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क्या आपने कभी सुना है कि ज़्यादा हस्तमैथुन करने से लिंग छोटा हो जाता है? बहुत से लड़के और पुरुष अपने दोस्तों, इंटरनेट या अफ़वाहों से ऐसी बातें सुनते हैं और फिर चिंता करने लगते हैं। कई बार ये चिंता इतनी गहरी हो जाती है कि लोग खुद को कमज़ोर या अधूरा समझने लगते हैं। असलियत में, ये एक मिथ है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मेडिकल साइंस साफ कहती है कि हस्तमैथुन का लिंग की लंबाई या मोटाई पर कोई स्थायी असर नहीं होता।
इस लेख में हम इसी विषय को विस्तार से समझेंगे। आपको बताएँगे कि लिंग का असली साइज किन कारणों से तय होता है, हस्तमैथुन का शरीर पर क्या असर होता है, और कब आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही, इस लेख के अंत में आपके कुछ आम सवालों का भी जवाब देंगे।

(और पढ़ें - सेक्स एजुकेशन)

  1. लिंग का साइज कैसे तय होता है?
  2. क्या हस्तमैथुन से लिंग छोटा हो सकता है?
  3. हस्तमैथुन से स्वास्थ्य पर असर
  4. क्या ज़्यादा हस्तमैथुन से नुकसान हो सकता है?
  5. कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
  6. मनोवैज्ञानिक पहलू
  7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  8. सारांश

आपके लिंग का साइज जन्म से ही आपकी जीन और हार्मोन पर निर्भर करता है। जब आप बचपन से किशोरावस्था यानी प्यूबर्टी की ओर बढ़ते हैं, तब आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन और दूसरे हार्मोन लिंग की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि प्यूबर्टी के दौरान लिंग का साइज बदलता है और 18 से 21 साल की उम्र तक जाकर स्थिर हो जाता है।

मेडिकल विशेषज्ञ मानते हैं कि एक बार जब लिंग अपनी पूरी ग्रोथ पा लेता है, तो उसके साइज में स्थायी रूप से कोई बदलाव नहीं होता है। न तो हस्तमैथुन, न ही सेक्स और न ही किसी तरह की क्रीम या दवा से उसका आकार छोटा या बड़ा हो सकता है।

तो अगर आपके मन में ये डर है कि ज़्यादा हस्तमैथुन से लिंग सिकुड़ सकता है, तो ऐसा कभी नहीं होगा।

(और पढ़ें - लिंग को बड़ा करने के तरीके)

आपके लिंग का साइज जन्म से ही आपकी जीन और हार्मोन पर निर्भर करता है। जब आप बचपन से किशोरावस्था यानी प्यूबर्टी की ओर बढ़ते हैं, तब आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन और दूसरे हार्मोन लिंग की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि प्यूबर्टी के दौरान लिंग का साइज बदलता है और 18 से 21 साल की उम्र तक जाकर स्थिर हो जाता है।

मेडिकल विशेषज्ञ मानते हैं कि एक बार जब लिंग अपनी पूरी ग्रोथ पा लेता है, तो उसके साइज में स्थायी रूप से कोई बदलाव नहीं होता है। न तो हस्तमैथुन, न ही सेक्स और न ही किसी तरह की क्रीम या दवा से उसका आकार छोटा या बड़ा हो सकता है।

तो अगर आपके मन में ये डर है कि ज़्यादा हस्तमैथुन से लिंग सिकुड़ सकता है, तो ऐसा कभी नहीं होगा।

(और पढ़ें - लिंग को बड़ा करने के तरीके)

हस्तमैथुन का लिंग के साइज पर कोई स्थायी असर नहीं पड़ताहै। कई बार लोग देखते हैं कि बार-बार हस्तमैथुन करने के बाद लिंग थोड़ा सिकुड़ा हुआ या थका-सा लग रहा है। यह एक अस्थायी बदलाव होता है जो कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाता है।

ऐसा होने का कारण भी है, क्योंकि लगातार इरेक्शन और स्खलन के बाद मांसपेशियाँ और नसें थोड़ी देर के लिए रिलैक्स हो जाती हैं। इसके अलावा शरीर में थकान, पानी की कमी या ठंडे माहौल में भी लिंग अस्थायी रूप से छोटा दिखाई दे सकता है। लेकिन यह बदलाव हमेशा के लिए नहीं होता है। 

वैज्ञानिक अध्ययनों से भी यही साबित हुआ है कि हस्तमैथुन का लिंग की लंबाई और मोटाई पर कोई असर नहीं पड़ता है। यह केवल आपकी सोच और डर है जो इसे बड़ा मुद्दा बना देता है।

कई लोग हस्तमैथुन को केवल गंदी आदत मानते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से इसके कई फायदे भी बताए गए हैं।

तनाव कम करना

इजेकुलेशन के दौरान शरीर में डोपामिन, ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन जैसे हॉर्मोन रिलीज होते हैं। ये हॉर्मोन आपका मूड अच्छा करते हैं और तनाव घटाते हैं। यही कारण है कि कई लोग थकान या टेंशन में रिलैक्स होने के लिए हस्तमैथुन करते हैं।

बेहतर नींद

हस्तमैथुन के बाद आपका शरीर रिलैक्स हो जाता है और नींद जल्दी आती है। और कई लोग इसे प्राकृतिक स्लीप-एड मानते हैं।

(और पढ़ें - हस्तमैथुन के नुकसान)

सेक्सुअल अवेयरनेस

जब आप खुद को जानते हैं कि किस चीज़ से आपको सुख मिलता है, तो यह जानकारी पार्टनर के साथ सेक्स लाइफ में भी काम आती है।

प्रोस्टेट हेल्थ

कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि नियमित स्खलन से प्रोस्टेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। हालांकि यह अभी रिसर्च का विषय है, लेकिन कई डॉक्टर मानते हैं कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

(और पढ़ें - पहली बार सेक्स कैसे करें)

जैसे हर चीज़ में संतुलन ज़रूरी है, वैसे ही हस्तमैथुन में भी। सामान्य मात्रा में करने से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन अगर यह बहुत ज़्यादा हो जाए तो कुछ दिक्कतें सामने आ सकती हैं।

शारीरिक दिक्कतें

लगातार और बहुत बार करने से लिंग में जलन, लालिमा, सूजन या दर्द हो सकता है। कभी-कभी स्किन पर रैश या छाले भी हो सकते हैं।

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मानसिक दबाव

कई लोग सोचते हैं कि हस्तमैथुन गुनाह है या गलत आदत है। इस कारण उनमें गिल्ट बढ़ सकता है। अगर यह सोच लंबे समय तक बनी रहे तो डिप्रेशन या एंग्जायटी भी हो सकती है।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर

अगर आप दिन-भर सिर्फ इसी में उलझे रहते हैं और पढ़ाई, काम या रिश्तों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, तो यह समस्या है। इसे आदत की तरह देखा जाता है और ऐसे में हेल्प लेना ज़रूरी हो जाता है।

लेकिन ध्यान दें, इन सबके बावजूद लिंग छोटा नहीं होता है।

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अगर आपको हस्तमैथुन के बाद ये लक्षण लंबे समय तक दिखें तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें:

ये लक्षण किसी मेडिकल कंडीशन जैसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन, पेरोनी डिज़ीज़ या इंफेक्शन का संकेत हो सकते हैं। ऐसे मामलों में आपको यूरोलॉजिस्ट की मदद लेनी चाहिए।

(और पढ़ें - लिव इन रिलेशनशिप)

असल समस्या अक्सर लिंग के साइज से ज़्यादा आपकी सोच से जुड़ी होती है। अगर आप बार-बार सुनते हैं कि हस्तमैथुन से लिंग छोटा हो जाता है, तो आप खुद भी ये मानने लगते हैं और आपके आत्मविश्वास पर असर पड़ता है।

लेकिन सच्चाई यह है कि आपका लिंग वैसा ही है जैसा आपकी बॉडी ने उसे डिज़ाइन किया है। अगर आप इसे लेकर परेशान रहेंगे तो आपकी सेक्स लाइफ और आत्मसम्मान दोनों प्रभावित होंगे।

इसलिए ज़रूरी है कि आप इन मिथकों को छोड़कर खुद को स्वीकार करें और स्वस्थ मानसिकता अपनाएँ।

(और पढ़ें - सुरक्षित सेक्स कैसे करें)

आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।

क्या हस्तमैथुन से स्पर्म काउंट कम हो जाता है?

नहीं, स्पर्म काउंट पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता। स्खलन के बाद थोड़े समय के लिए स्पर्म कम हो सकते हैं लेकिन शरीर जल्दी ही नए स्पर्म बना लेता है।

क्या रोज़ हस्तमैथुन करने से स्टैमिना कम हो जाता है?

सामान्य मात्रा में करने से स्टैमिना पर कोई असर नहीं पड़ता। हाँ, अगर बहुत अधिक किया जाए तो थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

क्या हस्तमैथुन आदत बन सकता है?

हाँ, अगर आप इसे बार-बार आदत तरीके से करने लगें और यह आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे तो यह आदत का रूप ले सकती है।

क्या हस्तमैथुन शादीशुदा जीवन पर असर डालता है?

नहीं, संतुलन में किया गया हस्तमैथुन शादीशुदा जीवन पर असर नहीं डालता। कई बार यह सेक्सुअल कॉन्फिडेंस और परफॉरमेंस को बेहतर भी बना सकता है।

हस्तमैथुन से लिंग छोटा नहीं होता। यह एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे लगभग हर पुरुष करता है। इसका लिंग के आकार पर कोई स्थायी असर नहीं होता। अगर इसे संतुलन में किया जाए तो यह तनाव कम करने, नींद सुधारने और यौन स्वास्थ्य बेहतर करने में मदद करता है। आपको चिंता तभी करनी चाहिए जब यह आपकी रोज़मर्रा की जिंदगी या रिश्तों को प्रभावित करने लगे, या शारीरिक दिक्कतें जैसे दर्द और सूजन दिखें। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

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