मल में खून आना कोई आम बात नहीं है, यह किसी अंदरूनी शारीरिक समस्या का संकेत हो सकता है। मल में  खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में मेलेना (Melena) भी कहा जाता है और यह कोई रोग नहीं बल्कि एक लक्षण होता है। कई बार अधिक खून की वजह से मल काले रंग का भी आ सकता है। मल में खून आने का मुख्य कारण पाचन तंत्र के रोग भी हो सकते हैं।

मल में खून आने की समस्या को कई घरेलू उपचारों द्वारा ठीक किया जा सकता है लेकिन अगर मल में अधिक खून आ रहा हो तो यह कोई मेडिकल इमर्जेंसी हो सकती है। यदि मल का रंग काला या टार जैसा हो गया है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच करवाने की सलाह दी जाती है।

  1. मल में खून से छुटकारा दिलाता है शहद - Mal mein khoon aane se chuthkara dilata hai Honey
  2. तनाव को कम करना है मल में खून आने से बचने का तरीका - Stress ko kam karna hai mal mein khoon aane se bachne ka tarika
  3. मल में खून आने पर निम्न बातों का रखें ध्यान - Mal mein khoon aane par niman baato ka rakhein dhyan

शहद से पेट संबंधित कई समस्याओं में आराम मिलता है जिनकी मदद से मल त्याग संबंधी समस्याओं में भी सुधार होता है। इसी प्रकार शहद मल में खून आने से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी काफी मदद करता है। अगर आपके मल में भी खून आ रहा है तो अपने आहार में शहद को जरूर शामिल करें।

आवश्यक सामग्री 

  • 1 चम्मच शहद

इस्तेमाल का तरीका

  • रोजाना दिन में 2 से 3 बार शहद का सेवन करें 
  • शहद को आप दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं 
  • इसके अलावा शहद के साथ ओट्स, कॉर्न फलैक्स और हर्बल टी एक अच्छे विकल्प रहेंगे

कब इस्तेमाल करें

1 हफ्ते तक रोजाना दिन में कम से कम 1 बार शहद का सेवन करें।

तनाव के कारण हमारे शरीर में कई बदलाव आते हैं जिनकी वजह से कई प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं और स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों के लक्षण भी बढ़ जाते हैं। तनाव से भी हमें बवासीर, मल में खून आना व पेट संबंधी अन्य समस्याएं होने लग जाती हैं। मल में खून आने का मुख्य कारण भले ही जो भी हो लेकिन तनाव को कम करने से सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और ठीक होने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है, साथ ही मल में खून आने की वजह से गुदा में होने वाली जलन और सूजन के लक्षण भी धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। कई वैज्ञानिक अध्ययनों में इस बात को साबित किया जा चुका है कि तनाव के कारण हमारा शरीर अपनी प्राकृतिक योग्यताओं को खोने लगता है जिसके कारण सूजन और जलन जैसी प्रतिक्रियाओ को काबू करना मुश्किल हो जाता है।

निम्न की मदद से तनाव को कम किया जा सकता है

  • रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिएं
  • हर रोज नहाएं और अपनी गुदा क्षेत्र को अच्छी तरह साफ करें 
  • मल त्याग करते समय अधिक जोर ना लगाएं
  • टॉयलेट में ज्यादा समय के लिए न बैठें
  • अपने भोजन में फाइबर युक्त आहार शामिल करें
  • शराब का सेवन न करें क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी होती है जिस कारण कब्ज जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है जो मल में खून आने का कारण बनती हैं।

अगर इनमें से किसी भी उपाय को 1 हफ्ते तक इस्तेमाल करने के बाद भी मल में खून आना बंद नहीं हो रहा है, तो यह किसी गंभीर रोग या अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। इस स्थिति का इलाज जल्द से जल्द करवाना बेहद आवश्यक होता है। 40 से ज्यादा की उम्र के लोगों में अगर यह समस्या आती है, तो बिना किसी उपाय को आजमाए सीधे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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