अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से कई शारीरिक एवं मानसिक परेशानियां शरीर में दस्तक देने के लिए तैयार रहती है और ठीक इसी तरह कुछ शारीरिक गतिविधियों का भी असर शरीर पर नकारात्मक पड़ सकता है. इसलिए आज इस आर्टिकल में हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन कम होता है या नहीं या दोनों में आपसी तालमेल क्या है रिसर्च के आधार पर यह समझने की कोशिश करेंगे.
- रिसर्च क्या कहती है?
- हस्तमैथुन और टेस्टोस्टेरोन क्या है?
- क्या हस्तमैथुन से मसल्स बनना रुक जाता है?
- क्या हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन कम होता है?
- हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान क्या हैं?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
रिसर्च क्या कहती है?
अब अगर वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो टेस्टोस्टेरोन का सीधा रिश्ता सेक्स ड्राइव यानी लिबिडो से होता है चाहे पुरुष हों या महिलाएं। हालांकि, इसका असर पुरुषों में ज्यादा स्पष्ट रूप से देखा जाता है।
जब कोई व्यक्ति सेक्स या हस्तमैथुन करता है, तो उस समय टेस्टोस्टेरोन का स्तर थोड़ी देर के लिए बढ़ जाता है, लेकिन ऑर्गेज्म के बाद ये वापस सामान्य स्तर पर आ जाता है। यानी इसमें कोई स्थायी बदलाव नहीं होता।
पुराने समय की कुछ छोटी स्टडीज़ के मुताबिक, जैसे 1972 की एक रिसर्च में पाया गया कि हस्तमैथुन से शुक्राणु स्खलन का टेस्टोस्टेरोन पर कोई खास असर नहीं होता। इसका मतलब ये कि अगर आप बार-बार हस्तमैथुन करते हैं, तो भी आपके टेस्टोस्टेरोन लेवल्स में कोई कमी नहीं आती।
वहीं 2001 की एक और स्टडी में सिर्फ 10 पुरुषों पर रिसर्च की गई थी, जिसमें देखा गया कि अगर कोई व्यक्ति तीन हफ्ते तक हस्तमैथुन नहीं करता, तो उसके टेस्टोस्टेरोन लेवल्स में हल्का-सा इजाफा हो सकता है। लेकिन यह बदलाव बहुत मामूली था और लंबे समय तक टिकने वाला नहीं था।
कुछ रिसर्च में जानवरों (खासकर चूहों) पर भी टेस्ट किए गए हैं। 2007 की एक स्टडी में पाया गया कि बार-बार हस्तमैथुन करने से चूहों के दिमाग में एंड्रोजन रिसेप्टर्स (जो टेस्टोस्टेरोन को इस्तेमाल करने में मदद करते हैं) थोड़े कम हो गए। वहीं, उसी साल की दूसरी स्टडी में पाया गया कि इससे एस्ट्रोजन रिसेप्टर की संख्या बढ़ गई।
अब दिक्कत ये है कि जानवरों पर हुए ऐसे नतीजे इंसानों पर पूरी तरह लागू नहीं किए जा सकते, क्योंकि दोनों के शरीर और हार्मोनल सिस्टम में फर्क होता है। इसलिए आज तक की रिसर्च ये साफ कहती है कि हस्तमैथुन का इंसानों के टेस्टोस्टेरोन लेवल पर कोई बड़ा या नुकसानदायक असर नहीं पड़ता।
हस्तमैथुन और टेस्टोस्टेरोन क्या है?
- हस्तमैथुन - हस्तमैथुन एक सामान्य एवं स्वस्थ्य यौन क्रिया है. इस क्रिया के दौरान लोग हाथ, उंगलियों या फिर सेक्स टॉय की मदद से सेक्शुअल प्लेजर का आनंद लेते हैं. रिसर्च के अनुसार, हस्तमैथुन करने से तनाव कम होता है, नींद अच्छी आती है एवं सेक्स लाइफ बेहतर होने के साथ-साथ इसके कई अन्य फायदे भी हैं.
- टेस्टोस्टेरोन - पुरुषों के सेक्शुअल डेवलपमेंट में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की खास भूमिका होती है. अगर शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का निर्माण न हो या आवश्यकता से कम हो, तो इसकी वजह से सेक्स में रुचि न होने जैसी समस्या हो सकती है.
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क्या हस्तमैथुन से मसल्स बनना रुक जाता है?
कई लोग ये सोचते हैं कि अगर वो जिम जा रहे हैं या बॉडी बना रहे हैं, तो उन्हें हस्तमैथुन नहीं करना चाहिए, वरना ताकत कम हो जाएगी या मसल्स नहीं बनेंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। असल में, जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो आपका शरीर प्रोटीन से मसल्स बनाता है, और इसमें टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मदद करता है।
अब बात ये है कि हस्तमैथुन टेस्टोस्टेरोन के लेवल को सिर्फ थोड़ी देर के लिए बहुत मामूली तरीके से बदलता है। इसका कोई बड़ा या लंबे समय का असर नहीं होता। यानी अगर आप हेल्दी डाइट ले रहे हैं, रेगुलर वर्कआउट कर रहे हैं और अच्छी नींद ले रहे हैं, तो सिर्फ हस्तमैथुन की वजह से आपकी मसल्स ग्रोथ पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
वैज्ञानिक रिसर्च भी यही कहती है कि जिम जाने या वर्कआउट से पहले सेक्स या हस्तमैथुन से दूर रहने से आपकी ताकत या मसल्स बनाने की स्पीड नहीं बढ़ती। यानी ये सब बस पुराने मिथ हैं।
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क्या हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन कम होता है?
टेस्टोस्टेरोन का संबंध सेक्स ड्राइव से है, जिसे पुरुष सेक्स ड्राइव से जोड़कर देखा जाता है. हस्तमैथुन और सेक्स के दौरान टेस्टोस्टेरोन के स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है.
1972 में किए गए एक छोटे से अध्ययन के अनुसार, हस्तमैथुन से स्खलन के स्तर पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा, जिससे यह समझा जा सकता है कि हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन के लेवल पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है. वहीं, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) के अनुसार, साल 2001 में 10 वयस्कों पर किए गए अध्ययन के अनुसार, 3 सप्ताह तक हस्तमैथुन की वजह से टी लेवल यानी टेस्टोस्टेरोन के स्तर पर मामूली बढ़त देखी गई.
साल 2007 में चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि बार-बार हस्तमैथुन करने से मस्तिष्क में एण्ड्रोजन रिसेप्टर्स कम होने लगते हैं. एण्ड्रोजन रिसेप्टर्स शरीर को टेस्टोस्टेरोन का उपयोग करने में मदद करते हैं. इस बीच, 2007 में किए गए अध्ययन के अनुसार, बार-बार हस्तमैथुन करने से एस्ट्रोजन रिसेप्टर में तेजी आती है. इसलिए हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन कम होता है या नहीं स्पष्ट नहीं है.
वैसे, अगर जरूरत से ज्यादा हस्तमैथुन किया जाए, तो व्यक्ति को इसकी लत लग सकती है. हस्तमैथुन से जुड़े सिर्फ टेस्टोस्टेरोन के स्तर ही नहीं, बल्कि कई ऐसे मिथ हैं, जिसे लोग सच समझ लेते हैं, जैसे टेस्टोस्टेरोन के कारण इनफर्टिलिटी, डिहाइड्रेशन, हार्मोनल असंतुलन, लिंग के साइज या आकार में बदलाव होना, लेकिन रिसर्च के अनुसार ऐसा कुछ नहीं होता है.
(और पढ़ें - मास्टरबेशन कितने दिन में करना चाहिए)
हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान क्या हैं?
हस्तमैथुन एक बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित तरीका है अपने शरीर और यौन इच्छाओं को समझने का। चाहे आप सिंगल हों या किसी रिश्ते में, यह आपको खुद को बेहतर जानने में मदद करता है। कई रिसर्च में पाया गया है कि हस्तमैथुन के कई फायदे होते हैं, जैसे –
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तनाव कम करना: जब आप हस्तमैथुन करते हैं, तो शरीर से “फील-गुड” हार्मोन यानी डोपामिन और एंडॉर्फिन निकलते हैं, जो दिमाग को रिलैक्स करते हैं और स्ट्रेस कम करते हैं।
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मूड बेहतर करना: यह आपको खुश और संतुलित महसूस कराता है, जिससे चिड़चिड़ापन या उदासी कम होती है।
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बेहतर नींद: ऑर्गेज्म के बाद शरीर रिलैक्स होता है, जिससे नींद गहरी और सुकूनभरी आती है।
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सेक्स लाइफ में सुधार: खुद को जानने से आपको समझ आता है कि आपको किस तरह की उत्तेजना या टच अच्छा लगता है, जिससे पार्टनर के साथ सेक्स और बेहतर होता है।
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मासिक धर्म के दर्द में राहत: कई महिलाओं को हस्तमैथुन के बाद पेट दर्द या क्रैम्प्स से राहत मिलती है।
अब बात करें नुकसान या रिस्क की —
असल में, हस्तमैथुन का आपके शरीर या यौन क्षमता पर कोई सीधा बुरा असर नहीं होता। ये बाल झड़ने, मुंहासे आने या नपुंसकता (ED) जैसी चीजों का कारण नहीं है। ये समस्याएं ज़्यादातर लाइफस्टाइल, डाइट, तनाव या हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से होती हैं, न कि हस्तमैथुन से।
हाँ, कुछ मानसिक या भावनात्मक असर जरूर हो सकते हैं। जैसे – अगर आपको सिखाया गया है कि हस्तमैथुन “गलत” है, तो इसके बाद आपको गिल्ट या शर्म महसूस हो सकती है। ये गिल्ट लंबे समय तक बना रहे तो इससे तनाव, डिप्रेशन और सेक्स ड्राइव कम होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
कभी-कभी अगर कोई व्यक्ति बहुत ज़्यादा हस्तमैथुन करता है और पार्टनर के साथ समय कम बिताता है, तो रिश्ते में दूरी या झिझक भी आ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने पार्टनर से खुलकर बात करें, ताकि दोनों एक-दूसरे की ज़रूरतों को समझें और एक स्वस्थ यौन संतुलन बना सकें।
अगर कभी आपको लगे कि हस्तमैथुन की आदत आपके मूड या रिश्ते पर असर डाल रही है, तो किसी थेरेपिस्ट या सेक्स काउंसलर से बात करना बिल्कुल ठीक है। सही जानकारी और खुली बातचीत ही इसे हेल्दी और नेचुरल बनाए रखती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या हस्तमैथुन करने से टेस्टोस्टेरोन कम होता है?
नहीं, रिसर्च के अनुसार हस्तमैथुन से टेस्टोस्टेरोन का स्तर सिर्फ थोड़ी देर के लिए बदलता है और लंबे समय तक कोई असर नहीं पड़ता।
बार-बार हस्तमैथुन करने से टेस्टोस्टेरोन पर फर्क पड़ता है?
अत्यधिक या compulsive हस्तमैथुन से मानसिक या भावनात्मक असर हो सकता है, लेकिन हार्मोन स्तर पर इसका कोई स्थायी नुकसान नहीं होता।
क्या हस्तमैथुन मसल्स ग्रोथ को रोकता है?
नहीं, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और नींद के साथ हस्तमैथुन करने से मसल्स ग्रोथ पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
सारांश
हस्तमैथुन से भले ही टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम नहीं होता हो, लेकिन जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए, अगर आप एक ही दिन में कई बार या रोज टेस्टोस्टेरोन करते हैं, तो आपको इसकी लत पड़ सकती है और इससे प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है.
(और पढ़ें - हस्तमैथुन के प्रकार)
यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





