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हर महिला के मन में सवाल होता है की वह किस आयु तक सेक्स कर सकती है। आप सभी यही मान कर चलती है की बढ़ती उम्र के साथ सेक्स करने की इच्छा भी कम हो जाती है।आपके मन में चल रही इस बात को आज ख़तम करते है। महिलाओं के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं होती कि वे सेक्स का आनंद लेना बंद कर दें। जब तक महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ हो, मानसिक रूप से तैयार हो और इमोशनली रूप से रुचि रखती हो, वह किसी भी उम्र में यौन जीवन का पूरा आनंद ले सकती है। 

आज हम जानेंगे कि महिला किस उम्र तक सेक्स कर सकती है और किस उम्र के बाद उनमे बदलाव आते है और साथ ही महिलाओं में कब सेक्स इच्छा की कमी आती है।

 (और पढ़े - यौनशक्ति बढ़ाने के घरेलू उपाय और आहार )

 

 

  1. आपकी उम्र और सेक्स
  2. हॉर्मोनल बदलाव और उनका असर
  3. मेनोपॉज़ के बाद सेक्स में आने वाली असुविधा को संभालना
  4. क्या महिलाएं 50 या 60 के बाद भी सेक्सुअली एक्टिव रह सकती हैं?
  5. सेक्स सम्बन्ध बनाए रखने के कई तरीके
  6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  7. सारांश
महिला किस आयु तक सेक्स कर सकती है? के डॉक्टर

हर उम्र में सेक्स की इच्छा अलग- अलग होती है ,और हर किसी की अपनी फैंटसी होती है इसके साथ सभी के हार्मोन्स भी अलग तरिके से काम करते है। नीचे हर उम्र की सेक्स लाइफ का बताया गया है, चलिए जानते उम्र के हिसाब से आपकी सेक्स लाइफ : 

  • जिन महिलाओं की उम्र 20 है :  जब आप किशोरावस्था में होती है और फिर अपने 20 के दशक की शुरुआत से लेकर आखिर तक पहुंचती है, तब प्रजनन क्षमता यानी बच्चा पैदा करने की क्षमता सबसे ज़्यादा होती है,लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह हमेशा सेक्स के बारे में सबसे ज़्यादा उत्साहित या भरोसेमंद होती हैं।  इस उम्र में ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर, अपनी पसंद-नापसंद और सेक्स के बारे में सोच समझ कर जानने की कोशिश करती हैं। यह समय होता है जब वे सही साथी और सही समय का ध्यान रखकर फैसले लेती हैं। हालांकि इसका सही कारण अभी तक वैज्ञानिकों को पूरी तरह से पता नहीं चला है।                                            लेकिन कुछ रिसर्च ये बताती हैं कि जैसे-जैसे महिलाएं अपने 20 के दशक के आखिरी सालों में पहुंचती हैं और उनकी प्रजनन क्षमता थोड़ी कम होने लगती है, वैसे-वैसे उनमें बच्चे को जन्म देने की इच्छा यानी सेक्स की चाहत बढ़ सकती है। 20 के दशक में महिलाएं अपने आप को समझती हैं, धीरे-धीरे आत्मविश्वासी बनती हैं और उनके अंदर ऐसे बदलाव होते हैं जो उन्हें सेक्स के बारे में सोचने और महसूस करने के तरीके को प्रभावित करते हैं।                                       
  • जिन महिलाओं की उम्र 30 से 40 होती है :  जब महिलाएं 30 से 40 की उम्र में होती हैं, तो यह वो समय हो सकता है जब आपकी सेक्स इच्छा सबसे ज्यादा होती है। क्युकी एक रिसर्च में पाया गया कि 27 से 45 साल की उम्र की महिलाओं के मन में सेक्स से जुड़ी कल्पनाएं न सिर्फ ज्यादा बार आती हैं, बल्कि पहले से ज्यादा तेज भी होती हैं। इस उम्र में आप पहले के मुकाबले ज्यादा बार यौन संबंध बनाती हैं और जब किसी नए रिश्ते में होती हैं, तो शुरुआत में ही शारीरिक संबंध बनाने की संभावना भी ज़्यादा होती है। इस समय सबसे बड़ा बदलाव आत्मविश्वास में आता है। कई महिलाएं बताती हैं कि 30 और 40 की उम्र में वे ज्यादा खुलकर अपनी ज़रूरतें और पसंद-नापसंद बता पाती हैं, और खुद की सीमाओं को भी अच्छे से समझती हैं।                                                                                                                                        (और पढ़े - बच्चा पैदा करने के लिए कितनी बार संभोग करना चाहिए? )                        
  • जिन महिलाओं की उम्र 50 या उससे अधिक है :  जब महिलाएं करीब 50 की उम्र में पहुंचती हैं, तो कई बार उनके बच्चे बड़े हो चुके होते हैं और घर थोड़ा खाली-सा लगने लगता है।साथ ही अब गर्भवती होने की चिंता भी कम हो जाती है, जिसके कारण कुछ महिलाओं को सेक्स में पहले से ज़्यादा दिलचस्पी होने लगती है। लेकिन जैसे-जैसे शरीर रजोनिवृत्ति ( जिसमें मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद हो जाता है) की ओर बढ़ता है, तो शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने लगता है। इसकी वजह से सेक्स की इच्छा थोड़ी कम हो सकती है और योनि में सूखापन या जलन जैसी दिक्कत हो सकती है। साथ ही बार-बार गर्मी लगना, चिंता, वज़न बढ़ना और नींद की परेशानी भी मूड को खराब कर सकती हैं। ऐसे में डॉक्टर से बात करके दवाएं, हार्मोन थेरेपी, लुब्रिकेंट या दूसरे इलाज के बारे में सलाह लेना मददगार हो सकता है।

 

मेनोपॉज़ यानी पीरियड्स बंद होने के समय, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन नाम के ज़रूरी हार्मोन कम हो जाते हैं। इसकी वजह से उनके सेक्स का एक्सपीरियंस बदल सकता है। इस दौरान अक्सर योनि में सूखापन या जलन होती है, दीवारें पतली हो जाती हैं, नमी कम हो जाती है और उत्तेजना भी घट जाती है। कई महिलाओं को मूड में बदलाव, नींद न आना, चिंता, वजन बढ़ना और ऑर्गेज्म पाने में दिक्कत जैसी समस्याएँ होती हैं। ये सब मिलकर यौन इच्छा और आत्मविश्वास को कम कर सकते हैं।

( और पढ़े - योनि को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएँ )

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मेनोपॉज़ के बाद सेक्स बहुत मुश्किल हो जाता है। क्योंकि सेक्स के समय होने वाली तकलीफ़ या दर्द, होना सामान्य बात होती है, जिसके चलते कई बार सेक्स करने का मन कम हो सकता है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इच्छा पूरी तरह खत्म नहीं होती हैं। थोड़ी सी देखभाल और समझदारी के साथ आप अपनी 50s, 60s और उसके बाद भी पूरी तरह संतोषजनक और खुशहाल सेक्स लाइफ जी सकती हैं।

यह बात बिलकुल सही है, और काफी महिलाये तो एक्टिव रहती भी है।

 एक बड़े सर्वे में पाया गया कि 57 से 73 साल की उम्र की महिलाओं में से आधी से कम सेक्सुअली एक्टिव थीं, और जो महिलाये एक्टिव थीं उनमें से ज्यादातर महीने में दो बार से भी कम सेक्स करती थीं। 

ऐसा कहा जाता है, कि एक महिला के लिए उसका दिमाग ही सबसे अहम सेक्स अंग होता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि शरीर की भूमिका कम है। खासकर जब उम्र बढ़ने लगती है। एक अच्छा सेक्स अनुभव कई चीजों पर निर्भर करता है: जैसे कि मन में इच्छा हो, शरीर उत्तेजित हो पाए, सेक्स के दौरान दर्द न हो और चरम सुख तक पहुंचा जा सके। लेकिन जब रजोनिवृत्ति के बाद शरीर में बदलाव आते हैं, तो सेक्स की इच्छा कम होने लगती है। शरीर पहले जैसा आसानी से उत्तेजित नहीं होता है, योनि में सूखापन या दर्द की वजह से संभोग करने से आपको तकलीफ हो सकती है और कई बार चरम सुख तक पहुँचना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ये हैरानी की बात नहीं है क्योकि आप में से कई महिलाएं सेक्स से खुश नहीं रहतीं, और कुछ तो धीरे-धीरे यौन सम्बन्ध से दूरी बना लेती हैं।

कुछ साल पहले किए गए एक बड़े सर्वे में यह सामने आया था कि जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे उनकी यौन गतिविधियाँ भी कम होती जाती हैं। 57 से 73 साल की उम्र की आधी से भी कम महिलाओं ने बताया कि वे यौन रूप से एक्टिव हैं। और जो महिलाएं एक्टिव थीं, उन्होंने कहा कि वे महीने में लगभग दो बार से भी कम यौन संबंध बनाती हैं।

असल में, कुदरत ने महिलाओं के शरीर को इस तरह नहीं बनाया कि मासिक धर्म के बंद होने के बाद भी वे अपने आप यौन रूप से एक्टिव बनी रहें। इसलिए अगर महिलाएं इस उम्र में भी अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाए रखना चाहती हैं, तो उन्हें इसके लिए थोड़ी कोशिश करनी पड़ेगी और क्रिएटिव भी होना होगा। इसके लिए ज़रूरी है कि वे समझें कि उनके मन या शरीर में कौन-सी चीज़ें सेक्स की इच्छा को रोक रही हैं, जैसे कोई बीमारी, मानसिक तनाव, हार्मोन की कमी या रिश्ते से जुड़ी परेशानी। इन समस्याओं से निपटने के लिए महिलाओं को अलग-अलग इलाज या थेरेपी की मदद लेनी चाहिए, ताकि वे फिर से एक खुशहाल और संतुलित यौन जीवन जी सकें।

(और पढ़े - मानसिक तनाव कैसे दूर करें? )

सेक्स की इच्छा बढ़ाना

महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम होना एक आम लेकिन गंभीर परेशानी है, और इसका कोई आसान या झटपट हल नहीं है। इसे ठीक करने के लिए सिर्फ दवा पर निर्भर रहना काफी नहीं होता। कुछ साल पहले "गुलाबी गोली" के नाम से मशहूर एक दवा आई थी - फ्लिबानसेरिन। इसे खासतौर पर महिलाओं की कामेच्छा बढ़ाने के लिए बनाया गया था और ये पहली ऐसी दवा थी जिसे इस काम के लिए मंज़ूरी मिली थी। लेकिन रिसर्च और अनुभव से पता चला कि इसका असर बहुत मामूली है। यानी कुछ महिलाओं को थोड़ी मदद मिलती है, लेकिन बहुत फर्क नहीं पड़ता है।

इतना ही नहीं, ये दवा सिर्फ उन महिलाओं के लिए है जो रजोनिवृत्ति से पहले की उम्र में हैं, यानी जिनका पीरियड्स अभी चल रहा है। रजोनिवृत्ति के बाद वाली महिलाओं के लिए यह दवा काम नहीं करती है। इसके अलावा इसके साइड इफेक्ट भी हैं - जैसे लो ब्लड प्रेशर होना, चक्कर आना, मतली या बेहोशी तक आ जाना। इसलिए हर महिला के लिए यह दवा सही नहीं होती, और इसका इस्तेमाल भी डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। 

सीधे शब्दों में कहें तो यौन इच्छा की कमी का इलाज सिर्फ एक गोली नहीं है। इसमें भावनाएं, रिश्ते, शरीर और दिमाग सब शामिल होते हैं। इसलिए इलाज भी इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं कि महिलाओं के लिए और कोई उपाय नहीं हैं। इन्हें ढूँढ़ने के लिए आपको उन कारणों का पता लगाना होगा जिनकी वजह से आपकी सेक्स में रुचि कम हो गई है और फिर उनके समाधान के लिए कोई इलाज ढूँढ़ना होगा। कामेच्छा में कमी के सबसे आम कारणों में ये शामिल हैं:

  • हार्मोन के स्तर में गिरावट- महिलाओं में सेक्स की इच्छा यानी कामेच्छा में दो मुख्य हार्मोन ,एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन अहम भूमिका निभाते हैं। एस्ट्रोजन शरीर में अंडाशय और कुछ अन्य टिश्यू से बनता है, जबकि टेस्टोस्टेरोन भी अंडाशय और एड्रेनल ग्लांड्स से बनता है। जब महिलाएं मासिक धर्म की उम्र में पहुँचती हैं, तो एस्ट्रोजन का स्तर अचानक और तेज़ी से कम हो जाता है। वहीं टेस्टोस्टेरोन धीरे-धीरे उम्र के साथ कम होता रहता है। जिन महिलाओं की सर्जरी से अंडाशय पहले ही निकाल दिए जाते हैं, उनमें अक्सर सेक्स की इच्छा में बहुत ज़्यादा कमी देखी जाती है। कुछ रिसर्च में ये पाया गया है कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ,यानी शरीर में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन की कमी को दवाओं से पूरा करना से महिलाओं की कामेच्छा और सेक्स के समय आनंद लेने की क्षमता में सुधार हो सकता है। लेकिन इसका असर दिखने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है। हालांकि ये थेरेपी कुछ महिलाओं के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन बुजुर्ग महिलाओं में इसके कुछ हेल्थ रिस्क भी होते हैं, जैसे हार्ट प्रॉब्लम या कैंसर का खतरा। इसलिए ये ज़रूरी है कि कोई भी हार्मोन थेरेपी लेने से पहले डॉक्टर से पूरी जानकारी लेकर ही फैसला लें।

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  • डिप्रेशन : मध्य उम्र यानी 40 से 60 की उम्र के बीच डिप्रेशन एक आम समस्या बनता जा रहा है, और इसका सीधा असर महिलाओं की सेक्स इच्छा पर पड़ता है। जब कोई महिला डिप्रेशन में होती है, तो उसका मन उदास रहता है, थकावट बनी रहती है और किसी भी चीज़ में रुचि नहीं रहती। ऐसे में सेक्स की इच्छा भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।डिप्रेशन के इलाज के लिए कई बार डॉक्टर SSRI दवाएं देते हैं, जैसे फ्लुओक्सेटीन या पैरोक्सेटीन । ये दवाएं डिप्रेशन के लक्षणों में तो राहत देती हैं, लेकिन इनका एक साइड इफेक्ट ये होता है कि ये यौन संवेदनशीलता यानी सेक्स की उत्तेजना और आनंद की  भावना को कम कर देती हैं।कुछ महिलाओं को बुप्रोपियन नाम की दवा पर स्विच करने से फायदा होता है, क्योंकि इसका यौन इच्छाओं पर असर थोड़ा कम होता है। लेकिन ध्यान रखें। इससे भी सेक्स की इच्छा पूरी तरह से पहले जैसी लौट आए, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए अगर किसी महिला को डिप्रेशन की वजह से सेक्स लाइफ पर असर महसूस हो रहा है, तो उसे बिना हिचक डॉक्टर से बात करनी चाहिए। सही दवा और सही सलाह से ना सिर्फ मानसिक स्थिति सुधरती है, बल्कि यौन जीवन भी बेहतर हो सकता है। 
  • दवाइयाँ : कुछ दवाइयाँ भी सेक्स की इच्छा को कम कर सकती हैं, खासकर हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की दवाइयाँ। ये दवाएं शरीर की नसों और हार्मोन पर असर डालती हैं, जिससे यौन इच्छा या उत्तेजना में कमी आ सकती है। लेकिन घबराने की बात नहीं है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए कई तरह की दवाएं मौजूद हैं। अगर किसी महिला को लगता है कि उसकी दवा लेने के बाद सेक्स की इच्छा कम हो गई है, तो उसे चुप रहने की बजाय अपने डॉक्टर से खुलकर बात करनी चाहिए। डॉक्टर आपकी सेहत को ध्यान में रखते हुए ऐसी दवा सुझा सकते हैं जो ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रखे और आपकी कामेच्छा पर भी असर न डाले। इसलिए इलाज में बदलाव संभव है बस जरूरत है सही जानकारी और बातचीत की।

  • शारीरिक बीमारी: यदि आपने कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी का इलाज करवाया है तो आपकी सेक्स में रुचि कम हो सकती है।
  • तनाव और चिंता: आपको नौकरी का दबाव, पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ, निजता की कमी, और बच्चों या बूढ़े माता-पिता की चिंताएँ है तो आप सेक्स में कम इच्छा दिखाएँगी।
  • रिश्तों में तनाव: अगर आपको लगता है कि आप अपने साथी से दूर हो रहे हैं या उससे अलग हो रहे हैं, तो संभावना है कि आप उसके साथ यौन संबंध बनाने में रुचि नहीं लेंगे।
(और पढ़े - क्या डिप्रेशन व एंग्जायटी एक साथ हो सकते हैं और इलाज क्या है?)

 

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कामेच्छा को कम करने वाली समस्याएँ भी उत्तेजना और ओर्गास्म को प्रभावित कर सकती हैं। उत्तेजना और ऑर्गज़्म में बाधा डालने वाले सबसे आम शरीर के कारक ये हैं : 

(और पढ़े - महिलाओं में थकान के कारण व इलाज)

अपने सवालों के जवाब यह पाएं। 

1.महिला किस उम्र तक सेक्स कर सकती है?

कोई तय उम्र नहीं है। महिलाएं तब तक सेक्स कर सकती हैं जब तक उन्हें इसका मानसिक और शारीरिक रूप से आनंद मिलता है।

2. क्या 50 या 60 साल की उम्र में महिलाओं की सेक्स इच्छा खत्म हो जाती है?

नहीं, सभी महिलाओं की इच्छा एक जैसी नहीं होती। मेनोपॉज़ के बाद हार्मोन में बदलाव से इच्छा पर असर पड़ सकता है, लेकिन कई महिलाएं इस उम्र में भी सेक्स को एंजॉय करती हैं।

3. मासिक धर्म के बाद क्या महिला सेक्स कर सकती है?

हां, बिल्कुल कर सकती हैं। मेनोपॉज़ के बाद योनि में सूखापन या इच्छा में कमी हो सकती है, लेकिन लुब्रिकेंट्स या हार्मोन थेरेपी से मदद मिल सकती है।

4. क्या बुज़ुर्ग महिलाओं के लिए सेक्स करना सुरक्षित है?

हां, अगर महिला की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है, तो सेक्स पूरी तरह सुरक्षित है। हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों की स्थिति में डॉक्टर की राय लेना ज़रूरी है।

5. महिलाएं सेक्स के लिए डॉक्टर से कब सलाह लें?

वह तब सलाह ले जब सेक्स के दौरान योनि में दर्द ,यौन इच्छा में कमी ,चरमसुख प्राप्त करने में कठिनाई या योनि में सूखापन जैसी समस्याएं हो रही है।

महिलाओं के लिए सेक्स करने की कोई तय उम्र नहीं होती। जब तक आप हेल्दी हैं, मन से तैयार हैं और अंदर से इच्छा है, तब तक आप किसी भी उम्र में सेक्स का मज़ा ले सकती हैं। हाँ, उम्र के साथ अनुभव और इच्छा बदलते हैं, 20 की उम्र में ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर और पसंद-नापसंद को समझने में लगी रहती हैं। 30 से 40 के बीच ये समझ पक्की हो जाती है, आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है और इच्छा अक्सर ज़्यादा होती है। 50 के बाद बच्चे का डर नहीं रहता, तो रुचि और बढ़ सकती है, लेकिन मेनोपॉज़ के बाद हार्मोन घटने से इच्छा कम हो सकती है, साथ ही योनि में सूखापन या दर्द जैसी दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा, तनाव, डिप्रेशन, दवाओं के असर, बड़ी बीमारियां या रिश्तों में दूरी भी मन को प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि सही इलाज, थेरेपी, लुब्रिकेंट्स, हार्मोन रिप्लेसमेंट और पार्टनर से खुलकर बात करने से आप किसी भी उम्र में संतोषजनक और सुरक्षित सेक्स लाइफ जी सकती हैं।

Dr. Hakeem Basit khan

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