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37वें सप्ताह में आने के बाद आप प्रेगनेंसी के नौवें और अंतिम महीने के अंत तक पहुंच चुकी होती हैं। अब तनाव बिलकुल न लें और कोशिश करें कि आप अधिक से अधिक समय घर पर आराम करें। अब आप कभी भी बच्चे को जन्म दे सकती हैं इसलिए अपने दिमाग को शांत और तनावमुक्त रखने की कोशिश करें। हालांकि अधिकांश बच्चे 37वें सप्ताह में पैदा हो जाते हैं लेकिन 39 सप्ताह बाद जन्म होना और भी अच्छा होता है। यही कारण है कि डॉक्टर इससे पहले सिजेरियन डिलीवरी कराने की सलाह नहीं देते हैं, जब तक कोई अन्य समस्या नहीं आती है। वे आपको ग्रुप बी स्ट्रेप (Group B Strep) टेस्ट कराने के लिए भी कह सकते हैं। यह एक प्रकार का बैक्टीरिया होता है जो योनि या मलाशय के क्षेत्र में पाया जाता है। यह सामान्यतः कोई समस्या नहीं है लेकिन केवल तब तक जब तक आपका बच्चा इससे संक्रमित न हो। यदि टेस्ट का परिणाम सकारात्मक आता है तो डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार आपको एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं।

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  1. 37वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes during 37th week of pregnancy in Hindi
  2. सैंतीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में बच्चे का विकास - Baby development in 37th week of pregnancy in Hindi
  3. सैंतीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound in 37th week of pregnancy in Hindi
  4. 37वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 37th week of pregnancy in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के सैंतीसवें हफ्ते में डाइट - Diet in 37th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 37वें सप्ताह में आप अपनी पैल्विक हड्डियों पर अधिक से अधिक दबाव का अनुभव कर सकती हैं। जैसे जैसे आपका वजन बढ़ता जाता है आपको और अधिक दबाव महसूस होता जाता है। इस दौरान अधिक से अधिक आराम करने की कोशिश करें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में वज़न बढ़ना)

आपकी कमर और आपके स्तनों में खिंचाव भी हो सकता है। इस स्तर पर आपके स्तन, स्तनपान की प्रक्रिया के लिए एकदम तैयार होते हैं इसलिए आपके स्तनों से दुग्धस्राव होना एक आम घटना है। आपके स्तनों में छूने में दर्द भी हो सकता है। यह भी सामान्य बात ही है। साथ ही आप अपने स्तनों, कमर और कूल्हों में खिंचाव के निशान भी देख सकती हैं।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट में परिवर्तन होने का कारण)

आपका बच्चा इन दिनों बहुत धीमी गति से,प्रतिदिन लगभग 14 ग्राम बढ़ रहा होता है। त्वचा के नीचे वसा एकत्रित होने के कारण उसकी त्वचा चिकनी होती जाती है। उसके फेफड़ों का अच्छी तरह से विकास हो जाता है और उसकी साँस लेने की गति सामान्य से बहुत अधिक होती है। बच्चे के विकास के साथ साथ, एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) कम होने लगता है। उसका वजन लगभग 2.9 से 3.1 किलोग्राम और लम्बाई लगभग 19 इंच होती है। बच्चे के बाल तेजी से बढ़ रहे होते हैं।

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कभी कभी डॉक्टर इस समय बच्चे का स्वास्थ्य जानने के लिए आपसे टेस्ट कराने को भी कह सकते हैं। एम्नियोटिक द्रव मापने से बच्चे की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। इस टेस्ट में आप बच्चे की विभिन्न गतिविधियां देख सकती हैं। इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में, सोनोग्राफर आपके गर्भाशय में एम्नियोटिक द्रव को मापता है तब आप बच्चे की गतिविधियां आसानी से देख सकती हैं।

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ज्यादा से ज्यादा आराम करने की कोशिश करें। जैसे जैसे आप अपनी गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों में आती हैं, आपका अधिक से अधिक आराम करना महत्वपूर्ण होता जाता है। हमेशा की तरह, जब आप लेटती हैं तो अपनी बाईं ओर लेटने की कोशिश करें। हल्के व्यायाम करने से दर्द को दूर करने में मदद मिलती है। थोड़ी थोड़ी मात्रा में अधिक बार भोजन करें। अपने रोज़ाना के आहार में फलों और सब्जियों को शामिल करें। इससे आपको और बच्चे को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिलते रहते हैं।

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डिलीवरी की तयारी कर लें अर्थात अस्पताल जाने के लिए बैग पैक कर लें। यदि आप भविष्य में अब गर्भधारण नहीं करना चाहतीं तो इसकी योजना बना लें क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के तुरंत बाद अगर आप नसबंदी करवाती हैं तो उसका मूल्य या तो न के बराबर होता है या कोई मूल्य नहीं लगता।

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ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन (Braxton Hicks contractions - प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में महसूस होने वाली प्रसव जैसी ऐंठन) और अधिक तेज़ी से और लगातार महसूस हो सकते हैं। लेकिन यह सामान्य बात है। यदि आप चिंतित हैं या समझ नहीं आ रहा कि क्या करें तो अपने डॉक्टर को से पूछें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में होने वाली परेशानी और प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे)

म्यूकस प्लग योनि मार्ग से बाहर निकल सकता है। यह गर्भाशय ग्रीवा (cervix) को बंद कर देता है। यह या तो पूरा या फिर अधिक योनि स्राव के रूप में बाहर निकलता है। कभी कभी इसमें थोड़ा सा खून भी आ सकता है लेकिन एक बार फिर इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है। यह अब जल्द ही प्रसव होने का संकेत हो सकता है।

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अब आप जल्द से जल्द मां बनने वाली हैं और आप जो भी खाएंगी वो पूर्ण रूप से आपकी सेहत के लिए स्वस्थ होना चाहिए। इस समय सिर्फ आराम ही आपके लिए महत्वपूर्ण है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं)

  1. प्रसव चरण से पहले हल्का भोजन करना अच्छा होता है। (और पढ़ें - बच्चे के जन्म के बाद माँ को क्या खाना चाहिए?)
  2. बिस्कुट, टोस्ट और नट्स सहित स्नैक्स आदि पचाने में आसान होते हैं और भूख को कम करने के लिए भी अच्छे विकल्प हैं।
  3. डिलीवरी के दौरान ज़रूरी ताकत के लिए कुछ स्वस्थ आहार अपने साथ पैक कर के अस्पताल ले जाएं। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी डाइट चार्ट)
  4. इस स्तर पर ताज़े फलों का रस आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
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