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पेशाब को रोक ना पाना वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति का अपने मूत्र पर नियंत्रण नहीं रहता है जिसके कारण कई बार शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। यह एक आम समस्या है जो मध्यम आयु वर्ग की लगभग 30-60% महिलाओं को प्रभावित करती है। भारत में मूत्र असंयम शारीरिक तनाव के कारण अधिक आम है।

मूत्र असंयम या पेशाब को रोक ना पाने  (Urinary incontinence) के लिए बढ़ती उम्र , ओवरएक्टिव ब्‍लैडर, तंत्रिका की क्षति, मूत्र मार्ग में संक्रमण और पेल्विक की मसल्‍स कमजोर होने जैसे कई कारण होते हैं।

ज्यादातर महिलाएं झिझक के कारण इस समस्या को किसी के सामने बताने से कतराती हैं लेकिन इस समस्या से आप अकेली पीड़ित नहीं हैं। आप अपनी जीवन शैली में मामूली से बदलाव करके इस समस्या से निजात पा सकती हैं। तो आइये जानते हैं इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपायों के बारे में -

  1. बार बार पेशाब आने का उपाय है नियमित मात्रा में पानी पीना - Bar bar peshab aane ka gharelu upay hai niyamit matra me pani pina
  2. बार बार पेशाब होने को रोके मूत्राशय को पूरी तरह खाली कर के - Bar bar urine aane ka upay hai bladder ko khali karna
  3. पेशाब पर कंट्रोल न होने का उपाय है वजन कम करना - Bar bar peshab aane ka gharelu nuskha hai wajan kam karna
  4. बार बार पेशाब आने को रोकने का उपाय है चाय कॉफी छोड़ना - Bar bar peshab aane ka upay hai chai chorna
  5. बार बार पेशाब आने की समस्या का उपाय है शराब छोड़ना - Bar bar peshab rokne ke upay me sharab chore
  6. पेशाब बार बार आने से रोकने का उपाय है कब्ज से दुरी - Pesab barbar aane ka upay hai kabz se duri
  7. ज्यादा पेशाब होने का उपाय है दवाइयों को लेने से पहले लेबल पढ़ना - Bar bar peshab aane ke gharelu nuskhe me dawa lene se pehle label ko padhein
  8. जल्दी जल्दी पेशाब आने को रोके कीगल एक्‍सरसाइज से - Bar bar peshab aane par karna chahiye kegel exercises

बाथरूम बार बार न जाना पड़े इसलिए लोगों में आम तौर पर पानी पीने से बचने की प्रवृत्ति होती है। लेकिन अगर आपको मूत्र को रोक ना पाने की समस्या है तो कम पानी पीने की आदत वास्तव में आपके लक्षणों को खराब भी कर सकती है। कम पानी पीने से आपका मूत्र एक ही जगह इकट्ठा हो जाएगा जो आपके मूत्राशय को फिर से पेशाब करने के लिए उत्तेजित करेगा। इससे कब्ज भी हो सकता है। हर दिन लगभग 5-8 गिलास पानी पिएं। ये भी ध्यान रखें की बहुत ज़्यादा पानी पीना भी इस समस्या में सही नहीं है इससे आपके मूत्राशय पर दबाव पद सकता है जिससे आपके लिए मूत्र को रोक पाना और  भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए पानी नियमित मात्रा में पिएं।

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जब भी आप पेशाब करने के लिए जाते हैं तो अपने मूत्राशय को पूरी तरह खाली करना सुनिश्चित करें, विशेष रूप से रात के समय। मूत्र को रोक कर रखना रात में मूत्र रिसाव का कारण बन सकता है।

पेशाब को रोक न पाना अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में आम है। मोटापा पेल्विक मांसपेशियों को कमजोर कर देता है जिससे आपके मूत्राशय पर दबाव पड़ता है जिससे पेशाब को रोक पाना मुश्किल हो जाता है। वज़न कम करने से यह दबाव कम हो जाता है और ज्यादातर मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में वजन कम करने पर इन लक्षणों में काफी सुधार पाया गया है।

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कैफीन के कारण गुर्दो का मूत्रवर्धक प्रभाव बढ़ता है जिसके कारण ज़्यादा पेशाब निकलता है। चाय या कॉफी के सेवन से आपका मूत्राशय जल्दी भर जाता है और उस पर डाब्बव पैदा होता है जिससे आपको बाथरूम जाना जरूरी लगता है। यदि आप चाय या कॉफी के बिना नहीं कर सकते हैं तो एक दिन में केवल 2 कप ही सेवन करें। इसके अलावा, शाम को कैफीनयुक्त पेय पदार्थों को पीने से बचें। 

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शराब एक मूत्रवर्धक (diuretic) है जिसे पीने से मूत्राशय पर अधिक दबाव पड़ता है जिससे मूत्र असायंन के लक्षण और भी खराब हो सकते हैं। इसलिए इस बीमारी में शराब पीने से बचें। (और पढ़ें - शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

कब्ज और दस्त जैसी पाचन समस्याओं से पैल्विक मांसपेशियों पर खिंचाव बढ़ सकता है जिससे मूत्राशय उत्तेजित होता है और पेशाब ना रोक पाने की परेशानी बढ़ जाती है। इसलिए इन पाचन समस्याओं का इलाज करने के लिए स्वस्थ फाइबर समृद्ध भोजन खाएं।

एंटीहिस्टामाइंस, बीटा ब्लॉकर्स, मेटोपोलोल जैसी कुछ दवाइयां मूत्राशय को पूरा खाली नहीं होने देने का कारण बन सकती हैं। फ़ॉरोमाइड जैसी दवाएं मूत्र उत्पादन बढ़ा सकती हैं। इसलिए दवाइयों को लेने से पहले उनके लेबल को ध्यान से पढ़ें। अगर आपको डॉक्टर ये दवाएं लेने को कहे, तो चिकित्सक को अपनी इस समस्या के बारे में सूचित करना ज़रूरी है।

कीगल एक्सरसाइज पेल्विक की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जिससे मूत्र असंयम को रोकने में मदद मिलती है। अपनी पेल्विक मांसपेशियों को टाइट करके संकुचित करें और फिर उन्हें आराम दें। यह कम से कम 5 बार दोहराएं या जितना आप कर सकते हैं। 5-10 सेकंड के लिए आराम करें और इसे फिर से दोहरायें।

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