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पेट के निचले हिस्से में होने वाला दर्द पेडू में दर्द होता है। पेडू (Pelvis) आपके पेट का सबसे निचला हिस्सा होता है और इसमें आंतें, मूत्राशय, गर्भाशय और अंडाशय जैसे अंग मौजूद होते हैं। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेडू में होने वाला दर्द सामान्य होता है और उसमें चिंता की कोई बात नहीं होती, लेकिन कुछ अन्य गंभीर मामलों में पेडू में दर्द के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है। अगर पेडू में हल्का दर्द होता है तो आप कुछ घरेलू उपाय का उपयोग कर सकते हैं।

(और पढ़ें - पेडू में दर्द का इलाज)

तो चलिए फिर बताते हैं पेडू में दर्द के घरेलू उपाय –

  1. पेडू में दर्द को कम करने के लिए गर्म सिकाई करें - Pedu me dard ko kam karne ke liye garam sikayi kare
  2. पेडू के दर्द को ठीक करने का तरीका है व्यायाम - Pedu ke dard ko theek karne ka tarika hai vyayam
  3. पेडू दर्द कम करने के लिए अदरक का इस्तेमाल करें - Pedu dard kam karne ke liye adrak ka istemal kare
  4. पेडू में दर्द का उपाय है कीगल एक्सरसाइज - Pedu me dard ka upay hai kegel exercise
  5. बायोफीडबैक थेरेपी से करें पेडू दर्द को दूर - Biofeedback therapy se kare pedu dard ko door
  6. पेडू में दर्द के लिए योग करें - Pedu me dard ke liye yoga kare
  7. पेडू दर्द एक्यूपंक्चर से ठीक करें - Pedu dard acupuncture se theek kare
  8. पेडू में दर्द के लिए फाइबर युक्त आहार खाएं - Pedu me dard ke liye fiber yukt aahar khaye
  9. पेडू में दर्द को ठीक करने के लिए कलौंजी लें - Pedu me dard ko theek karne ke liye kalonji le
  10. अजवाइन से करें पेडू दर्द ठीक - Ajwain se kare pedu dard theek

पेडू में दर्द को ठीक करने के लिए आप रोजाना गर्म सिकाई कर सकते हैं। गर्म सिकाई करने के लिए गर्म बोतल, हॉट कम्प्रेस या हीटिंग पैड का उपयोग करते हैं और इन्हें पेट के निचले क्षेत्र पर लगाया जाता है। गर्म पानी में नहाने से भी पेडू का दर्द दूर होता है। गर्म सिकाई करने से न सिर्फ आपको पेडू के दर्द से राहत मिलती है, बल्कि रक्त परिसंचरण भी सुधरता है।

(और पढ़ें - पेट में सूजन के लक्षण)

रोजाना व्यायाम करने से कई समय से चली आ रही पेडू में दर्द की समस्या नियंत्रित होती है। व्यायाम करने से पेडू क्षेत्र पर रक्त प्रवाह सुधरता है और इस तरह आपको दर्द से छुटकारा मिलता है। आप इसके लिए किसी प्रक्षिक्षित ट्रेनर की मदद ले सकते हैं। ट्रेनर खासकर पेडू के दर्द के लिए आपको बेहतर व्यायाम बताने में मदद करेगा। व्यायाम करने से न सिर्फ पेडू का दर्द ठीक होगा बल्कि आपका वजन भी नियंत्रित रहेगा। वजन बढ़ने से भी पेडू में दर्द की समस्या हो सकती है।  

(और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)

पेडू के दर्द को ठीक करने के लिए अदरक की चाय बेहद प्रभावी उपाय है। अदरक में जिंजरोल्स (Gingerols) घटक होता है, जिसमें सूजनरोधी गुण मौजूद होते हैं। यह गुण पेडू के दर्द का इलाज करने में मदद करते हैं। रोजाना किसी भी रूप में अदरक लेने से न सिर्फ पेडू का दर्द ठीक होता है, बल्कि पेडू क्षेत्र में आने वाली सूजन भी कम होती है।

घर में अदरक की चाय इस प्रकार बनाएं -

सामग्री -

  1. एक कप पानी।
  2. अदरक के कुछ टुकड़े। (और पढ़ें - अदरक के फायदे)
  3. कुछ मात्रा में दालचीनी पाउडर।

बनाने व उपयोग करने का तरीका -

  1. सबसे पहले एक कप पानी को उबालने के लिए रख दें।
  2. अब इसमें अदरक के टुकड़ों को डाल दें।
  3. इसके बाद दालचीनी पाउडर को भी इस मिश्रण में मिला दें।
  4. कम से कम दस मिनट तक पानी को उबालते रहें।
  5. मिश्रण उबलने के बाद चाय को थोडा ठंडा करने के बाद पी जाएं।
  6. रोजाना अदरक की इस चाय को एक से दो कप जरूर पिएं।

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फिजियोथेरेपी कनेक्टिव टिश्यू​ और मांसपेशियों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है। जिन लोगों को पेडू में दर्द होता है, इस थेरेपी की मदद से उन्हें पेडू की मांसपेशियों को मजबूत और स्ट्रेच करने में मदद मिलती है। कुछ पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज या कीगल एक्सरसाइज पेडू की मांसपेशियों को सहारा देकर उस क्षेत्र पर दर्द को कम करती हैं। इसके अलावा कीगल एक्सरसाइज मूत्राशय, आंतें और गर्भाशय में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाती है। कुछ कारक जो पेडू की मांसपेशियों के कमजोर होने का कारक बनते हैं जैसे गर्भावस्था, प्रसव, मोटापा, कोई भारी सामान उठाना, कई समय से चली आ रही कफ की समस्या आदि।

आपके पेडू में दर्द पेडू की कमजोर मांसपेशियों के कारण हो सकता है, इसलिए रोजाना कीगल एक्सरसाइज जरूर करें। इसमें पेडू की मांसपेशियों को दस सेकेंड तक सिकोड़ने के बाद छोड़ देते हैं। इस प्रक्रिया को दस बार दोहराएं। स्क्वाट (Squat) और ब्रिज पोज (Bridge pose) भी पेडू के लिए अच्छी एक्सरसाइज हैं।

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बायोफीडबैक थेरेपी एक प्रकार का ट्रेनिंग प्रोग्राम है, यह उन शारीरिक प्रक्रियाओं को कंट्रोल करने में मदद करता है, जो दर्दनाक लक्षणों का कारण बनती हैं। इस प्रकर की थेरेपी कई समय से चली आ रही तनाव की समस्या को कम करती है। तनाव के कारण मरीज को पेडू की मासंपेशियों में दर्द और खिचाव होने लगता है, चिंता व अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगती हैं। रिसर्चर की सलाह है कि बायोफीडबैक थेरेपी पेडू के दर्द के लिए प्रभावी होती है, क्योंकि यह पेडू की मांसपेशियों को आराम पहुंचाती है। इस थेरेपी में रोगी यह सीख सकता है कि मांसपेशियों में आए तनाव के चलते होने वाले दर्द को कैसे कम किया जाए। 

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योग पेडू के दर्द को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 2011 में की गई एक रिसर्च ने पाया कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाले तीव्र दर्द को कम करने के लिए कुछ योग अभ्यास मदद करते हैं जैसे

योग अभ्यास से पेडू में दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन की गंभीरता कम हो जाती है। रिसर्च में कहा गया है कि गर्भावस्था के कारण होने वाले पेडू के दर्द का इलाज करने के लिए भी आप योग अभ्यास कर सकते हैं, क्योंकि यह गर्भावस्था में होने वाले दर्द और दबाव को कम करता है।

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एक्यूपंक्चर शरीर के खास क्षेत्र को उत्तेजित करता है और इससे किसी भी अंग में होने वाला दर्द व सूजन दूर होती है। कई रिसर्च का कहना है कि महिलाओं व पुरुषों में कई समय से चली आ रही पेडू में दर्द की समस्या के लिए एक्यूपंक्चर बेहद उपयोगी है। जापान में की गयी एक स्टडी के अनुसार कुछ लोगों में पांच बार एक्यूपंक्चर इलाज लेने के बाद पेडू के दर्द की परेशानी ठीक हो गयी थी। तो आप भी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद पेडू में दर्द से छुटकारा पाने के लिए एक्यूपंक्चर इलाज करवा सकते हैं।

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पेडू में दर्द सूजन की वजह से भी होता है, तो आप ऐसे आहार खा सकते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। पेडू में दर्द का इलाज करने के लिए ज्यादा से ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा 3 पर आधारित खाद्य पदार्थ खाने की कोशिश करें। 2013 में एक रिसर्च ने पाया कि पेडू के दर्द और सूजन के लिए कीटो डाइट बेहद प्रभावी है। कीटो डाइट में सूजनरोधी खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं जैसे हरी सब्जियां, गाजर, ब्रोकली, ऑर्गनिक प्रोटीन, ड्राई फ्रूट्स, नारियल तेल और जैतून का तेल आदि।

रिसर्च ने यह भी पाया कि अधिक मात्रा में फाइबर डाइट पेल्विक फ्लोर डिसऑर्डर (Pelvic floor disorders) से पीड़ित मरीजों के लिए फायदेमंद होती है, खासकर तब जब उन्हें पाचन क्रिया से संबंधित परेशानी होती है जैसे कब्ज। ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है और पेडू के दर्द में भी सुधार होता है। पेडू या मलाशय पर जब दबाव पड़ता है तब भी दर्द होना संभव है। बंद डब्बे वाले खाद्य पदार्थों, आर्टिफिशियल चीनी से बने खाद्य पदार्थ व पेय पदार्थ, अत्यधिक शराब तथा परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट (Refined carbohydrates) का सेवन न करें।

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कलौंजी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो पेट के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। कलोंजी के बीज काले रंग के होते हैं जिनकी सुगंध बेहद तेज होती है। कलोंजी के तेल में स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के भी गुण होते हैं जैसे, चर्म रोग, माइग्रेन, कई समय से चला आ रहा सर्दी जुकाम, कान में दर्द, तेज धड़कन, पैरालिसिस, मधुमक्खी का काटना, दमा, श्वसन प्रणाली समस्या, हिचकी, आमतौर पर होने वाली कमजोरीपेट दर्द, बदहजमी, जोड़ों में दर्द आदि। कलोंजी के बीज में सैपोनिन्स (Saponins) और वोलेटाइल आयल (Volatile oil) जैसे घटक मौजूद होते हैं, जो पेडू के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

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अजवाइन का इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। यह पेट में गैस और अपच से होने वाले दर्द के लिए बेहद लाभदायक होती है। अजवाइन में मौजूद थाइमोल (Thymol) घटक गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट के लिए अच्छा होता है। अजवाइन पेट से संबंधित कई प्रकार के विकार के लिए भी प्रभावी होती है जैसे अपच, भूख न लगना, पेचिश आदि। अजवाइन पेट के कीड़े को भी बाहर निकालने में मदद करती है। अजवाइन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेडू में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाती है।

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