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निमोनाइटिस क्या है?

फेफड़ों के ऊतको में सूजन को ही निमोनाइटिस कहा जाता है। निमोनिया एक प्रकार का निमोनिटिस ही होता है, क्योंकि येे संक्रमण भी सूजन की वजह होता है। जब इंफेक्शन से रहित कारणों से फेफड़ों में सूजन होती हैं तो इसको डॉक्टर निमोनाइटिस कहते हैं। 

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निमोनाइटिस के लक्षण क्या हैं?

जब आप इन जीवाणु के सम्पर्क में आते हैं तो आमतौर पर चार से छह घंटे के बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं, इसलिए इसे एक्यूट निमोनाइटिस (Acute pneumonitis) भी कहा जाता है। इसको आप फ्लू  या अन्य श्वसन बीमारी भी समझ सकते हैं। इसमें कुछ लक्षण जैसे बुखार, बेहद ठंडा लगना, मांसपेशियों में दर्द या जोड़ों में दर्द, सिरदर्द आदि होते हैं।

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अगर आप दोबार से इन जीवाणु के सम्पर्क में नहीं आते हैं तो कुछ दिनों में यह लक्षण ठीक हो जाते हैं। वहीं अगर आप दोबारा इन जीवाणु के सम्पर्क में आते हैं तो आपको लंबे समय के लिए निमोनाइटिस हो सकता है। दीर्घकालिक निमोनाइटिस में व्यक्ति को सूखी खांसी, छाती टाइट रहना, थकान, भूख न लगना, वजन कम होना आदि लक्षण महसूस होते हैं। 

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निमोनाइटिस क्यों होता है?

निमोनाइटिस तब होता है जब कोई भी जीवाणु व्यक्ति के फेफड़ों में चला जाता है। यह रोग होने पर फेफड़ों में मौजूद हवा की थैलियां में सूजन होने लगती हैं, इससे सांस लेने में दिक्कत होती है और अन्य लक्षण पैदा हो जाते हैं। 

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निमोनाइटिस का इलाज कैसे होता है?

अगर आपको हाइपरसेंस्टिविटी है या केमिकल निमोनाइटिस है, तो डॉक्टर आपको एलर्जी करने वाले घटक या केमिकल से दूर रहने की सलाह देंगे। यह चरण आपके लक्षण कम करने में मदद करेंगे। निमोनाइटिस के गंभीर मामलों में, इस तरह का इलाज होता है जैसे - 

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड :
    यह दवाई फेफड़ों में सूजन कम करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा देती है। (और पढ़ें - प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने का तरीका)
     
  • ऑक्सीजन थेरेपी :
    अगर आपको सांस लेने में बेहद दिक्कत हो रही है, तो आपको मास्क या प्लास्टिक टुबिंग की मदद से ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत है। यह आपकी नाक में फिट किए जाते हैं। 

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