असल में, किसी भी इंसान के साथ सेक्स के दौरान गलती से पेशाब लीक होना संभव है। लेकिन ये समस्या ज़्यादा तर महिलाओं में देखी जाती है। जब महिलाएँ उत्तेजित होती हैं, तो अक्सर उन्हें पेशाब आने जैसा महसूस होता है। इसकी वजह ये है कि क्लिटोरिस और यूरेथ्रा एकदम पास-पास होते हैं। ऐसे में जब क्लिटोरिस को उत्तेजित किया जाता है, तो यूरेथ्रा पर भी असर पड़ सकता है और पेशाब आने जैसा एहसास होने लगता है। इसके अलावा, वजाइनल पेनिट्रेशन के दौरान ब्लैडर पर दबाव पड़ता है, जिससे कभी-कभी अनजाने में पेशाब निकल सकता है। इस लेख के जरिए आप जानेंगे सेक्स के दौरान पेशाब आने का कारण वह उससे जुडी कई जरूरी बातें।
- सेक्स के दौरान पेशाब
- सेक्स के दौरान पेशाब आने के कारण
- सेक्स के दौरान पेशाब लीक होने के खतरे बढ़ाने वाले कारण
- पुरुषों में सेक्स के दौरान पेशाब आना
- सेक्स के दौरान पेशाब आने की समस्या: पहचान और इलाज
- डॉक्टर से कब मिले?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
सेक्स के दौरान पेशाब
सेक्स के दौरान पेशाब आना महिलाओं में एक आम चिंता है। ये ज्यादातर महिलाओं का मुद्दा है क्योंकि पुरुषों के शरीर में ऐसा नेचुरल मैकेनिज़्म होता है जो इरेक्शन के दौरान पेशाब आने से रोकता है।
लगभग 60% महिलाएं, जिन्हें थोड़ी बहुत यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस की समस्या होती है, सेक्स के दौरान पेशाब लीक होने का अनुभव करती हैं। हालांकि, कई बार जो महिलाएं सोचती हैं कि सेक्स के दौरान उन्हें पेशाब आ रहा है, वो असल में पेशाब नहीं बल्कि फीमेल इजैक्युलेशन का अनुभव कर रही होती हैं।
महिलाओं में फीमेल इजैक्युलेशन को लेकर शोध में अलग-अलग बातें रखते हैं। कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि इसमें सिर्फ पेशाब निकलता है, जबकि कुछ का कहना है कि पैराउरेथ्रल ग्लैंड्स एक ऐसा लिक्विड बनाती हैं जो पुरुषों के प्रॉस्टेट से निकलने वाले वीर्य जैसा होता है।
महिलाओं में ये ग्लैंड्स यूरिनरी ट्रैक्ट के बाहर के हिस्से में क्लस्टर की तरह होते हैं और साफ़ या हल्के सफ़ेद रंग का तरल बनाते हैं। ये तरल यूरिनरी ट्रैक्ट और योनि के आसपास के टिशू को नमी देने का काम भी करता है।
ये ग्लैंड्स योनि और क्लिटोरिस से जुड़े होते हैं और इन्हें योनि के अंदर से स्टिम्युलेट किया जा सकता है। इसे कुछ लोग जी-स्पॉट या एरोटिक ज़ोन मानते हैं, जिससे ऑर्गैज़्म और उत्तेजना दोनों बढ़ती हैं।
सेक्स के दौरान पेशाब आने के कारण
सेक्स के दौरान पेशाब आना अक्सर इनकॉन्टिनेंस की वजह से होता है। इनकॉन्टिनेंस का मतलब है बिना इच्छा के पेशाब आना।
यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस
कई बार महिलाओं को सेक्स के दौरान, ऑर्गैज़्म के समय या दोनों ही समय में पेशाब लीक हो सकता है। इसकी बड़ी वजह है कि सेक्सुअल स्टिम्युलेशन ब्लैडर या यूरेथ्रा पर दबाव डाला गया है। ये ब्लैडर की मसल्स के स्पाज्म की वजह से होता है। इसे पेशाब का लीक होना कहते हैं।
पेशाब का लीक होना असल में एक ओवरएक्टिव ब्लैडर का लक्षण है। इसमें अचानक और तेज़ पेशाब की इच्छा होती है और ब्लैडर अनजाने में सिकुड़ जाता है, जिससे पेशाब अपने आप बाहर निकल जाता है।
ये कई चीज़ों से ट्रिगर हो सकता है, जैसे बहते पानी की आवाज़ सुनना या घर का दरवाज़ा खोलते वक्त अचानक पेशाब लग जाना।
दबाव पड़ने पर पेशाब लीक होना
दबाव से पेशाब लीक तब होता है जब किसी गतिविधि से ब्लैडर पर दबाव पड़ता है और पेशाब गलती से बाहर निकल जाता है। हर व्यक्ति में इसके ट्रिगर अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये वजहें होती हैं:
- खाँसना
- ज़ोर से हँसना
- छींक आना
- भारी सामान उठाना
- दौड़ना या कूदना
- सेक्स करना
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सेक्स के दौरान पेशाब लीक होने के खतरे बढ़ाने वाले कारण
हर किसी को सेक्स के दौरान पेशाब लीक की समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ में ये रिस्क ज़्यादा बढ़ जाता है। इसके आम कारण इस प्रकार हैं:
- प्रेगनेंसी और चाइल्डबर्थ
- मेनोपॉज
- ब्लैडर या प्रोस्टेट की समस्याएँ
- अधिक वजन
- यूरिनरी या प्रॉस्टेट संक्रमण
- कब्ज़
- स्ट्रोक या डायबिटीज़ जैसी नर्व डैमेज
- कुछ दवाइयाँ (एंटीडिप्रेशन, ब्लड प्रेशर मेडिसिन आदि)
- कैफीन और अल्कोहल जैसे ब्लैडर इरिटेंट
- पहले की सर्जरी
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पुरुषों में सेक्स के दौरान पेशाब आना
जब पुरुषों को इरेक्शन होता है, तो ब्लैडर के नीचे वाली स्फिंक्टर मसल्स अपने आप बंद हो जाती हैं। इससे पेशाब का रास्ता रुक जाता है और आमतौर पर सेक्स के दौरान पेशाब बाहर नहीं आ पाता है।
लेकिन जिन पुरुषों की प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए प्रोस्टेट सर्जरी हो चुकी है, उनमें पेशाब लीक होने की समस्या ज़्यादा देखने को मिलती है। ऐसे पुरुषों को अक्सर फोरप्ले के दौरान या फिर क्लाइमैक्स के समय पेशाब टपकने की समस्या हो सकती है।
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सेक्स के दौरान पेशाब आने की समस्या: पहचान और इलाज
अगर आपको लगता है कि सेक्स के दौरान आपको पेशाब आ रहा है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर ये पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि ये पेशाब है या ऑर्गैज़्म की वजह से होने वाले लिक्विड का असर हो। अगर सेक्स के दौरान पेशाब आ रहा है, तो डॉक्टर आपको कंट्रोल करने के लिए सही इलाज बता सकते हैं।
पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करें
अगर आप महिला हैं, तो डॉक्टर आपको ऐसे फिजिकल थैरेपिस्ट के पास जाने की सलाह दे सकते हैं जो महिला पेल्विस की मसल्स में विशेषज्ञ हों। इसमें वजाइनल कोन्स और बायोफीडबैक तकनीकें भी मदद कर सकती हैं। इसके अलावा, केगेल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करने में बहुत काम आती हैं।
केगेल एक्सरसाइज से ये फायदा होता है:
- ब्लैडर कंट्रोल बेहतर होता है
- अनियंत्रित बाउल मूवमेंट में सुधार
- सेक्स ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ता है और सेक्स का अनुभव बेहतर होता है
पुरुषों के लिए भी केगेल एक्सरसाइज मददगार है। रिसर्च में पाया गया कि लंबे समय तक इरेक्टाइल डिसफंक्शन वाले पुरुषों में 40% ने पेल्विक फ्लोर फिजिकल थैरेपी और घर पर केगेल एक्सरसाइज से समस्या पूरी तरह हल कर दी।
केगेल एक्सरसाइज कैसे करें:
- पहले मसल्स को पहचानें: पेशाब करते समय बीच में रोकें। जो मसल्स इस्तेमाल हुए, वही आपकी पेल्विक मसल्स हैं।
- जब पेशाब न कर रहे हों, इन मसल्स को 5 सेकंड के लिए टाइट करें और फिर पूरी तरह रिलैक्स करें। ध्यान रखें कि पेट, पैर या बट मसल्स को न कसें।
- दिन में 3–4 बार, 20 रिपीटेशन तक धीरे-धीरे बढ़ाएं।
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ब्लैडर ट्रेनिंग
ब्लैडर ट्रेनिंग एक तरीका है जिससे आप अपने ब्लैडर पर बेहतर कंट्रोल पा सकते हैं। इसमें धीरे-धीरे पेशाब करने के बीच का समय बढ़ाया जाता है, ताकि आपको बार-बार टॉयलेट न जाना पड़े। इसे केगेल एक्सरसाइज के साथ करने पर और भी अच्छे नतीजे मिलते हैं।
ब्लैडर ट्रेनिंग का मतलब है कि आप टॉयलेट जाने के लिए एक फिक्स टाइम टेबल बनाएं। यानी चाहे पेशाब की ज़रूरत महसूस हो या न हो, आपको तय समय पर ही टॉयलेट जाना है। अगर शेड्यूल से पहले पेशाब की इच्छा हो, तो गहरी साँस और रिलैक्सेशन तकनीक अपनाकर उसे कंट्रोल करने की कोशिश करें। धीरे-धीरे टॉयलेट जाने के बीच का समय हर बार 15 मिनट बढ़ाते रहें। आख़िरकार आपका लक्ष्य होना चाहिए कि आप 3 से 4 घंटे तक पेशाब रोके रख सकें। इस पूरी प्रैक्टिस में 6 से 12 हफ्ते तक लग सकते हैं, लेकिन रेगुलर करने पर अच्छे रिज़ल्ट मिलते हैं।
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लाइफस्टाइल बदलें
कुछ बदलाव सेक्स के दौरान पेशाब रोकने में मदद कर सकते हैं:
- सेक्स के दौरान अलग पोज़िशन ट्राय करें ताकि ब्लैडर पर दबाव कम हो
- सेक्स से पहले पेशाब खाली करें
- अगर वजन ज्यादा है, तो वजन कम करना मदद कर सकता है
- कैफीन और शराब वाले ड्रिंक/फूड को लिमिट करें, क्योंकि ये ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं
- सेक्स से ठीक पहले ज्यादा पानी न पिएं
डॉक्टर से कब मिले?
ज्यादातर लोग लाइफस्टाइल बदलने और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करने से सेक्स के दौरान पेशाब को काफी हद तक कंट्रोल कर पाते हैं। अगर समस्या किसी अंडरलाइंग कंडीशन की वजह से है, तो उसका इलाज करने से पेशाब की समस्या भी कम हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से बात करके सही कारण और इलाज तय करना बहुत जरूरी है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या सेक्स के दौरान पेशाब आना नॉर्मल है?
हाँ, कई महिलाओं को सेक्स या ऑर्गैज़्म के समय पेशाब लीक होने की समस्या होती है। इसे मेडिकल भाषा में यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है।
महिलाओं में सेक्स करते समय पेशाब क्यों आता है?
इसका मुख्य कारण पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी, ब्लैडर पर दबाव, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज या ओवरएक्टिव ब्लैडर हो सकता है।
क्या केगेल एक्सरसाइज से सेक्स के दौरान पेशाब आना कंट्रोल हो सकता है?
जी हाँ। रेगुलर केगेल एक्सरसाइज करने से पेल्विक फ्लोर मजबूत होता है, ब्लैडर कंट्रोल बेहतर होता है और सेक्स का अनुभव भी अच्छा होता है।
सारांश
कई महिलाओं को सेक्स या ऑर्गैज़्म के दौरान पेशाब लीक होने की समस्या होती है। यह आमतौर पर पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी, ब्लैडर पर दबाव, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज या यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस की वजह से होता है। कई बार इसे महिलाएं पेशाब समझ लेती हैं जबकि असल में यह फीमेल इजैक्युलेशन भी हो सकता है। पुरुषों में यह समस्या कम होती है, लेकिन प्रोस्टेट सर्जरी या अन्य ब्लैडर प्रॉब्लम्स के बाद पेशाब लीक हो सकता है।
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