प्रोस्टेटाइटिस - Prostatitis in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

July 11, 2017

September 13, 2021

प्रोस्टेटाइटिस
प्रोस्टेटाइटिस

प्रोस्टेटाइटिस क्या है?

प्रोस्टेट की सूजन को प्रोस्टेटाइटिस कहा जाता है। प्रोस्टेट एक ग्रंथि है जो कि पुरुषों में मूत्राशय के नीचे होती है। यह दिखने में अखरोट की तरह होती है। प्रोस्टेट ग्रंथि वीर्य का उत्पादन करती है जो शुक्राणु का पोषण और उनका परिवहन करता है।

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प्रोस्टेटाइटिस की स्थिति में अक्सर तेज दर्द या पेशाब करने में कठिनाई होती है। प्रोस्टेटाइटिस के अन्य लक्षणों में कमर दर्द, पेडू में दर्द या जननांगों में दर्द और कभी-कभी फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

प्रोस्टेट में सूजन की समस्या किसी भी उम्र के पुरुष को हो सकती है, लेकिन 50 साल या इससे कम उम्र के पुरुषों में यह समस्या अधिक आम है। प्रोस्टेटाइटिस कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। यदि यह किसी जीवाणु संक्रमण की वजह से होता है, तो प्रोस्टेटाइटिस का उपचार आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। हालांकि, प्रोस्टेटाइटिस हर बार किसी जीवाणु संक्रमण की वजह से नहीं होता है, कई बार इसके सटीक कारण का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

प्रोस्टेट में सूजन के कारण के आधार पर, प्रोस्टेट में सूजन धीरे-धीरे या अचानक से हो सकती है। यह स्थिति अपने आप भी ठीक हो सकती है और कई मामलों में इसके लिए उपचार की जरूरत होती है। कुछ प्रकार के प्रोस्टेटाइटिस महीनों तक प्रभावित कर सकते हैं या बार-बार भी यह समस्या हो सकती है, जिसे क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस कहा जाता है।

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प्रोस्टेट में सूजन के लक्षण क्या हैं? - Prostatitis symptoms in Hindi

प्रोस्टेटाइटिस के मुख्य संकेत और लक्षणों में शामिल हैं :

प्रोस्टेट की सूजन के लक्षण अक्सर प्रोस्टेट कैंसर या प्रोस्टेट बढ़ने के समान होते हैं। हालांकि, यह स्थितियां प्रोस्टेट में सूजन से पूरी तरह से अलग होती हैं। इसके लक्षण और संकेत निम्नलिखित हैं :

  • पेशाब करने में कठिनाई, पेशाब में दर्द या पेशाब कम आना
  • मलाशय में दर्द के साथ श्रोणि वाले हिस्से में दर्द या प्रोस्टेट के आसपास दर्द होना
  • थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब करने की तेज इच्छा, कभी-कभी पेशाब में खून भी आ सकता है।
  • जीवाणु संक्रमण के मामले में, बुखार, मतली और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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प्रोस्टेट में सूजन के कारण क्या हैं? - Prostatitis causes in Hindi

प्रोस्टेट की सूजन को इसके कारण के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बाटा गया है :

  • क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस
    इस मामले में, लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और लंबे समय तक बन रहते हैं। क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस किसी संक्रमण की वजह से नहीं होता है और इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस के कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं :
    • क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस मध्यम आयु से लेकर उम्रदराज पुरुषों में आम है
    • इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम
    • सर्जरी के दौरान कोई नुकसान होना
    • कभी पहले प्रोस्टेटाइटिस की समस्या रही हो
       
  • एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस
    एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस की समस्या संक्रमण की वजह से अचानक से होती है। इसमें तत्काल उपचार की जरूरत होती है। इस स्थिति के मुख्य कारणों में शामिल है :
    • पहले कभी प्रोस्टेट या मूत्र पथ में किसी भी तरह का संक्रमण जैसे कि यूटीआई या यौन संचारित संक्रमण या एचआईवी संक्रमण या एड्स हुआ हो
    • कुछ मामलों में, प्रोस्टेट बायोप्सी होने के बाद संक्रमण हो सकता है
    • यौन शोषण के परिणामस्वरूप प्रोस्टेट का संक्रमण होना

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प्रोस्टेट में सूजन का निदान और उपचार कैसे किया जाता है? - Prostatitis diagnosis and treatment in Hindi

प्रोस्टेट की सूजन के संकेतों और लक्षणों की जांच के आधार पर डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने को कह सकते हैं, जो यह निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं कि क्या वास्तव में यह प्रोस्टेटाइटिस है। फिलहाल, प्रोस्टेटाइटिस के सबसे आम परीक्षण नीचे दिए गए हैं :

  • डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन (टेस्ट जो किसी व्यक्ति के निचले मलाशय, श्रोणि और निचले पेट की जांच करता है) सहित शारीरिक परीक्षण।
  • मूत्र पथ के संक्रमण की जांच करने के लिए यूरिन टेस्ट
  • यदि प्रोस्टेट में असामान्य रूप से वृद्धि या सूजन दिखाई दे तो ऐसे में ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड किया जाता है। ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड 5 से 15 मिनट की आउटपेशंट प्रोसीजर है, जो प्रोस्टेट ग्रंथि की वीडियो छवि बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है। आउटपेशंट ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है।
  • यूरोलॉजिस्ट प्रत्येक डिस्चार्ज में शुक्राणु और वीर्य की मात्रा की जांच करने और खून की उपस्थिति या संक्रमण का पता लगाने के लिए सीमन एनालिसिस (स्पर्म का विश्लेषण) कर सकते हैं। (और पढ़ें - वीर्य गाढ़ा करने के उपाय)
  • प्रोस्टेट से ऊतकों का नमूना लेकर सूजन की उपस्थिति जानने और यूरीनरी ब्लैडर का परीक्षण करने के लिए सिस्टोस्कोपी बायोप्सी करना।

यदि स्थिति का उचित समय पर निदान कर लिया जाता है, तो ऐसे में प्रोस्टेटाइटिस का आसानी से इलाज किया जा सकता है। जीवाणु संक्रमण के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता होती है। इसके अलावा दर्द निवारक और एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं भी निर्धारित की जाती हैं। हालांकि, हल्के मामलों में ज्यादातर पेरासिटामोल और आइबुप्रोफेन दी जाती है। जबकि गंभीर मामलों में या दर्द बढ़ने के मामलों में एमिट्रिप्टिलाइन जैसी स्ट्रांग पेनकिलर दी जाती है। अन्य दवाओं के तौर पर मसल्स रिलैक्सेंट्स दिए जाते हैं। डाॅक्टर गर्म पानी से नहाने या हाॅट वाॅटर बैग भी इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं।

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संदर्भ

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  2. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Prostatitis: Inflammation of the Prostate.
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  8. nidirect [Internet]. Government of Northern Ireland; Prostatitis

प्रोस्टेटाइटिस की दवा - Medicines for Prostatitis in Hindi

प्रोस्टेटाइटिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

प्रोस्टेटाइटिस की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Prostatitis in Hindi

प्रोस्टेटाइटिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।