myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है। डायबिटीज होने पर मरीज को अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए, खासकर पैरों का। क्योंकि हल्की चोट या कट उनके लिए घातक हो सकती है। डायबिटीज की वजह से तंत्रिकाएं नष्ट हो सकती हैं, जिससे पैरों में संवेदनशीलता नहीं बचती। यही नहीं डायबिटीज की वजह से पैरों में रक्त प्रवाह बिगड़ सकता है, किसी भी तरह के संक्रमण को ठीक होने में मुश्किल हो सकती है। यहां तक कि जूतों से होने वाली बीमारियां भी डायबिटीज के मरीजों को हो सकती हैं। उन्हें हमेशा संक्रमण की आशंका बनी रहती है। अतः पैरों से संबंधित समस्याओं से बचे रहने के लिए डायबिटीज के मरीजों को चाहिए कि हमेशा अपने पैरों का ख्याल रखें।

(और पढ़ें - डायबिटीज में परहेज)

गर्म पानी की जांच कभी भी पैरों से न करें
हालाँकि इन दिनों मौसम बदल गया है। गर्म पानी से नहाने की जरूरत खत्म हो गई है। इसके बावजूद अगर किसी काम के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पानी के तापमान की जांच कभी भी पैरों से न करें। डायबिटीज की वजह से नर्व क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे पैरों से गर्म पानी के तापमान को समझना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज के मरीज अपने पैरों से गर्म पानी के तापमान को सही तरह से नहीं जांच पाते। गर्म पानी में पैर डालने से आपकी त्वचा जल सकती है या कोई अन्य संक्रमण हो सकता है। सो, पानी का तापमान जांचने के लिए कोहनी का इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)

सही जूते और जुराब पहनें
डायबिटीज के मरीजों को जूतों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। पैरों की अच्छी देखभाल करने के लिए आपको हमेशा जुराब और जूते पहने रखने चाहिए। पैरों के विशेषज्ञ (पोडियाट्रिस्ट) सलाह देते हैं कि पैरों का ख्याल रखने के लिए बाजार में खास तरह के जूते मौजूद हैं। जूते-जुराब पहनते वक्त ध्यान रखें कि जुराब बहुत ज्यादा टाइट न हो। टाइट जुराब की वजह से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। डायबिटीज के मरीज के लिए यह सही नहीं है।

(और पढ़ें - शुगर कम करने के घरेलू उपाय)

पैरों के लिए मुश्किल एक्सरसाइसज न करें
डायबिटीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज बहुत उपयोगी है। लेकिन हर तरह की एक्सरसाइज नहीं। ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि कोई भी एक्सरसाइज उन्हें फायदा पहुंचा सकती है। जबकि ऐसा नहीं होता। डायबिटीज के मरीजों को पैरों में ज्यादा दबाव बनाने वाले एक्सरसाइज कतई नहीं करने चाहिए। इनमें जंपिंग, बाउंसिंग जैसी एक्सरसाइज शामिल हैं। खासकर न्यूरोपैथी के मरीजों को इस तरह की एक्सरसाइज से दूर रहना चाहिए। इसके बजाय आप वाॅकिंग, स्विमिंग करें। इससे पैरों पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता और स्वास्थ्य को इसका लाभ भी मिलता है।

(और पढ़ें - शुगर के लिए योगासन)

नियमित डाॅक्टर के पास जाएं
डायबिटीज के मरीजों को नियमित अपने पैरों की जांच करते रहनी चाहिए। जरा सी भी लापरवाही आपके लिए नुकसादायक हो सकती है। हालांकि कुछ लोग ऐसे हैं जो नियमित अपनी जांच करवाते हैं। इसके लिए वे सामान्य डाॅक्टर के पास जाते हैं। जबकि पैरों की केयर के लिए पैरों के विशेषज्ञों को ही दिखाना जरूरी होता है। वे आपके पैरों में हो रही समस्या को बारीकी से समझ पाएंगे और बेहतर ट्रीटमेंट कर पाएंगे। बहरहाल, अपने पैरों की त्वचा पर कोई भी ऐसा उत्पाद न लगाएं जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाए। कोई समस्या मसलन फुट काॅर्न आदि होने पर उसका इलाज खुद करने की कोशिश न करें। तुरंत डाॅक्टर से संपर्क करें।

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

और पढ़ें ...