कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। 13 अप्रैल 2020 के आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में संक्रमित मरीजों की संख्या 18 लाख से ज्यादा हो गई है और कोविड-19 से मरने वालों की संख्या भी करीब सवा लाख हो गई है। दुनियाभर के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन करने और लोगों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग रखने जैसे सख्त कदम उठाने के बावजूद कोविड-19 के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 

कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से लोगों के मन में इस बेहद संक्रामक बीमारी को लेकर कई तरह की चिंताएं और डर का माहौल है। इंसान से इंसान के बीच और दूषित सतहों से इंसान के बीच यह संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है कि लोगों को घर का बेहद जरूरी सामान लेने के लिए भी घर से बाहर निकलने में डर महसूस हो रहा है। लोग घर से बाहर निकलते वक्त न सिर्फ मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि घर आते के साथ अपने पहने हुए कपड़ों को भी अलग से धुलने में डाल रहे हैं और घर लाई गई चीजों को भी अच्छी तरह से धोने के बाद ही यूज कर रहे हैं। 

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क्या हम जो कपड़े या जूते पहनकर घर से बाहर निकलते हैं, उनकी सतहों पर कोविड-19 इंफेक्शन का वायरस रह जाता है? क्या इन कपड़ों और जूतों से इंफेक्शन फैलने का खतरा है? इस आर्टिकल के जरिए हम आपके इसी सवाल का जवाब खोजने की कोशिश करेंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि आखिर कोविड-19 संक्रमण कैसे फैलता है।

  1. आखिर कैसे फैलता है कोविड-19 संक्रमण?
  2. क्या कोविड-19 संक्रमण कपड़ों और जूतों से भी फैलता है?
  3. कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
  4. क्या कपड़ों और जूतों से भी फैल सकता है कोरोना वायरस? क्या है सच्चाई, जानें के डॉक्टर

कोविड-19 बेहद संक्रामक इंफेक्शन है और ये एक नहीं बल्कि कई तरीकों से फैल सकता है, जैसे:

1. इंसान से इंसान के संपर्क में आने से फैलता है कोविड-19 इंफेक्शन
कोविड-19 से संक्रमित कोई व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो वह अपने आसपास मौजूद हवा के कणों को दूषित कर देता है। अगर इन दूषित हवा के कणों को कोई स्वस्थ व्यक्ति सूंघता है तो यह दूषित हवा जिसमें वायरस मौजूद है वह मुंह, नाक या आंख के माध्यम से उस स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर उसे भी संक्रमित कर देता है।

2. दूषित सतहों से फैलता है कोविड-19 इंफेक्शन
कोविड-19 का इंफेक्शन सीधे किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के अलावा अप्रत्यक्ष रूप से भी फैल सकता है। जैसे- वैसी सतहें जिन्हें बहुत ज्यादा बार और बहुत ज्यादा लोग छूते हैं (हाई-टच सर्फेस), टेबल का उपरी हिस्सा, दरवाजे का हैंडल या कुंडी, लिफ्ट का बटन आदि। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके मुंह या नाक से निकली छोटी-छोटी दूषित बूंदे आसपास मौजूद इन सतहों और सामानों पर भी गिर जाती हैं। जब कोई स्वस्थ व्यक्ति इन दूषित सतहों या सामानों को छूता है तो वायरस उसके हाथ में चिपक जाता है और फिर अगर वह व्यक्ति उन्हीं वायरस वाले गंदे हाथों से अपने मुंह, नाक या आंख को छूए तो वायरस उसके शरीर में प्रवेश कर उसे भी बीमार बना देता है।

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3. सामुदायिक स्तर पर भी हो सकता है कोविड-19 का प्रसार
अगर किसी समुदाय में कोई व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित हो लेकिन उन्हें पता ही न हो कि उन्हें यह इंफेक्शन कहां से हुआ, किससे हुआ तो यह वायरस उस समुदाय विशेष में बहुत तेजी से फैल सकता है। इसे ही कम्यूनिटी ट्रांसमिशन या सामुदायिक स्तर पर संक्रमण फैलना कहते हैं।

अगर आप स्वास्थ्यकर्मी नहीं हैं तो आपको अपने कपड़ों और जूतों से कोविड-19 का संक्रमण फैलने को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों की मानें तो अब तक ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जो इस बात को साबित करें कि यह संक्रामक बीमारी कपड़ों और जूतों से भी फैलती है। हालांकि डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ जो कोविड-19 संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं उन्हें कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि कोविड-19 इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सके।

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स्वास्थ्यकर्मियों के कपड़ों और जूतों से इंफेक्शन न फैले इसके लिए हेल्थकेयर से जुड़े कर्मचारियों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • अस्पताल से निकलकर घर जाने से पहले नहा लें और अपने कपड़े और जूते बदल लें।
  • अगर आपने अपने कपड़े के बाजू में (स्लीव में) खांसी या छींक की हो तो उस कपड़े को अलग लॉन्ड्री बैग में रखें और उस कपड़े को अलग ही धोएं।
  • अपने गंदे कपड़े और जूतों को अलग बैग में रखें। अपने काम के दौरान पहने गए कपड़े छूने के बाद और साफ कपड़े पहनने से पहले अपने हाथों को साबुन पानी से या फिर हैंड सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें।
  • अगर आप अपने काम वाली जगह पर कपड़े नहीं बदल सकते तो कम से कम घर के अंदर घुसने से पहले गंदे कपड़ों को जरूर बदल लें। इसके लिए आप चाहें तो किसी आइसोलेट लोकेशन जैसे- गराज या अलग लॉन्ड्री रूम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अगर आप अपने जूतों के ऊपर बूट कवर का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो अपने जूतों को घर के बाहर ही उतार दें और उसके बाद उन जूतों को कीटाणुनाशक वाइप्स से साफ कर लें।
  • काम की जगह पर पहने जाने वाले और घर पर पहने जाने वाले जूतों को अलग-अलग रखें।
  • अपने गंदे कपड़ों को साधारण लॉन्ड्री डिटर्जेंट का इस्तेमाल कर धो लें। अगर किसी भी वजह से कपड़ों को धोया नहीं जा सकता हो तो उन्हें कपड़े वाले किसी बैग में अलग रख दें।
  • गंदे कपड़ों को धोते वक्त हेवी-ड्यूटी ग्लव्स पहनना न भूलें।

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संदर्भ

  1. National Health Service [Internet]. UK; Can clothes and towels spread germs?
  2. National Health Service [Internet]. UK; Can clothes and towels spread germs?
  3. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Coronavirus Resource Center