गर्भवती होने व स्वस्थ शिशु के जन्म के लिए महिला के साथ-साथ पुरुष की आयु भी महत्व रखती है. जिस प्रकार बढ़ती उम्र के साथ महिला के गर्भवती होने की संभावना कम होती जाती है, उसी प्रकार पुरुष की स्पर्म क्वालिटी पर भी असर पड़ता है. ऐसे में ये सवाल उत्पन्न होना लाजमी है कि पुरुष किस उम्र तक पिता बन सकता है?

आज इस लेख में हम वैज्ञानिक प्रमाण के आधार पर इस सवाल का जवाब तलाशने का प्रयास करेंगे -

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  1. पुरुष किस आयु तक पिता बन सकता है?
  2. 40 वर्ष से अधिक की आयु में पिता बनने पर जोखिम
  3. सारांश
पुरुष किस उम्र तक पिता बन सकते हैं? के डॉक्टर

वैज्ञानिक शोध कहते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों के स्पर्म की गुणवत्ता में कमी आने लगती है. आइए, क्रमवार तरीके से जानते हैं कि ऐसी अवस्था किस आयु से बननी शुरू होती है -

  • शोध बताते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ स्पर्म के आकार और उसी मूवमेंट दोनों में कमी आने लगती है. 25 वर्ष की आयु से पहले स्पर्म की मूवमेंट सबसे ज्यादा होती है, जो 35 वर्ष की आयु के बाद कम होने लगती है और 55 के बाद सबसे कम रह जाती है. इसलिए, 35 की आयु के बाद पुरुषों के लिए महिला के एग को फर्टिलाइज करना थोड़ा कठिन हो जाता है. बढ़ती उम्र के साथ पुरुष में स्पर्म का निर्माण भी कम होता है.
  • एक शोध में पुरुषों की सीमन क्वालिटी का विश्लेषण किया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि 30 और 35 की उम्र के बीच सीमन क्वालिटी पीक पर थी, जबकि 55 के बाद सीमन क्वालिटी सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी थी.
  • 40 की उम्र से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर भी कम होने लगता है. आसान शब्दों में कहें, तो नियमित तौर पर सेक्स करने की इच्छा में भी कमी आने लगती है.
  • बढ़ती उम्र के पुरुषों में प्रजनन क्षमता कम होने का एक अन्य कारण बीमारियां और कुछ खास दवाइयां भी हैं, जो स्पर्म की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं.
  • शोध ये भी बताते हैं कि अगर पुरुष की उम्र 40 वर्ष से अधिक हो गई है, तो उसे पिता बनने में 2 साल तक का समय लग सकता है.

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बेशक, 40 वर्ष के बाद भी किसी भी पुरुष के लिए पिता बनने की कुछ संभावना हो, लेकिन इसके साथ उसे कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. जिनके बारे में नीचे बताया गया है -

  • अधिक उम्र में पिता बनने का प्रयास करने पर होने वाले शिशु को जेनेटिक समस्या होने की आशंका रहती है. ऐसे शिशु को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सिजोफ्रेनिया, डाउन सिंड्रोमल्यूकेमिया जैसे रोग होने का खतरा रहता है.
  • यदि पुरुष की आयु 40 से अधिक और उसकी महिला पार्टनर की उम्र 35 से ज्यादा है, तो गर्भवती होने के बाद मिसकैरेज होने का खतरा बढ़ जाता है.
  • उम्र बढ़ने के साथ स्पर्म में डैमेज डीएनए होने की आशंका रहती है, जिससे स्वस्थ शिशु के जन्म लेने में समस्या हो सकती है.

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बेशक, पुरुषों में 40 वर्ष के बाद भी स्पर्म का निर्माण होता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता में कमी आने लगती है. इसके चलते पहले तो महिला को गर्भवती होने में परेशानी आती है और अगर गर्भवती हो भी गई, तो शिशु के स्वस्थ जन्म लेने को लेकर आशंका रहती है. इसलिए, शिशु के जन्म के लिए न सिर्फ महिलाओं, बल्कि पुरुषों की उम्र भी अहम भूमिका निभाती है.

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