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पेन किलर या दर्द निवारक दवाएं डॉक्टरों और मरीजों दोनों के लिए मूल्यवान उपकरण हैं। पेन किलर ऐसी दवाएं होती हैं जो दर्द से राहत दिलाती हैं। इनका उपयोग सिरदर्द, मांसपेशियों के दर्द, गठिया या अन्य किसी पीड़ा या दर्द के निवारण के लिए किया जाता है।

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कई अलग-अलग प्रकार की दर्द निवारक दवाएं आती हैं और प्रत्येक दवा के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। कुछ प्रकार के दर्द दूसरे प्रकार के दर्द की तुलना में कुछ दवाओं के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। पेन किलर की प्रतिक्रिया दर्द से राहत देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अनुसार भी अलग-अलग हो सकती है।

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यहां दर्दनाशक दवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया है कि पेन किलर क्या है, पेन किलर के प्रकार, दर्द निवारक दवा कैसे काम करती है? इसके साथ ही पेन किलर के फायदे और नुकसान पर भी एक नज़र डालें और आपको इन्हें लेने से पहले यह जानने की आवश्यकता हैं।

  1. पेन किलर क्या है - Painkiller kya hai in hindi
  2. पेन किलर के प्रकार - Types of Painkiller in hindi
  3. दर्द निवारक दवा कैसे काम करती है - How do Painkillers relieve pain in hindi
  4. पेन किलर के फायदे - Painkiller ke fayde in hindi
  5. पेन किलर के नुकसान - Painkiller ke nuksan in hindi

पेन किलर या दर्द निवारक दवाएं आमतौर पर हमारे शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के दर्द के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। बाजार में बड़ी संख्या में पेन किलर उपलब्ध हैं और वे कई अलग-अलग ब्रांड नामों और भिन्न-भिन्न रूपों में आती है। पेन किलर दवाओं को निम्नलिखित तरह से लिया जा सकता है -

  • मुंह से तरल पदार्थ या गोली या कैप्सूल के रूप में।
  • इंजेक्शन द्वारा।
  • सपोजिटरी (बेलनाकार आकार में तैयार की गयी एक ठोस दवा जो गुदा द्वार या योनि द्वार के माध्यम से अंदर डाली जाती है जो घुलनशील होती है) के रूप में गुदा द्वार के माध्यम से।
  • कुछ दर्दनाशक दवाएं क्रीम, मलम या पैच (चकती) के रूप में भी उपलब्ध हैं।

प्रिस्क्रिप्शन से दी जाने वाली पेन किलर बहुत शक्तिशाली दवाएं हैं जो हमारे तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका द्वारा भेजे जाने वाले सिग्नल के संचरण में हस्तक्षेप करती हैं, तंत्रिका सिग्नल या संकेत से ही हमें दर्द का अहसास होता है। अधिकांश दर्दनाशक दवाएं मस्तिष्क के खुशी से जुड़े हिस्सों को भी उत्तेजित करती है।

दर्द हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकता है। दर्द के स्तर के आधार पर दर्द निवारक का उपयोग करके इसका इलाज किया जा सकता है। आपके डॉक्टर और नर्स आपके दर्द का आकलन करते हैं और इसे नियंत्रित करने में मदद के लिए सबसे अच्छा दर्द निवारक निर्धारित करते हैं।

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अधिकांश दर्द निवारक दवाएं निम्नलिखित समूहों में से एक में आती हैं -

  • गैर-ओपियोइड एनल्जेसिक (दर्द निवारक)
    पैनाडो और टायलेनोल पेरासिटामोल के प्रसिद्ध ब्रांड नाम हैं। पेरासिटामोल के मुख्य आकर्षणों में से एक यह है कि इससे साइड इफेक्ट्स बहुत कम होते हैं और किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती है।
     
  • गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)
    पेन किलर का यह समूह हल्के से मध्यम दर्द और बुखार तथा सूजन के खिलाफ प्रभावी होता है। इसलिए इन्हें दांत दर्द, मासिक धर्म में दर्द, सिरदर्द, हड्डियों का दर्द, ट्रामा, गठिया और कई अन्य लक्षणों के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। "गैर-स्टेरॉयडल" का अर्थ है कि वे स्टेरॉयड नहीं हैं (यानी वे "कोर्टिसोन" परिवार से संबंधित नहीं हैं)। "एंटी-इंफ्लैमेटरी" का अर्थ है कि वे सूजन के खिलाफ प्रभावी हैं। एस्पिरिन, इबुप्रोफेन (ओटीसी के रूप में उपलब्ध), नेप्रोक्सेन, डाइक्लोफेनाक (केवल प्रिस्क्रिप्शन पर उपलब्ध) गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स के कुछ उदाहरण हैं। (और पढ़े - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)
     
  • ओपियोइड एनल्जेसिक
    ओपियोइड हमारे शरीर में विशिष्ट ओपियोइड रिसेप्टर्स पर काम करते हैं, जो मुख्य रूप से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में स्थित होते हैं। लंबे समय से हो रहे दर्द के इलाज में कई ओरल ओपियोइड का उपयोग किया जाता है। ओपियोइड के प्रसिद्ध उदाहरण में कोडेन, मॉर्फिन और पेथिडाइन शामिल हैं।
     
  • कंपाउंड एनल्जेसिक
    ओपियोइड को अन्य पेन किलर जैसे पैरासिटामोल और गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स के साथ मिश्रण में देने से विभिन्न रिसेप्टर्स में होने वाले दर्द पर असर होता है। इससे अक्सर आपकी ओपियोइड आवश्यकता 30% तक कम हो जाती है, जिससे दर्द में सुधार होता है और साइड इफेक्ट्स का जोखिम कम हो जाता है। उदाहरण के लिए - को-कोडामोल, जो कोडेन जैसे ओपियोइड एनाल्जेसिक की खुराक के साथ पेरासिटामोल को मिलाकर बनती है। कोडेन की कम खुराक वाले यौगिक मेडिकल स्टोर के काउंटर पर उपलब्ध हैं।

आम तौर पर, आपके डॉक्टर सुझाव देंगे कि आप पहले गैर-ओपियोइड एनाल्जेसिक या गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स को उपयोग करें। यदि उनसे मदद नहीं मिलती है या यदि आपको कभी-कभी अधिक शक्तिशाली दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता होती है, तो कंपाउंड एनाल्जेसिक या यौगिक दर्द निवारक आमतौर पर मध्यम स्तर के दर्द के लिए उपयोग की जा सकती हैं। 

ओपियोइड एनाल्जेसिक बहुत गंभीर दर्द के लिए उपयोग की जा सकती है। इस दृष्टिकोण का कारण यह है कि अधिक शक्तिशाली दवाओं के दुष्प्रभाव भी अधिक हो सकते हैं और कभी-कभी ये दवाएं लत का कारण भी बन सकती है।

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पेन किलर आपको दर्द महसूस न हो इसके लिए आपके शरीर की तंत्रिकाओं के रिसेप्टर्स, तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के साथ काम करते हैं। ऊपर बताएं गए तीनों मुख्य प्रकारों की कार्य विधि का वर्णन यहाँ किया जा रहा है -

  • गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स
    NSAIDs साइक्लो-ऑक्सीजनेज (सीओएक्स) एंजाइम नामक रसायनों (एंजाइम) के प्रभाव को अवरुद्ध (रोक कर) करके काम करते हैं। सीओएक्स एंजाइम, प्रोस्टाग्लैंडिन नामक अन्य रसायनों को बनाने में मदद करते हैं। कुछ प्रोस्टाग्लैंडिन चोट की जगहों पर दर्द और सूजन को पैदा करने में शामिल होते हैं। प्रोस्टाग्लैंडिन के उत्पादन में कमी से दर्द और सूजन दोनों कम हो जाती है। सभी NSAIDs बिल्कुल समान नहीं होते हैं और कुछ दूसरों से थोड़ा अलग तरीके से काम करते हैं।
     
  • पेरासिटामोल
    कोई भी वास्तव में इसको लेकर सुनिश्चित नहीं है कि पेरासिटामोल कैसे काम करती है। लेकिन यह माना जाता है कि यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) में सीओएक्स एंजाइमों को अवरुद्ध करके काम करती है। पेरासिटामोल दर्द का इलाज करने और फीवर को कम करने के लिए प्रयोग की जाती है। हालांकि, यह सूजन के इलाज में मदद नहीं करती है। (और पढ़े - फीवर के घरेलू उपाय)
     
  • ओपियोइड
    ओपियोइड आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र, आपकी आंत और आपके शरीर के अन्य हिस्सों में कुछ रिसेप्टर्स (ओपियोइड रिसेप्टर्स) को बांध कर उन्हें संकेत लेने से रोकने का काम करते हैं। इससे दर्द और दर्द के प्रति आपकी प्रतिक्रिया में कमी आती है और इससे दर्द के लिए आपकी सहिष्णुता या दर्द सहने की आपकी क्षमता बढ़ जाती है।

पेरासिटामोल एक सबसे अधिक सुरक्षित और उपयोगी दर्द निवारक दवा है। यदि इसे सही खुराक में लिया जाता है तो यह कई अलग-अलग प्रकार के दर्द के लिए प्रभावी हो सकता है। इसके कुछ लाभ निम्नलिखित हैं -

  • पेरासिटामोल का उपयोग गर्दन के दर्द, पीठ दर्द और सिरदर्द से राहत के लिए प्रभावी उपाय के रूप में किया जा सकता है। (और पढ़े - गर्दन दर्द के घरेलू उपाय)
  • इसके उपयोग से कुछ अन्य दर्द निवारक दवाओं से होने वाले पेट के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।
  • यह आपके गुर्दों को भी प्रभावित नहीं करती है।

गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स (एनएसएड्स या NSAIDs) के लाभ -

  • यदि आपको सूजन के साथ दर्द होता है तो इसके इलाज के लिए एनएसएआईडी यानी गैर-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स सबसे अधिक प्रभावी दर्द निवारक होते हैं।
  • यह अर्थराइटिस (गाउट भी), मासिक धर्म के दर्द और चोट जैसे - मोच या खिंचाव के इलाज में भी प्रभावी होती है। (और पढ़े - मोच के घरेलू उपाय)
  • कुछ लोगों को इस समूह की एक दवा की बजाय इस समूह की कोई दूसरी दवा बेहतर लग सकती है, इसलिए आपको अपने लिए सबसे अच्छा विकल्प खोजने के लिए अलग-अलग प्रकार की दवा को उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है।
  • NSAIDs के लिए आमतौर पर एक डॉक्टर की पर्ची की आवश्यकता होती है, लेकिन कम खुराक वाली कुछ दवाएं आप काउंटर से खरीद सकते हैं। उदाहरण के लिए, इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक ऐसी ही दवाएं हैं।

ओपियोइड समूह की दवाओं के कुछ लाभ निम्नलिखित हैं -

  • ओपियोइड का उपयोग मध्यम से गंभीर शॉर्ट टर्म दर्द के लिए किया जा सकता है जैसे कि चोट या सर्जरी के बाद या कैंसर के कारण चल रहे दर्द के लिए।
  • ओपियोइड के दीर्घकालिक उपयोग की सावधानीपूर्वक आपके डॉक्टर द्वारा निगरानी की जानी चाहिए क्योंकि सभी ओपियोइड में लंबी अवधि में लत लगने की समस्या हो सकती है।

अन्य सामान्य दवाओं की तरह, दर्द निवारक दवाओं या पेन किलर के भी नुकसान या साइड इफेक्ट्स का खतरा होता है। यदि आप लंबे समय तक अधिक खुराक ले रहे हैं या आप बुजुर्ग हैं या आपका सामान्य स्वास्थ्य काफी कमजोर हैं तो ये साइड इफेक्ट्स होना अधिक आम होता है। ओवर-द-काउंटर दर्दनाशक या दर्द निवारक दवाओं से आमतौर पर डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली अधिक शक्तिशाली दर्द निवारकों की तुलना में कम दुष्प्रभाव होते हैं।

पेन किलर के संभावित अल्पकालिक साइड इफेक्ट्स निम्नलिखित हैं -

  • उनींदापन यानी झपकियां आना।
  • आपको किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है। (और पढ़े - मन शांत करने के तरीके)
  • शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। (और पढ़े - शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के उपाय)
  • आपकी आँख की पुतलियों के संकुचित होने या सिकुड़ने की समस्या हो सकती है।
  • चेहरे और गर्दन की फ्लशिंग (लाल और गर्म हो जाना) की परेशानी हो सकती है।
  • कब्ज, मतली या उल्टी हो सकती है। (और पढ़े - उल्टी रोकने के घरेलू उपाय)
  • सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है, पेन किलर का प्रयोग अल्कोहल, एंटीहिस्टामाइन, बार्बिटेरेट्स या बेंज़ोडायज़ेपींस के साथ नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि ये पदार्थ सांस की गति धीमी होने का कारण होते हैं, इसलिए उनके संयुक्त प्रभाव से आपके जीवन के लिए खतरनाक श्वसन अवसाद का कारण बन सकते हैं।

पेन किलर के संभावित दीर्घकालिक साइड इफेक्ट्स निम्नलिखित हैं -

  • पेन किलर के लंबे समय तक उपयोग करने से आपको इसकी लत लग सकती है।
  • दवा के प्रति सहिष्णुता या टॉलरेंस का विकसित हो जाना। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें उतना ही असर पैदा करने के लिए धीरे-धीरे दवा की अधिक से अधिक खुराक या दवाओं के अधिक संयोजन की आवश्यकता होने लगती है।
  • आप विथड्रावल सिम्पटम्स के शिकार हो सकते हैं, इसमें जब आप कोई दवा लेना बंद कर देते हैं तो आपको बीमार होने जैसा लगता है।
  • ओवरडोज यानी जीतनी मात्रा की जरुरत है उससे अधिक मात्रा का सेवन, यह भी एक आम परेशानी है।

कुछ दर्द निवारक दवाएं, अन्य दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकती हैं जो आप पहले से ले रहे हैं। इससे प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं या अन्य उपचारों की प्रभावशीलता कम हो सकती है। इसलिए, जब आपको दर्द निवारक लेने के लिए कहा जाता है, यदि आप अन्य कोई दवा ले रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टरों को बताना चाहिए।

यदि आपके पेट में समस्याएं हैं तो NSAIDs आपके लिए उपयुक्त नहीं हैं क्योंकि वे पेट में रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं। यदि आपको अस्थमा, हृदय रोग, लिवर की समस्या या गुर्दे की समस्या है तो भी ये उपयुक्त नहीं हैं। NSAIDs लेने से पहले, अपने फार्मासिस्ट या डॉक्टर से पता करें कि क्या वे आपके लिए उपयुक्त हैं।

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