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सेक्स सिर्फ मज़े के लिए नहीं होता, बल्कि यह हमारे शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। अक्सर लोग सोचते हैं कि सेक्स जितना लंबा चलेगा उतना अच्छा है, और अगर जल्दी खत्म हो गया तो इसमें कोई समस्या है। लेकिन सच यह है कि हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है। आपकी उम्र, मानसिक हालत, सेहत और पार्टनर के साथ रिश्ता, ये सब मिलकर तय करते हैं कि सेक्स कितने समय चलेगा। इसलिए आपके लिए यह समझना ज़रूरी है कि एवरेज सेक्स की समय-सीमा कितनी होती है और इससे जुड़ी कौन-कौन सी गलतफहमियां फैली हुई हैं।

  1. नार्मल सेक्स का समय
  2. सेक्स कितनी देर तक चलता है।
  3. सेक्स टाइम पर सिर्फ मन नहीं, शरीर भी असर डालता है।
  4. लम्बे और छोटे सेशन चाहते है?
  5. सेक्स के लिए मानसिक तैयारी और रिलेशनशिप टिप्स
  6. डॉक्टर से संपर्क कब करें
  7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  8. सारांश
नार्मल सेक्स कितने समय तक चलता है? के डॉक्टर

सेक्स का मज़ा तभी सबसे अच्छा होता है जब वह आपको और आपके पार्टनर को संतुष्टि दे, चाहे वह छोटा हो या लंबा हो। यह पूरी तरह से सबकी अपनी-अपनी पसंद पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को लंबे और रोमांटिक पल अच्छे लगते हैं, तो कुछ को तेज़ और रोमांस वाला अच्छा लगता है। सही बात यह है कि सेक्स का समय मायने नहीं रखता, बल्कि उसका आनंद और संतोष आपके लिए ज़्यादा ज़रूरी है।

एक रिसर्च से पता लगा कि आमतौर पर योनि सेक्स तीन से सात मिनट तक चलता है। अगर यह सिर्फ एक से दो मिनट तक रहता है तो इसे "बहुत छोटा" माना जाता है, और अगर यह 10 से 30 मिनट तक चलता है तो इसे "बहुत लंबा" समझा जाता है। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि 7 से 13 मिनट तक का समय सबसे सही और बेस्ट माना जा सकता है।

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ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप सेक्स को कैसे डिफाइन करते हैं। ज़्यादातर रिसर्च में जो समय गिना जाता है उसे योनि में प्रवेश करने के बाद पुरुष को इजाकुलेशन होने में कितना समय लगता है उसे देखा जाता है।

लेकिन हर कोई सेक्स को सिर्फ इसी तरह नहीं देखता है। आप में से कई लोगों के लिए सेक्स का अंत तभी होता है जब आपके पार्टनर को क्लाइमैक्स मिल जाए। यह क्लाइमैक्स सिर्फ योनि सेक्स से नहीं बल्कि स्पर्श, ओरल सेक्स, एनल सेक्स या इनके कॉम्बिनेशन से भी हो सकता है। अगर आप सेक्स को सिर्फ इंटरकोर्स तक सीमित मानते हैं तो यह समय कुछ ही मिनटों का होगा।

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सेक्स का टाइम सिर्फ इच्छा पर नहीं आपके शारीरिक कारणों पर भी निर्भर करता है। 

उम्र : आपको बढ़ती उम्र के साथ उत्तेजना पाने में समय लग सकता है, आपके लिए इरेक्शन कठिन हो सकता है, और हार्मोनल बदलाव जैसे योनि का सूखापन या सेक्स की इच्छा कम होना आम बात हो जाती है।

जननांग : 2003 की एक रिसर्च में पाया गया कि लिंग के सिर के चारों ओर जो उभार होता है, वह शायद इस तरह बना है कि अगर योनि में पहले से वीर्य मौजूद हो, तो वह उसे बाहर निकाल सके। जब सेक्स के दौरान धक्के गहरे और तेज़ लगते हैं तो यह काम और ज्यादा असरदार हो जाता है। यही वजह हो सकती है कि कई लोगों को इरेक्शन के बाद भी लगातार धक्का देने पर असुविधा या दर्द महसूस होता है।

यौन समस्याएँ : बहुत तरह की यौन समस्याएँ है, जैसे जल्दी इजेकुलेशन होना या बहुत देर से इजेकुलेशन होना या न होना, भी सेक्स की अवधि पर असर डालते हैं।

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हर कोई सेक्स अलग-अलग तरीके से करता है,सभी को अपने हिसाब से सेशन पसंद होते हैं।

आप छोटे सेशन चाहते है

खुद को छुएं

अगर आपके पास समय कम है और आप जल्दी क्लाइमैक्स तक पहुँचना चाहते हैं, तो मास्टर्बेशन एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। आखिरकार, अपने शरीर को आप सबसे अच्छी तरह जानते हैं। अगर आपका पार्टनर पहले से आपको छू रहा है, तो आप चाहें तो शरीर के किसी और हिस्से पर ध्यान दे सकते हैं। जैसे:

  • अपने क्लिटोरिस को हल्के से रगड़ें
  • निपल्स को धीरे से दबाएँ या हल्का खींचें
  • अपनी कमर या कूल्हों को हल्का-हल्का हिलाएँ 
  • मज़ाकिया अंदाज़ में अपने पीछे हल्की थपकी दें। 

इसके अलावा, आप दोनों साथ मिलकर म्यूचुअल मास्टर्बेशन का भी मज़ा ले सकते हैं, जिसमें दोनों एक-दूसरे के सामने खुद को सुख देते हैं। इससे आप दोनों जल्दी क्लाइमैक्स तक पहुँच सकते हैं। 

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अपने पार्टनर से खुलकर बात करें

सेक्स का असली मज़ा तभी आता है जब आप अपनी इच्छाएँ अपने पार्टनर से खुलकर शेयर करें और उनकी बातें भी ध्यान से सुनें। जब आप दोनों एक-दूसरे की पसंद-नापसंद को समझ लेते हैं, तो यह जानना आसान हो जाता है कि किस तरह से दोनों ऑर्गैज़्म तक पहुँच सकते है।

जो आप एक-दूसरे से सीखते हैं, उसका इस्तेमाल करके आप जल्दी और आसानी से क्लाइमैक्स तक पहुँच सकते हैं। खासकर अगर आप छोटे और मज़ेदार सेशन चाहते हैं, तो यह तरीका दोनों के लिए ज़्यादा अच्छा होगा।

क्लाइमैक्स तक पहुँचाने वाली पोज़िशन ट्राय करें

हर किसी के लिए कुछ खास पोज़िशन ऐसी होती हैं जिनमें ज़्यादा मज़ा आता है या क्लाइमैक्स जल्दी महसूस होता है। अगर आपको पता है कि कौन-सी पोज़िशन आपके लिए बेहतर है, तो उसी हिसाब से आप उसे बदलें और एडजस्ट कर सकते है।

इसमें वे पोज़िशन शामिल हो सकती हैं जिनमें गहरी पैठ हो सके, या फिर ऐसी पोज़िशन जहाँ आप खुद को या अपने पार्टनर को हाथ से आसानी से छूकर अलग सुख दे सकें। 

(और पढ़ें - सेक्स करने का तरीका)

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आप लंबे सेशन चाहते हैं

स्टॉप-स्टार्ट तकनीक

इसे एजिंग भी कहा जाता है। इसका मतलब है कि जब आपको लगे कि आप इजाकुलेशन के बहुत करीब पहुँच रहे हैं, तो उस समय थोड़ी देर के लिए सारी उत्तेजना रोक दें। जब वह तेज एहसास धीरे-धीरे कम हो जाए, तो आप और आपका पार्टनर दोबारा एक्टिविटी शुरू कर सकते हैं। यह तरीका शुरू में खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया था जिनके पास लिंग है और जो जल्दी इजेकुलेशन को रोकना चाहते हैं। लेकिन आजकल इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है जो अपना क्लाइमैक्स देर से और लंबे समय तक एंजॉय करना चाहता हैं। 

स्क्वीज़ तकनीक

इस तकनीक में इजेकुलेशन से ठीक पहले लिंग के सिर को कुछ सेकंड तक हल्के दबाव से दबाया जाता है। ऐसा करने से इजेकुलेशन की जल्दी इच्छा थोड़ी देर के लिए कम हो जाती है और आप सेक्स का समय बढ़ा सकते हैं। यह तरीका न केवल इजेकुलेशन को देर तक रोकने में मदद करता है, बल्कि इसे इजेकुलेशन पर कंट्रोल पाने की प्रैक्टिस के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेक्स सिर्फ शारीरिक नहीं है, बल्कि इसमें मन और इमोशन्स भी जुड़े होते हैं। अगर आप मानसिक रूप से तैयार हैं और अपने पार्टनर के साथ अच्छा रिश्ता शेयर करते हैं, तो आपका अनुभव और भी बेहतर हो सकता है।

पार्टनर से बातचीत – आपका अपने पार्टनर से खुलकर बात करना बहुत ज़रूरी है। जब दोनों अपनी पसंद-नापसंद बताते हैं और एक-दूसरे को समझते हैं, तो नज़दीकी और शांति दोनों बढ़ जाते हैं।

मानसिक तनाव कम करें – रोज़मर्रा की टेंशन, काम का दबाव या चिंता, सेक्स की क्वालिटी और समय पर असर डाल सकते हैं। इसके लिए आपको रिलैक्स होने के लिए मेडिटेशन, योग, संगीत सुनना या पार्टनर के साथ समय बिताना मददगार हो सकता है।

(और पढ़ें - यौन स्वास्थ्य)

हर किसी की सेक्स लाइफ अलग होती है और छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव नार्मल हैं। लेकिन काफी बार ऐसा होता हैं कि जब डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है।

  • लगातार जल्दी स्खलन होना या बहुत देर तक न हो पाना
  • दर्द, खून आना या अन्य शारीरिक दिक्कतें
  • सही कारण और टेस्ट – डॉक्टर आपकी समस्या सुनकर ज़रूरी टेस्ट और उपाय बता सकते हैं। कई बार यह हार्मोनल बदलाव, तनाव या किसी दूसरी मेडिकल कंडीशन की वजह से भी हो सकता है।
  • समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से न सिर्फ आपकी परेशानी जल्दी दूर हो सकती है, बल्कि आपकी सेक्स लाइफ और रिलेशनशिप भी बेहतर बनता है। 

(और पढ़ें - सेक्स कब और कितनी बार करें)

आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं। 

नॉर्मल सेक्स कितने मिनट तक चलता है?

आमतौर पर योनि सेक्स का समय 5–7 मिनट होता है। रिसर्च के अनुसार 1–2 मिनट को छोटा और 10–13 मिनट को बेस्ट माना जाता है।

क्या जल्दी स्खलन होना बीमारी है?

जरूरी नहीं। कभी-कभी जल्दी क्लाइमैक्स होना नॉर्मल है, लेकिन अगर यह बार-बार हो तो इसे शीघ्रपतन कहा जाता है और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

क्या लंबे समय तक सेक्स करना अच्छा होता है?

जरूरी नहीं कि जितना लंबा सेक्स हो, उतना ही अच्छा हो। असली मज़ा तब है जब दोनों पार्टनर संतुष्ट हों।

क्या महिलाओं का क्लाइमैक्स भी सेक्स टाइम पर असर डालता है?

बिलकुल। सेक्स सिर्फ इंटरकोर्स नहीं है, बल्कि ओरल, टचिंग और फोरप्ले भी शामिल हैं। कई बार महिला का ऑर्गैज़्म देर से आता है जिससे टाइम बढ़ सकता है।

क्या खानपान और लाइफस्टाइल का असर पड़ता है?

जी हाँ। हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और स्मोकिंग/अल्कोहल से दूरी सेक्स टाइम और क्वालिटी दोनों को बेहतर बना सकती है।

Dr. Hakeem Basit khan

Dr. Hakeem Basit khan

सेक्सोलोजी
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