इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों को होने वाली आम यौन समस्या है. इसमें पुरुष संभोग के लिए इरेक्शन प्राप्त नहीं कर पाते हैं. इसे बांझपन का मुख्य कारण माना जाता है. इसमें पुरुष सेक्स नहीं कर पाते हैं और उनकी महिला पार्टनर गर्भवती नहीं हो पाती है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान कर सकता है. यह तनाव व अनिद्रा समेत हृदय रोग का कारण भी बन सकता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों में होने वाली दिल की समस्याओं का एक शुरुआती संकेत हो सकता है. दरअसल, पेनिस की धमनियां शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में छोटी होती हैं. ऐसे में जब ये धमनियां खराब होती हैं, तो समस्याएं बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है.
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आज इस लेख में आप इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोगों के बीच संबंध के बारे में विस्तार से जानेंगे -
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- इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?
- क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग के बीच संबंध
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग कैसे संबंधित हैं?
- सारांश
इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन को नपुंसकता के रूप में भी जाना जाता है. यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें पुरुष सेक्स के लिए उपयुक्त इरेक्शन प्राप्त करने और बनाए रखने में असमर्थ होता है. यह समस्या किसी भी उम्र के पुरुषों में देखने को मिल सकती है. 10 में से 1 पुरुष को अपने जीवन में कभी-न-कभी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का सामना करना पड़ता है. यह शीघ्रपतन, बांझपन या कम सेक्स ड्राइव से बिल्कुल अलग होता है. पुरुषों के लिए इरेक्शन बनाने के लिए निम्न चीजों का होना जरूरी होता है -
- लिंग की नसों का ठीक से काम करना.
- लिंग में रक्त संचार पर्याप्त होना.
- मस्तिष्क से एक उत्तेजना होना.
अगर इनमें से किसी भी चीज में रुकावट आ रही है, तो पुरुषों को इरेक्शन बनाने में दिक्कत आ सकती है.
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क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग के बीच संबंध
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग के बीच बहुत गहरा संबंध होता है. कई अध्ययनों में साबित हो चुका है कि अगर किसी व्यक्ति को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या है, तो उसे हृदय रोग होने का अधिक खतरा होता है.
एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि जिन पुरुषों की बाईपास सर्जरी हुई है या फिर जिन्हें दिल का दौरा पड़ा है, उन्हें पहले इरेक्टाइल डिसफंक्शन से भी जूझना पड़ा था. आपको बता दें कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने के 5 साल के अंदर हृदय रोग विकसित हो सकता है. इस दौरान हृदय रोगों के लक्षण धीरे-धीरे नजर आ सकते हैं.
कई बार इरेक्टाइल डिसफंक्शन इतना गंभीर हृदय रोग पैदा कर देता है कि मौत तक का जोखिम रहता है. जिन पुरुषों को गंभीर स्तंभन दोष या ईडी होता है, उन्हें हृदय रोगों की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है. 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 60 प्रतिशत पुरुषों को मध्यम से गंभीर स्तंभन दोष का सामना करना पड़ता है.
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इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग कैसे संबंधित हैं?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोग एक-दूसरे से संबंधित होते हैं. आपको बता दें कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन अक्सर हृदय रोग से पहले होता है. दरअसल, इरेक्टाइल डिसफंक्शन में शरीर की धमनियों में प्लाक का निर्माण होने लगता है. प्लाक बिल्डअप पेनिस में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है, जिससे इरेक्शन बनाने में मुश्किल होती है.
कुछ विशेषज्ञों का मानना रक्त वाहिकाओं की शिथिलता के कारण इरेक्टाइलड डिसफंक्शन के बाद हृदय की समस्याएं पैदा होती हैं. रक्त वाहिकाओं की शिथिलता यानी एंडोथेलियम होने पर हृदय में रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती है, जिस कारण पेनिस में रक्त का प्रवाह सही से नहीं होता है और इरेक्शन बनाने में दिक्कत आती है.
सभी मामलों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन हृदय रोगों का संकेत नहीं होता है. कई बार पुरुषों को सिर्फ तनाव, अनिद्रा, थकान, अनहेल्दी डाइट और धूम्रपान की वजह से इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है. इन स्थितियों में बदलाव करके ईडी में सुधार किया जा सकता है. साथ ही अगर हृदय रोग है, तो उसके बाद ईडी की समस्या होती है. इस स्थिति में हृदय रोग का इलाज करके ईडी को ठीक किया जा सकता है.
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सारांश
अगर किसी को इरेक्टाइल डिसफंक्शन है, तो हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है. अगर इरेक्टाइल डिसफंक्शन किसी गंभीर समस्या की वजह से हुआ है, तो स्थिति नाजुक हो सकती है और हृदय रोगों के लक्षण महसूस होने शुरू हो सकते हैं. वहीं, अगर खराब जीवनशैली की वजह से ईडी की समस्या होती है, तो लाइफस्टाइल को बेहतर बनाकर इसे ठीक किया जा सकता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाइयां लिख सकते हैं. इसके साथ ही हेल्दी डाइट, स्ट्रेस फ्री और अच्छी नींद लेने की सलाह भी दे सकते हैं. इसके अलावा, अगर हृदय रोग है और उसके बाद ईडी होता है, तो हृदय रोगों का इलाज करके ईडी में सुधार किया जा सकता है.
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क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन हृदय रोग का संकेत है? के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव




