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नीम एक असरदार जड़ी-बूटी है, जिसमें कई जैव सक्रिय यौगिक होते हैं। इनमें निंबिन, निंबिनिन, निंबोलिड, निमाडियल, निनेंन, गेडुनिन, निंबिडोल इत्यादि शामिल हैं। विभिन्न अध्ययनों से यह पता चला है कि नीम के अर्क में एंटीएलर्जेनिक (एलर्जी की प्रतिक्रिया को रोकने वाली चीजें), एंटी-एजिंग (उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करना व रोकना), एंटीफीडेंट (कीटों और जानवरों से पौधों को बचाने वाला कार्बनिक यौगिक), एंटिफंगल (यीस्ट व अन्य फंगल जीवों के विकास को सीमित या रोकने वाली दवा), एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन या जलन को कम करने वाली दवाई), एंटीपायरेहॉइक (मवाद को ठीक करने वाली दवाई), मूत्रवर्धक और अन्य जैविक गुण होते हैं।

नीम विटामिन ई, कैरोटीनॉयड, लिनोलिक एसिड, ओलिक एसिड, स्टीयरिक एसिड, पामिटिक एसिड, विटामिन सी और क्वेरसेटिन से समृद्ध होता है। नीम के प्रमुख घटकों में से एक एजेडिरैक्टिन है, जिसे कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

कई प्रकार के फायदे के लिए नीम के पेड़ के हर हिस्से का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, इसकी छाल को सुखाकर पाउडर में मिलाया जा सकता है और इसे टूथपाउडर के रूप में या गैस्ट्रिक समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। दांतों को ब्रश करने के लिए नीम की टहनियों का उपयोग किया जाता है। नीम के पत्तों को या तो प्राकृतिक रूप से खाया जाता है या इसका पेस्ट बनाकर त्वचा और बालों पर लगाया जा सकता है।

त्वचा के लिए नीम के कुछ लाभ इस प्रकार हैं।

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  1. त्वचा की सूजन को करता है दूर - Neem soothes skin inflammation in Hindi
  2. उम्र बढ़ने के संकेत को धीमा करने में सक्षम - Neem slows down signs of ageing in Hindi
  3. ब्लैकहेड्स को हटाने में मददगार - Neem helps remove blackheads in Hindi
  4. मुंहासों से छुटकारा - Neem clears acne in Hindi
  5. निशान कम करने में सहायक - Neem reduces scars in Hindi
  6. त्वचा की टोनिंग के लिए नीम - Neem for toning the skin in Hindi
  7. त्वचा से अतिरिक्त तेल को हटाता है नीम - Neem removes excess oil from the skin in Hindi
  8. फंगल समस्याओं में असरदार - Neem treatment for fungal skin diseases in Hindi
  9. नीम के फायदे त्वचा के लिए के डॉक्टर

कई अध्ययनों से यह पता चला है कि नीम के पेड़ में निंबिन नामक एक घटक होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी के रूप में कार्य करता है। यह त्वचा की सूजन-संबंधी स्थि​तियों जैसे डर्मेटाइटिस (त्वचा में लालिमा और खुजली वाली स्थिति), पॉइजन आइवी (पौधा, जिसमें मौजूद पदार्थ से डर्मेटाइटिस हो सकता है) और ड्रग रैशेज (किसी दवा से होने वाला रिएक्शन) का इलाज करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा नीम की पत्ती के अर्क से ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर का एक रूप) से पीड़ित लोगों में शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है।

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नीम में ओलिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा की उम्र संबंधी संकेतों जैसे महीन रेखाओं का बनना, त्वचा का रंग बदलना और झुर्रियों को रोकने में मदद करता है। ओलिक एसिड त्वचा की सतह में प्रवेश करता है और नमी की कमी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह त्वचा की सतह से नमी के वाष्पीकरण को भी रोकता है, जिससे नमी की कमी नहीं होने पाती है।

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नीम के पत्तों में स्टीयरिक एसिड होता है, जो त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद करता है। यह त्वचा के सभी छिद्रों को भी साफ करने में मदद कर सकता है। इस प्रकार सभी ब्लैकहेड्स साफ हो सकते हैं। ओलिक एसिड छिद्रों को बंद किए बिना त्वचा के प्राकृतिक तेल को पुनर्स्थापित करता है। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बनाने में सहायक है, जिसकी वजह से त्वचा के छिद्रों में गंदगी नहीं जा पाती है। यह त्वचा में नमी की कमी नहीं होने देता है, जिस कारण त्वचा कोमल और नरम बनी रहती है।

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नीम का तेल मुंहासे से होने वाली लालिमा और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है, क्योंकि इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। नीम के पत्तों में ओलिक एसिड होता है, जो त्वचा के प्राकृतिक तेल को बनाए रखता है। नीम के कैप्सूल हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं, जो मुंहासों के कारणों में से एक है।

नीम में फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा की चिकनाई को बनाए रखते हैं और स्किन को स्वस्थ रखते हैं। इस प्रकार, यह त्वचा पर मौजूद निशानों को कम करने में मदद करते हैं। नीम का पेस्ट दर्द, जलन और घावों के इलाज में मदद कर सकता है।

नीम का तेल त्वचा के छिद्रों को सिकोड़ने या उन्हें बंद करने में मदद कर सकता है, क्योंकि इसमें एस्ट्रिंजेंट (शरीर के ऊतकों को सिकोड़ने वाला रसायन) गुण होते हैं। यदि कोई व्यक्ति बेहतर और उच्च परिणाम चाहता है, तो ऐसे में सोने से पहले नीम के तेल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं।

नीम की पत्तियों में पामिटिक एसिड पाया जाता है। बता दें, इस एसिड में त्वचा को स्वस्थ रखने की क्षमता है। इसके अलावा यह त्वचा पर एक विशेष परत बनाता है, जो नमी को बनाए रखता है। पामिटिक एसिड त्वचा से गंदगी, पसीना और अतिरिक्त सीबम (हल्का पीला, तैलीय पदार्थ) को भी हटाने में मदद करता है। नीम का अर्क त्वचा के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे त्वचा को कोमल बनाए रखने में मदद मिलती है।

नीम की मदद से एथलीट फुट और रिंगवॉर्म इंफेक्शन जैसे त्वचा के फंगल इंफेक्शन का इलाज किया जा सकता है। एथलीट फुट, पैर का एक फंगल संक्रमण है, जिसे चिकित्सकीय रूप से 'टिनिया पेडिस' के रूप में भी जाना जाता है। नीम के अर्क में गेडुनिन और निंबिडोल नामक दो घटक पाए जाते हैं, जिसमें कवक के इलाज की क्षमता है।

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