16 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 14 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 18 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 17 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।

विटामिन B5 -  

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 1.7 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 4 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 6 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 7 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।

विटामिन B6 -

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 0.1 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 1.0 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 1.3 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 1.2 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 5 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 1.9 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 2.0 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए।

विटामिन B12 - 

  • जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 0.4 UG के करीब लेना चाहिए।
  • 9 से 13 साल के बच्चे को 1.8 UG के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल के पुरुष को 2.4 UG के करीब लेना चाहिए।
  • 14 से 18 साल की महिला को 2.4 UG के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल के पुरुष को 2.4 UG के करीब लेना चाहिए।
  • 19 से 50 साल की महिला को 2.4 UG के करीब लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को 2.6 UG के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 2.8 UG के करीब लेना चाहिए।
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