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पौष्टिक आहार बच्चों के वजन और लम्बाई को एक निश्चित अनुपात में बढ़ाने का कार्य करता है। लेकिन बच्चे के सही विकास के बारे जानने के लिए आपको ग्रोथ चार्ट के विषय में भी पता होना चाहिए। हर बच्चे का उम्र के हिसाब से एक सटीक वजन होता है, जो लड़कों और लड़कियों के स्वास्थ्य को बताता है। इस लेख में आपको लड़कों और लड़कियों की उम्र के अनुसार उनके वजन और लम्बाई के बारे में बताया जा रहा है। आगे बताई गयी जानकारियों से आपको पता चल जाएगा कि आप या आपका बच्चा उम्र के हिसाब से कितना स्वस्थ है।

(और पढ़ें - लंबाई बढ़ाने के घरेलू नुस्खे)

तो आइये बताते हैं आपके उम्र के हिसाब से वजन कितना होना चाहिए –

  1. उम्र के हिसाब से लड़कियों का वजन कितना होना चाहिए (लड़कियों का ग्रोथ चार्ट) - Umar ke hisab se ladkiyo ka vajan kitna hona chahiye
  2. उम्र के हिसाब से लड़कों का कितना वजन होना चाहिए (लड़को का ग्रोर्थ चार्ट) - Umar ke hisab se ladko ka kitna vajan hona chahiye
  3. उम्र के हिसाब से वजन मापते समय किन बातों को ध्यान में रखें - Umar ke hisab se vajan mapte samay kin baaton ko dhyan me rakhe
  4. क्या बच्चे की लम्बाई माता-पिता की लम्बाई पर निर्भर करती है? - Kya bache ki lambai mata-pita ki lambai par nirbhar karti hai
  5. बढ़ते बच्चे के वजन और लम्बाई बढ़ने के पैटर्न को समझें - Badhte bache ke vajan aur lambai ke pattern ko samjhein
  6. बच्चों के विकास के दुर्लभ मामले - Bachon ke vikas ke durlabh mamle
  7. बच्चे की उम्र के अनुसार लंबाई और वजन का चार्ट के डॉक्टर
उम्र औसत वजन
(किलो में) 
औसत  लंबाई       
 जन्म  3.3 19.4 इंच (49.2 से.मी)
1 महीने    4.3  21.2 इंच (53.8 से.मी)
 2 महीने 5.3 22.1 इंच (56.1 से.मी)
3 महीने   6.0 23.6 इंच (59.9 से.मी)
4 महीने  6.6 24.5 इंच (62.2 से.मी)
5 महीने 7.1 25.3 इंच (64.2 से.मी)
 6 महीने  7.5 25.9 इंच (64.1 से.मी)
7 महीने 7.9 26.5 इंच (67.3 से.मी)
8 महीने 8.2 27.1 इंच (68.8 से.मी)
9 महीने  8.5 27.6 इंच (70.1 से.मी)
10 महीने 8.8 28.2 इंच (71.6 से.मी)
11 महीने 9.0 28.7 इंच (72.8 से.मी)
12 महीने 9.2 29.2 इंच (74.1 से.मी)
13 महीने 9.5 29.6 इंच (75.1 से.मी)
14 महीने 9.7 30.1 इंच (76.4 से.मी)
15 महीने 9.9 30.6 इंच (77.7 से.मी)
16 महीने 10.2 30.9 इंच (78.4 से.मी)
17 महीने 10.4 31.4 इंच (79.7 से.मी)
18 महीने 10.6 31.8 इंच (80.7 से.मी)
19 महीने 10.8  32.2 इंच (81.7 से.मी)
20 महीने 11.0 32.6 इंच (82.8 से.मी)
21 महीने 11.3           32.9 इंच (83.5 से.मी)
22 महीने 11.5 33.4 इंच (84.8 से.मी)
23 महीने 11.7 33.5 इंच (85.1 से.मी)
2 साल  12.0 33.7 इंच (85.5 से.मी)
3 साल  14.2 37.0 इंच (94 से.मी)
4 साल  15.4 39.5 इंच (100.3 से.मी)
5 साल  17.9 42.5 इंच (107.9 से.मी)
6 साल  19.9 45.5 इंच (115.5 से.मी)
7 साल  22.4 47.7 इंच (121.1 से.मी)
8 साल  25.8 50.5 इंच (128.2 से.मी)
9 साल  28.1 52.5 इंच (133.3 से.मी)
10 साल  31.9 54.5 इंच (138.4 से.मी)
11 साल  36.9 56.7 इंच (144 से.मी)
12 साल  41.5 59.0 इंच (149.8 से.मी)
13 साल  45.8 61.7 इंच (156.7 से.मी)
14 साल  47.6 62.5 इंच (158.7 से.मी)
15 साल  52.1 62.9 इंच (159.7 से.मी)
16 साल  53.5 64.0 इंच (162.5 से.मी)
17 साल  54.4 64.0 इंच (162.5 से.मी)
18 साल  56.7 64.2 इंच (163.0 से.मी)
19 साल 57.1 64.2 इंच (163.0 से.मी)
20 साल  58.0 64.3 इंच (163.3 से.मी)
उम्र औसत वजन
(किलो)
औसत लंबाई
जन्म 3.3 19.6 इंच (49.8 से.मी)
1 महीने 4.4 21.6 इंच (54.8 से.मी)
2 महीने 5.6 23.0 इंच (58.4 से.मी)
3 महीने 6.4 24.2 इंच (61.4 से.मी)
4 महीने 7.0 25.2 इंच (64.0 से.मी)
5 महीने 7.5 26.0 इंच (66.0 से.मी)
6 महीने 7.9 26.6 इंच (67.5 से.मी)
7 महीने 8.3 27.2 इंच (69 से.मी)
8 महीने 8.6 27.8 इंच (70.6 से.मी)
9 महीने 8.9 28.3 इंच (71.8 से.मी)
10 महीने 9.1 28.8 इंच (73.1 से.मी)
11 महीने 9.4 29.3 इंच (74.4 से.मी)
12 महीने 9.6 29.8 इंच (75.7 से.मी)
13 महीने 9.9 30.3 इंच (76.9 से.मी)
14 महीने 10.1 30.7 इंच (77.9 से.मी)
15 महीने 10.3 31.2 इंच (79.2 से.मी)
16 महीने 10.5 31.6 इंच (80.2 से.मी)
17 महीने 10.7 32.0 इंच (81.2 से.मी)
18 महीने 10.9 32.4 इंच (82.2 से.मी)
19 महीने 11.2 32.8 इंच (83.3 से.मी)
20 महीने 11.3 33.1 इंच (84.0 से.मी)
21 महीने 11.5 33.5 इंच (85.0 से.मी)
22 महीने 11.7 33.9 इंच (86.1 से.मी)
23 महीने 11.9 34.2 इंच (86.8 से.मी)
2 साल 12.5 34.2 इंच (86.8 से.मी)
3 साल 14.0 37.5 इंच (95.2 से.मी)
4 साल 16.3 40.3 इंच (102.3 से.मी)
5 साल 18.4 43.0 इंच (109.2 से.मी)
6 साल 20.6 45.5 इंच (115.5 से.मी)
7 साल 22.9 48.0 इंच (121.9 से.मी)
8 साल 25.6 50.4 इंच (128.0 से.मी)
9 साल 28.6 52.5 इंच (133.3 से.मी)
10 साल 32.0 54.5 इंच (138.4 से.मी)
11 साल 35.6 56.5 इंच (143.5 से.मी)
12 साल 39.9 58.7 इंच (149.1 से.मी)
13 साल 45.3 61.5 इंच (156.2 से.मी)
14 साल 50.8 64.5 इंच (163.8 से.मी)
15 साल 56.0 67.0 इंच (170.1 से.मी)
16 साल 60.8 68.3 इंच (173.4 से.मी)
17 साल 64.4 69.0 इंच (175.2 से.मी)
18 साल 66.9 69.2 इंच (175.7 से.मी)
19 साल 68.9 69.5 इंच (176.5 से.मी)
20 साल 70.3 69.7 इंच (177.0 से.मी)

उम्र के हिसाब से वजन मापते समय निम्न बातों को ध्यान में रखें:

  1. लड़कों और लड़कियों के विकास में युवावस्था के बाद हार्मोनल परिवर्तन अलग-अलग होते हैं और इसलिए उनकी वृद्धि की तुलना संभव नहीं है। (और पढ़ें - बच्चों की भूख बढ़ाने के उपाय)
  2. करीब 94% लड़के और लड़कियां, ऊपर बताये गए चार्ट के अनुसार वृद्धि करते हैं तो इसका मतलब उनका विकास सही हो रहा है। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड कब करना चाहिए)
  3. उम्र के अनुसार अधिक वजन होने से बच्चे को स्वस्थ नहीं समझा जाता।  
  4. अनुवांशिक, वजन और लम्बाई सीधे तौर पर विकास दर को प्रभावित करते हैं। इस तरह एक साल का बच्चा समान उम्र के बच्चे की लम्बाई और वजन के बराबर नहीं होता। (और पढ़ें - कुपोषण का उपचार)
  5. बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास पहले पांच वर्षों में अहम माना जाता है और इस तरह से यह समय बहुत महत्वपूर्ण होता है।
  6. 75% लड़के और लड़कियां 8 से 9 साल की उम्र में सामान्य किशोरावस्था की लम्बाई के प्राप्त कर लेते हैं। (और पढ़ें - कब, कैसे और क्या खाएँ)
  7. बच्चे का विकास दर एक समान नहीं हो सकता। (और पढ़ें - टेस्ट ट्यूब बेबी)
  8. पहले पांच वर्षों में, लड़के और लड़की के वजन और लम्बाई को रोजाना मापना बेहद जरूरी है। (और पढ़ें - गर्भ में बच्चे का विकास कैसे होता है)
  9. अपने बच्चे की लम्बाई और वजन महीने में एक बार जरूर मापें। ऐसा तब तक करें जब तक वो छह महीने का न हो जाए और उसके पहले जन्मदिवस तक लंबाई को दो महीने में एक बार जरूर मापें। एक साल के बाद मापने की आवृत्ति (frequency) को कम कर दें।

(और पढ़ें - लंबाई बढ़ाने के आसान उपाय)

हालांकि अनुवांशिक एक महत्वपूर्ण कारक है जो बच्चे की लम्बाई को प्रभावित करता है। लेकिन बच्चों की लम्बाई मात्र माता-पिता की लम्बाई पर ही निर्भर नहीं करती। कई मामलों में, एक या कुछ परिवार के सदस्यों का शारीरिक विकास सही नहीं होता, जिसकी वजह से उनके बच्चों की लम्बाई भी प्रभावित होती है। डाइट, व्यायाम, इलाज और थेरेपी से बच्चों के विकास में सुधार हो सकता है।

(और पढ़ें - लंबाई के हिसाब से वजन कितना होना चाहिए)

बच्चों में बढ़ते वजन की प्रक्रिया समझें -

सबसे पहले आपको वजन बढ़ाने की भूमिका के बारे में समझना होगा और इस आधार पर आप बच्चे का सही वजन समझ पाएंगे। जन्म के समय बच्चे का वजन उसके विकास का शुरूआती बिंदु होता है। बच्चे का वजन जो भी हो, जन्म के समय  सभी बच्चों में विकास दर लगभग एक समान होती है। बच्चे का विकास ढांचा (pattern) पूरी तरह से पर्याप्त आहार और देखभाल पर निर्भर करता है। हालांकि बीमारी, भूखमरी या अन्य नकारात्मक प्रभाव उनके बढ़ते वजन को रोक देते हैं।

(और पढ़ें - नॉर्मल डिलीवरी के लिए क्या खाएं)

बच्चे की लम्बाई और ऊंचाई भी मायने रखती है -

वजन का बढ़ना बच्चे के विकास का एकमात्र तरीका नहीं होता। बच्चों में वजन के साथ-साथ उनकी उचित लम्बाई होना भी बेहद जरूरी होता है। लम्बाई को भी बच्चों की विकास दर में शामिल किया जाता है। वजन की तुलना में बच्चे की लंबाई धीरे-धीरे बढ़ती है।  जन्म के समय बच्चे की लम्बाई जितनी भी हो, लेकिन उसकी लंबाई हर माह लगभग 2 सेंटीमीटर या तीन महीनों में 5 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है।

(और पढ़ें - बॉडी मास इंडेक्‍स क्‍या है )

बच्चों के विकास के दुर्लभ मामले -

प्रीटर्म बेबी (गर्भावस्था का 37वां हफ्ता शुरू होने से पहले जन्मे बच्चे) –

ऐसे शिशु स्तनपान सामान्य बच्चों की तुलना में धीमी गति से शुरू करते हैं और इसी आधार पर उनका विकास निर्भर करता है। इस वजह से उनका वजन लम्बे समय तक कम रह सकता है। 

(और पढ़ें - गर्भावस्था को सप्ताह के अनुसार जानें)

स्माल फॉर डेट बेबी –

इसमें गर्भ में शिशु (unborn baby) का विकास बहुत धीमी गति से होता है और उसका आकार अन्य समान उम्र के शिशुओं के मुकाबले कम होता है, जिसे स्माल फॉर डेट बेबीस कहते हैं। ऐसे शिशु अपने शुरूआती हफ्तों में बहुत अच्छे से विकास करते हैं, लेकिन फिर भी उनका विकास का स्तर सामान्य ग्रोथ ग्राफ में कम ही रहता है। 

(और पढ़ें - स्तनपान के फायदे बच्चों और माताओं के लिए)

शिशु जो जन्म लेने के बाद या पहले हफ्ते में बीमार पड़ जाते हैं -

इस तरह के शिशुओं का वजन बढ़ नहीं पाता और कम भी हो जाता है। लेकिन सही देखभाल से उनके वजन में तेजी से बढ़ोतरी की जा सकती है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में होने वाली समस्याएं)

जन्म से ही बोतल से दूध पीने वाले शिशु -

इस तरह के शिशुओं का शुरूआती दिनों में वजन कम नहीं होता, बल्कि ऐसे शिशुओं का वजन शुरूआती दिनों में बहुत तेजी से बढ़ाता है। इन शिशुओं का वजन तेजी से बढ़ने से कारण उनकी लम्बाई पर प्रभाव पड़ता है और वह वजन के अनुसार नहीं हो पाती है। इस तरह आपको महसूस होने लगेगा कि आपका बच्चा बढ़ने की बजाय मोटा होता जा रहा है।

(और पढ़ें - डिलीवरी के बाद माँ की देखभाल)

Dr. Nitesh Lipare

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