देश के हेल्थ सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए केंद्र व सभी राज्य सरकारें अपना-अपना योगदान दे रही हैं। समय-समय पर स्वास्थ्य अभियान चलाए जाते हैं, जिसमें गरीबों व इन सुविधाओं से वंचित लोगों को ये सेवाएं दी जाती हैं। भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर अब भी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच नहीं पाती हैं और इन्हीं क्षेत्रों को लक्ष्य करके सरकार द्वारा विभिन्न कदम उठाए जाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इन्हीं अभियानों में से एक है।

नेशनल हेल्थ मिशन को भारत सरकार द्वारा 2013 में लागू किया गया जिसका मुख्य लक्ष्य जनता की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति को सुनिश्चित करना है। अलग-अलग क्षेत्रों की आबादी व जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसको दो भागों में बांटा गया, जिन्हें नेशनल रूरल हेल्थ मिशन और नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के नाम जाना गया। इस लेख में हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन क्या है, इसके लाभ और उद्देश्य के बारे में जानेंगे।

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  1. नेशनल हेल्थ मिशन क्या है - What is National Health Mission in Hindi
  2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कितने प्रकार हैं - Types of National Health Mission in Hindi
  3. नेशनल हेल्थ मिशन के लाभ क्या हैं - Benefits of National Health Mission in Hindi
  4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के घटक क्या हैं - Components of National Health Mission in Hindi
  5. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के क्या उद्देश्य हैं - Purpose of National Health Mission in Hindi
  6. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धियां क्या हैं - What are the Achievements of National Health Mission in Hindi

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने एक विशेष मिशन जारी किया। 2013 में जारी किए गए इस मिशन का नाम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रखा जिसका मुख्य लक्ष्य देश की जनता को समान, सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ-साथ यह मिशन लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने, मां व बच्चे की मृत्यु दर को कम करने और जनसंख्या व लिंग संतुलन बनाए रखनें के लिए भी उत्तरदायी है।

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एनएचएम के मुख्य दो प्रकार हैं, जिन्हें नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) और नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नाम से जाना जाता है। इनके बारे में जानकारी निम्न दी गई है -

  • नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) -
    राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को 2005 में जारी किया गया था, जिसका लक्ष्य मुख्य रूप से देश के गांवों में रहने वाली जनसंख्या को सस्ती व अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस मिशन में विशेष रूप से कमजोर वर्ग पर ही फॉकस किया जाता है। इस मिशन का उद्देश्य हर स्तर पर पूरी तरह से कार्यशील स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित करना है।
    राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को सभी स्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को निर्धारित करने के लिए स्थापित किया गया है, जैसे पानी, स्वच्छता, पोषण, शिक्षा, सामाजिक और लैंगिक समानता आदि।
     
  • नेशनल हेल्थ मिशन (एनयूएचएम) -
    राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का मुख्य लक्ष्य शहरी जनता की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना है, जिसमें मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले व अन्य कमजोर वर्ग पर फॉकस किया जाता है। इस मिशन के तहत कवर की जा रही जनता को अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। एनयूएचएम में उन सभी जिला मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और अन्य शहरों को कवर किया जाता है, जिनकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 50 हजार से ऊपर हो। शहर व कस्बे जिनकी जनसंख्या 50 हजार से कम है, उन्हें नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत कवर किया जाता है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से मिलने वाले लाभ निम्न हैं -

  • यह ग्रामीण व शहरी जनता जो आर्थिक रूप से कमजोर है उन्हें सस्ती व अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कराता है।
  • यह हेल्थ सिस्टम के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाता है।
  • इससे गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर में काफी कमी आई है
  • इससे तंबाकू के प्रचलन और तंबाकू इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में भी काफी कमी आई है।
  • इस मिशन के तहत जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बिना किसी खर्च जन्म देने का अधिकार देता है।

इसके अलावा नेशनल हेल्थ मिशन की कुछ अन्य विशेषताएं भी हैं, जिन्हें इस मिशन से मिलने वाले लाभों में शामिल किया जा सकता है जो निम्न हैं -

  • इसमें अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग मिशन बनाए गए हैं, जिनमें एनआरएचएम और एनयूएचएम शामिल हैं।
  • इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को उचित रूप से सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
  • आशा, रोगी कल्याण समिति/अस्पताल मैनेजमेंट सोसाइटी, जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) और विलेज हेल्थ सैनिटेशन एंड न्यूट्रिशन कॉमिटी (वीएचएसएनसी) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए गए कुछ प्रमुख मिशन हैं।
  • स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी रखने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिनिस्टरी ऑफ तक मॉनिटरिंग हेल्थ प्रोग्राम के द्वारा वेब-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए।

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नेशनल हेल्थ मिशन के मुख्य घटकों में निम्न शामिल हैं -

प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य

माताओं व उनके शिशुओं/बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करना साथ ही साथ उनके जीवन को बचाना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का मुख्य लक्ष्य है। सतत् विकास लक्ष्य (एसडीजी गोल) 3 का मुख्य लक्ष्य माता व शिशु की मृत्यु दर को कम करना है। इसमें अलग-अलग समुदाय की जनता को प्रमाणित सुविधाएं देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न प्रकार की रणनीतियां बनाई गई हैं।

गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम

एक मरीज से दूसरे में न फैलने वाले रोगों को गैर संचारी रोग कहा जाता है, जो जनता में मृत्यु दर बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाती है। इनकी रोकथाम करने के लिए सरकार ने कई नोन-कोम्यूनिकेबल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम चलाए जिनमें निम्न शामिल हैं -

  • राष्ट्रीय कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय जलन अभिघात निवारक और प्रबंधन कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE)
  • राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (NPPCD)
  • राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम

संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम

एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाली बीमारियों के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कॉम्यूनिकेबल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम चलाए, जिनमें निम्न शामिल हैं -

  • राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम
  • संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम
  • एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम

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नेशनल हेल्थ मिशन का मुख्य उद्देश्य गांवों व शहरों में रहने वाली जनता को उचित मूल्य पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस मिशन के मुख्य प्रयासों में निम्न शामिल हैं -

  • खसरा, मंप्स और रूबेला (MMR) के मामलों में हो रही मृत्यु दर को कम करना
  • शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को कम करना
  • कुल प्रजनन दर को कम करके 2.1 तक लाना
  • 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया के मामलों को कम करना
  • संचारी व गैर-संचारी रोगों व चोटों आदि कारण बढ़ रही मृत्यु दर व स्वास्थ्य समस्याओं को कम करना
  • टीबी से होने वाली वार्षिक घटनाओं और मृत्यु दर को आधे से कम करना
  • कुष्ठ रोग के फैलाव को <1/10000 दर वाले सभी जिलों में शून्य पर लाना
  • वार्षिक दर पर मलेरिया के मामलों को कम करके <1/1000 पर लाना
  • सभी जिलों में माइक्रोफाइलेरिया का प्रसार को 1 फीसद से कम रखना
  • 2015 तक काला-अजर को जड़ से खत्म करना

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नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियां निम्न हैं -

  • राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम सभी राज्यों के लगभग 612 जिलों में लागू है।
  • 2009-10 से 2016-17 तक तंबाकू का उपयोग 34.6% से घटकर 28.6% (लगभग 6 फीसद) करने में सफलता। तंबाकू का सेवन करने वालों में करीब 81 लाख की कमी आई।
  • राष्ट्रीय तंबाकू निषेध क्विटलाइन सेवा शुरू की गई।
  • तंबाकू का सेवन करने वाले मोबाइल पर तंबाकू मैसेज भेज कर उन्हें तंबाकू छोड़ने के लिए जागरूर किया गया, जिस प्रोग्राम का नाम “mCessation” रखा गया।
  • टीवी कार्यक्रमों व फिल्मों में धूम्रपान व तंबाकू के अन्य उत्पादों के इस्तेमाल को कम किया गया।
  • तीन राष्ट्रीय तंबाकू परीक्षण लैब स्थापित की गई।
  • इलेक्ट्रोनिक बेस्ड निकोटीन उत्पादों को बैन करनेके लिए एडवाइजरी जारी की जिसमें हीट-नॉट-बर्न डिवाइस, ई-सिगरेट, वेप, ई-शीशा, ई-निकोटीन फ्लेवर्ड हुक्का, और इसी तरह के उपकरणों को उचित रूप से बैन किया गया।

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