कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जो सैनिटाइजर आपने खरीदा है, वह मिलावटी हो सकता है। बाजार में मौजूदा 100 से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर्स पर कंज्यूमर गाइडेंस सोसायटी ऑफ इंडिया (सीजीएसआई) द्वारा किए गए एक अध्ययन से जो जानकारी सामने आई है, उससे यह आशंका पैदा होती है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुंबई और ठाणे में उपलब्ध कोई 122 हैंड सैनिडाइजर्स पर की गई इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने करीब आधे सैनिटाइजर मिलावटी पाए हैं। वहीं, इन मिलावटी सैनिटाइजरों में से कम से कम चार-पांच में जहरीला मेथानोल केमिकल पाया मिला है, जिसके प्रभाव में कई गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जैसे ग्लूकोमा और अंधापन।
अध्ययन से जुड़ी रिपोर्ट में कहा गया है कि 37 प्रतिशत सैनिटाइजर सैंपलों में एल्कोहॉल की मात्रा निर्धारित स्तर के साथ मेल नहीं खाती है। दस प्रतिशत सैनिटाइजर रोगाणुनाशक संबंधी किसी दावे के बिना ही बेचे जा रहे हैं। इनमें से एक प्रीमियम रोज सैनिटाइजर तो वायरस के खिलाफ बिल्कुल भी प्रभावी नहीं है। इस बारे में सीजीएसआई के सचिव डॉ. एमएस कामथ ने कहा, 'मिलावटी हैंड सैनिटाइजर वह है, जिसके ब्यौरे में निर्धारित पदार्थों की विशिष्ट जानकारी नहीं है। इन दिनों ज्यादातर रिटेल स्टोर और फार्मेसी हैंड सैनिटाइजर बैच रहे हैं। कोविड-19 के चलते पैदा हुई पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की वजह से कई अनैतिक मैन्युफैक्चर भी इस बिजनेस में आ गए हैं। वे जल्दी मुनाफा कमाने के लिए महामारी के डर का सहारा लेते हैं।'
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सीजीएसआई के अध्ययन के मुताबिक, बाजार में मौजूद कम से कम पांच हैंड सैनिटाइजरों में मेथानोल मिलाया गया है। इनमें क्रिवि हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड का 'इंस्टेंट हैंड सैनिटाइजर', एवन लैबोरेटरी का 'मेडिकेयर', आन फार्मा प्राइवेट लिमिटेड का 'सैनिटन', अवध इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का 'क्लीन हैंड्स' और मिस्टी गोल्ड इक्वीनॉक्स इंडस्ट्रीज का बनाया एक अन्य हैंड सैनिटाइजर शामिल है। इस बारे में सीजीएसआई ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है, 'सैनिटाइजर बनाने में इस्तेमाल होने वाले एथानोल को बिना एल्कोहल परमिट के प्राप्त नहीं किया जा सकता और इसे सख्ती से रेग्युलेट किया जाता है। बाजार में उपलब्ध सिंथैटिक एल्कोहॉल काफी महंगे हैं। इसलिए कुछ मैन्युफैक्चरर इस समस्या के निदान के रूप में विषाक्त मिथाइल एल्कोहॉल का इस्तेमाल करते हैं। मिलावट करने वाले मैन्युफैक्चरर ब्रैंड वाले कंटेनरों में अपने मेथानोल आधारित सैनिटाइजर को मिलाकर बाजार में बिकवा सकते हैं।'
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ऐसे में सीजीएसआई की तरफ से लोगों को सलाह दी गई है, 'उपभोक्ताओं को उत्पाद के लेबल पर दी गई जानकारी (वॉर्निंग प्रिस्क्रिप्शन) पर ध्यान देना चाहिए। ड्रग से जुड़ी जानकारी देने वाले लेबल पर संबंधित सामग्रियों की डिटेल्स होनी चाहिए। हैंड सैनिटाइजर्स को किसी ठंडी जगह पर और बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। नॉन-एल्कोहॉलिक आधारित उत्पाद (सैनिटाइजर) कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी नहीं हैं।' इसके अलावा सीजीएसआई ने कहा है कि वह अपने अध्ययन से जुड़ी रिपोर्टों को जल्दी ही केंद्र सरकार और शीर्ष अमेरिकी ड्रग एजेंसी एफडीए को भेजेगा।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: कोरोना वायरस से बचाने के लिए बाजार में मौजूद 122 हैंड सैनिटाइजर्स में से करीब आधे मिलावटी- अध्ययन है
- Proctosedyl BD Cream - ₹116
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




